साइबर सुरक्षा देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा: अमित शाह

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नई दिल्ली, 10 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के एक कार्यक्रम में कहा कि साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी मुद्दा नहीं रह गया है बल्कि यह देश की आंतरिक सुरक्षा से सीधे तौर पर जुड़ चुका है। देश के डेटा को हर हाल में सुरक्षित करना होगा।

सीबीआई ने आयोजित साइबर सक्षम धोखाधड़ी से निपटने और उसके पूरे तंत्र को ध्वस्त करने के विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन यहां 10 और 11 फरवरी तक चलेगा। इस अवसर पर गृह मंत्री ने सीबीआई के नए साइबर अपराध प्रकोष्ठ का उद्घाटन किया। साथ ही भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के अंतर्गत स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (एस4सी) डैशबोर्ड की भी शुरुआत की।

इस मौके पर गृह मंत्री ने कहा कि यह दोनों ऐसी इकाइयां हैं, जिसमें अलग-अलग विभाग और एजेंसियां एक ही प्लेटफॉर्म पर साइबर अपराध से निपटने के लिए काम कर रही हैं। जब सभी प्रयास एक दिशा में होते हैं, तभी अपेक्षित परिणाम मिलते हैं। पिछले 11 वर्षों की भारत की डिजिटल यात्रा में साइबर सुरक्षा सबसे अहम विषय बनकर उभरी है।

अमित शाह ने कहा कि पहले देश में डिजिटल सेवाओं के करीब 25 करोड़ उपयोगकर्ता थे, जो अब 100 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुके हैं। एक जीबी डेटा की कीमत में करीब 97 प्रतिशत की कमी आई है। दुनिया के हर दूसरे डिजिटल लेन-देन भारत में हो रहे हैं। 97 करोड़ से अधिक जनधन खातों और देश के संगठनों के संवेदनशील डेटा की सुरक्षा अब बड़ी चुनौती है।

गृह मंत्री ने बताया कि हाल के वर्षों में सीबीआई ने 20 हजार करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड मामलों की जांच की है, जिनमें से 8 हजार करोड़ रुपये की राशि को फ्रीज किया गया है। इसके अलावा 12 लाख सिम कार्ड रद्द करवाए गए हैं। वर्ष 2025 तक 20 हजार 853 साइबर अपराधियों को पकड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि 30 नवंबर 2025 तक देशभर से 23 लाख 61 हजार साइबर शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें एक मामला अकेले 20 हजार करोड़ रुपये के फ्रॉड से जुड़ा था, जिसमें 8 हजार करोड़ रुपये फ्रीज किए गए। दिसंबर 2025 तक 12 लाख सिम कार्ड ब्लॉक किए जा चुके हैं।

अमित शाह ने म्यूल अकाउंट (धोखाधड़ी के उद्येश्य से बनाये गए फर्जी खाते) की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज म्यूल खाते सर्विस की तरह खरीदे और बेचे जा रहे हैं। रिजर्व बैंक और गृह मंत्रालय ने मिलकर म्यूल अकाउंट हंटर ऐप तैयार किया है, जिसे सभी सरकारी और निजी बैंकों को अपनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि 1930 हेल्पलाइन को और अधिक प्रभावी बनाना होगा। रिस्पांस टाइम बेहद कम होना चाहिए। यदि कोई पीड़ित समय पर कॉल करता है और कॉल रिसीव नहीं होती तथा उसका पैसा निकल जाता है, तो इससे 1930 की साख प्रभावित होती है। हर घंटे करीब 100 लोग साइबर अपराध के शिकार हो रहे हैं और जांच की गति को लगातार तेज किया जा रहा है।

गृह मंत्री ने बताया कि अब तक आई4सी से 795 संस्थान जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि सभी संस्थानों को मिलकर काम करना होगा। यदि पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए, तो साइबर अपराध भविष्य में साइबर संकट का रूप ले सकता है। उन्होंने बैंकों से अपील की कि एनपीए घटाने के साथ-साथ ग्राहक सेवा पर भी उतना ही ध्यान दिया जाए।

अमित शाह ने कहा कि अब तक साइबर फ्रॉड से जुड़े मामलों में 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि बरामद की जा चुकी है। 20 हजार से अधिक साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। म्यूल खाते की खरीद-फरोख्त अब अकेले अपराधियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह संगठित अपराध का रूप ले चुकी है।

सम्मेलन में साइबर धोखाधड़ी के बदलते स्वरूप, वित्तीय, दूरसंचार और मानव स्तंभ से जुड़े खतरों पर विस्तार से चर्चा की गई। साइबर अपराध की रोकथाम, जांच प्रक्रिया को मजबूत करने और पीड़ित केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग, रियल टाइम फंड ट्रैकिंग, तेज रिपोर्टिंग और साक्ष्य संरक्षण जैसे विषयों पर भी मंथन किया गया। सम्मेलन में केंद्र और राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियों, दूरसंचार विभाग, वित्तीय सेवा विभाग, भारतीय रिजर्व बैंक, बैंक, फिनटेक कंपनियों, भुगतान प्लेटफार्म और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।

अमृतसर में आईएसआई की आतंकी साजिश नाकाम, एक गिरफ्तार

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– आईईडी बनाने में प्रयुक्त धातु की केसिंग की जगह इस्तेमाल किया गया पीवीसी पाइप

चंडीगढ़, 10 फ़रवरी (हि.स.)। अमृतसर के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) ने आरडीएक्स आधारित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार करके पाकिस्तान की आईएसआई समर्थित आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है।

पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने मंगलवार को बताया कि अमृतसर के चमरंग रोड निवासी राहुल कुमार उर्फ गज्जू को गिरफ्तार किया गया है। वह अमृतसर के एक सैलून में सहायक के रूप में काम करता है। प्रारंभिक जांच के अनुसार वह पाकिस्तानी हैंडलरों के निर्देश पर काम करने वाले एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में था। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि राहुल ने अपने विदेशी हैंडलर के निर्देश पर शहर के बाहरी इलाके में एक निर्धारित स्थान से खेप प्राप्त की थी। उन्होंने आगे कहा कि डिवाइस को पीवीसी पाइप की केसिंग में छिपाया गया था, ताकि इसका पता न चल सके। डीजीपी ने कहा कि आईईडी की डिलीवरी के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए एआईजी एसएसओसी अमृतसर सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि पाकिस्तान से आईईडी वाली खेप भेजे जाने की विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिलने पर पुलिस टीमों ने एक ऑपरेशन चलाया और संदिग्ध राहुल उर्फ गज्जू को आईईडी सहित गिरफ्तार कर लिया। वह 2022 में अपने विदेशी हैंडलर के पंजाब दौरे के दौरान उसके संपर्क में आया था और दोनों एन्क्रिप्टेड मोबाइल ऐप्स के माध्यम से एक-दूसरे से संपर्क करते थे। उन्होंने कहा कि विदेशी हैंडलर ने शुरू में राहुल को काम सौंपने से पहले उसके खर्चों के लिए छोटी-छोटी रकम देकर उसे जाल में फंसाया। उन्होंने कहा कि इस मामले की आगे की जांच जारी है। इस संबंध में थाना एसएसओसी अमृतसर में एफआईआर दर्ज की गई है।

नितिन नवीन का बिहार विधानसभा में स्वागत, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर जताया आभार

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-विधायक बने रहेंगे नितिन नवीन

पटना, 10 फ़रवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार बिहार विधानसभा पहुंचे नितिन नवीन का सदन में विभिन्न दलों के सदस्यों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर नितिन नवीन ने अपने सम्मान के लिए सदन के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एक विधायक के रूप में जिस प्रकार आज उन्हें सम्मान दिया गया, वह उनके लिए भावुक और अविस्मरणीय क्षण है।

अपने संबोधन के दौरान नितिन नवीन ने भविष्य की योजना पर बात करते हुए कहा, ” मुझे पार्टी ने अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी है, उसे तो मैं निभाता ही रहूंगा, लेकिन बांकीपुर के विधायक के रूप में भी मैं अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करता रहूंगा।”

नितिन नवीन ने कहा, “मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि आज का दिन इस रूप में आएगा। यह मेरे व्यक्तिगत प्रयास का नहीं, बल्कि आप सभी वरिष्ठ नेताओं और साथियों के मार्गदर्शन तथा आशीर्वाद का परिणाम है। मैं पूरे सदन को इसके लिए धन्यवाद देता हूं।”

नितिन नवीन ने राज्य के मुख्यमंत्री नितीश कुमार, वरिष्ठ मंत्रियों तथा विभिन्न दलों के नेताओं का नाम लेकर आभार प्रकट किया और कहा कि सदन में काम करते हुए उन्होंने लोकतांत्रिक मर्यादाओं, अनुशासन और जनप्रतिनिधि के दायित्वों को समझना सीखा है। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने वाले नए लोगों के लिए सदन एक शिक्षालय की तरह है, जहां पार्टी की विचारधारा के साथ-साथ जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने और सदन की गरिमा बनाए रखने की सीख मिलती है। एक विधायक के रूप में हमें जनता की आवाज भी उठानी होती है और सदन की मर्यादा का भी ध्यान रखना होता है। इन दोनों के संतुलन से ही लोकतंत्र मजबूत होता है।

भाजपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि विधायक बनने के बाद उन्होंने शासन में पारदर्शिता और सुशासन की प्रक्रिया को करीब से देखा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सेवा भावना और राज्य में सुशासन की स्थापना से प्रेरणा मिलती रही है। उन्होंने कहा कि सदन और सरकार में रहते हुए छोटी-बड़ी घटनाओं से बहुत कुछ सीखने को मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए दायित्व के साथ भी वे लोकतांत्रिक मूल्यों, अनुशासन और जनसेवा की भावना को सर्वोपरि रखेंगे।

इस अवसर पर सत्ता पक्ष और सहयोगी दलों के नेताओं ने इसे बिहार के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया और उनके नेतृत्व में संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की कामना की। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने वाले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नवीन का चयन सदन के लिए विशेष गौरव का विषय है। उन्होंने विधानसभा की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में इस सदन के एक सदस्य का चयन होना पूरे सदन और बिहार की जनता के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि नितिन नवीन लंबे समय से सदन के सक्रिय सदस्य रहे हैं और अपनी कुशलता, सरलता तथा सुलभ व्यवहार से उन्होंने अलग पहचान बनाई है।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि पहली बार इस सदन का कोई सदस्य विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय नेतृत्व द्वारा बिहार को यह जिम्मेदारी देना राज्य के लिए सम्मान की बात है।

सम्राट चौधरी ने नितिन नवीन के बिहार के मंत्री के रूप में किए गए कार्यों, विशेषकर पथ निर्माण एवं निवेश के क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में संगठन और अधिक सशक्त होगा।

लोजपा (रामविलास) के विधायक राजू तिवारी ने चिराग पासवान की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पूरे बिहार के लिए गौरव का विषय है।

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के माधव आनंद ने उपेंद्र कुशवाहा की ओर से बधाई देते हुए कहा कि यह सदन के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि जिस बिहार को कभी उपेक्षित दृष्टि से देखा जाता था, आज उसी बिहार के नेता को विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का नेतृत्व सौंपा गया है।

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) की ज्योति मांझी ने 45 वर्ष की आयु में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने को उल्लेखनीय उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि नितिन नवीन ने विधायक और मंत्री के रूप में राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और उनके नेतृत्व में पार्टी नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इसे सदन के लिए गौरवशाली क्षण बताते हुए कहा कि नितिन नवीन का चयन पार्टी की कार्यकर्ता आधारित संस्कृति को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में पार्टी उन राज्यों में भी विस्तार करेगी, जहां अभी संगठन को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।

विधानसभा के अन्य सदस्यों ने भी उनके सरल, सहज और कुशल व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि बिहार की प्रतिभा और राजनीतिक चेतना का प्रमाण है। सदन में सर्वदलीय भावना के साथ नितिन नवीन को बधाई दी गई और उनके सफल कार्यकाल की कामना की गई।——

मप्र के इंदौर में दूषित पानी से दो और मौत, मृतकों की संख्या बढ़कर 35 हुई

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इंदौर, 10 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से दो और लोगों की मौत हो गई। यहां 75 साल के बुजुर्ग शालिग्राम ठाकुर ने सोमवार रात और दो साल की बच्ची रिया प्रजापति ने मंगलवार को सुबह दम तोड़ दिया। इसके बाद इंदौर में दूषित पानी से मरने वालों की संख्या 35 हो गई है।

शालिग्राम की बेटी मोना बघेल ने बताया कि गत 2 जनवरी को उलटी-दस्त के कारण उनके पिता को शेल्बी अस्पताल में भर्ती किया गया था। वहां से उन्हें आराम नहीं मिलने पर बॉम्बे अस्पताल में रेफर कर दिया गया था, जहां वे वेंटिलेटर पर ही थे। मंगलवार की रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजन का कहना है कि 18 साल पहले उन्हें लकवा हुआ था। इसके अलावा उन्हें कोई तकलीफ नहीं थी। वहीं, बॉम्बे अस्पताल के जनरल मैनेजर राहुल पाराशर ने बताया कि मरीज को शुरू से ही कार्डियक की तकलीफ थी।

दो साल की बच्ची रिया पिता सूरज प्रजापति ने बताया कि उनकी बेटी को 27 दिसंबर को उलटी-दस्त के कारण एक निजी अस्पताल में दिखाया था। इसके बाद हालत ठीक हुई, लेकिन बाद में फिर बिगड़ती गई। बच्ची के लिवर में तकलीफ बताई गई थी करीब 15 दिन पहले रिया को चाचा नेहरू अस्पताल में भर्ती किया गया था। यहां उसके लिवर में तकलीफ बताई गई थी। इसके बाद उसे सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल में भर्ती किया गया, जहां करीब 5 दिन बाद आज मंगलवार सुबह 4:30 बजे उसकी मौत हुई। परिजन का आरोप है कि दूषित पानी के कारण ही तबीयत बिगड़ी। उसका असर लिवर तक हुआ।

गौरतलब है कि इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी की सप्लाई के बाद फैली बीमारी से 26 दिसंबर को मौत हुई थी। इसके बाद यहां मौत का सिलसिला लगातार जारी है। इंदौर में हुई इन दो मौतों के बाद मृतकों का आंकड़ा 35 पहुंच गया है। मृतकों में उर्मिला यादव (69), नंदलाल पाल (75), उमा कोरी (31), मंजूला (74), ताराबाई कोरी (60), गोमती रावत (50), सीमा प्रजापत (50), जीवन लाल बरेडे (80), अव्यान साहू (5 माह), शंकर भाया (70), संतोष बिगोलिया (72), अरविंद लिखर (40), गीताबाई (60), अशोक लाल पंवार (70), ओमप्रकाश शर्मा (69), हरकुंवर बाई (75), रामकली (47), सुमित्रा बाई (50), श्रवण खुपराव (81), हीरालाल (65), सुनीता वर्मा (49), कमला बाई (59), भगवानदास (64), शुभद्राबाई (78), हेमंत गायकवाड़ (51), विद्या बाई (82), बद्री प्रसाद (63), राजाराम बौरासी (75), खूबचंद (63), लक्ष्मी रजक (62), एकनाथ सूर्यवंशी (75), अनिता कुशवाह (65) और अगलूराम यादव (70), शालिगराम ठाकुर (75) और रिया प्रजापति (दो वर्ष) शामिल हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार को दोनों मृतकों की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं और लिखा है कि दूषित पानी से इंदौर के 35 लोगों की मौत हो गई। बड़े व्यथित मन से कहना पड़ रहा है कि 2 साल की बेटी रिया और 75 वर्ष के शालिग्राम ठाकुर जी का आज निधन हो गया। मैं निःशब्द हूँ।

लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस

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नई दिल्ली, 10 फ़रवरी (हि.स.)। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला पर सदन के संचालन में पक्षपात का आरोप लगाते हुए कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों ने उनके खिलाफ मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया। इस पर 116 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। हालांकि इस पर तृणमूल कांग्रेस के किसी भी सांसद का हस्ताक्षर नहीं है। हस्ताक्षर करने वाले 116 सांसदों में राहुल गांधी का भी नाम नहीं है।

लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने पत्रकारों को बताया कि अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा महासचिव को संविधान के अनुच्छेद 94-सी के तहत दिया गया है। नोटिस पर 116 सांसदों के हस्ताक्षर हैं, जिनमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), द्रविण मुनेत्र कड़गम (द्रमुक), राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और अन्य शामिल हैं। हालांकि गोगोई ने इस नोटिस पर तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के हस्ताक्षर नहीं होने से जुड़े सवाल पर चुप्पी साध ली।

नोटिस में कहा गया है कि लोकसभा स्पीकर लगातार विपक्षी सांसदों को जनहित के मुद्दे उठाने से रोक रहे हैं। अनुच्छेद 94(सी) के तहत नोटिस दिया गया है क्योंकि स्पीकर खुलेआम पक्षपात कर रहे हैं। इसके साथ ही विपक्ष के आठ सांसदों को मनमाने ढंग से निलंबित कर दिया गया है; उन्हें केवल लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने के लिए दंडित किया जा रहा है।नोटिस में लिखा गया है कि कई मौकों पर विपक्षी दलों के नेताओं को बोलने की अनुमति ही नहीं दी गई, जबकि यह उनका मौलिक अधिकार है।नियमों के मुताबिक नोटिस मिलने के बाद प्रस्ताव पेश करने और इस पर चर्चा के लिए तारीख तय की जाती है, जो नोटिस की तिथि से कम से कम 14 दिन बाद होती है। आमतौर पर प्रस्ताव स्वीकार होने के 10 दिनों के भीतर बहस और मतदान होता है। जब प्रस्ताव विचाराधीन होता है, तो स्पीकर सदन की अध्यक्षता नहीं कर सकते।

योगी सरकार में दिव्यांगजन पेंशन तीन गुना बढ़ी, कोई भी पात्र वंचित नहीं

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लखनऊ, 10 फ़रवरी (हि.स.)। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने विधानपरिषद में पूछे गए प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए कहा कि योगी सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विभाग की सभी योजनाएं ऑनलाइन, पारदर्शी और दलाल-मुक्त प्रणाली के तहत संचालित की जा रही हैं।

मंत्री कश्यप ने सदन को अवगत कराया कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग से संचालित विशेष विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में वर्ष 2011 में चयनित जेटीसी ग्रेड शिक्षकों में से एलटी ग्रेड शिक्षक के नौ रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए अध्याचन 16 जुलाई 2025 को तथा एलटी ग्रेड से प्रवक्ता के 28 पदों के सापेक्ष अध्याचन 12 दिसंबर 2022 को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को प्रेषित किए जा चुके हैं, जिन पर वर्तमान में कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।

उन्होंने बताया कि कुष्ठावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत सिद्धार्थनगर में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 153 लाभार्थियों को पेंशन प्रदान की गई है, जबकि कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के अंतर्गत 321 पात्र दिव्यांगजनों को लाभान्वित किया गया है। 31 दिसंबर 2025 तक कोई भी पात्र लाभार्थी लंबित नहीं है।

मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने सदन को यह भी याद दिलाया कि वर्ष 2017 से पूर्व दिव्यांग पेंशन मात्र 300 रुपये प्रतिमाह थी, जिसे योगी सरकार ने बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूडीआईडी कार्ड धारक सभी दिव्यांगजन स्वतः पेंशन के पात्र नहीं होते, बल्कि निर्धारित आय एवं अन्य शर्तों को पूरा करने वाले आवेदकों को ही पेंशन दी जाती है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि यदि किसी पात्र दिव्यांगजन को पेंशन नहीं मिली है या किसी स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायत मिलती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जो दिव्यांगजन स्वयं कार्यालय तक नहीं आ सकते, उनके घर जाकर आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराई जाए। मंत्री कश्यप ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी पात्र दिव्यांगजन योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

ग्राउण्ड ब्रेकिंग समारोह : उप्र के तीन लाख 91 हजार नवयुवकों को मिला रोजगार

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लखनऊ, 10 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आयोजित ग्राउण्ड ब्रेकिंग समारोह के माध्यम से स्थापित इकाइयों के माध्यम में प्रदेश के तीन लाख 91 हजार 44 नवयुवकों को रोजगार प्राप्त हुआ है। यह जानकारी औद्योगिक विकास विभाग के मंत्री नंद गोपाल नंदी ने मंगलवार को विधान ​परिषद में सपा एमएलसी डा.मानसिंह यादव द्वारा पूछे गये तारांकित प्रश्न के उत्तर में दी।

मंत्री नंद गोपाल नंदी ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2018 में इन्वेस्टर समिट 2018 का आयोजन किया गया था।इसमें कुल 1045 औद्योगिक इकाइयों द्वारा कुल 4.28 लाख करोड़ के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये गये थे। इसके पश्चात वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में कुल 19,250 औद्योगिक इकाइयों द्वारा 33.50 लाख करोड़ के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये गये।

मंत्री नंद गोपाल नंदी ने बताया कि इसके बाद चार ग्राउण्ड ब्रेकिंग समारोह आयोजन किया गया। इन चार ग्राउण्ड ब्रेकिंग समारोह में आयी 16478 इकाइयों ने 10,01056 करोड़ का निवेश किया। इन इकाइयों के माध्यम से तीन लाख 91 हजार 44 नवयुवकों को रोजगार मिला है।

औद्योगिक विकास विभाग के मंत्री नंद गोपाल नंदी ने कहा कि इन ग्राउण्डिंग की गई इकाईयों के वाणिज्यिक उत्तपादन प्रारम्भ कराये जाने के लिए जनपद स्तर से लेकर इन्वेस्ट यूपी स्तर पर सतत प्रयास किया जा रहा है। मंत्री ने कहा डबल इंजन सरकार प्रदेश की प्रगति, समावेशी विकास एवं जनकल्याण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। हम सभी के सहयोग से ‘विकसित भारत–2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर हैं।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार कल पेश करेगी 2026–27 का बजट

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लखनऊ, 10 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की याेगी आदित्यनाथ सरकार विधानमंडल के बजट सत्र में कल यानी बुधवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेगी।

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मंगलवार को विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर हस्ताक्षर किया। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं, विकास की जरूरतों और सुशासन की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए अंतिम रूप दिया गया है। यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि डबल इंजन सरकार की विकासशील सोच और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रतिबिंब है।

वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने बीते वर्षों में कानून-व्यवस्था, निवेश और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में जो भरोसा कायम किया है, यह बजट उसी भरोसे को और सशक्त करता है। कृषि, युवा, महिला, श्रमिक और वंचित वर्गों के कल्याण के साथ-साथ पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती देने का स्पष्ट रोडमैप इसमें शामिल है। उन्होंने कहा कि यह बजट उन लोगों के लिए ठोस उत्तर है जो उत्तर प्रदेश के विकास पर सवाल खड़े करते हैं। आज प्रदेश निवेश, आधारभूत संरचना और रोजगार के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है और यह बजट उस यात्रा को और रफ्तार देगा।

खन्ना ने कहा कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए तैयार किया गया यह बजट आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में एक निर्णायक कदम है और आने वाले वर्षों में प्रदेश को आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक रूप से नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित बजट में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन तथा महिला और युवा सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है। विशेष रूप से पूर्वांचल, बुंदेलखंड एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए लक्षित प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं।

फर्रुखाबाद में पेट के कीड़े मारने की दवा खाने पर 16 छात्रों की हालत बिगड़ी

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फर्रुखाबाद, 10 फरवरी (हि.स.) उत्तर प्रदेश के जनपद फर्रुखाबाद के विकासखंड कमालगंज क्षेत्र के जूनियर हाई स्कूल राठौरा महरुपुर बिजल मोहद्दीनपुर में पेट के कीड़ों की दवा खिलाए जाने पर 16 बच्चे बेहोश हो गए थे। सभी बच्चों को डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल लाया गया ।

सीएमओ डॉक्टर अमरेंद्र कुमार ने बताया की प्रेम देवी जवाहरलाल स्कूल एक प्राइवेट स्कूल है। इसमें आज 150 बच्चों को दवा खिलाई गई थी। जिसमें 16 बच्चों को चक्कर आने लगे। इन सबको तत्काल प्रभाव से डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल लाया गया। जिनकी हालत अब पूरी तरह ठीक है। सीएमओ ने कहा कि कभी-कभी एलमेंडाजोल दवा खिलाए जाने पर बच्चों को चक्कर आने लगते हैं । यह कोई बड़ी बात नहीं है। एक साल से 16 साल तक के बच्चों को यह दवा खिलाई जाती है। वहीं आपातकाल ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया की 16 बच्चों को यहां लाया गया था जिन में सब की हालत सही है । कुछ बच्चों को घर भेज दिया गया है। इन बच्चों ने चक्कर आने की शिकायत दर्ज कराई थी।

‘भाग्य विधाता’ एनिमेशन फिल्म की हो जांच

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ब्रह्माकुमारी संस्था पर ब्रेनवॉश के गंभीर आरोप

– भाग्य विधाता फिल्म, दैनिक मुरली और राजयोग कोर्स को लेकर उठे सवाल

लखनऊ, 10 फरवरी (हि.स.)। ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़े अवेकनिंग टीवी यूट्यूब चैनल पर प्रसारित एक हिंदी एनिमेशन फिल्म ‘भाग्य विधाता’ को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में संजीव कुमार ने आरोप लगाया है कि यह फिल्म और इसके साथ प्रसारित होने वाली दैनिक मुरली आध्यात्मिक शिक्षा के नाम पर खासकर युवतियों और लड़कियों के मानसिक प्रभाव और नियंत्रण का माध्यम बन रही हैं।

शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उक्त एनिमेशन फिल्म को सुबह 11:16 बजे बार-बार अग्रेषित और प्रचारित किया जा रहा है, जिसे वे एक सुनियोजित ब्रेनवॉश प्रक्रिया का हिस्सा मानते हैं। आरोप है कि इसके माध्यम से दर्शकों को ब्रह्माकुमारी संस्था की विचारधारा में ढालने और उन्हें ‘ब्रह्मकुमार–ब्रह्मकुमारी’ बनने के लिए मानसिक रूप से तैयार किया जाता है।

दैनिक मुरली पर भी सवाल

आरोप लगाने वालों का कहना है कि दैनिक मुरली संचार, जिसे संस्था में ईश्वरीय संदेश के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, वह केवल आध्यात्मिक उपदेश नहीं बल्कि अनुयायियों के विचार, निर्णय और जीवनशैली को नियंत्रित करने का माध्यम बन चुका है। शिकायत में दावा किया गया है कि मुरली के शब्दों का पालन न करने को आध्यात्मिक पतन से जोड़कर देखा जाता है, जिससे अनुयायी सवाल उठाने से कतराते हैं।

राजयोग सात दिवसीय कोर्स और ध्यान पद्धति की हो जांच

यह भी मांग की गई है कि ब्रह्माकुमारी संस्था की ओर से संचालित राजयोग ध्यान के सात दिवसीय पाठ्यक्रम में पढ़ाई जाने वाली सामग्री की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। आरोप है कि ध्यान की यह पद्धति आत्मचिंतन से आगे जाकर मानसिक अधीनता (मेंटल कंडीशनिंग) की ओर ले जाती है, जहां व्यक्ति संस्था-निर्देशित सोच को ही अंतिम सत्य मानने लगता है।

‘देवदासी’ जैसी अवधारणा पर गंभीर सवाल

शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि ब्रह्माकुमारी संस्था में आज भी ‘शिव से विवाह’ या पूर्ण समर्पण जैसी अवधारणाएं मौजूद हैं, जिसे आलोचक आधुनिक रूप में देवदासी प्रथा से जोड़कर देख रहे हैं। आरोप है कि लड़कियों को सांसारिक जीवन, विवाह और परिवार से विमुख कर संस्था के प्रति पूर्ण समर्पण के लिए मानसिक रूप से तैयार किया जाता है।

संस्था की भूमिका और जवाबदेही पर प्रश्न

इन आरोपों पर ब्रह्माकुमारी संस्था के पदाधिकारियों से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। यह मामला साेशल मीडिया पर अब धार्मिक स्वतंत्रता बनाम मानसिक शोषण और आध्यात्मिक शिक्षा बनाम ब्रेनवॉश की बहस को जन्म दे रहा है।

निष्पक्ष जांच की मांग

शिकायतकर्ताओं ने संबंधित सरकारी एजेंसियों, महिला आयोग और साइबर निगरानी संस्थाओं से मांग की है कि यूट्यूब पर प्रसारित सामग्री की वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक समीक्षा हो। राजयोग और ध्यान पद्धति के प्रभावों का स्वतंत्र आकलन किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि आस्था के नाम पर किसी भी वर्ग, विशेषकर महिलाओं के मानसिक अधिकारों का उल्लंघन न हो।