बजट सत्र :विधानसभा में राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन)विधेयक पारित

0

भदाेही एवं शाहजहांपुर में बनेंगे विश्वविद्यालय

लखनऊ, 16 फरवरी (हि. स.)। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 में योगी सरकार ने उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित करा लिया। सदन में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय द्वारा प्रस्तुत दोनों विधेयक बहुमत से पारित हुए।

सदन में प्रस्ताव रखते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य उच्च शिक्षा को समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाना है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय और एकात्म मानववाद के दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम मानकर कार्य कर रही है। योगी सरकार के नेतृत्व में ग्रामीण, पिछड़े और वंचित क्षेत्रों तक विश्वविद्यालय पहुंचाने की दिशा में लगातार ठोस निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।

मंत्री उपाध्याय ने बताया कि संशोधन विधेयक के तहत ज्ञानपुर, जनपद भदोही स्थित काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय को उन्नत कर विश्वविद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे आसपास के 23 महाविद्यालयों का संबद्धीकरण संभव होगा और क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, शोध और नवाचार के बेहतर अवसर मिलेंगे। यह निर्णय पूर्वांचल क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए केंद्र के रूप में विकसित होने की दिशा में अहम कदम है।

द्वितीय संशोधन विधेयक के माध्यम से शाहजहांपुर स्थित मुमुक्षु आश्रम ट्रस्ट की शैक्षिक इकाइयों को उच्चीकृत कर स्वामी सुखदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया गया है। मंत्री ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा एमओयू करके अपनी चल – अचल द्वारा अपनी भूमि और संसाधन सरकार को हस्तांतरित कर विश्वविद्यालय स्थापना में सहयोग दिया गया है। इससे 60 क्षेत्रीय महाविद्यालयों का संबद्धीकरण होगा और युवाओं को स्थानीय स्तर पर शिक्षा व रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

योगेंद्र उपाध्याय ने सदन को अवगत कराया कि वर्ष 2017 के बाद योगी सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं। जहां पहले कई मंडलों में सरकारी विश्वविद्यालयों का अभाव था, वहीं अब लगातार नए विश्वविद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। सरकार की उच्च शिक्षा प्रोत्साहन नीति के तहत हर जिले तक विश्वविद्यालय पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे शिक्षा का संतुलित और विकेंद्रीकृत विकास सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि योगी सरकार केवल संस्थानों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्ता सुधार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, शोध और कौशल आधारित शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में विदेशी विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या और नए शैक्षणिक अवसर इस परिवर्तन का प्रमाण हैं। सरकार उच्च शिक्षा को रोजगार, नवाचार और आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कांग्रेस की तरह सपा भी विधान परिषद से गायब हो जाएगी :योगी

0

लखनऊ , 16 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साेमवार काे विधान परिषद में बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर समाजवादी पार्टी ( सपा ) और कांग्रेस को जमकर घेरा। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर यही हाल रहा ताे कांग्रेस की तरह समाजवादी पार्टी भी विधान परिषद से गायब हाे जाएगी। ये दल देश की अस्मिता, संस्कृति और आस्था से खिलवाड करते हैं। कांग्रेस ने तो भगवान राम और कृष्ण को मिथक कर दिया था जबकि सपा ने जन्माष्टमी से लेकर अयोध्या की परिक्रमा तक पर रोक लगी दी थी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी सरकार ने लोकमाता महारानी अहिल्या बाई होलकर की काशी विश्वनाथ धाम में प्रतिमा लगाई है, जबकि कांग्रेस और सपा के लोग राम मंदिर का, मथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर और काशी विश्वनाथ का विरोध करते हैं। इतना ही नहीं सपा के लोग कांवड़ यात्रा, दीपोत्सव और रंगोत्सव तक का विरोध करते हैं, कांग्रेस इनसे भी आगे है और कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में राम के अस्तित्व को ही नकार दिया।

कांग्रेस से सबक ले सपा

राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा को कांग्रेस से सीखना चाहिए क्योंकि अपने आचरण के कारण ही विधान परिषद में कांग्रेस नहीं है तो सपा भी आने ​वाले दिनों में यहां नहीं दिखेगी। उन्होंने कहा कि सपा के सदस्य कोई भी ऐसा आचरण न करें, जो समाज में विभेद पैदा करता हो। जिम्मेदार विपक्ष के रूप में भूमिका का निर्वहन करें। राज्यपाल का आभार व्यक्त करें। विपक्ष के लोग भी सर्वसम्मति से धन्यवाद प्रस्ताव पारित करें।

टीईटी अनिवार्यता के विरोध में उप्र के सभी शिक्षक संघ एक मंच पर आए

0

मुरादाबाद, 16 फरवरी (हि.स.)। टीईटी अनिवार्यता के विरोध में उत्तर प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठन एक मंच पर आ गए हैं। अब तक इसके विरोध में प्रदेशभर के शिक्षक संगठन अपने-अपने बैनर तले अलग-अलग आन्दोलन कर रहे थे लेकिन 15 फरवरी को प्रदेश के चारों मान्यता प्राप्त संगठनों की एक बैठक शिक्षक भवन, लखनऊ पर आहूत की गयी थी। बैठक में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, उप्र महिला शिक्षक संघ के पदाधिकारी उपस्थित हुए तथा राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए। बैठक में तय हुआ कि अब सभी संगठन एक साथ विराेध करेंगे। यह जानकारी उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की प्रदेश संगठन मंत्री व मुरादाबाद की जिलाध्यक्ष रितु त्यागी ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर दी।

ऋतु त्यागी ने आगे बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से घोषणा की गई कि 22 फरवरी को अपराह्न 2 बजे से 4 बजे तक एक्स/ट्वीटर पर हैशटैग अभियान संचालित किया जाएगा। 23 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक विरोध स्वरूप सभी शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे। 26 फरवरी 2026 को अपराह्न 1 बजे से 4 बजे तक सम्बन्धित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर धरना देकर बीएसए कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च करेंगे और जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबाेधित ज्ञापन प्रेषित किया जायेगा। इसी क्रम में मार्च के तीसरे सप्ताह में नई दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली करके भारत सरकार को ज्ञापन दिया जायेगा।

उज्जैन में दोपहर में हुई बाबा महाकाल की भस्म आरती

0

, सिर पर ‘पुष्प सेहरा’ सजाकर हुआ विशेष श्रृंगार

– महाशिवरात्रि के दूसरे दिन साल में केवल एक बार दोपहर में होती है बाबा महाकाल की भस्म आरतीउज्जैन, 16 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर में महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर में चार प्रहर के पूजन-अभिषेक और विशेष अनुष्ठानों के बाद सोमवार को भगवान महाकाल को सेहरा अर्पित किया गया। इस दौरान साल में एक बार दोपहर में होने वाली विशेष भस्म आरती भी हुई।

दरअसल, महाशिवरात्रि पर भगवान महाकाल लगातार 44 घंटे भक्तों को दर्शन देते हुए हैं। इसीलिए साल में एक बार महाशिवरात्रि के दूसरे दिन बाबा महाकाल की भस्म आरती दोपहर में होती है। इस बार भी महाशिवरात्रि पर शनिवार-रविवार की दरमियानी रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुले और भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल के दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ, जो कि सोमवार को दोपहर 12 बजे तक चला। इसके बाद बाबा महाकाल की भस्म आरती हुई।

महाशिवरात्रि के दूसरे दिन बाबा महाकाल का दूल्हे के रूप में भव्य श्रृंगार किया गया। सुबह 11 ब्राह्मणों ने रुद्राभिषेक और मंत्रोच्चार के साथ भगवान का अभिषेक किया। इसके बाद पांच प्रकार के फलों के रस और पंचामृत से भी अभिषेक हुआ। भगवान महाकाल को चावल, खड़ा मूंग, तिल, गेहूं, जौ, साल और खड़ा उड़द जैसे सप्तधान्य अर्पित किए गए। सप्तधान्य चढ़ाने के बाद पुष्पों से बने मुकुट से आरती हुई। मंदिर के पुजारियों ने भगवान श्री महाकालेश्वर का श्रृंगार कर पुष्पों का सेहरा बांधा और विभिन्न मिठाइयों, फलों और पंचमेवा का भोग लगाया गया।

इसके बाद दोपहर 12 बजे भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। मंत्रोच्चार के साथ जल अर्पित करने के बाद कपूर आरती हुई। इसके बाद भगवान के मस्तक पर भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित कर दिव्य श्रृंगार किया गया। श्रृंगार पूरा होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढांककर भस्म अर्पित की गई। भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल को रजत शेषनाग मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष माला तथा मोगरा और गुलाब के सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित कर भव्य श्रृंगार किया गया। साल में केवल एक बार दिन में होने वाली भस्म आरती दोपहर 12 बजे शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चली। भस्म आरती के बाद भोग आरती का आयोजन हुआ। अब शाम को पूजन और शयन आरती के पश्चात महाकाल मंदिर के पट बंद हो जाएंगे।_____________

विशाखापत्तनम में बहुराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास शुरू

0

‘मिलन विलेज’ का उद्घाटन

– हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग और सुरक्षा को बढ़ावा देना है अभ्यास का मकसद

नई दिल्ली, 16 फरवरी (हि.स.)। भारतीय नौसेना का बहुराष्ट्रीय अभ्यास ‘मिलन’ सिटी ऑफ डेस्टिनी विशाखापत्तनम में शुरू हो गया है, जो 25 फरवरी तक चलेगा। पूर्वी नौसेना कमान ने इस अंतरराष्ट्रीय अभ्यास में हिस्सा लेने वाली नौसेनाओं के लिए ‘मिलन विलेज’ बसाया है, जिसका उद्घाटन फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय भल्ला ने किया। इस समुद्री अभ्यास का मकसद हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग और सुरक्षा को बढ़ावा देना है।

नौसेना के मुताबिक ‘मिलन विलेज’ को पिछले अनुभवों को देखते हुए बनाया गया है, जहां इस अंतरराष्ट्रीय अभ्यास में हिस्सा लेने आये 70 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों और नौसेना के लोगों को दोस्ती और भाईचारे का माहौल मिलेगा। यह ‘मिलन विलेज’ विभिन्न देशों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक लेन-देन के लिए एक हब के तौर पर काम करेगा, जिससे व्यावसायिक दायरे से आगे बढ़कर जुड़ाव मुमकिन होता है। यहां अलग-अलग तरह की भारतीय विरासत और परंपरा की एक गहरी और गहरी झलक दिखेगी। यहां स्थानीय कलाकारों के पारंपरिक लोक नृत्य और भारत की जीवंत कलात्मक विरासत को दिखाने वाले कल्चरल ग्रुप होंगे।

‘मिलन विलेज’ में नौसेना के यादगार सामान, हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम प्रोडक्ट्स के कई तरह के स्टॉल लगाए गए हैं। इसके अलावा गांव में आने वाले लोगों को भारत के अलग-अलग तरह के क्षेत्रीय स्वाद और जायके मिलेंगे। पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ने बताया कि ‘मिलन विलेज’ भाईचारे और कल्चरल जुड़ाव की भावना को दिखाता है, जिससे व्यावसायिक उद्देश्य पूरे होंगे। उन्होंने बताया कि विशाखापत्तनम में नौसेना की ओर से किए जा रहे कई तरह के कार्यों और कार्यक्रमों की भी यहां शुरुआत होगी। इस दौरान समुद्री अभ्यास ‘मिलन’, इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू और नौसेना प्रमुखों के कॉन्क्लेव के साथ-साथ भारत के ऐतिहासिक समुद्री मेलजोल का एक अहम हिस्सा बनेगी।

नौसेना के कैप्टन विवेक मधवाल ने बताया कि हिंद प्रशांत क्षेत्र में बहुराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास ‘मिलन’ दुनिया भर की नौसेनाओं को एक साथ लाएगा, ताकि इंटरऑपरेबिलिटी, समुद्री डोमेन अवेयरनेस और कलेक्टिव रिस्पॉन्स क्षमताओं को मजबूत किया जा सके। अभ्यास के बंदरगाह और समुद्री चरण में एंटी-सबमरीन वारफेयर, एयर डिफेंस, सर्च एंड रेस्क्यू और कोऑपरेटिव सिक्योरिटी मिशन जैसे मुश्किल समुद्री ऑपरेशन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिससे फ्री, ओपन, इनक्लूसिव और रूल्स-बेस्ड समुद्रों के लिए एक साझा कमिटमेंट को मजबूत किया जाएगा। यह आपसी सांस्कृतिक लेन-देन, दोस्ती के पुल बनाने और समुद्री साझेदारी बनाने के लिए हिस्सा लेने वाली नौसेनाओं की साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है।———-

भिवाड़ी केमिकल पटाखा फैक्ट्री में आग, सात मजदूरों की मौत

0

प्रधानमंत्री ने राजस्थान के भिवाड़ी में आग लगने की घटना पर जताया दुख

अलवर, 16 फ़रवरी (हि.स.)। भिवाड़ी की खुशखेड़ा कारोली की एक केमिकल और पटाखा बनाने वाली फैक्टरी में सोमवार सुबह अचानक भीषण आग लग गयी। धमाकों और आग की लपटों के बीच फैक्टरी में काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे में अब तक सात लोगों की झुलसने से मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि एक मजदूर के अब भी अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद भिवाड़ी, खुशखेड़ा, तिजारा, धारूहेड़ा, रेवाड़ी सहित कई जगह की दमकल मौके पर आग बुझाने के लिए पहुंचीं और आग पर काबू पा लिया है। प्रधानमंत्री ने राजस्थान के भिवाड़ी में आग लगने की घटना पर दुख जताया।

यह हादसा सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे खुशखेड़ा के कारोली औद्योगिक क्षेत्र में हुआ। उस समय फैक्टरी में लगभग 25 मजदूर कार्यरत थे। अचानक हुए तेज धमाके के बाद आग ने पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया। विस्फोट इतना भीषण था कि सात मजदूर जिंदा जल गए। कई शव बुरी तरह जल चुके थे और घटनास्थल पर शरीर के अंगों के टुकड़े बिखरे मिले, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने पॉलीथीन में एकत्र किया। मृतकों की शिनाख्त डीएनए जांच से कराई जा रही है।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संबंधित फैक्टरी में अवैध रूप से पटाखों का निर्माण किया जा रहा था। मौके से बारूद, तैयार पटाखे और पैकिंग सामग्री बरामद हुई है।

वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर कहा कि यह गारमेंट जोन है, यहां दूसरा व्यवसाय नहीं हो सकता। प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि गेट पर ताले लगाकर गैरकानूनी तरीके से पटाखे बनाने का कार्य किया जा रहा था। राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान डीएनए से कराई जा रही है। इस दुखद घटना की गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी। मंत्री अस्पताल भी पहुंचे और घायलों की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने पुलिस थाने में मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।

खैरथल-तिजारा जिला कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह छोटा एक्सप्लोसिव मटेरियल प्रतीत हो रहा है और गैस रिसाव की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने आगामी सात दिनों में पूरे औद्योगिक क्षेत्र की सभी इकाइयों की व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान संचालित गतिविधियों, अग्नि सुरक्षा उपायों, वैधानिक अनुमतियों और श्रमिक सुरक्षा मानकों की गहन समीक्षा की जाएगी। नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार पूरे घटनाक्रम की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की है और रीको सहित संबंधित विभागों को सघन निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।

इस बीच राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने घटना को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद और चिंताजनक घटना है, जिसने सरकार के सुशासन और बेहतर कानून व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी है। जूली ने आरोप लगाया कि समय पर सूचना और राहत नहीं पहुंचने से हताहतों की संख्या बढ़ी। उन्होंने कहा कि भिवाड़ी प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है, जहां से सरकार को भारी राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में सुरक्षा मानकों, निगरानी और अनुमति प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि वहां विस्फोटक सामग्री संग्रहीत की जा रही थी। ऐसे में किन विभागों ने अनुमति दी? कौन-कौन से विभाग नियमित जांच के लिए जाते हैं और मॉनिटरिंग की क्या व्यवस्था थी? सरकार को इन सभी बिंदुओं पर जवाब देना चाहिए।

मृतकों की हुई पहचान

1__सुजांत पुत्र शिव पासवान , मोतिहारी जिला

2__मिंटू पुत्र सिकंदर पासवान , मोतिहारी जिला

3__अजीत पुत्र सुरेंद्र , मोतिहारी जिला

4__रवि पुत्र राजदेव ,मोतिहारी जिला

5__श्याम पुत्र जयदेव , चंपारण जिला

6_अमरेश पुत्र कृष्ण लाल ,चंपारण जिला

7_ अभी पहचान नहीं हुई

मृतकों के परिजनों को 3 लाख रुपए की आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन लगातार पूरे घटनाक्रम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए शासन उप सचिव को पत्र भेजा गया, जिस पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सहायता कोष से मृतकों के परिजनों को तीन-तीन लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

7 दिन में सभी औद्योगिक इकाइयों की होगी जांच

घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने औद्योगिक क्षेत्र की सभी इकाइयों की आगामी सात दिनों में व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं। इस दौरान अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, वैधानिक अनुमति, श्रमिक सुरक्षा मानकों एवं संचालित गतिविधियों की गहन समीक्षा की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्लॉट एवं फैक्ट्री मालिक सहित 4 के खिलाफ एफआईआर दर्ज

घटना के संबंध में पुलिस ने फैक्ट्री एवं प्लॉट मालिक सहित चार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन द्वारा हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कराई जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आज सुबह करीब 9.30 बजे तेज धमाके की आवाज के साथ देखते ही देखते आग ने पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया। फैक्टरी में ज्वलनशील केमिकल और पटाखा सामग्री रखी होने के कारण आग तेजी से फैल गई। मौके पर पहुंची दमकल की कई गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसा का है। रीको‌ के फायर अधिकारी राजू खान ने बताया कि घटनास्थल से अब तक सात शव मिल चुके हैं। हादसा इतना भयावह था कि कई शव बुरी तरह झुलस गए। रेस्क्यू टीम को बॉडी पार्ट्स प्लास्टिक बैग में इकट्ठा करने पड़े। प्रशासन ने मृतकों की शिनाख्त के लिए डीएनए जांच कराने की बात कही है।

जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। फैक्टरी में सुरक्षा मानकों की जांच शुरू कर दी गई है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रशासन ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। मौके पर पुलिस और प्रशासन के तमाम अधिकारी सहित बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हैं।

प्रधानमंत्री ने राजस्थान के भिवाड़ी में आग लगने की घटना पर जताया दुख

नई दिल्ली, 16 फरवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को राजस्थान के भिवाड़ी में आग लगने की घटना पर दुख जताया। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साेशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर दुख व्यक्त करते हुए लिखा कि राजस्थान के भिवाड़ी में आग लगने की घटना अत्यंत दु:खद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

उल्लेखनीय है कि, राजस्थान के भिवाड़ी के खुशखेड़ा करौली औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्लॉट संख्या जी1/118बी में सोमवार सुबह अग्निकांड की घटना सामने आई, जहां संचालित एक निजी औद्योगिक इकाई में अचानक आग लग गई। इस हादसे में अब तक सात लोगों के मौत की सूचना है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X हुआ डाउन

0

भारत समेत दुनियाभर के यूजर परेशान

नई दिल्‍ली,16 फरवरी (हि.स)। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्‍स-X (पहले ट्विटर) सोमवार शाम से अचानक से डाउन हो गया। भारत समेत कई देशों में यूजर्स ने शिकायत की कि वे ना तो पोस्ट देख पा रहे हैं और ना ही नए अपडेट शेयर कर पा रहे हैं। भारत समेत दुनियाभर के लाखों यूजर X के डाउन होने से परेशान हैं।

डाउनडिटेक्टर डॉटकॉम के अनुसार शाम 6 बजकर 53 मिनट पर 52 फीसदी ऐप यूजर्स को इस तकनीकी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था, जबकि फीड और टाइमलाइन अपलोडिंग में 21 फीसदी यूजर्स को परेशानी हो रही थी। इसके अलावा लगभग 17 फीसदी यूजर्स ने एक्स की वेबसाइट पर टेक्निकल दिक्कत की बात रिपोर्ट की है।

यूपीआई बना लेनदेन का सबसे पसंदीदा माध्यम

0

रुपे डेबिट कार्ड को बढ़ावा देने की जरूरत: रिपोर्ट

नई दिल्‍ली, 16 फरवरी (हि.स)। नकद लेन-देन को पीछे छोड़ते हुए अब यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) भुगतान का सबसे पसंदीदा जरिया बन गया है। हालांकि, गांवों तथा छोटे कस्बों में रुपे डेबिट कार्ड के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए लक्षित हस्तक्षेप की जरूरत है। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) की जारी एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने 13-14 फरवरी को आयोजित चिंतन शिविर के दौरान ‘रुपे डेबिट कार्ड और कम मूल्य वाले भीम-यूपीआई (व्यक्ति-से-व्यापारी) लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव विश्लेषण’ शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है।

इस रिपोर्ट में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने, भुगतान अवसंरचना को मजबूत करने और वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाने में सरकार के प्रोत्साहन ढांचे की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक डिजिटल लेन-देन में वर्ष 2021 से वर्ष 2025 के बीच लगभग 11 गुना वृद्धि हुई है, जिसमें कुल डिजिटल लेन-देन में यूपीआई की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 80 फीसदी हो गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक मूल्यांकन से पता चलता है कि विभिन्न सामाजिक-आर्थिक वर्गों में डिजिटल भुगतान को अपनाने में महत्वपूर्ण और निरंतर वृद्धि हुई है। सर्वेक्षण में शामिल उपयोगकर्ताओं में यूपीआई सबसे पसंदीदा लेन-देन माध्यम के रूप में उभरा है, जिसका प्रतिशत 57 फीसदी है, जो नकद लेनदेन (38 फीसदी) से कहीं अधिक है। इसका मुख्य कारण उपयोग में आसानी और तत्काल धन हस्तांतरण की क्षमता है। सामाजिक-आर्थिक प्रभाव विश्लेषण व्यापक प्राथमिक सर्वेक्षण पर आधारित है, जिसमें 15 राज्यों के 10,378 उत्तरदाताओं को शामिल किया गया है, जिनमें 6,167 उपयोगकर्ता, 2,199 व्यापारी और 2,012 सेवा प्रदाता शामिल हैं। अध्ययन से पता चलता है कि 90 फीसदी उपयोगकर्ताओं ने यूपीआई और रुपे कार्ड का उपयोग करने के बाद डिजिटल भुगतान में अपना विश्वास बढ़ाया है, साथ ही नकदी के उपयोग और एटीएम से निकासी में उल्लेखनीय कमी आई है।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक सामाजिक-आर्थिक प्रभाव विश्लेषण के निष्कर्षों से भविष्य की नीति निर्माण में मूल्यवर्धन होने और भारत के डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम के लिए निरंतर समर्थन सुनिश्चित होने की उम्मीद है। ये रिपोर्ट आर्थिक विकास और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने वाले लचीले, समावेशी और सुरक्षित डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है।

—————

घरेलू सर्राफा बाजार में सोने में मामूली गिरावट,चांदी सात हजार रुपये टूटी

0

नई दिल्ली, 16 फ़रवरी (हि.स.)। घरेलू सर्राफा बाजार में आज दिन के पहले सत्र के कारोबार में सोने के भाव में सांकेतिक गिरावट नजर आ रही है, जबकि चांदी के भाव में सात हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई है। सोने के भाव में मामूली गिरावट आने के कारण देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज भी 1,57,740 रुपये से लेकर 1,57,890 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज 1,44,590 रुपये से लेकर 1,44,740 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। चांदी के भाव में कमजोरी आने के कारण ये चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में आज 2,68,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है।

दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,57,890 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,44,740 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,57,740 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,44,590 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,57,790 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,44,640 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।

इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,57,740 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,44,590 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। वहीं कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,57,740 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,44,590 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। भोपाल में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,57,790 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,44,640 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,57,890 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,44,740 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,57,790 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,44,640 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,57,890 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,44,740 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने के भाव में मामूली कमजोरी आई है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,57,740 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,44,590 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी फिसली,सोने में भी गिरावट

0

नई दिल्ली, 16 फ़रवरी (हि.स.)। घरेलू सर्राफा बाजार में गिरावट का सामना करने के साथ ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर भी चांदी के भाव में आज बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। एमसीएक्स पर आज चांदी पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार के क्लोजिंग प्राइस से लगभग चार प्रतिशत टूट कर 2,35,208 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक गिर गई। हालांकि बाद में चांदी के भाव में थोड़ा सुधार हुआ, जिसकी वजह से दोपहर 12:30 बजे तक एमसीएक्स पर यह चमकीली धातु 2,35,605 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही थी।

एमसीएक्स पर सोने के भाव में भी आज गिरावट का रुख बना हुआ है। एमसीएक्स पर सोना पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार के क्लोजिंग प्राइस की तुलना में एक प्रतिशत से अधिक टूट कर 1,54,125 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक गिर गया था। हालांकि बाद में इसकी स्थिति में मामूली सुधार आया, जिससे दोपहर 12:30 बजे सोना एमसीएक्स पर 1,54,260 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना आज 1.10 प्रतिशत लुढ़क कर 4,988.04 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया है। वहीं अप्रैल में डिलीवरी वाला यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 0.81 प्रतिशत की गिरावट के साथ फिलहाल 5,006.60 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करता हुआ नजर आ रहा है।

इससे पहले जनवरी माह में चांदी की कीमत चार लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को भी पार कर गई थी, लेकिन उसके बाद प्रॉफिट बुकिंग और कंसोलिडेशन के कारण इस चमकीली धातु की कीमत में बड़ी गिरावट आई। चांदी फिलहाल अपने सर्वोच्च स्तर से करीब डेढ़ लाख रुपए तक टूट चुकी है। आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी का हाजिर भाव 3.2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74.50 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस सप्ताह सोने और चांदी दोनों चमकीली धातुओं की कीमत में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। इस सप्ताह अमेरिकी अर्थव्यवस्था का संकेत देने वाले कई महत्वपूर्ण आंकड़े आने वाले हैं। इनमें महंगाई, सकल घरेलू उत्पाद और श्रम संबंधी आंकड़े प्रमुख हैं। इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां भी इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमत पर असर डाल सकती हैं। जानकारों का कहना है कि सोना और चांदी में निवेश करने वाले निवेशक फिलहाल बुलियन कंसोलिडेशन पर नजर रखे हुए हैं। उन्हें बुलियन मार्केट में नए फंडामेंटल ट्रिगर का इंतजार है, जिससे सोने और चांदी की कीमत में उछाल आने की संभावना बन सकती है।