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संगम तट के माघ मेला में क्यूआर कोड से श्रद्धालुओं को मिलेगी सुरक्षा व सहायता

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-मेला सेवा एप के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रशासन से जोड़ने की अभिनव पहल

प्रयागराज, 02 जनवरी (हि.स.)। त्रिवेणी के तट पर लगने वाले माघ मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सहयोग के लिए इस बार प्रशासन तकनीक का प्रयाेग कर रहा है। माघ मेला 2026 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा एवं त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेला क्षेत्र में विद्युत पोलों पर क्यूआर कोड आधारित सुविधा प्रणाली लागू की गई है। यह व्यवस्था मेला सेवा एप के माध्यम से श्रद्धालुओं को सीधे प्रशासन से जोड़ने की एक अभिनव पहल है।

माघ मेला प्रभारी नीरज पांडेय ने शुक्रवार काे बताया कि मेला क्षेत्र में लगाए गए 15 हजार 500 विद्युत पोलों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। इन्हें स्कैन करते ही श्रद्धालुओं के मोबाइल पर एक ऑनलाइन फॉर्म खुलेगा। इस फॉर्म में श्रद्धालु अपना नाम, मोबाइल नंबर और सुरक्षा कोड भरकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं या आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। खास बात यह है कि मेला अवधि में लाउडस्पीकरों के शोर के कारण फोन पर शिकायत करना कठिन हो जाता है, ऐसे में क्यूआर कोड के माध्यम से 24×7 संचालित कंट्रोल रूम तक डिजिटल रूप से शिकायत पहुंचाई जा सकती है, जिससे त्वरित निस्तारण संभव हो सकेगा।

उन्होंने बताया कि क्यूआर कोड स्कैन करने पर श्रद्धालु अपनी सही लोकेशन प्रशासन के साथ साझा करते हुए तत्काल सहायता प्राप्त कर सकेंगे। प्रत्येक विद्युत पोल पर संबंधित सड़क का नाम, सेक्टर का नाम और गूगल कोड (जी-कोड) अंकित किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को हर समय अपनी स्थिति की जानकारी मिलती रहेगी। हर 25 मीटर के अंतराल पर लगे विद्युत पोलों पर उपलब्ध क्यूआर कोड के माध्यम से अस्पताल, पुलिस चौकी, घाट, पार्किंग और जन-आश्रय स्थलों की भी सटीक जानकारी प्राप्त की जा सकती है। क्यूआर कोड स्कैन करते ही मेला क्षेत्र का विस्तृत नक्शा भी उपलब्ध होगा। साथ ही यदि कोई परिचित या संबंधी खो जाता है, तो उसके नजदीकी विद्युत पोल पर लिखे गूगल कोड के माध्यम से गूगल मैप पर उसकी लोकेशन का पता भी लगाया जा सकता है।

माघ मेला प्रभारी नीरज पांडेय ने बताया कि पार्किंग के समय नजदीकी पोल का जी-कोड नोट कर लेने से लौटते समय उसी स्थान पर आसानी से पहुंचा जा सकता है। सभी पोलों का यूनिक नंबरिंग होने से केवल पोल नंबर बताने से सही लोकेशन तुरंत मिल सकेगी। इसके अतिरिक्त मेला हेल्पलाइन नंबर 1920 को भी और वृहद रूप में फिर से संचालित किया गया है जिसके माध्यम से लोग कंट्रोल रूम में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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