Home राज्य महाकाल महोत्सव के द्वितीय दिवस जनजातीय संस्कृति और कलायात्रा की  प्रस्तुतियाँ

महाकाल महोत्सव के द्वितीय दिवस जनजातीय संस्कृति और कलायात्रा की  प्रस्तुतियाँ

0
100

उज्जैन, 15 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में 14 से 18 जनवरी तक आयोजित हो रहे भव्य ‘श्री महाकाल महोत्सव’ के अंतर्गत द्वितीय दिवस गुरुवार को जनजातीय लोककलाओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सजीव झलक देखने को मिली।

मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के अधिष्ठान, वीर भारत न्यास एवं श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति, उज्जैन के सहयोग से आयोजित इस पाँच दिवसीय महोत्सव में प्रदेश की समृद्ध जनजातीय परंपराओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, जनजातीय नृत्य, कलायात्रा एवं संगीतमय प्रस्तुतियाँ आयोजित की जा रही हैं।

द्वितीय दिवस पर डिण्डोरी के अशोक कुमार मार्को एवं उनके साथीगण द्वारा गोंड जनजातीय ‘गुदुमबाजा’ की सशक्त प्रस्तुति दी गई। डिण्डोरी के दयाराम एवं उनके साथीगण ने बैगा जनजातीय ‘कर्मा नृत्य’ प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

सागर के मनीष यादव एवं उनके साथीगण द्वारा ‘बरेदी नृत्य’ की जीवंत प्रस्तुति दी गई। वहीं, अंतिम प्रस्तुति धार के मनीष सिसोदिया एवं उनके साथीगण द्वारा भील जनजातीय ‘भगोरिया नृत्य’ की रंगारंग प्रस्तुति रही। उज्जैन के मुकेश शास्त्री एवं उनके साथीगण द्वारा ‘कलायात्रा’ निकाली गई, जिसमें डमरू वादन दल की विशेष सहभागिता रही। यह कलायात्रा रामघाट से प्रारंभ होकर हरसिद्धि पाल एवं बड़ा गणेश होते हुए श्री महाकाल महालोक पहुँची।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

en_USEnglish