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भारत-फ्रांस के बीच अब ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’

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नई दिल्ली, 17 फ़रवरी (हि.स.)। भारत और फ्रांस ने अपने संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ में उन्नयन करने का फैसला लिया है। साथ ही उन्नत साझेदारी को आगे बढ़ाने और क्षितिज-2047 का रोड मैप तैयार करने के लिए वार्षिक स्तर पर विदेश मंत्री डायलॉग स्थापित किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच आज मुंबई में द्विपक्षीय वार्ता हुई। विदेश मंत्रालय के अनुसार इसमें दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा, तकनीक एवं नवाचार और स्वास्थ्य तथा ऊर्जा क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही दोहरे कर से बचने के समझौते पर प्रोटोकॉल में संशोधन किया गया।

वार्ता में फ्रांस के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को इस वर्ष उनके यहां होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि फ्रांस में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र खोला जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-फ्रांस की साझेदारी ‘वैश्विक स्थिरता के लिए एक शक्ति’ है।

इस दौरान कर्नाटक के वेमागल में एच125 हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन किया गया। नई दिल्ली के एम्स में स्वास्थ्य में भारत-फ्रांसीसी एआई केंद्र की शुरुआत की गई। बाद में एक कार्यक्रम में दोनों नेताओं की उपस्थिति में तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भारत और फ्रांस नवाचार वर्ष और इनोवेशन नवाचार नेटवर्क की शुरुआत की गई।

रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों ने अपने सहयोग समझौते का नवीनीकरण किया। संयुक्त उद्यम के तहत भारत में हैमर मिसाइल बनायी जाएगी और दोनों देशों की सेनाओं में एक दूसरे के अफसरों की तैनाती होगी।

महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में दोनों देश सहयोग के लिए एक संयुक्त उन्नत प्रौद्योगिकी विकास समूह का गठन करेंगे। साथ ही महत्वपूर्ण खनिजों और धातुओं में सहयोग और उन्नत सामग्री पर एक केंद्र स्थापित करेंगे।

दोनों देशों ने स्टार्टअप, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, नवीकरणीय ऊर्जा और कौशल के क्षेत्र में सहयोग को आगे जारी रखने का फैसला किया है। संक्रामक रोगों और वैश्विक स्वास्थ्य अनुसंधान पर अनुसंधान और विकास में भी सहयोग किया जाएगा।

इसके अलावा डिजिटल विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए भारत-फ्रांसीसी केंद्र, वैमानिकी में कौशल के लिए एक राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र और भारत-फ्रांसीसी मेटाबोलिक स्वास्थ्य विज्ञान केंद्र की स्थापना की जाएगी। दोनों देशों ने नवीकरणीय ऊर्जा और डाक क्षेत्र में भी सहयोग करेंगे।

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