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एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का प्रस्ताव संविधान के अनुरूपः बीआर गवई

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नई दिल्ली, 12 फ़रवरी (हि.स.)। ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को लेकर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की गुरुवार को हुई बैठक में पूर्व मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का प्रस्ताव संविधान के अनुरूप है और यह मूल ढांचे का उल्लंघन नहीं करता। उन्होंने कहा कि संसद को संविधान में संशोधन करने का अधिकार है और यह उसका विशेषाधिकार है। इसमें लोकतंत्र या संघीय ढांचे का कोई उल्लंघन नहीं है।

बैठक के बाद संसद के बाहर जेपीसी के अध्यक्ष और भाजपा सांसद पीपी चौधरी ने पत्रकारों को जानकारी दी कि बैठक में सभी सदस्यों ने अपने-अपने विचार रखे। पूर्व न्यायमूर्ति बीआर गवई ने बैठक में आकर सदस्यों द्वारा संवैधानिक वैधता से जुड़े सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा सभी दलों को राष्ट्रीय हित में एकजुट होकर इस पर काम करना चाहिए, ताकि विश्व के सामने देश की एकता प्रदर्शित हो सके। उन्होंने कहा कि यदि इन चुनावी सुधारों को लागू किया जाता है तो पूरे देश को इसका लाभ मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि एक राष्ट्र एक चुनाव के तहत देश में लोकसभा और राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की बात की गई है। 2 सितंबर 2023 को एक कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी का अध्यक्ष पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को नियुक्त किया गया था। उन्होंने अपनी रिपोर्ट संसद को सौंप दी और एक देश एक चुनाव कराने का समर्थन किया। इसके बाद इस विधेयक को 17 दिसंबर 2024 को लोकसभा में संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 पेश किया। विधेयक को 19 दिसंबर 2024 को संयुक्त संसदीय समिति को भेजा गया।

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