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पांच लाख की इनामी महिला नक्सली ने एसपी कार्यालय में किया समर्पण

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धमतरी, 6 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति तथा धमतरी पुलिस द्वारा लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों, सिविक एक्शन कार्यक्रमों और व्यापक प्रचार-प्रसार से प्रभावित होकर पांच लाख की इनामी महिला नक्सली भूमिका उर्फ गीता उर्फ लता उर्फ सोमारी (उम्र 37 वर्ष) ने मंगलवार को धमतरी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आत्मसमर्पण किया।

भूमिका नगरी एरिया कमेटी की सदस्य एवं गोबरा एलओएस कमांडर के रूप में सक्रिय थी। आत्मसमर्पण धमतरी पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार पांडेय के समक्ष कराया गया। भूमिका मूलतः ग्राम पुसनार, थाना गुंगालुर, जिला बीजापुर की निवासी है और उस पर शासन द्वारा 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, माओवादी संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहने के दौरान पारिवारिक और दांपत्य जीवन से वंचित रहना, संगठन के भीतर भेदभावपूर्ण व्यवहार और विचारधारा से मोहभंग के चलते भूमिका ने मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया।

धमतरी पुलिस के निरंतर ऑपरेशन, सिविक एक्शन गतिविधियों और दबाव का यह आत्मसमर्पण महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है। पुलिस मुख्यालय के मार्गदर्शन एवं रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशन में यह आत्मसमर्पण संपन्न कराया गया। भूमिका वर्ष 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय रही। प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद वह 2010 तक प्लाटून-01 में रही। वर्ष 2010 में उड़ीसा राज्य कमेटी में स्थानांतरित होकर विभिन्न इकाइयों में कार्य किया। वर्ष 2011 से 2019 तक वह सीसीएम संग्राम की गार्ड रही। इसके बाद 2019 से 2023 तक सीनापाली एरिया कमेटी में एसीएम के रूप में तथा सितंबर 2023 से गोबरा एलओएस कमांडर के रूप में कार्यरत रही। वर्तमान में संगठन में सदस्यों की कमी के कारण वह नगरी एवं सीतानदी एरिया कमेटी के साथ संयुक्त रूप से सक्रिय थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार भूमिका कई नक्सली घटनाओं में शामिल रही है। वर्ष 2010 में ओडिशा के पड़कीपाली क्षेत्र में हुई मुठभेड़, वर्ष 2014 में मैनपुर के मोतिपानी जंगल, वर्ष 2016 में नुआपाड़ा के कमलावाड़ी एवं पोतेलपाड़ा जंगल, वर्ष 2018 में बीजापुर के तिमेनार जंगल, वर्ष 2023 में गरियाबंद के ताराझार जंगल, वर्ष 2024 में धमतरी के एकावरी जंगल, वर्ष 2025 में धमतरी के मांदागिरी जंगल तथा 10 नवंबर 2025 को गरियाबंद के सेमरा जंगल में हुई मुठभेड़ों में उसकी संलिप्तता रही है। इन घटनाओं में कुछ मुठभेड़ों में नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई, जबकि कई में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। भूमिका के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आत्मसमर्पण पर छत्तीसगढ़ शासन की नीति के तहत उसे 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह आत्मसमर्पण नक्सल उन्मूलन अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता है और अन्य भटके हुए युवाओं के लिए भी मुख्यधारा में लौटने का संदेश है।

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