संभल जिले में फिल्म ‘यादवजी की लव स्टोरी’ के निर्माता, निर्देशक समेत चार के खिलाफ केस दर्ज

संभल, 18 फ़रवरी (हि.स.)। जनपद की तहसील गुन्नौर के थाना धनारी में ‘यादव जी की लव स्टोरी’ फिल्म के निर्माता, निर्देशक समेत चार लाेगाें के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें यादव समुदाय के लोगों ने फिल्म पर अपनी भावनाएं आहत होने का आरोप लगाते हुए इसे रिलीज होने से रोकने की मांग भी की है।

जिले के गांव भकरौली निवासी अरविंद कुमार ने थाना धनारी में ‘यादव जी की लव स्टोरी’ नामक फिल्म के निर्माता, निर्देशक, हीरो और हीरोइन सहित चार लोगों के खिलाफ तहरीर पर बुधवार काे एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में फिल्म निर्माता संदीप तौमर, निर्देशक अंकित भड़ाना, अभिनेत्री प्रगति तिवारी और अभिनेता विशाल मोहन काे नामजद किया गया है। शिकायतकर्ता ने दो दर्जन से अधिक लोगों के साथ थाना पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत दी थी।

शिकायत में कहा गया है कि 27 फरवरी को रिलीज होने वाली इस फिल्म में दिखाए गए दृश्यों से यादव समुदाय की भावनाएं आहत हो रही हैं, जिससे समाज में भारी आक्रोश है। आरोप है कि फिल्म में यादव समाज की लड़की और अन्य धर्म के लड़के की प्रेम कहानी को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे यादव समाज की संस्कृति और इतिहास को विकृत करने का प्रयास किया गया है।

इस संबंध में थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि अरविंद कुमार ने ‘यादव जी की लव स्टोरी’ फिल्म को लेकर शिकायत दी गई थी। अधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अरविंद यादव ने संभल के सभी सिनेमा घर मालिकों से अपील की है कि वे इस फिल्म को प्रदर्शित न करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा किया गया तो उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने दोहराया कि यादव समाज इस फिल्म में गलत तरीके से दिखाई गई चीजों को लेकर आक्रोशित है।

अधिक अंक के चलते सामान्य वर्ग के पद पर हुई तो आरक्षित पद भरा जाएगा समान श्रेणी से

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जयपुर, 18 फरवरी (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने आवासन मंडल की कनिष्ठ न्यायिक सहायक भर्ती-2023 से जुडे मामले में कहा है कि नियमानुसार यदि आरक्षित श्रेणी का अभ्यर्थी अधिक अंक लेकर ओपन कैटेगरी में आता है तो वह पद उसी श्रेणी के अभ्यर्थी से भरा जाएगा। इसके साथ ही अदालत ने मामले में एकलपीठ की ओर से दिए आदेश को सही माना है। एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश आवासन मंडल की याचिका को खारिज करते हुए दिए।

अपील में एकलपीठ के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें प्रार्थी जसलोक यादव के पक्ष में फैसला देते हुए ओबीसी श्रेणी में नियुक्त अंतिम चयनित अभ्यर्थी के बाद अगले मेरिट वाले अभ्यर्थी के होने के कारण उस श्रेणी में उसके नियुक्ति दावे को सही माना था।

याचिका से जुडी अधिवक्ता आराधना स्वामी ने बताया कि आवासन मंडल ने कनिष्ठ न्यायिक सहायक के 9 पदों पर भर्ती निकाली थी। जिसमें दस्तावेज सत्यापन के लिए 26 अभ्यर्थियों को बुलाया था। भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक अभ्यर्थी का चयन ओपन कैटेगरी में हो गया, ऐसे में आरक्षित श्रेणी का पद खाली रह गया। जिस पर प्रार्थी जसलोक यादव ने एकलपीठ में याचिका दायर कर कहा कि वह ओबीसी श्रेणी में मेरिट के आधार पर अगले स्थान पर था, इसलिए उसकी दावेदारी पर विचार करें। एकलपीठ ने आदेश देते हुए उसकी उम्मीदवारी पर विचार करने का आदेश दिया। इस आदेश को आवासन मंडल की ओर से खंडपीठ में चुनौती दी गई थी।

हल्दीघाटी-रक्त तलाई संरक्षण पर केंद्र व राज्य सरकार को हाईकोर्ट की फटकार

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जोधपुर, 18 फरवरी (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने हल्दीघाटी दर्रे और रक्त तलाई के संरक्षण और रखरखाव में हो रही गंभीर लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को फटकार लगाई है।

कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की खंडपीठ ने सुनवाई में केंद्र और राज्य सरकार के जवाबदेह अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पूर्व में जारी आदेशों की पालना पर विस्तृत शपथ पत्र पेश करें। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि महाराणा प्रताप के शौर्य के प्रतीक इन स्थलों का वर्तमान स्वरूप प्रशासनिक उदासीनता के कारण नष्ट हो रहा है।

दरअसल, कोर्ट के संज्ञान में यह बात आई है कि ऐतिहासिक रूप से संकरा रहने वाला हल्दीघाटी दर्रा, जहां से कभी केवल दो घोड़े एक साथ गुजर सकते थे, उसे वर्ष 2019 में नियमों को ताक पर रखकर 40 मीटर चौड़े डबल-लेन हाईवे में बदल दिया गया। इस प्रक्रिया में 200 से अधिक पेड़ों की कटाई की गई और पहाडिय़ों को समतल कर दिया गया, जिससे पुरातात्विक अवशेषों के दबने और पहाडिय़ों के ढहने का खतरा पैदा हो गया है। इसके बाद कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया था।

केंद्र और राज्य सरकार के कई विभाग तलब

हाईकोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों को पक्षकार बनाया है। इन्हें जारी नोटिस के बाद संस्कृति मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय, पुरातत्व विभाग और एनएचएआई, मुख्य सचिव, पर्यटन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उदयपुर कलेक्टर आदि को शामिल किया गया था। कोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को 16 दिसंबर 2025 को दिए गए निर्देशों की पालना पर बिंदुवार हलफनामा देने को कहा।

रक्त तलाई में गंदगी और अतिक्रमण का अंबार

ऐतिहासिक स्थल रक्त तलाई की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कोर्ट ने पाया कि जिस मैदान को कभी शहीदों के खून से भीगा माना जाता था, वहां आज झाडिय़ां उगी हुई हैं और शराब की टूटी बोतलें बिखरी पड़ी हैं। यहां तंवर शहीदों की छतरी और महाराणा प्रताप के वफादार सेनापति हकीम खान सूर की मजार उपेक्षित है। इसके अलावा, तलाई की जमीन पर सरकारी स्कूल और अस्पताल जैसी सार्वजनिक संरचनाओं के निर्माण और अवैध बस्तियों से निकलने वाले सीवेज के कारण यहां हर वक्त दुर्गंध फैली रहती है। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में स्पष्ट किया कि इन स्थलों की उपेक्षा केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि संवैधानिक प्रावधानों का भी गंभीर उल्लंघन है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने ऐतिहासिक स्थलों पर पूर्व अनुमति के बिना किसी भी तरह के नए निर्माण या विस्तार कार्यों पर तत्काल रोक लगा दी है। साथ ही कहा क्षेत्र में तत्काल सफाई अभियान चलाकर कचरा और खरपतवार हटाई जाए। ऐतिहासिक ढलानों पर वाहनों की पार्किंग पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया जाए और गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना तय हो। रक्त तलाई में सीवेज के बहाव को मोड़ा जाए और जलभराव की समस्या का 30 दिनों के भीतर समाधान किया जाए। दुरुपयोग रोकने के लिए इन स्थलों पर 24 घंटे निगरानी हेतु केयरटेकर नियुक्त किए जाएं। कोर्ट की सहायता के लिए वकील लक्ष्य सिंह उदावत, तानिया तुली और यशवी खंडेलवाल को न्याय मित्र (एमिकस क्यूरी) नियुक्त किया गया है।

दून घाटी में प्रस्तावित सड़क निर्माण प्रोजेक्ट में पेड़ाें के कटान मामले पर हुई सुनवाई

नैनीताल, 18 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने यमुना व दून घाटी में प्रस्तावित सड़क निर्माण प्रोजेक्ट में लगभग 7 हजार पेड़ाें के कटान से पर्यावरण, वन्यजीवों सहित प्राकृतिक जल स्रोतों पर पड़ने वाले असर के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। काेर्ट ने नेशनल हाइवे एथॉरिटी, जैव विविधता बोर्ड, वन विभाग, राज्य सरकार सहित केंद्र सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। देहरादून की समाजसेवी रेनू पाल ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि यमुना व दून घाटी में आशारोडी व झाझरा के बीच गतिमान ग्रीन प्रोजेक्ट के तहत सड़क निर्माण के लिए लगभग सात हजार पेड़ाें का कटान किया जाना प्रस्तावित है। याचिका में कहा गया कि ग्रीन प्रोजेक्ट के तहत गतिमान सड़क निर्माण से पहले उत्तराखंड बायोडेविटी बोर्ड से कोई अनुमति नही ली गई है। बड़ी संख्या में पेड़ों के कटान से पर्यावरण के साथ ही वन्यजीवों पर इसका विपरीत असर पड़ेगा। क्योंकि इन जंगलों में बर्ड की 300 से अधिक प्रजातियां पाई जाती है।

दिल्ली में 800 से ज्यादा लोगों के गायब होने के मामले में केंद्र और दिल्ली पुलिस को नोटिस

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नई दिल्ली, 18 फरवरी (हि.स.)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस साल के पहले 15 दिनों में आठ सौ से ज्यादा लोगों के गायब होने पर कार्रवाई की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र, दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि राईट टू बी फाउंड (मिलने का अधिकार) संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीने के अधिकार का अहम हिस्सा है। याचिका में कहा गया है कि गुमशुदा व्यक्तियों को ढूंढने के लिए बाध्यकारी प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जा रहा है। गुमशुदा व्यक्तियों को खोजने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तो जारी किए गए हैं लेकिन वे कड़ाई से लागू नहीं किए जाते हैं। यही वजह है कि दिल्ली में बड़े पैमाने पर लोग गायब हो रहे हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

एक खबर के मुताबिक एक जनवरी से 15 जनवरी के बीच 807 लोग दिल्ली से गायब हो गए हैं। इस खबर पर दिल्ली में व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। छह फरवरी को दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में एक्स पर एक पोस्ट किया और कहा कि गायब होने में बढ़ोतरी की खबरों को पैसे लेकर प्रमोट किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने लोगों में भय पैदा करने वालों पर कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी। हालांकि इस मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में विस्तृत जवाब तलब किया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा कि अगर ये सही है तो ये काफी गंभीर मामला है।

सीतारमण ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री से की मुलाकात

ईएफटीए-टीईपीए समझौतों और सहयोग बढ़ाने पर चर्चा

ओस्लो, 18 फरवरी (हि.स)। केंद्रीय वित्‍त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को यहां नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-ईएफटीए तथा टीईपीए समझौतों के क्रियान्वयन पर बातचीत की। दोनों देशों के बीच सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

वित्त मंत्रालय ने ‘एक्‍स’ पोस्‍ट पर जारी बयान में बताया कि बैठक के दौरान उच्च तकनीक विनिर्माण, कार्बन कैप्चर और भंडारण, स्टार्टअप्स, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और वेस्ट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया गया। नॉर्वे के प्रधानमंत्री ने इस वर्ष प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी के नॉर्वे दौरे को लेकर उत्साह जताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इस यात्रा से भारत-नॉर्वे सहयोग को और मजबूती मिलेगी।

इससे पहले निर्मला सीतारमण ने नॉर्वे के जाने-माने मुख्‍य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) और निवेशकों के साथ गोलमेज बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में भारत के राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष (एनआईआईएफ) के सीईओ और सीआईआई के अध्यक्ष ने भी हिस्सा लिया।

नॉर्वे में व्यापार और निवेश समुदाय के 35 से ज्‍यादा सीईओ और टॉप लेवल के पार्टिसिपेंट्स के साथ बातचीत करते हुए वित्‍त मंत्री सीतारमण ने कहा कि नॉर्वे के उनके ऑफिशियल दौरे में इंडिया को एक निवेश गंतव्य और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था के तौर पर दिलचस्प और सकारात्‍मक चर्चा हुई है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 भी नागरिकों और कंपनियों के लिए रेगुलेटरी और कम्प्लायंस का बोझ कम करने पर भारत सरकार के रिफॉर्म फोकस को दिखाता है। इस दौरान राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष (एनआईआईएफ) के सीईओ ने एक प्रेजेंटेशन दिया, जिसमें भारत की ग्रोथ और रिफॉर्म की कहानी और दोनों देशों के बीच खास सेक्टर्स में निवेश के मौकों की संभावना और स्कोप पर रोशनी डाली गई।

मंत्रालय के मुताबिक गोलमेज बैठक में रिन्यूएबल्स, कार्बन कैप्चर, रेयर अर्थ्स, फाइनेंशियल सर्विसेज़, एडवांस्ड इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग और शिप बिल्डिंग और शिप रिपेयर समेत मैरीटाइम इकोसिस्टम के अलग-अलग पहलुओं सहित खास सेक्टर्स में बिज़नेस और इन्वेस्टमेंट को-ऑपरेशन के मौजूदा और संभावित मौकों पर चर्चा हुई। इसमें शामिल प्रतिभागियों ने भारत में प्रेडिक्टेबल पॉलिसी और मैक्रोइकोनॉमिक माहौल की तारीफ की और सरकार के रिफॉर्म की कोशिशों और रफ़्तार को माना।

गोविंदा के साथ अपने तनाव पर बोलीं सुनीता आहूजा

अभिनेता गोविंदा के साथ रिश्तों में आई खटास की खबरों के बीच उनकी पत्नी सुनीता आहूजा ने एक बार फिर खुलकर अपनी बात रखी है। अपने यूट्यूब चैनल पर सुनीता ने भावुक होते हुए कहा कि गोविंदा उनके बचपन का प्यार हैं, लेकिन मौजूदा हालात को सुधारने के लिए कुछ बदलाव जरूरी हैं।

सुनीता ने कहा, “आप कभी नहीं कह सकते कि आगे क्या होगा। अगर वह सुधर जाएं और हमारे हिसाब से रहें तो मैं उन्हें माफ कर दूंगी। मुझे वो सब नहीं सुनना है जो आजकल खबरों में चल रहा है।”उन्होंने अपनी सेहत का जिक्र करते हुए बताया कि इस उम्र में विवाद और तनाव झेलना आसान नहीं है। सुनीता ने कहा कि वह मेनोपॉज के दौर से गुजर रही हैं और ऐसे समय में हर महिला को पति और परिवार के सहयोग की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि हमें प्यार चाहिए, तनाव नहीं।

अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता अहूजा के रिश्ते में पिछले कई महीनों से तनाव की खबरें लगातार सुर्खियों में रही हैं। सुनीता आहूजा ने गोविंदा पर धोखा देने के आरोप लगाए थे।

सुनीता और गोविंदा की शादी को 37 साल हो चुके हैं। दोनों ने 1987 में विवाह किया था। उनके दो बच्चे हैं, बेटी टीना आहूजा और बेटा यशवर्धन आहूजा। लंबे साथ के बावजूद मौजूदा हालात ने उनके रिश्ते को नाजुक मोड़ पर ला खड़ा किया है।

ससुर को याद कर भावुक हुईं कियारा आडवाणी

भावुक संदेश शेयर किया

अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा के पिता सुनील मल्होत्रा के निधन के बाद परिवार शोक में डूबा है। सिद्धार्थ ने 17 फरवरी को सोशल मीडिया पर पिता के साथ बिताए पलों को याद करते हुए भावुक संदेश शेयर किया था। अब उनकी पत्नी और अभिनेत्री कियारा आडवाणी ने भी अपने ससुर को श्रद्धांजलि दी है। कियारा की पोस्ट पर करण जौहर, महीप कपूर, नेहा धूपिया और मनीष मल्होत्रा समेत कई सितारों ने शोक संदेश शेयर किए।

कियारा ने अपनी शादी की एक पारिवारिक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि शुरुआत से ही उनके ससुर ने उन्हें खुले दिल, गहरी समझदारी और बिना शर्त प्रेम के साथ अपनाया। उन्होंने लिखा, “आपकी गर्मजोशी हमेशा बनी रही। परिवार के प्रति आपका प्रेम आपके हर काम के केंद्र में था। आपकी कहानियां, आपकी हंसी और आपका शांत स्वभाव हमेशा मेरे साथ रहेंगे। आप अपने पीछे कोमलता, ईमानदारी और गहरे अटूट प्यार की विरासत छोड़ गए हैं। यह आपके बच्चों, पोते-पोतियों और हम सभी में जीवित है जिन्हें आपको जानने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। शांति से विश्राम करें। आपको हमेशा याद किया जाएगा, हमेशा प्यार किया जाएगा और हमेशा याद रखा जाएगा।”

सुनील मल्होत्रा मर्चेंट नेवी में कैप्टन थे और 13 फरवरी को दिल्ली में उनका निधन हो गया था। फिल्म जगत से जुड़े कई कलाकारों ने मल्होत्रा परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हुए इस कठिन घड़ी में उनका साथ दिया।

कम अंक वाले काम कर रहे हैं तो ज्यादा अंक वाले अभ्यर्थी को नियुक्ति क्यों नहीं- हाईकोर्ट

जयपुर, 18 फरवरी (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती-2012 से जुडे मामले में शिक्षा सचिव व जिला परिषद जालौर सहित अन्य से पूछा है कि जब कम अंक वाले काम कर रहे हैं तो उनसे अधिक अंक लाने वाले अभ्यर्थी को नियुक्ति क्यों नहीं दी गई। इसके साथ ही अदालत ने यह भी बताने के लिए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से नमो नारायण शर्मा के मामले में दिए आदेश का लाभ याचिकाकर्ता को क्यों नहीं दिया गया। जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश रामावतार की याचिका सुनवाई करते हुए दिए।

याचिका में अधिवक्ता राम प्रताप सैनी ने बताया कि भर्ती को लेकर जारी परिणाम के बाद कुछ सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई। वहीं बाद में जारी संशोधित परिणाम में याचिकाकर्ता के अंक बढ़ गए। इसके बावजूद उसे नियुक्ति नहीं दी गई, जबकि उससे कम अंक वाले अन्य अभ्यर्थी शिक्षक के पद पर नियुक्त होकर काम कर रहे हैं। याचिका में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने उसके समान ही एक अन्य मामले में अभ्यर्थी को नियुक्ति का आदेश दिया है। इसलिए उसे भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सेवा परिलाभ देकर नियुक्ति दी जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।

पिछली सरकारों में ठेके पर होती थी नकल : गुलाब देवी

– लखनऊ समेत प्रदेश के 8033 परीक्षा केंद्रों में परीक्षाएं शुरु

– परीक्षा के पहले दिन माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने लखनऊ के परीक्षा केंद्र का जायजा लिया

लखनऊ , 18 फ़रवरी (हि.स.)। माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज यूपी बोर्ड की परीक्षाएं बुधवार काे प्रदेश के 8033 परीक्षा केंद्रों में शांतिपूर्ण तरीके से शुरु हुईं। राजधानी लखनऊ में माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर परीक्षार्थियों का मुंह मीठा कराकर उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं और याेगी सरकार में नकल की बात कोई सोच भी नहीं सकता है, जबकि पिछली सरकार में ठेके पर नकल कराई जाती थी।

माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी माध्यमिक शिक्षा निदेशक महेंद्र देव के साथ बोर्ड परीक्षा के पहले दिन बुधवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जियामऊ, लखनऊ परीक्षा केंद्र पर पहुंची। उन्होंने यहां छात्राओं का टीका लगाकर मुंह मीठा कराया और गुलाब का फूल भेंट कर शुभकामनाएं दीं।

इस दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों में ठेके पर नकल होती थी, लेकिन योगी सरकार में नकल के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता। यदि कहीं ऐसा हुआ तो उसके खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो कभी सोचा न गया हो। माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने परीक्षार्थियों से कहा कि चिंता मुक्त होकर परीक्षा दें। यही मेरी शुभकामनाएं हैं। मंत्री ने परीक्षा केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक महेंद्र देव ने बताया कि यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाएं आज 18 फरवरी से प्रदेश भर में आयोजित की जा रही हैं। इन परीक्षाओं में 53 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं । प्रयागराज और लखनऊ में राज्य स्तरीय आनलाइन मानीटरिंग सेंटर बनाए गए हैं, जहां प्रदेश भर के परीक्षा केंद्रों पर नजर रखी जा रही है। बोर्ड परीक्षाएं 12 मार्च तक संचालित की जाएंगी।

बोर्ड परीक्षा में 53 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल

आज से शुरु हाे रहीं बाेर्ड परीक्षाओं में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में कुल 53,37,778 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। हाईस्कूल में 27,61,696 एवं इंटरमीडिएट 25,76,082 परीक्षार्थी शामिल होंगें। प्रदेश में 8033 परीक्षा केंद्र स्थापित हैं। इनमें 596 राजकीय, 3453 सहायता प्राप्त एवं 3984 निजी विद्यालय शामिल हैं।