बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनिल कपूर डिजिटल दुनिया में एक सशक्त अवतार के साथ कदम रखने जा रहे हैं। उनकी आगामी फिल्म ‘सूबेदार’ का आधिकारिक ऐलान कुछ दिन पहले किया गया था और अब मेकर्स ने इसका दमदार टीजर रिलीज कर दिया है। इसी के साथ फिल्म की रिलीज डेट से भी पर्दा उठा दिया गया है। एक्शन और इमोशन से भरपूर इस थ्रिलर फिल्म का निर्देशन सुरेश त्रिवेणी ने किया है, जबकि अनिल कपूर खुद इसके सह-निर्माता भी हैं। फिल्म में राधिका मदान मुख्य अभिनेत्री के रूप में नजर आएंगी, जिनकी भूमिका कहानी में अहम मोड़ लाती दिखाई देगी।
टीजर में अनिल कपूर सेवानिवृत्त सेना अधिकारी अर्जुन मौर्य के किरदार में नजर आते हैं। उनका लुक गंभीर, मजबूत और भावनात्मक परतों से भरा हुआ दिखाई देता है। कहानी एक ऐसे पूर्व सैनिक की है जो अब एक आम नागरिक की जिंदगी जीने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अतीत की परछाइयां उसका पीछा नहीं छोड़तीं। टीजर की झलकियों से साफ है कि फिल्म में हाई-ऑक्टेन एक्शन के साथ पारिवारिक रिश्तों की जटिलता भी देखने को मिलेगी।
अनिल कपूर ने सोशल मीडिया पर टीजर साझा करते हुए कैप्शन में लिखा, “उन्होंने गलत आदमी से पंगा ले लिया।” यह लाइन फिल्म के टोन और किरदार की तीव्रता को साफ दर्शाती है। फिल्म में अर्जुन मौर्य अपनी बेटी के साथ तनावपूर्ण रिश्ते को सुधारने की कोशिश करता है, वहीं दूसरी ओर उसे बाहरी और भीतरी दुश्मनों से जूझना पड़ता है। ‘सूबेदार’ 5 मार्च को अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगी और दर्शकों को एक भावनात्मक लेकिन दमदार एक्शन कहानी का अनुभव देने के लिए तैयार है।
कॉमेडी अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों अपनी जिंदगी के बेहद कठिन दौर से गुजर रहे हैं। भारी कर्ज और लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है। लगभग 9 करोड़ रुपये के वित्तीय संकट के चलते उन्हें हाल ही में तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करना पड़ा। उनकी मौजूदा हालत को देखते हुए फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग मदद के लिए आगे आए हैं। इससे यह साबित होता है कि मुश्किल वक्त में भी बॉलीवुड अपने कलाकारों के साथ खड़ा रहना जानता है।
सबसे पहले अभिनेता सोनू सूद ने खुलकर समर्थन जताया। उनके बाद गुरमीत चौधरी और संगीत निर्माता राव इंद्रजीत सिंह ने भी सहायता का हाथ बढ़ाया। उनकी सार्वजनिक अपील के बाद अन्य कलाकारों ने भी एकजुटता दिखाई। रिपोर्ट्स के अनुसार, सलमान खान, अजय देवगन और वरुण धवन समेत कई बड़े सितारे राजपाल यादव की मदद के लिए आगे आए हैं।
राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने बताया, “अभिनेता की मदद के लिए बहुत से लोग आगे आए हैं। सोनू सूद, सलमान खान और अजय देवगन जैसे अभिनेताओं ने अपना समर्थन दिया है। मेरी हाल ही में डेविड धवन से भी बात हुई, उन्होंने भी सहयोग का भरोसा दिलाया है।”
गोल्डी ने आगे कहा कि फिल्म इंडस्ट्री राजपाल के साथ मजबूती से खड़ी है, लेकिन आर्थिक और कानूनी प्रक्रियाओं में समय लगता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राजपाल यादव की जमानत याचिका दाखिल की जा चुकी है और 12 फरवरी को अगली सुनवाई तय है। परिवार और करीबी दोस्तों को उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही राहत मिल सकती है।
जयपुर, 11 फरवरी (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने रोडवेज से रिटायर कर्मचारी को बकाया भुगतान से जुडे मामले में कहा है कि आर्थिक हालात का बहाना बनाकर रोडवेज बकाया भुगतान से इनकार नहीं कर सकती है। रोडवेज को अपने वित्तीय प्रबंधन को सुधारना चाहिए, लेकिन खराब प्रबंधन का खामियाजा कर्मचारियों को भुगतने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही अदालत ने प्रकरण को लेकर लोक अदालत में तय किए गए ब्याज सहित याचिकाकर्ता को बकाया भुगतान करने को कहा है। जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने यह आदेश मोहन सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
अदालत ने कहा कि यदि रोडवेज अपने कुप्रबंधन को लेकर सतर्क है तो उसे पहले अपने प्रशासनिक कार्यो पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए कदम उठाने चाहिए। अदालत ने कहा कि चालक, परिचालक तथा अन्य कर्मचारी रोडवेज की रीढ हैं, जो सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बनाए हुए हैं।
याचिका में अधिवक्ता सुनील समदडिया ने अदालत को बताया कि याचिकार्ता ने अप्रैल, 2014 में रोडवेज से वीआरएस लिया था। वहीं साल 1998 से साल 2011 के बीच साप्ताहिक अवकाश सहित ओवर टाइम आदि के बकाया भुगतान को लेकर मामला राष्ट्रीय लोक अदालत में गया। लोक अदालत ने 12 दिसंबर, 2015 को दोनों पक्षों में समझौता कराते हुए छह फीसदी ब्याज सहित नौ माह में बकाया भुगतान करने को कहा। इसके बाद भी उसे पूरा भुगतान नहीं किया गया। वहीं रोडवेज की ओर से कहा गया कि साल 2021 के परिपत्र के तहत निगम की वित्तीय स्थिति को देखते हुए उपलब्ध बजट के आधार पर भुगतान की प्राथमिकताएं तय की गई हैं। जिसके कारण कुछ भुगतान लंबित रह जाते हैं। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने कहा कि रोडवेज वित्तीय हालत के चलते रिटायर कर्मचारी का बकाया भुगतान नहीं रोक सकता। इसके साथ ही अदालत ने रोडवेज को बकाया भुगतान करने को कहा है।
नई दिल्ली, 11 फरवरी (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय में केंद्र सरकार ने कहा है कि लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य के आधार पर रिहा करना मुमकिन नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि सोनम वांगचुक की अब तक कुल 24 बार स्वास्थ्य की जांच की गई है। वह फिट और तंदुरुस्त हैं।
इसके पहले 4 फरवरी को उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार से कहा था कि उसे सोनम वांगचुक की खराब होती जा रही तबीयत को ध्यान में रखते हुए उनकी हिरासत जारी रखने के फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए। कोर्ट ने केंद्र सरकार के वकील को इस संबंध में निर्देश लेकर कोर्ट को सूचित करने का निर्देश दिया था।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने 8 जनवरी को चौरी चौरा कांड का जिक्र करते हुए कहा था कि हिंसा के बाद सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल तत्काल वापस ले ली थी। आपको याद होगा कि गांधीजी ने भी ऐसा ही किया था। जब चौरी चौरा की घटना के बाद हिंसा हुई थी, तो उन्होंने भी बिल्कुल वैसा ही किया था। सिब्बल ने कहा कि हिरासत में लेने के 28 दिन बाद उनको हिरासत में लेने के आधार बताए गए, जो कानूनी समय-सीमा का साफ उल्लंघन है।
नई दिल्ली, 11 फरवरी (हि.स.)। रेल मंत्रालय ने अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में इमरजेंसी कोटा लागू करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधकों और क्रिस (सीआरआईएस) के प्रबंध निदेशक को निर्देश जारी किए हैं।
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी पत्र के अनुसार, पूर्व में 15 जनवरी के निर्देशों के तहत इन ट्रेनों में केवल महिला कोटा, दिव्यांगजन (पीडब्ल्यूडी) कोटा, वरिष्ठ नागरिक कोटा और ड्यूटी पास कोटा ही लागू था तथा अन्य किसी प्रकार का आरक्षण कोटा, जिसमें आरएसी (रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन) भी शामिल है, लागू नहीं था।
मामले की समीक्षा के बाद अब इन ट्रेनों में इमरजेंसी कोटा भी लागू करने का निर्णय लिया गया है। आदेश के अनुसार, जिन अमृत भारत ट्रेनों में 7 या उससे अधिक स्लीपर (एसएल) कोच हैं, उनमें अधिकतम 24 बर्थ का इमरजेंसी कोटा निर्धारित किया जा सकता है।
वहीं, वंदे भारत स्लीपर (वीबीएस) ट्रेनों में अलग-अलग श्रेणियों के लिए इमरजेंसी कोटा तय किया गया है। इसके तहत सप्ताह के दिनों में प्रथम श्रेणी एसी (1ए) में 4, सप्ताहांत में 6; द्वितीय एसी (2ए) में सप्ताह के दिनों में 20, सप्ताहांत में 30 तथा तृतीय एसी (3ए) में सप्ताह के दिनों में 24 और सप्ताहांत में 42 बर्थ इमरजेंसी कोटे के तहत निर्धारित की जा सकती हैं।
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह कोटा अग्रिम आरक्षण अवधि (एआरपी) या बुकिंग शुरू होने की तिथि से, जो भी पहले हो, लागू किया जा सकेगा। साथ ही, अन्य मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की तरह जोनल रेलवे मांग और उपलब्धता के आधार पर समय-समय पर इमरजेंसी कोटे की समीक्षा कर आवश्यक समायोजन कर सकेंगे।
रेलवे बोर्ड ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा है।
नई दिल्ली, 11 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार दिल्ली पुलिस के सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) सुंदर पाल को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी सीआर पार्क थाने में तैनात था।
सीबीआई के अनुसार एजेंसी ने 10 फरवरी को मामला दर्ज किया था। आरोप था कि एएसआई सुंदर पाल ने शिकायतकर्ता से संपत्ति विवाद निपटाने और उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने के लिए 25 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी को शिकायतकर्ता से 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। सीबीआई ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।
नई दिल्ली, 11 फ़रवरी (हि.स.)। लोकसभा में बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को केंद्र सरकार का ट्रंप प्रशासन के आगे समर्पण करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने इस डील में भारतीय डेटा, किसानों की सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और डिजिटल संप्रभुता अमेरिका के हवाले कर दिया।
राहुल गांधी ने लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान कहा कि दुनिया स्थिरता से अस्थिरता की ओर बढ़ रही है। यूक्रेन युद्ध, गाजा संघर्ष, मिडिल ईस्ट में तनाव और ईरान के साथ युद्ध की आशंका ने माहौल को खतरनाक बना दिया है। आर्थिक सर्वेक्षण में सरकार खुद मानती है कि अमेरिका-केंद्रित पुराना बहुध्रुवीय सिस्टम टूट रहा है। डॉलर का वर्चस्व चुनौती का सामना कर रहा है, चीन और रूस जैसी ताकतें इसे चुनौती दे रही हैं। ऊर्जा और वित्त को हथियार बनाया जा रहा है। डॉलर कमजोर हो रहा है और सोना-चांदी की कीमतें बढ़ रही हैं। एनएसए ने कुछ समय पहले कहा था कि युद्ध का दौर खत्म हो गया है लेकिन अब हम युद्ध के दौर में प्रवेश कर चुके हैं।
उन्होंने भारत की तीन सबसे बड़ी ताकतें गिनाते हुए कहा कि हमारी पहली ताकत है हमारे 1.4 अरब लोग जो ऊर्जावान और प्रतिभाशाली हैं। दूसरी ताकत है इनसे बनने वाला विशाल डेटा पूल। 21वीं सदी में जनसंख्या बोझ नहीं बल्कि सबसे बड़ा संसाधन है क्योंकि लोग डेटा बनाते हैं और डेटा ही एआई का ईंधन है। भारत का डेटा पूल दुनिया में सबसे बड़ा और सबसे विविध है। तीसरी ताकत है हमारे किसान और मजदूर जो खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। ऐसे तूफानी दौर में इन तीन चीजों को बचाना सबसे जरूरी है। लोग और उनका डेटा, खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा प्रणाली।
उन्होंने कहा कि एआई का दौर आ रहा है और इसके खतरनाक परिणाम होंगे। भारतीय आईटी उद्योग और लाखों सॉफ्टवेयर इंजीनियर खतरे में पड़ सकते हैं। एआई कई नौकरियों को खत्म कर देगा। ऐसे समय में सरकार को इन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए था लेकिन बजट में इनमें से किसी पर ठोस प्रावधान नहीं है।
राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर कहा कि फरवरी 2026 में ट्रंप और मोदी की बातचीत के बाद यह डील घोषित हुई। अमेरिका ने भारतीय सामानों पर टैरिफ घटाया लेकिन बदले में भारत ने कई शर्तें मान लीं। असली लड़ाई भारतीय डेटा के लिए है और सरकार ने इसे बिना सुरक्षा के अमेरिका को सौंप दिया। डिजिटल ट्रेड नियमों पर नियंत्रण छोड़ दिया गया, डेटा लोकलाइजेशन की जरूरत खत्म कर दी गई, अमेरिकी कंपनियों को मुक्त डेटा प्रवाह और 20 साल का कर छूट (टैक्स हॉलीडे) घोषित दिया गया।
राहुल ने कहा कि भारतीय टैरिफ औसतन 3 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गया जबकि अमेरिकी टैरिफ 16 प्रतिशत से शून्य हो गया। इससे टेक्सटाइल उद्योग पर संकट है, गुड़गांव की फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं और किसानों पर खतरा मंडरा रहा है। अमेरिकी बड़े फार्म्स से सस्ता मक्का, सोयाबीन और कपास आएगा और हमारे गरीब किसान कुचल जाएंगे। ऊर्जा सुरक्षा भी खत्म हो गई है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अब अमेरिका तय करेगा कि भारत, रूस या ईरान से तेल खरीद सकता है या नहीं।
राहुल ने डील को एकतरफा करार देते हुए कहा कि डेटा, किसान, ऊर्जा, युवा, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, छोटे उद्योग सबकुछ खत्म हो जाएगा।उन्होंने मांग की कि डील की पूरी जानकारी सदन में रखी जाए। भारत को पाकिस्तान के बराबर नहीं रखा जाना चाहिए।
-हरकी पैड़ी से गंगाजल भरकर महाशिवरात्रि पर सहसनाथ महादेव में करेंगे जलाभिषेक
हरिद्वार, 11 फ़रवरी (हि.स.)। शारदीय कांवड़ मेले में पड़ोसी राज्यों से ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देश नेपाल से भी शिवभक्त गंगाजल और कांवड़ लेने हरिद्वार पहुंच रहे हैं। नेपाल से कांवड़ियों का एक दल गंगा जल लेने हरिद्वार पहुंचा। इस दल में करीब 800 कांवड़िए शामिल हैं।
नेपाल से आए सभी कांवड़ियों ने बुधवार को हरिद्वार हरकी पैड़ी से गंगाजल भरा। इसके बाद वो लंबी दूरी तय करके महाशिवरात्रि के पर्व पर नेपाल पहुंचेंगे। इस गंगाजल से सभी भक्त नेपाल के बारा जिले में स्थित सहसनाथ महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।
हरिद्वार में शारदीय कांवड़ मेले में हरकी पैड़ी समेत तमाम गंगा घाटों पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम दिखाई दे रहा है। यहां पड़ोसी राज्यों ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगाजल लेने पहुंचे।
नेपाल के बारा जिले से करीब 800 कांवड़ियों का विशाल दल हरिद्वार पहुंचा, जो हरकी पैड़ी से विधि विधान के साथ गंगाजल भरकर लंबी यात्रा करेगा। नेपाल से आए कांवड़ियों ने बताया कि यह यात्रा आठ पीढ़ियों से चली आ रही है, जो आस्था का प्रतीक मानी जाती है।
दल में शामिल सदस्य अनिल कुमार मंडल ने बताया कि उनके दल के सभी सदस्य बारा हजारी कापड़ा कावरसारा समुदाय से जुड़े हैं। समुदाय के लोगों के अनुसार, उनकी आठ पीढ़ियां लगातार शारदीय कांवड़ यात्रा करती आ रही हैं। इस यात्रा का उद्देश्य अपने देश नेपाल सहित संपूर्ण विश्व में शांति स्थापित करना है।
उन्होंने बताया दल में शामिल सभी श्रद्धालु एक माह पहले ही सांसारिक सुविधाओं से दूर रहकर संन्यास जीवन का पालन शुरू कर देते हैं। इसके बाद सामूहिक रूप से नेपाल से भारत के विभिन्न तीर्थ मार्गों से होते हुए हरिद्वार पहुंचते हैं। कई सदस्य प्रयागराज, काशी और उज्जैन जैसे प्रमुख शिवधामों की यात्रा भी करते हैं, लेकिन शारदीय कांवड़ यात्रा उनके लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखती है।
श्रद्धालुओं ने बताया कि हरिद्वार में रहकर उनके द्वारा यज्ञ, पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। भगवान शिव और मां गंगा में उनकी गहरी आस्था है। यही कारण है कि समुदाय की आठवीं पीढ़ी भी अनवरत कांवड़ यात्रा पर निकली है।
दल में शामिल लोगों ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान उनका जीवन संन्यासी की तरह हो जाता है, वो संन्यासियों की तरह केवल धोती पहनते हैं। सात्विक आहार विहार के साथ भजन, यज्ञ और नियमित पूजा पाठ की जाती है। खुले आसमान के नीचे रहकर केवल प्रभु का ध्यान लगाते हैं। उन्हें सालभर शारदीय कांवड़ मेले का इंतजार रहता है। उनके दादा परदादा और उनसे भी पूर्व के पूर्वज आठ पीढ़ियों से यह परम्परा निभाते आ रहे हैं।
नई दिल्ली, 11 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कथित एपस्टीन फाइल्स को लेकर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। रिजिजू ने कहा कि बजट पर चर्चा में राहुल बिना किसी तर्क, सबूत या पूर्व सूचना के आरोप लगा रहे हैं। इसलिए भाजपा संसदीय दल आज लोकसभा अध्यक्ष को राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस देगा।
रिजिजू ने बुधवार को संसद परिसर में पत्रकार वार्ता में कहा कि राहुल के पूरे भाषण में जो भी गलत बातें कही गई हैं, उन्हें रिकॉर्ड से हटाया जाना चाहिए। साथ ही जिन शब्दों का प्रयोग असंसदीय है और जो झूठे आरोप लगाए गए हैं, उन्हें भी कार्यवाही से निकाल दिया जाना चाहिए। देश को बेच देने वाले राहुल के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया में रिजिजू ने कहा कि इस देश को न कोई बेच सकता है और न ही कोई खरीद सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब तक के सबसे मजबूत प्रधानमंत्री हैं।
रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने बिना पूर्व सूचना दिए मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह विशेषाधिकार का उल्लंघन है। हम अध्यक्ष को आवश्यक सूचना देंगे। उन्होंने कहा कि राहुल जानबूझकर बार-बार ऐसा करते हैं। उनका भाषण आमतौर पर झूठ और आरोपों से भरा होता है। वे भाग जाते हैं और मंत्री का जवाब सुनने के लिए कभी नहीं बैठते।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता ने बजट चर्चा में सिर्फ बेबुनियाद आरोप लगाए और चल दिए। ये सदस्यीय मर्यादा का भी अपमान है। उम्मीद की जानी चाहिए कि जब वित्त मंत्री आज शाम 5 बजे बजट पर चर्चा का जवाब दें, तब राहुल गांधी सदन में उपस्थित रहें।
कोलकाता, 11 फरवरी (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग ने तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही पद या जिले में तैनात प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के तबादले का निर्देश दिया है। बुधवार को आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
निर्देश के अनुसार यह आदेश जिलाधिकारी, अतिरिक्त जिलाधिकारी, प्रखंड विकास अधिकारी, उप-मंडलाधिकारी और अन्य जिला स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों पर लागू होगा। इसके साथ ही पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), उप-महानिरीक्षक (डीआईजी), पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को भी स्थानांतरित किया जाएगा।
निर्वाचन आयोग के अधिकारी ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। जिन अधिकारियों ने किसी विशेष जिले या पद पर तीन वर्ष से अधिक समय पूरा कर लिया है, उन्हें स्थानांतरित करना अनिवार्य होगा।
हालांकि, राज्य मुख्यालय में तैनात अधिकारियों को इस आदेश से छूट दी गई है। आयोग ने मुख्य सचिव को तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश भेज दिए हैं।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पिछले विधानसभा चुनाव में जो अधिकारी किसी जिले में जिलाधिकारी, रिटर्निंग अधिकारी या निरीक्षक के रूप में कार्यरत थे उन्हें आगामी चुनाव में उसी जिले में दोबारा तैनात नहीं किया जाएगा।
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के अनुसार, चुनाव के दौरान प्रशासनिक निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह एक मानक प्रक्रिया है। इस तरह की स्थानांतरण नीति बड़े चुनावों से पहले विभिन्न राज्यों में नियमित रूप से अपनाई जाती रही है।
आयोग का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य समान अवसर का वातावरण तैयार करना और पारदर्शी तथा निष्पक्ष तरीके से चुनाव संपन्न कराने के लिए संस्थागत ढांचे को मजबूत करना है।–