संघ प्रमुख भागवत से मिले यूपी के दाेनाें उपमुख्यमंत्री

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लखनऊ, 19 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के दाेनाें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने गुरूवार को अलग—अलग समय पर यहां निरालानगर में स्थित सरस्वती कुंज पहुंचकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ​सरसंघचालक डाॅ. मोहन राव भागवत से शिष्टाचार भेंट की। सरसंघचालक ने यहां संघ के प्रचारकों के साथ बैठक भी की। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बुधवार को सरसंघचालक डाॅ. भागवत से भेंट की थी।

दरअसल, सरसंघचालक लखनऊ में तीन दिन से प्रवास पर हैं और आज उनके प्रवास का तीसरा व अंतिम दिन है। सरसंघचालक 17 फरवरी को निरालानगर के माधव सभागार में आयोजित कुटुम्ब मिलन के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसके बाद 18 फरवरी को उन्हाेंने लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में सरसंघचालक ने शोधार्थियों के साथ संवाद किया। वहीं 18 फरवरी की शाम काे गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी को डाॅ. भागवत ने संबोधित किया था।

फ्रांस के राष्ट्रपति ने की भारत के तकनीकी समावेशन की प्रशंसा

एआई के युग में एकजुटता जरूरीःइमैनुएल मैक्रों

नई दिल्ली, 19 फ़रवरी (हि.स.)। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने विश्व में आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से हो रहे विकास एवं नवान्वेषण को जिम्मेदारी पूर्ण और मानव केन्द्रित रखने पर जोर दिया तथा कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में होने वाली रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में देशों की स्वतंत्रता और रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करना होगा।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने गुरुवार को एआई शिखर सम्मेलन के उद‍्घाटन समारोह में भारत के डिजिटल परावर्तन की प्रशंसा की तथा यूरोप एवं फ्रांस की भारत के साथ मिलकर एआई को वैश्विक भलाई के लिए उपयोग में लाने के विजन को सामने रखा। उन्होंने एआई और डिजिटल दुरुपयोग के खिलाफ बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जतायी और कहा कि इस दिशा में विश्व के देशों को मिल कर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नवान्वेषण को जिम्मेदारी तथा तकनीक को मानवता से जोड़ने की जरूरत है। भारत और फ्रांस इसमें मिलकर काम करेंगे। अपने भाषण का अंत उन्होंने ‘जय हो’ के वाक्य से किया।

भारत मंडपम में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन में फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि एआई दुनिया को बदल रहा है। ऐसे में हमें एकजुट होने की जरूरत है और ऐसा नहीं करने से हम पीछे रह जायेंगे। उन्होंने कहा कि एक समय कहा जाता था कि प्रतिस्पर्धा नहीं करेंगे तो आप हार जाएंगे लेकिन आज अगर आप जुड़ेंगे नहीं तो पीछे रह जाएंगे।

मैक्रों ने कहा कि दुनिया के किसी देश और कंपनी को किसी देश को एक मार्केट और डेटा के तौर पर देखने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि एआई उत्पादकता बढ़ाने और मजदूर बाजार के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। ऐसे में एआई सबको उपलब्ध हो यह बेहद जरूरी है। एआई को भाषाई तौर पर विविध होना चाहिए ताकि सब इसका उपयोग कर सकें। भारत इंपैक्ट सम्मिट का यही उद्देश्य है कि हम इस दिशा में प्रयास करें।

इमैनुएल मैक्रों ने अपने भाषण की शुरुआत में भारत के तकनीकी समावेशन के प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि यह बदलवा एक सभ्यता की कहानी बताते हैं। भारत ने वे किया जो दुनिया के अन्य देश नहीं कर पाये। भारत ने अपनी ‘डिजिटल आइडेंटिटी’ बनाई और डिजिटल हेल्थ आईडी बनाई और पेमेंट सिस्टम बनाया जिससे लाखों लेन-देने हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि एआई क्षेत्र रणनीतिक क्षेत्र के रूप में उभर रहा है। फ्रांस और भारत यूरोप के साथ एआई की स्वतंत्रता पर जोर देते हैं और मानते हैं कि मॉडल, बुनियादी ढांचा और संतुलन बेहद जरूरी है।

मैक्रों ने कहा, “… ऐसे समय में जब तनाव बढ़ रहा है, हमारे सभी डिजिटल उपकरणों को इस समावेशी दृष्टिकोण की ओर निर्देशित करने की तात्कालिकता बढ़ गई है और वास्तव में, भारत में मजबूत होने के लिए, लेकिन अफ्रीकी महाद्वीप पर भी मजबूत होने के लिए। और आइए पूरी तरह से विभाजित करने के बजाय ब्रिजिंग की ओर ध्यान केंद्रित करें, नष्ट करने के बजाय बनाना, लेने के बजाय साझा करना। फ्रांस उस दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए अपनी जी-7 अध्यक्षता का उपयोग करने का इरादा रखता है। मैं जानता हूं कि भारत ब्रिक्स अध्यक्षता के माध्यम से भी ऐसा ही करेगा। कोई भी देश केवल एक बाजार के रूप में सेवा करने के लिए बाध्य नहीं है जहां विदेशी कंपनियां मॉडल बेचती हैं और नागरिकों के डेटा को डाउनलोड करती हैं। “

उन्होंने तकनीक के युग में बच्चों के मन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर चिंता जताते हुए कहा कि हमारी जी-7 प्राथमिकताओं में से एक एआई और डिजिटल दुरुपयोग के खिलाफ बच्चों की सुरक्षा भी होगी। ऐसा कोई कारण नहीं है कि हमारे बच्चों को वास्तविक दुनिया में कानूनी रूप से वर्जित चीजों के लिए ऑनलाइन उजागर किया जाना चाहिए। हमारे प्लेटफार्मों, सरकारों और नियामकों को इंटरनेट और सोशल मीडिया को एक सुरक्षित स्थान बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। यही कारण है कि, फ्रांस में, हम 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं, और हम इस यात्रा के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसमें यूनान, स्पेन सहित कई यूरोपीय देश आज यहां मौजूद हैं।

उन्होंने इस पहल में भारत के भी शामिल होने की आशा व्यक्त करते हुए कहा, “मुझे पता है, प्रधानमंत्री मोदी भी इस पहल में शामिल होंगे। यह बहुत अच्छी खबर है कि भारत बच्चों और किशोरों की सुरक्षा के लिए इस तरह के दृष्टिकोण में शामिल होगा। हम यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं कि हमारे युवा नागरिक वास्तव में सुरक्षित हैं और हमें सभी के लिए इस दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए सभी इच्छुक भागीदारों के साथ जुड़ना चाहिए।”

तमिलनाडु विस चुनाव की तैयारियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त 26-27 फरवरी को करेंगे राज्य का दौरा

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चेन्नई, 19 फ़रवरी (हि.स.)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तमिलनाडु दौरा तय हो गया है। वे 26 और 27 फरवरी को राज्य का दौरा करेंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तमिलनाडु दौरा तय हो गया है। वे 26 फरवरी (गुरुवार) और 27 फरवरी (शुक्रवार) को चेन्नई में रहेंगे। अपने दौरे में वे राज्य के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे।

उनके दौरे के बाद तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की तारीख को अंतिम रूप दिया जाएगा। संभावना है कि मार्च के मध्य में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी जाएगी और इसके साथ ही आचार संहिता लागू हो जाएगी।

तमिलनाडु के साथ-साथ पुडुचेरी, केरल, असम और पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र चुनाव आयोग की उप-आयुक्त टीम संबंधित राज्यों का दौरा कर रही है और सरकारी विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें कर रही है।

मुख्य चुनाव आयुक्त को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

हाल ही में यह टीम तमिलनाडु आई थी और यहां दो दिनों तक सरकारी अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों तथा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की। इन बैठकों में लिए गए निर्णयों की रिपोर्ट मुख्य चुनाव आयुक्त को सौंपी जाएगी। इसके आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त स्वयं तमिलनाडु का दौरा कर अधिकारियों के साथ पुनः समीक्षा बैठक करेंगे।

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। चुनाव को ध्यान में रखते हुए राज्यभर में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान स्थानांतरित हो चुके मतदाता, दिवंगत मतदाता तथा दो स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं सहित लगभग एक लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची 23 तारीख को जारी की जाएगी।

मणिपुर में भारी मात्रा में हथियार-बारूद बरामद

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मणिपुर में भारी मात्रा में हथियार-बारूद बरामदउग्रवादी कैडर और जेल वार्डन गिरफ्तार

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इंफाल, 19 फरवरी (हि.स.)। मणिपुर में बीते 24 घंटे में सुरक्षा बलों और मणिपुर पुलिस द्वारा चलाए गए अलग-अलग अभियानों में भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। साथ ही विभिन्न प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के कैडरों तथा एक जेल वार्डन को गिरफ्तार किया गया।

इंफाल पश्चिम जिले के सेकमई थाना अंतर्गत लोइतांग लैकिंथाबी पहाड़ी क्षेत्र से सुरक्षा बलों ने एक एके-47 घाटक राइफल मैगजीन सहित, दो .303 राइफल, एक डबल बैरल राइफल, एक सिंगल बैरल राइफल, तीन नंबर-36 एचई ग्रेनेड तथा पांच आईईडी बरामद किए। वहीं, वांगोई थाना क्षेत्र के हियांगथांग ताराहेई आवांग लैकाई के तलहटी क्षेत्र से तीन हैंड ग्रेनेड, एक हाई एक्सप्लोसिव बम, विभिन्न कैलिबर के 15 जिंदा कारतूस, चार 5.56 मिमी के खाली खोखे, एक ट्यूब लॉन्चर तथा ग्रीन 90 एकेएफजी अंकित दो अज्ञात विस्फोटक बरामद किए गए।

तेंगनौपाल जिले के मोरेह थाना अंतर्गत यांगौबुंग क्षेत्र (बीपी-72 के निकट) से सुरक्षा बलों ने दो पिस्तौल मैगजीन सहित तथा दो चीनी हैंड ग्रेनेड बरामद किए। बरामद ग्रेनेडों को मौके पर ही निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया गया।

इस बीच, मणिपुर पुलिस ने इंफाल पूर्व जिले के कायरांग मयाई लैकाई निवासी 35 वर्षीय साहिद शाह को गिरफ्तार किया है, जो साजिवा स्थित मणिपुर सेंट्रल जेल में वार्डर के पद पर कार्यरत था। उस पर आरोप है कि वह जेल में बंद कैदियों, जिनमें गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम के तहत बंद कैदी भी शामिल हैं, को अवैध रूप से मोबाइल फोन उपयोग की सुविधा उपलब्ध करा रहा था। उसके पास से कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में जेल परिसर के भीतर से उसके यूपीआई खाते के माध्यम से वित्तीय लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं। इस संबंध में हेइंगांग थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच जारी है।

सुरक्षा बलों ने सिंगजामेई थाना क्षेत्र से केसीपी (पीडब्ल्यूजी) के सक्रिय कैडर हुईनिंगसुम्बम सुरेश मेइती उर्फ कलाम्बुस उर्फ लायन (34) को उसके आवास से गिरफ्तार किया। उसके पास से एक दोपहिया वाहन और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया।

इसी प्रकार, लामशांग थाना क्षेत्र के लामलोंगेई मानिंग लैकाई से यूएनएलएफ (कोइरेंग) के कैडर हाओबाम बिजॉय उर्फ नानाओ उर्फ जॉय (37) को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एक मोबाइल फोन और आधार कार्ड बरामद हुआ।

थौबल जिले के खांगाबोक क्षेत्र से आरपीएफ/पीएलए के सक्रिय कैडर लाइश्रम बसंत सिंह उर्फ रतन उर्फ इथोई (53) को भी गिरफ्तार किया गया। वह प्रतिबंधित संगठन के लिए कैडरों की भर्ती करने तथा सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर नजर रखकर अपने संचालकों को जानकारी उपलब्ध कराने में संलिप्त बताया गया है। सभी मामलों की जांच जारी है।

भारत की आध्यात्मिक विरासत सिर्फ आस्था नहीं, यह हमारे सांस्कृतिक और सामाजिक विकास की जीवंत नींव हैः सीपी राधाकृष्णन

नई दिल्ली, 19 फ़रवरी (हि.स.)। उप-राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने गुरुवार को कांग्रेस नेता डॉ. शशि थरूर की लिखित पुस्तक ‘द सेज हू रीइमैजिन्ड हिंदूइज्म-द लाइफ, लेसन्स एंड लेगेसी ऑफ नारायण गुरु’ का विमोचन किया।

इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक विरासत सिर्फ आस्था का विषय नहीं है बल्कि यह हमारे सांस्कृतिक और सामाजिक विकास की जीवंत नींव है। उन्होंने कहा कि नारायण गुरु जी का अमर आध्यात्मिक संदेश, “मानव जाति के लिए एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर,” समानता, गरिमा और सार्वभौमिक बंधुत्व के लिए एक क्रांतिकारी आह्वान के रूप में भी काम करता है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज

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पीड़िता की मां ने ली राहत की सांस

नई दिल्ली, 19 फ़रवरी (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश पर स्वत: संज्ञान लेते हुए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें उच्च न्यायालय ने कहा था कि पायजामे का नाड़ा खींचना रेप का प्रयास नहीं है। उच्चतम न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस फैसले को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद पीड़िता की मां ने खुशी जाहिर करते हुए राहत की सांस ली है। नाबालिग पीड़िता की मां ने कहा कि इस आदेश से न्याय में उनका भरोसा बहाल हुआ है।

पीड़िता, जो घटना के समय सिर्फ 11 वर्ष की थी, की मां ने कहा, “इस फैसले से मेरा यह विश्वास बहाल हुआ है कि कानून बच्चों व पीड़ितों की सुरक्षा कर सकता है। मुझे उम्मीद है कि अब किसी बच्चे को अपने साथ हुए अत्याचार का विश्वास दिलाने के लिए ठोकर नहीं खानी पड़ेगी और इस फैसले से उन बहुत सारे बच्चों को मदद मिलेगी जो आवाज नहीं उठा पा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) तब उनके साथ खड़ा हुआ जब उन्हें लग रहा था कि वे असहाय हैं और कोई उनकी आवाज नहीं सुनेगा। उनके समर्थन से हम न्याय के लिए संघर्ष जारी रखने की हिम्मत जुटा पाए।

नवंबर 2021 में उत्तर प्रदेश के कासंगज में दो युवक 11 साल की नाबालिग बच्ची को जबरन घसीट कर एक पुलिया के नीचे ले गए और उसके कपड़े उतारने की कोशिश की। बच्ची की चीख पुकार सुन उधर से गुजर रहे दो राहगीर वहां पहुंचे। इसके बाद दोनों आरोपित मौके से भाग निकले।

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन की ओर से पीड़िता की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता एच. एस. फूलका ने इसे ऐतिहासिक करार देते हुए कहा, “यह बच्चों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक दूरगामी फैसला है। यह एक स्पष्ट संदेश देता है कि न्यायिक विवेचना में पीड़ितों के खिलाफ किसी भी तरह के भेदभाव या पूर्वाग्रह की कोई जगह नहीं है। इस फैसले के लिए हम खंडपीठ के आभारी हैं।” उच्चतम न्यायालय ने दिशानिर्देश तय करने में नेटवर्क से सुझाव भी मांगे हैं।

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, “यह फैसला यौन हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय, गरिमा और संवेदनशीलता सुनिश्चित करने के हमारे लंबे और दृढ़ संघर्ष का नतीजा है। हम सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हैं जिसने न्यायिक तंत्र में भरोसा बहाल किया है और इस विश्वास को मजबूत किया है कि बच्चों एवं कमजोर व संवेदनशील पृष्ठभूमि के लोगों के खिलाफ अपराधों को गंभीरता और अपेक्षित संवेदनशीलता के साथ देखा जाएगा।”

उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पिछले साल मार्च में दिए गए फैसले में कहा था कि नाबालिग पीड़िता के वक्ष पकड़ने व सलवार का नाड़ा खोलने को बलात्कार का “प्रयास” नहीं माना जा सकता और यह सिर्फ बलात्कार की “तैयारी” थी। बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए नागरिक समाज संगठनों के नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) ने हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ तत्काल पीड़िता की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और एन. वी. अंजारिया की खंडपीठ ने हाई कोर्ट के फैसले को स्पष्ट रूप से त्रुटिपूर्ण और आपराधिक दंड विधान के स्थापित सिद्धांतों के पूरी तरह खिलाफ करार देते हुए खारिज कर दिया। साथ ही, शीर्ष अदालत ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दोनों आरोपितों के खिलाफ पहले से लगे बलात्कार के प्रयास के आरोप को भी बहाल कर दिया।

खुद का एआई ढांचा बनाए भारत : जीत अडाणी

नई दिल्‍ली, 19 फरवरी (हि.स)। अडाणी समूह के कार्यकारी निदेशक जीत अडाणी ने गुरुवार को कहा कि भारत को आयात पर निर्भर रहने के बजाय अपना स्वयं का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) बुनियादी ढांचा तैयार करना चाहिए।

‘इंडिया एआई इंपैक्‍ट समिट’ में जीत अडाणी ने ऊर्जा, कंप्यूट और क्लाउड संप्रभुता को आधुनिक राष्ट्र की नींव बताते हुए देश के लिए हरित ऊर्जा आधारित संप्रभु एआई इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए 100 अरब डॉलर निवेश करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एआई केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि किसी भी देश की ‘राष्ट्रीय संप्रभुता’ को तय करने वाला सबसे बड़ा कारक होगा। उन्‍होंने अपने संबोधन में कहा कि एआई आने वाले समय में राष्ट्रीय संप्रभुता को नए सिरे से परिभाषित करेगा। जीत अडाणी ने भारत की ‘इंटेलिजेंस सेंचुरी’ (बौद्धिक सदी) का खाका पेश करते हुए संप्रभुता के तीन प्रमुख स्तंभों ऊर्जा, कंप्यूट और क्लाउड, तथा सेवाओं पर जोर दिया।

भारत मंडपम में ‘इंडिया इंपैक्‍ट समिट’ में उन्‍होंने कहा कि अपने एआई भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भारत को ऊर्जा और कंप्यूटिंग सेवाओं के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करनी होगी। दिग्गज कारोबारी गौतम अडाणी के छोटे पुत्र के अनुसार ये केवल डेटा सेंटर विस्तार नहीं, बल्कि 5 गीगावाट क्षमता वाले और लगभग 250 अरब डॉलर के एकीकृत ऊर्जा व कंप्यूट इकोसिस्टम की दिशा में बड़ा कदम होगा, जो भारत की ‘इंटेलिजेंस रिवोल्यूशन’ को मजबूती देगा।

रिलायंस −जियो एआई में करेंगे 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश

मुकेश अंबानी की घाेषणा

नई दिल्‍ली, 19 फरवरी (हि.स)। देश के दिग्‍गज उद्योगपति एवं रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने गुरुवार को ऐलान किया कि उनका समूह कृत्रिम मेधा (एआई) में सात साल के भीतर 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। अंबानी ने कहा कि दुनिया एआई को लेकर दोराहे पर खड़ी है, जहां एक रास्ता दुर्लभ, महंगी एआईऔर नियंत्रित डेटा की ओर ले जाता है, जबकि दूसरा रास्ता सस्ती एवं सुलभ एआई सुनिश्चित करता है।

राष्‍ट्रीय राजधाानी नई दिल्‍ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई इंपैक्‍ट समिट’ में अपने संबोधन में मुकेश अंबानी ने कहा कि एआई का सर्वश्रेष्ठ रूप अभी आना बाकी है। उन्‍होंने कहा कि एआई में अपार समृद्धि का युग लाने की क्षमता है। ग्लोबल एआई इंपैक्‍ट समिट भारत के टेक इतिहास में एक अहम पल है। एक ऐसा पल जब भारत एआई को अपने विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए ड्राइविंग फोर्स में से एक बनाने का वादा करता है और 2047 तक पूरी तरह से विकसित देश बनने का सपना है।

मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो, रिलायंस के साथ मिलकर इस साल से अगले सात वर्ष में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह कोई सट्टा निवेश नहीं है। यह मूल्य वृद्धि के लिए नहीं है। यह धैर्यपूर्ण, अनुशासित राष्ट्र निर्माण में लगाई जा रही पूंजी है। उन्होंने कहा कि एआई में सबसे बड़ी बाधा प्रतिभा की कमी नहीं, बल्कि ‘कंप्यूटिंग’ की उच्च लागत है। इसमें गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर शामिल हैं। उन्‍होंने कहा कि जियो ने भारत को इंटरनेट युग से जोड़ा और अब यह इसे बुद्धिमता के युग से जोड़ेगी। मुकेश अंबानी ने कहा कि हम हर नागरिक, हर क्षेत्र एवं सामाजिक विकास के हर पहलू तक बुद्धिमता (एआई) पहुंचाएंगे। जियो यह सब उसी विश्वसनीयता, व्यापकता और बेहद किफायती कीमत के साथ करेगा, जिससे उसने संपर्क क्षेत्र (मोबाइल डेटा) में क्रांति ला दी थी।

अंबानी ने कहा कि हम बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी इस समिट के गाइड, फिलॉसफर और लीडर हैं। उन्‍होंने कहा कि मंत्री अश्विनी वैष्णव और उनकी शानदार टीम भारत की महत्वाकांक्षा के हिसाब से इस समिट को इतने बड़े पैमाने पर ऑर्गनाइज़ करने के लिए पूरी तारीफ़ के हकदार हैं। अंबानी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का एआई पावर्ड विकसित भारत का विजन भी विकसित वैश्विक दक्षिण के लिए एक खाका है। उन्‍होंने आगे कहा कि अगर समझदारी से इस्तेमाल किया जाए, तो मेरा मानना है कि एआई बहुत ज्‍यादा चीजों के युग की शुरुआत कर सकता है। गरीबी रहित दुनिया और हमारे खूबसूरत ग्रह पर सभी 8 अरब लोगों के लिए खुशहाली का भविष्य अब नजर में है, पहुंच में है।

लाल निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार

सेंसेक्स 1236 और निफ्टी 365 अंक टूटा

नई दिल्‍ली, 19 फरवरी (हि.स)। हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को शेयर बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच व्यापक बिकवाली से बाजार के दोनों प्रमख सूचकांक में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,236 लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 365 अंक टूट गया।

शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली से सेंसेक्स और निफ्टी में एक फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स तीन सत्रों से जारी तेजी पर विराम लगाते हुए 1236.11 अंक यानी 1.48 फीसदी लुढ़ककर 82,498.14 के स्‍तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला निफ्टी 365.00 अंक यानी 1.41 फीसदी टूटकर 25,454.35 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में शामिल इंटरग्लोब एविएशन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, अडाणी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा, आईटीसी लिमिटेड, पावर ग्रिड के शेयरों में प्रमुख रूप से गिरावट रही। इस बीच वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.02 फीसदी बढ़कर 71.07 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

एशिया के अन्य प्रमुख शेयर बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी तीन फीसदी और जापान का निक्की एक फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि हांगकांग और चीन के बाजार पारंपरिक चंद्र नववर्ष पर अवकाश के चलते बंद रहे।

बुधवार को कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 283.29 अंक यानी 0.34 फीसदी उछलकर 83,734.25 पर बंद हुआ। नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 93.95 अंक यानी 0.37 फीसदी की बढ़कर 25,819.35 पर बंद हुआ था।

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शादी की खबरों के बीच जगमगाया विजय देवरकोंडा का घर

साउथ फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित सितारे रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। भले ही दोनों कलाकारों ने अब तक अपनी शादी को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने फैंस के बीच उत्सुकता और बढ़ा दी है।

दरअसल, एक पैपराजी के शेयर किए गए वीडियो में विजय देवरकोंडा के हैदराबाद स्थित घर को रोशनी और फूलों से सजा हुआ देखा जा सकता है। घर की सजावट किसी उत्सव, खासकर शादी जैसे समारोह की ओर इशारा करती नजर आ रही है। वीडियो के सामने आते ही फैंस ने कयास लगाने शुरू कर दिए हैं कि दोनों सितारे जल्द ही अपने रिश्ते को नया नाम दे सकते हैं। वीडियो में घर को दुल्हन की तरह सजाया गया है, जिसमें चारों ओर लाइटिंग और फूलों की सजावट दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर फैंस लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं और दोनों कलाकारों को बधाई संदेश भी भेज रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा 26 फरवरी को राजस्थान के उदयपुर में एक निजी समारोह में शादी कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में केवल परिवार के सदस्य और करीबी रिश्तेदार ही शामिल होंगे। इससे पहले भी खबरें सामने आई थीं कि दोनों ने 3 अक्टूबर 2025 को एक निजी समारोह में सगाई की थी। हालांकि, इन खबरों की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है, लेकिन लगातार सामने आ रहे संकेतों ने फैंस की उत्सुकता को चरम पर पहुंचा दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह चर्चित जोड़ी जल्द ही अपने रिश्ते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करेगी।—————