केंद्र ने ‘पीएम राहत’ योजना शुरू की

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सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये का कैशलेस इलाज

नई दिल्ली, 14 फरवरी (हि.स.)। केंद्र सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘पीएम राहत’ (रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट) योजना की शुरुआत की है।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपना कार्यालय सेवा तीर्थ में स्थानांतरित होने के बाद अपने पहले ही फैसले में पीएम राहत योजना से जुड़ी फाइल पर हस्ताक्षर किए। यह फैसला सरकार के इस वादे को दिखाता है कि सड़क दुर्घटना के बाद तुरंत मेडिकल मदद न मिलने से किसी की जान न जाए।

मंत्रालय के अनुसार, देश में हर वर्ष बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाओं में मौतें होती हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत मामलों में यदि पीड़ित को दुर्घटना के पहले ‘गोल्डन ऑवर’ में अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो जान बचाई जा सकती है।

योजना के तहत किसी भी श्रेणी की सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त पात्र पीड़ित को दुर्घटना की तिथि से सात दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार मिलेगा। गैर-गंभीर मामलों में 24 घंटे तथा गंभीर मामलों में 48 घंटे तक स्थिरीकरण उपचार की सुविधा दी जाएगी, जिसके लिए एकीकृत डिजिटल प्रणाली के माध्यम से पुलिस प्रमाणीकरण आवश्यक होगा।

योजना को आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) 112 हेल्पलाइन से जोड़ा गया है। दुर्घटना पीड़ित, ‘राह-वीर’ (गुड समैरिटन) या घटनास्थल पर मौजूद कोई भी व्यक्ति 112 पर कॉल कर निकटतम नामित अस्पताल की जानकारी प्राप्त कर सकता है और एंबुलेंस सहायता का अनुरोध कर सकता है। इससे पुलिस, आपातकालीन सेवाओं और अस्पतालों के बीच त्वरित समन्वय सुनिश्चित होगा।

यह योजना तकनीक आधारित ढांचे के माध्यम से लागू की जा रही है, जिसमें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के ई-डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट (ईडीएआआर) प्लेटफॉर्म को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस 2.0) से जोड़ा गया है। इससे दुर्घटना की रिपोर्टिंग से लेकर अस्पताल में भर्ती, उपचार, दावा निपटान और भुगतान तक की प्रक्रिया डिजिटल रूप से संचालित होगी।

अस्पतालों को भुगतान मोटर वाहन दुर्घटना कोष (एमवीएएफ) से किया जाएगा। बीमित वाहन के मामलों में सामान्य बीमा कंपनियों के योगदान से राशि दी जाएगी, जबकि बिना बीमा या हिट एंड रन मामलों में केंद्र सरकार के बजटीय प्रावधान से भुगतान होगा। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा स्वीकृत दावों का भुगतान 10 दिनों के भीतर किया जाएगा।

जिला स्तर पर शिकायतों के निवारण के लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति द्वारा नामित शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर/जिलाधिकारी/उपायुक्त करेंगे।

सरकार ने कहा कि ‘पीएम राहत’ योजना यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी सड़क दुर्घटना पीड़ित को आर्थिक कारणों से जीवन रक्षक उपचार से वंचित न होना पड़े और देश की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूती मिले।

आमिर खान प्रोडक्शंस ने वैलेंटाइन डे पर रिलीज किया ‘एक दिन’ का पोस्टर

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साई पल्लवी और जुनैद खान स्टारर फिल्म ‘एक दिन’ एक कोमल और जादुई प्रेम कहानी का वादा करती है, जिसमें रिश्तों की सादगी और भावनाओं की गर्माहट को केंद्र में रखा गया है। फिल्म खास इसलिए भी है क्योंकि इसके साथ लंबे समय बाद आमिर खान और मंसूर खान की चर्चित जोड़ी फिर साथ आई है। दोनों फिल्मकार पहले ‘कयामत से कयामत तक’ और ‘जो जीता वही सिकंदर’ जैसी यादगार फिल्मों से दर्शकों का दिल जीत चुके हैं। अब वे नई पीढ़ी के साथ एक ताज़ा रोमांस पेश करने जा रहे हैं।

हाल ही में जारी टीज़र और वेलेंटाइन डे पर रिलीज नए पोस्टर ने फिल्म को लेकर उत्साह बढ़ा दिया है। पोस्टर में एक शांत सुपरमार्केट के भीतर जुनैद और साई आमने-सामने बैठे नजर आते हैं, जहां साई के हाथ में जलती मोमबत्ती वाला मफिन है, यह छोटा सा दृश्य प्रेम की मासूमियत को बयां करता है। मेकर्स ने घोषणा की है कि फिल्म 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशन सुनील पांडे ने किया है, जबकि निर्माण आमिर खान, मंसूर खान और अपर्णा पुरोहित ने मिलकर किया है। ‘एक दिन’ को एक ऐसी प्रेम कहानी बताया जा रहा है, जो आधुनिक रिश्तों में मासूमियत और सच्चे जज्बातों का जश्न मनाती है। –

भारत-अमेरिका समझौते से ऊर्जा की जरूरतें पूरी होंगी, प्रतिस्पर्धी कीमत पर मिलेगा कच्‍चा तेल: गोयल

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मुंबई, 14 फरवरी (हि.स)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को यहां कहा कि भारत एवं अमेरिका के बीच हुआ अंतरिम व्यापार समझौता देश की ऊर्जा जरूरतों को भी शामिल करेगा। इससे भारत को कच्चा तेल अधिक प्रतिस्पर्धी दरों पर हासिल करने में मदद मिलेगी।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने यहां भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि इस समझौते में किसानों के सभी हितों को पूरी तरीके से सुरक्षित रखा गया है। गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई है और सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि समझौते के तहत प्रस्तावित 500 अरब डॉलर के व्यापार में कच्चा तेल, एलएनजी और रसोई गैस जैसी भारत की ऊर्जा जरूरतें भी शामिल होंगी।

गोयल ने कहा, “भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था है और इसकी ऊर्जा मांग प्रतिवर्ष लगभग सात प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। आयात बढ़ाने और आपूर्तिकर्ताओं की संख्या अधिक होने से कच्चा तेल अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर प्राप्त किया जा सकेगा।”

उल्‍लेखनीय है कि भारत और अमेरिका ने पिछले हफ्ते एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति की घोषणा की थी। इसके तहत कई वस्तुओं पर आयात शुल्क में कटौती कर द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा दिया जाएगा। इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर शुल्क 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है, जबकि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों और खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक व्यापक शृंखला पर आयात शुल्क खत्म कर देगा या उसमें कटौती करेगा।

अब सेवा तीर्थ में होंगी कैबिनेट बैठकें, नॉर्थ-साउथ ब्लॉक बनेंगे ‘युगे युगेन भारत संग्रहालय’ का हिस्सा: वैष्णव

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नई दिल्ली, 14 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को बताया कि साउथ ब्लॉक में केंद्रीय मंत्रिमंडल की अंतिम बैठक संपन्न हो चुकी है और अब सभी कैबिनेट बैठकें ‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक को ‘युगे युगेन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ का हिस्सा बनाया जाएगा।

वैष्णव ने यहां पत्रकार वार्ता में केंद्रीय कैबिनेट और सीसीए बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संकल्प लिया है कि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को ‘युगे युगेन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जो भारत की हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेगा तथा भावी पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।

उन्होंने कहा कि 13 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ को राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने इसे भारत की ऐतिहासिक गुलामी से ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ते कदम का प्रतीक बताया। साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक का निर्माण अंग्रेजों के काल में हुआ था। स्वतंत्रता के बाद से प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक से संचालित होता रहा। इस परिसर ने देश के 16 प्रधानमंत्रियों के नेतृत्व में लिए गए अनेक ऐतिहासिक निर्णयों को देखा है।

वैष्णव ने कहा कि साउथ ब्लॉक विभाजन, युद्ध, आपातकाल जैसी ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है। यहीं से डिजिटल गवर्नेंस की ओर लंबी छलांग लगी और अनेक महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह भवन अनेक ऐतिहासिक निर्णयों का केंद्र रहा। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), स्वच्छ भारत अभियान, डिजिटल इंडिया और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जैसे व्यापक सुधारों को इसी परिसर से दिशा मिली। साथ ही अनुच्छेद 370 हटाने, तीन तलाक कानून, सर्जिकल स्ट्राइक और अन्य महत्वपूर्ण सुरक्षा निर्णय भी यहीं से लिए गए।

मंत्री ने कहा कि आधुनिक, तकनीक-संपन्न और पर्यावरण-अनुकूल कार्यस्थल की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ‘सेवा तीर्थ’ की स्थापना की गई है, जो कर्मयोगियों की कार्यक्षमता और सेवा भाव को और सुदृढ़ करेगा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शासन के केंद्र को औपनिवेशिक अतीत से ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया।

केंद्र ने रेलवे की तीन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को दी मंजूरी

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नई दिल्ली, 14 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्र सरकार ने रेलवे की 18,509 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली तीन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को शनिवार को मंजूरी प्रदान की। इन परियोजनाओं में कासारा–मनमाड तीसरी और चौथी लाइन, दिल्ली–अंबाला तीसरी और चौथी लाइन तथा बल्लारी–होसपेटे तीसरी और चौथी लाइन शामिल हैं।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को यहां पत्रकार वार्ता में बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने रेल मंत्रालय की तीन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से रेलवे की लाइन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में सुधार होगा। ये परियोजनाएं दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों को कवर करेंगी और भारतीय रेल नेटवर्क में लगभग 389 किलोमीटर की वृद्धि करेंगी। परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 18,509 करोड़ रुपये है और इन्हें वर्ष 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य के दौरान लगभग 265 लाख मानव-दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा।

वैष्णव ने कहा कि ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत एकीकृत योजना और मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। इससे लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी तथा लगभग 3,902 गांवों (करीब 97 लाख आबादी) को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। इन परियोजनाओं से भवली बांध, त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, माता वैष्णो देवी कटरा/श्रीनगर तथा यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हम्पी सहित कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क बेहतर होगा।

मंत्री ने कहा कि ये मार्ग कोयला, इस्पात, लौह अयस्क, सीमेंट, चूना पत्थर/बॉक्साइट, कंटेनर, खाद्यान्न, चीनी, उर्वरक और पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण हैं। क्षमता विस्तार से 96 मिलियन टन प्रति वर्ष अतिरिक्त माल ढुलाई संभव होगी। उन्होंने कहा कि रेलवे पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा दक्ष परिवहन माध्यम है। इन परियोजनाओं से लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी, लगभग 22 करोड़ लीटर तेल आयात में बचत होगी और 111 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी, जो लगभग चार करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।

चुनाव में 60 प्रतिशत मत के साथ पुडुचेरी की सभी 24 सीटें जीतेंगे : अमित शाह

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कारैक्कल, 14 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पुडुचेरी के कारैक्कल में आयोजित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जनसभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि आगामी 2026 विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) 60 प्रतिशत मत हासिल कर पुडुचेरी की सभी 24 सीटें जीतेगा। उन्होंने पुडुचेरी की जनता से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को निरंतर समर्थन देने की अपील की।

जनसभा की शुरुआत करते हुए अमित शाह ने तिरुनल्लार के शनिश्वर भगवान और भद्रकाली अम्मन को नमन किया। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे प्राचीन तमिल भाषा में भाषण न दे पाने के लिए वे क्षमा चाहते हैं। उन्होंने बताया कि उनके इस दौरे के दो प्रमुख उद्देश्य हैं। पहला, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के नेतृत्व वाली सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखना और दूसरा, पूर्ववर्ती शासकों की कार्यशैली को उजागर करना।

उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में पुडुचेरी में कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है और विकास की नई यात्रा शुरू की गई है। वर्ष 2021 के चुनाव में राजग को 44 प्रतिशत मत मिलने का उल्लेख करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि 2026 में यह आंकड़ा 60 प्रतिशत तक पहुंचेगा और गठबंधन सभी 24 सीटों पर विजय प्राप्त करेगा।

कांग्रेस शासनकाल पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार के दौरान पाकिस्तान से आतंकवादी हमले होते रहे और इसे सामान्य घटना की तरह लिया गया। उन्होंने 2019 के पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए शहीद 40 सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में पहली बार पाकिस्तान पर हवाई कार्रवाई की गई।

पुडुचेरी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने राजनीतिक स्थिरता स्थापित की है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी के कार्यकाल में कोई नया उद्योग स्थापित नहीं हुआ, जबकि वर्तमान सरकार के प्रयासों से वस्त्र उद्योग को पुनर्जीवित किया जा रहा है।

जनसभा के अंत में एक बार फिर से अमित शाह ने पुडुचेरी की जनता से अपील की कि वे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को लगातार समर्थन दें और विकास की इस यात्रा को आगे बढ़ाएं।—————–

फिल्म अभिनेता रणवीर सिंह को फिर मिली रंगदारी की धमकी

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मुंबई, 14 फरवरी (हि.स.)। बॉलीवुड फिल्म अभिनेता रणवीर सिंह को फिर से रंगदारी के लिए धमकी भरा ऑडियो क्लिप मैसेज भेजा गया है। इस ऑडियो क्लिप की छानबीन मुंबई पुलिस कर रही है।

इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने शनिवार को बताया कि रणवीर सिंह को तीन मिनट के ऑडियो क्लिप के ज़रिए एक धमकी भरा मैसेज मिला है। शुक्रवार को देर शाम रणवीर सिंह को मिला यह मैसेज बॉक्सर से गैंगस्टर बने हरि चंद जाट उर्फ हैरी बॉक्सर द्वारा भेजा गया बताया जा रहा है। क्लिप में सिंह को धमकी देते हुए सुना जा सकता है कि अगर वे “लाइन में नहीं रहे” और उसकी मांगें पूरी नहीं कीं तो उनकी टीमों को “गंभीर नतीजे” भुगतने होंगे। “क्लिप में उस आदमी ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का वफादार साथी होने का दावा किया है और एक्टर रणवीर सिंह को सबक सिखाने की धमकी दी है।”

मैसेज में कहा गया है कि गैंग को हल्के में लेने पर उन्हें खत्म कर दिया जाएगा। मैसेज में यह भी कहा गया है कि उनके पास फिल्मी हस्तियों के बारे में हर तरह की जानकारी उपलब्ध है। साथ ही ऑडियो क्लिप में पुर्तगाल में एक टेलरिंग की दुकान पर फायरिंग की भी जिम्मेदारी ली गई है। दावा किया कि उसने सुनील मीणा (जो राजस्थान का गैंगस्टर भी है) के साथ मिलकर यह हमला किया था, क्योंकि दुकान का मालिक भारतीय प्रवासी मजदूरों का शोषण कर रहा था ।

पुलिस अधिकारी ने बताया, “हमने वॉयस क्लिप असली है या नहीं, यह पता लगाने के लिए फोरेंसिक साइंस लैब में उसे भेजा है। साथ ही हैरी बॉक्सर की आवाज के सैंपल भी भेजे हैं। उसने पहले भी रणवीर सिंह को धमकी दी थी और उनसे 01 करोड़ रुपये मांगे थे।”

उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत नेताओं ने पुलवामा के बलिदानियों को किया नमन

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नई दिल्ली, 14 फरवरी (हि.स.)।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई नेताओं ने वर्ष 2019 में आज ही के दिन पुलवामा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर नायकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने एक्स पोस्ट में कहा, “मैं पुलवामा आतंकवादी हमले में प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। सुरक्षाकर्मियों का सर्वोच्च बलिदान देश की स्मृति में हमेशा के लिए अंकित रहेगा। उनका बलिदान हर नागरिक को एक मजबूत और सुरक्षित भारत के निर्माण की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करता रहेगा।”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राष्ट्र के प्रति उनकी निष्ठा, दृढ़ संकल्प और सेवा हमारे सामूहिक चेतना में सदा के लिए अंकित रहेगी। प्रत्येक भारतीय उनके अदम्य साहस से प्रेरणा लेता रहेगा।

लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि उनका अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान मातृभूमि की सुरक्षा के प्रति हमारे अटूट संकल्प का अमर प्रतीक है। भारत उनकी शौर्यगाथा को स्मरण करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर दृढ़ है और राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा एवं सम्मान की रक्षा के लिए पूर्णतः संकल्पित है।

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है और भारत इसके समूल नाश के लिए दृढ़ संकल्पित है। आतंकवाद का सामना करने वाले हमारे सुरक्षा बलों एवं सुरक्षा एजेंसियों के साहस, समर्पण और बलिदान का देश सदैव ऋणी रहेगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उनका बलिदान हमारे देश के लिए आतंकवाद से उत्पन्न गंभीर खतरों की याद दिलाता है। भारत आतंकवाद के सभी रूपों से लड़ने और उसे जड़ से खत्म करने के अपने संकल्प पर अडिग है। हमारी सरकार भारत को सुरक्षित और संरक्षित बनाने के अपने सामूहिक संकल्प को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भारत माता की रक्षा में वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान के लिए देश सदैव उनका ऋणी रहेगा।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि भारत अपने वीर पुत्रों को सलाम करता है। हम सब एकजुट होकर उनकी स्मृति में खड़े हैं और उनके बलिदान के लिए सदा ऋणी रहेंगे।

विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा कि उनके बलिदान ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की हमारी नीति को और मजबूत किया है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले में शहीद मां भारती के वीर जवानों को और उनके शौर्य एवं बलिदान को कोटि-कोटि नमन।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राष्ट्र के प्रति उनका अदम्य साहस और अटूट निष्ठा हमारी सामूहिक स्मृति में सदा अंकित रहेगी। उनका सर्वोच्च बलिदान अमर रहेगा। हम उन्हें कभी नहीं भूलेंगे।

कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान, अटूट साहस और कर्तव्यनिष्ठा सदैव राष्ट्र को प्रेरित करती रहेगी। हम उनकी वीरता को नमन करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपने संकल्प को दोहराते हैं।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि आज का भारत स्पष्ट संदेश देता है, आतंक और आतंकवादियों के लिए विश्व में कहीं भी कोई सुरक्षित स्थान नहीं होना चाहिए और जो हम पर आँख उठाएगा उसका उसकी ज़मीन, उसके घर पर जाकर न्याय किया जाएगा।

“संस्कारों की जड़ें अगर कमज़ोर हो जाएं, तो इंसान ऊंचाइयों पर पहुँचकर भी ‘बौना’ ही कहलाता है!”

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राज्यसभा में भाजपा सांसद राधा मोहनदास अग्रवाल ने एक ऐसी कड़वी सच्चाई पेश की है, जिसने विकास और तरक्की के बड़े-बड़े दावों की कलई खोलकर रख दी है। यह मुद्दा उन साढ़े तीन करोड़ भारतीयों का है जो सरहदों के पार सुनहरे भविष्य की तलाश में गए, लेकिन पीछे उन आँखों को धुंधला छोड़ गए जिन्होंने उन्हें इस काबिल बनाया था। विडंबना देखिए, जिन मां-बाप ने अपना पेट काटकर, अपनी पुश्तैनी ज़मीनें बेचकर और अपनी हर खुशी कुर्बान कर बच्चों को सात समंदर पार भेजा, आज वही बच्चे उनकी मौत पर कंधा देने तक को तैयार नहीं हैं।

सांसद ने सदन को इंदौर और दिल्ली की उन रूह कंपा देने वाली घटनाओं से रूबरू कराया, जहाँ विदेश में बैठे बच्चों के इंतज़ार में मां-बाप की लाशें हफ्तों तक घर में सड़ती रहीं। यह महज़ एक घटना नहीं, बल्कि उस आधुनिक सभ्यता का काला सच है जहाँ शुरू में तो बच्चे मां-बाप को अपनी ज़रूरत के लिए विदेश बुलाते हैं, लेकिन वक्त बीतने के साथ वही जन्मदाता उनके लिए एक ‘बोझ’ बन जाते हैं। 2007 का मौजूदा कानून अब बेअसर साबित हो रहा है, क्योंकि कानून की दलीलों से ज़्यादा ज़रूरी अब ज़मीर की अदालत में हिसाब करना है।

इसीलिए, राज्यसभा में एक कड़े समाधान का प्रस्ताव रखा गया है। सुझाव है कि अब विदेश जाने वाले हर युवा से एक शपथ-पत्र (Affidavit) लिया जाए, जो यह सुनिश्चित करे कि वह अपने माता-पिता के स्वास्थ्य, उनकी देखभाल और उनके सम्मान की पूरी ज़िम्मेदारी उठाएगा। इतना ही नहीं, हर 6 महीने में एक ‘ज़िम्मेदारी पूर्ति प्रमाण-पत्र’ देना अनिवार्य हो, और अगर कोई औलाद अपने इस कर्तव्य में फेल होती है, तो भारत सरकार के पास उसका पासपोर्ट रद्द कर उसे तुरंत वापस बुलाने का अधिकार होना चाहिए।

यह लड़ाई सिर्फ एक कानून की नहीं है, बल्कि उन बूढ़ी आँखों के सम्मान की है जिन्हें हमने तरक्की की अंधी दौड़ में लावारिस छोड़ दिया है। क्या वाकई हमें ऐसी शिक्षा और ऐसी सफलता चाहिए जो हमें इंसान से पत्थर बना दे?

“क्या आपको लगता है कि अब ‘कानून का डंडा’ ही ऐसी निर्दयी औलादों को सुधार सकता है? क्या अपनी जिम्मेदारी से भागने वाले ऐसे बच्चों का पासपोर्ट रद्द करना एक सही कदम होगा? अपनी राय कमेंट्स में पूरी बेबाकी से साझा करें

गलत जांच रिपोर्ट लगाने वालों पर दर्ज हो एफआईआर : मुख्यमंत्री

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पीड़ितों की सहायता में लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य : सीएम योगी

जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं, समयबद्ध व निष्पक्ष निस्तारण के दिए निर्देश

गोरखपुर, 14 फरवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी मामले में जांच के दौरान यदि गलत रिपोर्ट लगाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। हर मामले की निष्पक्ष जांच करके ही उसका निस्तारण होना चाहिए। किसी भी प्रकरण में लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य होगी।

सीएम योगी ने शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनते हुए ये निर्देश प्रशासन व पुलिस के अफसरों को दिए। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का वह प्रभावी निस्तारण कराएंगे। उन्होंने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें।

जनता दर्शन में कुछ मामले ऐसे भी आए थे, जिनमें यह शिकायत की गई कि प्रकरण में गलत रिपोर्ट लगा दी गई है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पता लगाकर गलत रिपोर्ट लगाने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की मदद में शिथिलता या लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए। जनता की समस्याओं के समाधान में किसी तरह की हीलाहवाली हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। किसी पीड़ित की समस्या के समाधान में अगर कहीं भी कोई दिक्कत आ रही है तो उसका पता लगाकर निराकरण कराया जाए और किसी स्तर पर जानबूझ कर प्रकरण को लंबित रखा गया है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर विधिसम्मत कठोर कदम उठाने का निर्देश दिया।

इस बार भी जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया पूर्ण कराकर शासन को उपलब्ध करा दें। इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद की जाएगी। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों पर सीएम योगी ने अपना स्नेह बरसाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को दुलारा, उन्हें चॉकलेट दी और खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।

मंदिर की गोशाला में सीएम ने की गोसेवा
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर उन्होंने गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से अपने हाथों से गुड़ खिलाया।