रालोद अकेले लड़ेगी जिला पंचायत चुनाव− त्रिलोकी त्यागी

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2027 में बनवाएंगे भाजपा की सरकार: त्रिलोकी त्यागी

2027 में बनवाएंगे भाजपा की सरकार: झांसी, 15 फ़रवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय संगठन मंत्री त्रिलोकी त्यागी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हाेने वाले जिला पंचायत का चुनाव राष्ट्रीय लोक दल पार्टी अकेले अपने दम पर लड़ेगी और अपने पार्टी के उम्मीदवाराें काे मैदान में उतरेगी।

राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय संगठन मंत्री त्रिलोकी त्यागी रविवार को झांसी के एक स्थानीय होटल में आयोजित मंडलीय कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद पत्रकाराें से वार्ता कर रहे थे। राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोकी त्यागी ने अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं ओर पदाधिकारियों में आगामी जिला पंचायत चुनाव में जोर शोर से तैयारी पूरी करने को कहा। उन्हाेंने कहा कि रालाेद उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत का चुनाव अकेले लड़ेगी। उन्हाेंने स्पष्ट किया कि रालाेद 2027 के विधानसभा चुनाव में मजबूती के साथ भाजपा की सरकार बनाने का कार्य करेगी। रालाेद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री त्रिलोकी त्यागी ने पत्रकारों से कहा कि पिछले तीन माह से उत्तर प्रदेश में अलग अलग जिलों में उनकी पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित हो रहे हैं। आज झांसी में था और अगला सम्मेलन गोरखपुर में होगा।

उन्होंने कहा कि सम्मेलन के माध्यम से कार्यकर्ताओं में आगामी जिला पंचायत चुनाव की तैयारी ओर विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत दिलाने की तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन के माध्यम से कार्यकर्ताओं जिलाध्यक्षों को मजबूत किया जा रहा है। गठबंधन वाले सवाल पर उन्होंने कहा कि मोदी 32 राज्य के प्रधानमंत्री है, अटलजी 23 और मनमोहन सिंह 26 राज्यों के प्रधानमंत्री थे। उन्होंने कहा इस समय भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है। गठबंधन का दौर चल रहा है, बिना गठबंधन के कुछ भी संभव नहीं। इसलिए उत्तर प्रदेश की सरकार भी पांच दलों से चल रही है। उन्होंने कहा कि पिछली बार लोकसभा चुनाव में पूर्वांचल, बुंदेलखंड में भाजपा की सीट कम आई थी, लेकिन इस बार बुंदेलखंड पर हमारी पार्टी काफी अच्छा प्रदर्शन करेगी। अपने पार्टी के कार्यकर्ता पदाधिकारियों को मजबूत सशक्त बनाकर एनडीए को उत्तर प्रदेश में मजबूरी से जीत दिलाएंगे। जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी का योगदान रहेगा।

पत्रकार वार्ता के दौरान राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय और जिलाध्यक्ष बृजमोहन यादव पिपरा भी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में चलेगा राज्यव्यापी सत्यापन अभियान

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अवैध व संदिग्ध तत्वों पर हाेगी कार्रवाई्

देहरादून, 15 फरवरी (हि.स.)। उत्तराखंड पुलिस ने राज्यभर में व्यापक सत्यापन अभियान शुरू किया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ ने जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सर्किल, थाना और चौकी स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाए।

रविवार शाम काे पुलिस मुख्यालय से जारी एक बयान जारी कर बताया कि अभियान के तहत मल्टी-स्टोरी अपार्टमेंट, किराये के मकान, फ्लैट, पीजी, होम-स्टे, होटल, गेस्ट हाउस, आश्रम और धर्मशालाओं में रह रहे लोगों का सत्यापन किया जाएगा। प्रॉपर्टी डीलर, रियल एस्टेट एजेंट और ब्रोकरों की ओर से किए गए किरायेदारी अनुबंधों की भी जांच होगी। बिना पुलिस सत्यापन किरायेदारी कराने या संदिग्ध व्यक्तियों को आश्रय देने पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने बताया कि होम डिलीवरी सेवाओं, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी एजेंटों, सुरक्षा एजेंसियों के कर्मियों, कैब चालकों और औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत ठेकेदारों का विशेष सत्यापन कराया जाएगा। इसके साथ ही अमेज़ॅन, ज़ोमैटो

और ब्लिंकिट सहित विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े कर्मियों की पहचान और रिकॉर्ड की जांच को प्राथमिकता दी जाएगी।

अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीकी संसाधनों और केंद्रीय डाटाबेस का उपयोग किया जाएगा। राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड, अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क और सिस्टम और अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली

जैसे पोर्टलों के माध्यम से सूचना का मिलान किया जाएगा।

पुलिस ने कहा है कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, घुसपैठियों, बांग्लादेशी नागरिकों और वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी ठहरे व्यक्तियों की पहचान कर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा, रिहायशी क्षेत्रों, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कोचिंग संस्थानों, जिम, स्कूलों, विश्वविद्यालयों और अन्य प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और कार्यशीलता की जांच की जाएगी। सुरक्षा कर्मियों का चरित्र सत्यापन कर आवश्यक ब्रीफिंग भी दी जाएगी।

इस अभियान में जनपदीय पुलिस, स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू), एसओजी और एसटीएफ संयुक्त रूप से कार्य अभियान संचालित करेंगी। प्रत्येक थाना स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया गया है और अधिकारियों को नियमित समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं।

डीजीपी ने बताया कि अभियान का उद्देश्य महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा प्रदेश में भयमुक्त वातावरण बनाए रखना है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता अप्रैल में लागू होने की संभावना

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नई दिल्‍ली, 15 फरवरी (हि.स)। भारत और ब्रिटेन के बीच जुलाई, 2025 में हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौता (सीईटीए) के इस साल अप्रैल में लागू होने की प्रबल संभावना है। इसके तहत भारतीय निर्यातकों को यूके में 99 फीसदी उत्पादों पर (शून्य शुल्क यानी शुल्क मुक्त) पहुंच मिलेगी, जबकि कारों और व्हिस्की पर शुल्क कम होगा।

आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को दी गई जानकारी में बताया कि दोनों देश इसे अंतिम रूप देने के लिए काम कर रहे हैं। एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले साल जुलाई में हुए भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता इस साल अप्रैल में लागू होने की संभावना है। हालांकि, इस समझौते पर ब्रिटिश संसद की मुहर लगना अभी बाकी है।

अधिकारी ने बताया, ”हमें इस समझौते के अप्रैल में लागू होने की उम्मीद है।” दोनों देशों ने दोहरा अंशदान संधि (डीसीसी) पर भी हस्ताक्षर किए हैं, ताकि अस्थायी कर्मचारी किसी भी देश में दो बार सामाजिक कर न दें। अधिकारी ने बताया कि दोनों समझौते एक साथ लागू किए जा सकते हैं।

उल्‍लेखनीय है कि भारत और ब्रिटेन ने 24 जुलाई, 2025 को वृहद आर्थिक और व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत भारत के 99 फीसदी उत्पाद यूके में बिना शुल्क के भेजे जा सकेंगे, जबकि भारत में ब्रिटेन से आने वाली कारों और व्हिस्की पर कम शुल्क लगेगा।

सर्राफा बाजार में आज कोई बदलाव नहीं

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शनिवार के भाव पर ही कारोबार करते रहे सोना और चांदी

नई दिल्ली, 15 फ़रवरी (हि.स.)। घरेलू सर्राफा बाजार में आज महाशिवरात्रि के दिन कोई बदलाव नहीं हुआ है। सोना और चांदी दोनों आज दिनभर शनिवार के भाव पर ही कारोबार करते रहे। भाव में बदलाव नहीं होने के कारण देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज भी 1,57,750 रुपये से लेकर 1,57,900 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता रहा। इसी तरह 22 कैरेट सोना भी आज शनिवार के भाव पर ही यानी 1,44,600 रुपये से लेकर 1,44,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिकता रहा। चांदी के भाव में भी कोई परिवर्तन नहीं होने के कारण ये चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में आज भी 2,75,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर ही बिक रही है।

दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,57,900 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,44,750 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,57,750 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,44,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,57,800 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,44,650 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।

इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,57,750 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,44,600 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। वहीं, कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,57,750 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,44,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। भोपाल में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,57,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,44,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,57,900 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,44,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,57,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,44,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,57,900 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,44,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,57,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,44,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

आईटी सेक्टर के दबाव में साप्ताहिक आधार पर गिरावट में बंद हुआ शेयर बाजार

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नई दिल्ली, 15 फ़रवरी (हि.स.)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर बनी चिंता की वजह से आईटी सेक्टर के शेयरों में हुई जोरदार बिकवाली ने घरेलू शेयर बाजार के पिछले सप्ताह के कारोबार पर काफी प्रतिकूल असर डाला। सोमवार से शुक्रवार तक के कारोबार के बाद सेंसेक्स साप्ताहिक आधार पर 953.64 अंक यानी 1.14 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 82,626.76 अंक के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी ने 222.60 अंक यानी 0.86 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,471.10 अंक के स्तर पर पिछले सप्ताह के कारोबार का अंत किया।

13 फरवरी को खत्म हुए कारोबारी सप्ताह के दौरान बीएसई का लार्ज कैप इंडेक्स 0.60 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ। इस इंडेक्स में शामिल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आयशर मोटर्स, लेंसकार्ट सॉल्यूशंस, टाटा मोटर्स, संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल, स्विगी, इंडस टावर्स, अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइजेज और श्रीराम फाइनेंस के शेयर टॉप गेनर्स की सूची में शामिल हुए। दूसरी ओर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एचसीएल टेक्नोलॉजीज, अदानी पावर, विप्रो, इंफोसिस, एलटीआई माइंडट्री, कोल इंडिया, डीएलएफ और टेक महिंद्रा के शेयर टॉप लूजर्स की सूची में शामिल हुए।

इसी तरह बीएसई का मिडकैप इंडेक्स सोमवार से शुक्रवार तक के हुए कारोबार के बाद 0.40 प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट के साथ बंद हुआ। इस इंडेक्स में शामिल लिंडे इंडिया, कल्याण ज्वेलर्स इंडिया, क्रॉम्प्टन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल, भारत फोर्ज, ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ इंडिया और एस्ट्रल के शेयर टॉप गेनर्स की सूची में शामिल हुए। दूसरी ओर, एलटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज, कोफोर्ज, केपीआईटी टेक्नोलॉजीज, ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज सॉफ्टवेयर, हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज, टाटा एलक्सी और ऑयल इंडिया लिमिटेड के शेयर टॉप लूजर्स की सूची में शामिल हुए।

लार्ज कैप और मिडकैप के विपरीत बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स पिछले सप्ताह के कारोबार में 0.80 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद होने में सफल रहा। इस इंडेक्स में शामिल जीई पावर इंडिया, अवंती फीड्स, ब्लू क्लाउड सॉफ्टेक सॉल्यूशंस, जेआईटीएफ इंफ्रा लॉजिस्टिक्स, एसएमएल महिंद्रा, सप्लाई चेन सॉल्यूशंस, इंटरप्लांट सिस्टम्स और लूमैक्स इंडस्ट्रीज के शेयर साप्ताहिक आधार पर 25 से 46 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुए। दूसरी ओर, स्पाइसजेट, सफारी इंडस्ट्रीज इंडिया, इकॉज इंडिया मोबिलिटी एंड हॉस्पिटैलिटी, पर्ल ग्लोबल इंडस्ट्रीज, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर, एचएलई ग्लासकोट, फूड्स एंड इन्स, ज्योति रेजिंस एंड एढेसिव्स, कार ट्रेड टेक और मैस्टेक के शेयर साप्ताहिक आधार पर 13 से 23 प्रतिशत तक की गिरावट के साथ बंद हुए।

सेक्टोरल परफॉर्मेंस की बात करें तो पिछले सप्ताह के कारोबार में टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में जम कर बिकवाली होती रही। निफ्टी का आईटी इंडेक्स साप्ताहिक आधार पर 8 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट का शिकार हो गया। इसी तरह निफ्टी के एनर्जी, ऑयल एंड गैस और एफएमसीजी इंडेक्स लगभग दो प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट के साथ बंद हुए।

दूसरी ओर, सोमवार से शुक्रवार के कारोबार में निफ्टी का मीडिया इंडेक्स पांच प्रतिशत की तेजी हासिल करने में सफल रहा। इसी तरह निफ्टी के पीएसयू बैंक, डिफेंस और कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडेक्स में साप्ताहिक आधार पर तीन प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी का ऑटोमोबाइल इंडेक्स साप्ताहिक आधार पर दो प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी का फार्मास्यूटिकल इंडेक्स साप्ताहिक आधार पर एक प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद होने में सफल रहा।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील ऊर्जा-सुरक्षा और किसानों के साथ खिलवाड़ : पायलट

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जयपुर, 15 फ़रवरी (हि.स.)। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह डील देश की ऊर्जा-सुरक्षा, किसानों, छोटे एवं मध्यम व्यापारियों और युवाओं के हितों के खिलाफ है तथा इसके दूरगामी परिणाम गंभीर होंगे।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित महिला कांग्रेस की बैठक में शामिल होने से पूर्व पत्रकारों से बातचीत में पायलट ने कहा कि इस समझौते से विशेष रूप से कपास और सोयाबीन उत्पादक किसानों को नुकसान होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर छोटे व्यापारियों, नौजवानों और दुग्ध उत्पादकों के भविष्य को दांव पर लगा दिया है।

पायलट ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ हुई ट्रेड डील पूरी तरह व्यापारिक समझौता थी, लेकिन अमेरिका के साथ हुआ समझौता दबाव में किया गया प्रतीत होता है।

उन्होंने कहा कि पहले अमेरिका द्वारा भारत पर तीन से पांच प्रतिशत टैरिफ लगाया जाता था, जिसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक कर दिया गया और अब उसे 18 प्रतिशत करने को उपलब्धि बताया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि लगभग 500 अरब डॉलर के व्यापार समझौते में क्या खरीदा जाएगा और किस कीमत पर खरीदा जाएगा, इस पर स्पष्टता नहीं है।

ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर पायलट ने कहा कि यह पहली बार है जब भारत जैसे ताकतवर देश की ऊर्जा-सुरक्षा से समझौता किया गया है।

उन्होंने सवाल उठाया कि कोई दूसरा देश यह कैसे तय कर सकता है कि भारत को तेल कहां से खरीदना है और कहां से नहीं। रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर सरकार में स्पष्टता नहीं है और मंत्रीगण एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद के अंदर और बाहर इन मुद्दों को लगातार उठाया है, लेकिन सरकार के पास उनके सवालों का ठोस जवाब नहीं है। पायलट ने जनता से इन विषयों पर जागरूक और सतर्क रहने की अपील की।

सात समंदर पार माॅस्काे में 20 को होगी रामलीला

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रुसी कलाकार निभाएंगे श्री राम व सीता की भूमिका

एवगेनी बनेंगे राम, दारिया निभाएंगी सीता का किरदार, मुरात लक्ष्मण और दिमित्री बनेंगे हनुमान

अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दीपोत्सव से रूस के कलाकारों को मिली प्रेरणा

लखनऊ, 15 फरवरी (हि.स.)। अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राममंदिर से जुड़े विकास कार्यों और दीपोत्सव समेत किए जा रहे अभूतपूर्व आयोजनों की ख्याति अब सात समंदर पार तक पहुंच रही है। योगी सरकार के सांस्कृतिक विजन और अयोध्या में हुए आध्यात्मिक नवजागरण से प्रेरित होकर रूस की राजधानी मॉस्को में 20 फरवरी को रामलीला का आयोजन किया जाएगा।

रूस में भारत के दूतावास और जवाहरलाल नेहरू सांस्कृतिक केंद्र (जेएनसीसी) के सहयोग से होने वाली इस रामलीला में रूस के कलाकार प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। लीला में राम की भूमिका में एवगेनी, सीता के रूप में दारिया, लक्ष्मण के रूप में मुरात और हनुमान के रूप में दिमित्री मंच पर भारतीय आस्था की सजीव प्रस्तुति देंगे। यह रामलीला अयोध्या में विगत दिनों हुए दीपोत्सव से प्रेरणा लेकर दिव्य और भव्य रूप में आयोजित की जा रही है। इसे भारत-रूस सांस्कृतिक संबंधों के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।

रूसी दर्शकों में विशेष उत्सुकता

रूसी-भारतीय मैत्री संस्था ‘दिशा’ इस आयोजन की मुख्य संचालक है। डॉ. रामेश्वर सिंह के नेतृत्व में यह संस्था वर्षों से नाट्य प्रस्तुतियों, सांस्कृतिक उत्सवों और शैक्षिक पहल के जरिए भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक सेतु का निर्माण कर रही है। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सत्य, मर्यादा और आदर्श जीवन का सार्वभौमिक संदेश है। यही वजह है कि रूसी दर्शकों में भी इसके प्रति विशेष उत्सुकता देखी जा रही है।

अयोध्या के दीपोत्सव की भव्यता से मिली प्रेरणा

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से अयोध्या का दीपोत्सव वैश्विक पहचान बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लाखों दीपों से जगमगाती अयोध्या की तस्वीरों ने दुनियाभर के सांस्कृतिक संगठनों और कलाकारों को प्रभावित किया है। योगी सरकार ने रूस के कलाकारों की टीम को अयोध्या दीपोत्सव में मंच प्रदान किया। यह टीम रामलीला प्रस्तुत कर पहले ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी है। अयोध्या की आध्यात्मिक आभा और आयोजन की भव्यता देखकर रूस से यहां आए आयोजक और कलाकार इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने मॉस्को में भी उसी भाव को साकार करने का निर्णय लिया।

दोनों देशों के बीच भावनात्मक जुड़ाव

भारत-रूस सांस्कृतिक संबंधों में रामलीला की परंपरा का इतिहास भी उल्लेखनीय रहा है। 1960 के दशक में सोवियत अभिनेता पद्मश्री गेनादी मिखाइलोविच पेचनिकोव ने मॉस्को में रामलीला का मंचन कर दोनों देशों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को नई ऊंचाई दी थी। यह पहल दोनों देशों के लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

अयोध्या की प्रेरणा से मॉस्को की रामलीला

आयोजन के नेतृत्वकर्ता रामेश्वर सिंह ने बताया कि रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार के विशेष सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शुरू किया गया दीपोत्सव और सांस्कृतिक नवजागरण अब वैश्विक प्रभाव दिखा रहा है। मॉस्को की रामलीला अयोध्या की प्रेरणा से आयोजित की जा रही है।

20 फरवरी को भाव-विभोर होगा रूस

मॉस्को में 20 फरवरी को होने वाली रामलीला के लिए भव्य मंच सज्जा, पारंपरिक वेशभूषा और संगीत की विशेष तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रूसी नागरिक, भारतीय समुदाय और सांस्कृतिक जगत की हस्तियां शामिल होंगी। जब मंच पर श्रीराम की लीला सजीव होगी तो पूरा वातावरण भारतीय संस्कृति की भक्ति, मर्यादा और आदर्शों से सराबोर नजर आएगा। यह आयोजन नाट्य प्रस्तुतियों, उत्सवों और शैक्षिक पहल के माध्यम से दोनों देशों की एकता की सशक्त मिसाल पेश करेगा।

#माॅस्काे_में_रामलीला, #रुसी बनेगें_राम_सीता

‘विशिष्ट’ को ‘अपशिष्ट’ प्रमाणित करती एपस्टीन फ़ाइल्स                                                                      

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तनवीर जाफ़री

 इन दिनों जेफरी एपस्टीन फ़ाइल्स के रहस्योद्घाटनों ने पूरी दुनिया में हलचल मचाकर रख दी है।  पिछले दिनों अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा 30 लाख से भी अधिक पृष्ठों की नई  फ़ाइल्सआने के बाद दुनिया के कई हाई-प्रोफ़ाइल लोगों के नाम उजागर हुये। अमेरिका का रहने वाला जेफ़री एपस्टीन व उसके माता-पिता यहूदी परिवार से थे। 20 जनवरी 1953 को ब्रुकलिन न्यूयॉर्क, में  जन्मे एपस्टीन की मृत्यु  2019 में बड़े ही रहस्य्मयी ढंग से जेल में हुई थी। हालांकि उसकी मौत को अधिकारिक रूप से आत्महत्या घोषित किया गया था। परन्तु चूँकि उसकी मौत के दिन जेल के कैमरे ख़राब पाये गये और गार्ड्स भी उस समय सोए हुये थे। इसलिए एपस्टीन की हत्या का भी संदेह व्यक्त किया जाता है। हत्या की थ्योरी इसलिये भी रची जा रही है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि एपस्टीन के पास दुनिया की स्वयंभू ” विशिष्ट हस्तियों ” की दरिन्दिगी व काले कारनामों के ऐसे सुबूत थे जो उनके चेहरों को बेनक़ाब कर सकते थे।  जेफ़री एपस्टीन के पास फ़्लोरिडा , न्यू मैक्सिको, पेरिस और कैरिबियन के यू.एस. वर्जिन आइलैंड्स में प्राइवेट द्वीप जैसी कई संपत्तियां थीं। उस पर नाबालिग़ लड़कियों का यौन शोषण और तस्करी करने,नाबालिग़ लड़कियों से सेक्स करने,अपने ‘विशिष्ट ‘ अतिथियों को सेक्स हेतु नाबालिग़ लड़कियां परोसने यहाँ तक कि सेक्स के बाद उनकी हत्या करने जैसे संगीन आरोप थे। 

                      अमीर यहूदी फ़ाइनेंसर एपस्टीन, सैकड़ों नाबालिग़ लड़कियों जिनमें अधिकांश 11 से 17 वर्ष आयु की होती थीं,को अपने घरों, प्राइवेट आइलैंड और प्राइवेट जेट पर लाकर उनका वहशी की तरह यौन शोषण किया करता था। वह लड़कियों को “मसाज” के बहाने बुलाता, पैसे देता, फिर उन्हें सेक्स के लिए मजबूर करता था। एपस्टीन को किशोरावस्था की शुरुआती उम्र वाली लड़कियों के साथ सैक्स करने में विशेष दिलचस्पी थी। उसने स्वयं यह स्वीकारोक्ति की थी कि उसे “रोज़ाना  कम से कम तीन बार सेक्स चाहिए” और उसे युवा शरीर ही पसंद है। लड़कियों को “ख़रीदना” उसे गॉड जैसा एहसास दिलाता था। वह ग़रीब लड़कियों को पैसे, गिफ़्टस आदि देकर कंट्रोल किया करता था। उसकी पार्टनर घिस्लेन मैक्सवेल  जोकि इस समय जेल में है वही एपस्टीन की हवस पूरी करने के लिये लड़कियों को भर्ती करती थी।  ख़बरों के अनुसार घिस्लेन के पिता रॉबर्ट मैक्सवेल इस्राईली इंटेलिजेंस, मोसाद से जुड़े थे। और मोसाद के इशारे पर ही एपस्टीन दुनिया की प्रमुख हस्तियों को निशाना बनाकर “हनीट्रैप” रैकेट चलाता था। एपस्टीन की शिकार ज़्यादातर लड़कियां ग़रीब,मजबूर व कमज़ोर परिवारिक पृष्ठभूमि से होती थीं।  इनमें कई पीड़िताएँ आज भी ज़िंदा हैं और कोर्ट में बयान दे चुकी हैं। एपस्टीन को 2008 में फ़्लोरिडा में दोषी क़रार दिया गया था। परन्तु कहा जाता है कि उसके धनबल की वजह से उसे उस समय कम सज़ा मिली। 2019 में सेक्स ट्रैफ़िकिंग के आरोप में उसे फिर गिरफ़्तार किया गया। अदालत में उसके विरुद्ध 100 से भी अधिक पीड़िताओं ने गवाही दी। इन्हीं दस्तावेज़ों व फ़ोटोज़ के आधार पर उसे इसी क्लासिक चाइल्ड सेक्स ट्रैफ़िकिंग के केस में फिर सज़ा सुनाई गयी। और 2019 में ही बड़े ही रहस्य्मयी ढंग से जेल में उसकी मौत भी हो गयी। 

                     अब दुनिया में कोहराम इस बात को लेकर मचा हुआ है कि आख़िर इतने बड़े अपराधी तथा मानवता के दुश्मन दुश्चरित्र व्यक्ति के साथ दुनिया के स्वयंभू विशिष्ट लोगों के संबंध की वजह क्या थी ? आख़िर क्यों दुनिया के जाने माने लोग एपस्टीन के अलग अलग द्वीप पर जाया करते थे ? इस समय पूरी दुनिया को अपनी उंगलियों पर नचाने की कोशिश करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फ़्लाइट लॉग्स में 1990 के दशक में कई बार नाम आया। ब्लैक बुक में उनके नाम की प्रविष्टि पाई गयी। इसी तरह पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति  बिल क्लिंटन का भी कई  फ़्लाइट्स में नाम आया और वे एपस्टीन की पार्टनर घिस्लेन मैक्सवेल  के साथ कई फ़ोटो में भी नज़र आये। ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस,प्रिंस एंड्रयू का नाम तो सबसे सबसे ज़्यादा विवादास्पद रहा। यौन शोषण के आरोप में एक दो नहीं बल्कि सैकड़ों बार उनका नाम आया। इसी तरह इस्राईल के पूर्व प्रधानमंत्री एहुद बाराक की एपस्टीन से  नियमित मुलाक़ातें और संपर्क की चर्चा है। वहीँ स्पेन के पूर्व प्रधानमंत्री जोस मारिया आजनार का नाम भी पैकेज और ट्रैवल रिकॉर्ड्स में कई बार आया है। ब्रिटेन के पूर्व मंत्री और राजदूत पीटर मंडेलसन, पूर्व न्यू मैक्सिको गवर्नर बिल रिचर्डसन, कोलंबिया के पूर्व राष्ट्रपति एंड्रेस पास्त्राना अरंगो जैसे राजनेताओं के नाम भी एपस्टीन फ़ाइल्स में किसी न किसी रूप में शामिल हैं। 

                    उद्योग व फ़िल्म जगत की विश्वप्रसिद्ध हस्तियां भी एपस्टीन फ़ाइल्स से अछूती नहीं रहीं। एलन स्पेस एक्स के संस्थापक, सीईओ और मुख्य डिज़ाइनर,टेक बिलेनियर एलन मस्क,माइक्रोसॉफ़्ट को-फ़ाउंडर बिल गेट्स, वर्जिन ग्रुप के फ़ाउंडर रिचर्ड ब्रैनसन,पूर्व अमेरिकी ट्रेज़री सेक्रेटरी लैरी समर्स, फ़िल्म डायरेक्टर वुडी एलन,सिंगर माइकल जैक्सन, रोलिंग स्टोन्स के फ्रंटमैन मिक जैगर, तथा अभिनेता के विन स्पेसी जैसे अनेक लोगों के नाम किसी न किसी रूप में एपस्टीन फ़ाइल्स के रहस्योद्घाटनों में शामिल हैं। किसी के नाम फ़्लाइट्स  लॉग्स में सामने आये तो किसी के लंबे समय तक एपस्टीन के संपर्क में रहने की बात सामने आयी।  किसी के संदेशों और द्वीप भ्रमण करने का ज़िक्र आया तो किसे का एपस्टीन से पुराना सम्बन्ध निकला। एपस्टीन का किसी के साथ फ़्लाइट्स में नाम आया तो किसी का जेफ़री एपस्टीन के डिनर्स में शामिल होने पर नाम आया। कोई फ़ोटो में नज़र आया तो किसी को ई मेल भेजे व प्राप्त किये गये।

                   एपस्टीन फ़ाइल्स का व्यापक प्रभाव यह हुआ की इसमें नाम आने के बाद ब्रिटेन के शाही परिवार के पूर्व प्रिंस एंड्रयू की सभी सैन्य उपाधियां छीन ली गईं। उन्हें सार्वजनिक पदों व कर्तव्यों से हटाया गया। इतना ही नहीं बल्कि बाद में उन्हें शाही आवास विंडसर कैसल से बाहर भी निकाल दिया गया। अब वे खुद को ‘प्रिंस’ नहीं कह सकते। इसी तरह अनेक लोगों को अपने पदों से या तो इस्तीफ़ा देना पड़ा या पद छोड़ना पड़ा। ज़ाहिर है स्वयं को विशिष्ट बताने वाले व दुनिया की आँखों में धूल झोंककर स्वयं को सफ़ेदपोश साबित करने वाले मोसाद के जाल में फंस चुके लोग जेफ़री एपस्टीन जैसे दुर्दांत कुकर्मी से अपने संबंधों को छुपाने की कोशिश में तो ज़रूर लगे हैं। परन्तु यह भी सच है कि जेफ़री एपस्टीन फ़ाइल्स ने अनेक तथाकथित स्वयंभू ‘विशिष्ट’ लोगों को ‘अपशिष्ट’ भी प्रमाणित कर दिया है।                                                     

    तनवीर जाफ़री

पलवल:छांयसा में पीलिया से सात मौतों के बाद प्रशासन सतर्क

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उपायुक्त ने किया दौरा

पलवल, 15 फ़रवरी (हि.स.)। गांव छांयसा में पीलिया सहित अन्य कारणों से हुई सात लोगों की मौत के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। रविवार को उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ग्रामीणों की स्वास्थ्य सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा संक्रमण को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

उपायुक्त ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर बीमारी और उपचार से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिए। जिन अस्पतालों में उपचार हुआ, वहां से भी पूरा ब्यौरा मांगा गया है ताकि मौतों के वास्तविक कारणों का सही आकलन किया जा सके। नूंह, फरीदाबाद और गुरुग्राम के अस्पतालों से समन्वय स्थापित कर रोग के स्रोत और फैलाव की जांच की जा रही है। गांव में लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां लोगों की जांच, परामर्श और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक सैकड़ों ग्रामीणों की जांच की जा चुकी है।

जांच में हेपेटाइटिस बी और सी के कुछ मामले सामने आए हैं, जबकि अन्य संक्रामक रोगों की जांच में राहत मिली है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित परिवारों की श्रृंखलाबद्ध जांच कर संक्रमण की कड़ी तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पानी के नमूनों की जांच में कुछ स्थानों पर जीवाणु पाए गए हैं, जिससे जल स्रोतों के दूषित होने की पुष्टि हुई है। प्रशासन ने गांव में बड़ी संख्या में क्लोरीन की गोलियां वितरित की हैं तथा स्वच्छ पेयजल और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। प्रतिदिन छिड़काव और स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।

उपायुक्त ने ग्रामीणों से अपील की कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सावधानी बरतें। केवल पंजीकृत चिकित्सक से ही उपचार कराएं और एक बार प्रयोग होने वाली सुई का दोबारा उपयोग न होने दें। बुखार, उल्टी, पेट दर्द या पीलिया जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराएं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त चिकित्सीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

बांग्लादेश में 17 फरवरी को नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में ओम बिरला करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

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नई दिल्ली, 15 फ़रवरी (हि.स.)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मंगलवार को बांग्लादेश में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, नई सरकार का नेतृत्व बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान करेंगे। तारिक रहमान हाल ही में हुए चुनाव में बहुमत मिलने के बाद सरकार बनाने जा रहे हैं।

मंत्रालय ने कहा कि इस समारोह में लोकसभा अध्यक्ष की भागीदारी भारत और बांग्लादेश के बीच गहरी और मजबूत मित्रता को दर्शाती है। यह दोनों देशों के लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी दिखाता है।

मंत्रालय के अनुसार, भारत ने बांग्लादेश में नई निर्वाचित सरकार के गठन का स्वागत किया है। दोनों देशों के बीच साझा इतिहास, संस्कृति और आपसी सम्मान के मजबूत संबंध हैं।