सच को साबित करने के लिए हमेशा तैयार हैं : राजपाल यादव

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नई दिल्ली, 17 फरवरी (हि.स.)। जेल से रिहा होने के बाद बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी से काम किया है। किसी को उन पर शक है तो सच को साबित करने के लिए वह हमेशा तैयार हैं।

राजपाल यादव ने मीडिया को बताया कि वे कानून का सम्मान करते हैं और पिछले एक दशक से हर आदेश का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “पिछले 10 वर्षों में उच्च न्यायालय ने जहां-जहां आदेश दिए हैं, मैं वहां हाज़िर हुआ हूं। आगे भी कानून का जो भी आदेश होगा, मैं बिल्कुल हाज़िर मिलूंगा।”

उन्होंने एक सवाल का जबाव देते हुए कहा कि वे खुद जांच और सवालों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

​अपने करियर पर चर्चा करते हुए अभिनेता ने बताया कि 2027 में उन्हें मुंबई और बॉलीवुड में 30 साल पूरे हो जाएंगे। यहां उनका जो रिश्ता बना है, वो सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के 150 करोड़ लोगों के साथ उनका “एंटरटेनमेंट और ब्लड सर्कुलेशन” का रिश्ता है।

भारत-फ्रांस के बीच अब ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’

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नई दिल्ली, 17 फ़रवरी (हि.स.)। भारत और फ्रांस ने अपने संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ में उन्नयन करने का फैसला लिया है। साथ ही उन्नत साझेदारी को आगे बढ़ाने और क्षितिज-2047 का रोड मैप तैयार करने के लिए वार्षिक स्तर पर विदेश मंत्री डायलॉग स्थापित किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच आज मुंबई में द्विपक्षीय वार्ता हुई। विदेश मंत्रालय के अनुसार इसमें दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा, तकनीक एवं नवाचार और स्वास्थ्य तथा ऊर्जा क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही दोहरे कर से बचने के समझौते पर प्रोटोकॉल में संशोधन किया गया।

वार्ता में फ्रांस के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को इस वर्ष उनके यहां होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि फ्रांस में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र खोला जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-फ्रांस की साझेदारी ‘वैश्विक स्थिरता के लिए एक शक्ति’ है।

इस दौरान कर्नाटक के वेमागल में एच125 हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन किया गया। नई दिल्ली के एम्स में स्वास्थ्य में भारत-फ्रांसीसी एआई केंद्र की शुरुआत की गई। बाद में एक कार्यक्रम में दोनों नेताओं की उपस्थिति में तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भारत और फ्रांस नवाचार वर्ष और इनोवेशन नवाचार नेटवर्क की शुरुआत की गई।

रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों ने अपने सहयोग समझौते का नवीनीकरण किया। संयुक्त उद्यम के तहत भारत में हैमर मिसाइल बनायी जाएगी और दोनों देशों की सेनाओं में एक दूसरे के अफसरों की तैनाती होगी।

महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में दोनों देश सहयोग के लिए एक संयुक्त उन्नत प्रौद्योगिकी विकास समूह का गठन करेंगे। साथ ही महत्वपूर्ण खनिजों और धातुओं में सहयोग और उन्नत सामग्री पर एक केंद्र स्थापित करेंगे।

दोनों देशों ने स्टार्टअप, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, नवीकरणीय ऊर्जा और कौशल के क्षेत्र में सहयोग को आगे जारी रखने का फैसला किया है। संक्रामक रोगों और वैश्विक स्वास्थ्य अनुसंधान पर अनुसंधान और विकास में भी सहयोग किया जाएगा।

इसके अलावा डिजिटल विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए भारत-फ्रांसीसी केंद्र, वैमानिकी में कौशल के लिए एक राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र और भारत-फ्रांसीसी मेटाबोलिक स्वास्थ्य विज्ञान केंद्र की स्थापना की जाएगी। दोनों देशों ने नवीकरणीय ऊर्जा और डाक क्षेत्र में भी सहयोग करेंगे।

ममता बनर्जी का आरोप, चुनाव आयोग बना ‘तुगलकी आयोग’

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कोलकाता, 18 फरवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब ‘तुगलकी आयोग’ बन गया है और एक राजनीतिक दल के इशारे पर काम कर रहा है।

राज्य सचिवालय में मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ की एक महिला पदाधिकारी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग कर बंगाल में 58 लाख मतदाताओं के नाम हटवा दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग उच्चतम न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना कर रहा है, मतदाताओं को निशाना बना रहा है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रहा है।

ममता ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान भारतीय जनता पार्टी के निर्देश पर राज्य के मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तर्कहीन विसंगतियों का हवाला देकर आम लोगों से उनका लोकतांत्रिक अधिकार छीना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी को संतुष्ट करने के लिए बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है।

ममता ने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण से उत्पन्न चिंता और कार्य संबंधी दबाव के कारण राज्य में 160 लोगों की मृत्यु हुई है।

कर्नाटक में टाटा-एयरबस की एच-125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन

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– रक्षा मंत्री ने प्रोजेक्ट में 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश होने की उम्मीद जताई

नई दिल्ली, 17 फरवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कर्नाटक के वेमगल में टाटा-एयरबस के एच-125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली का मुंबई से वर्चुअली उद्घाटन किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वॉट्रिन भी उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश होने की उम्मीद है। इससे हमारी कुशल और मेहनती युवा पीढ़ी के लिए सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के मौके पैदा होंगे।

फ्रांसीसी रक्षा मंत्री कैथरीन वॉट्रिन आज 6वीं भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा वार्ता के लिए बेंगलुरु पहुंचीं। वार्ता में रक्षा सहयोग समझौता अगले दस साल के लिए नवीनीकरण करने और हैमर मिसाइल बनाने को लेकर संयुक्त उपक्रम के लिए समझौता करने पर फोकस होगा। इससे पहले राजनाथ सिंह के साथ फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वॉट्रिन कर्नाटक के वेमगल में एयरबस एच-125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी मौजूद थे।

​उद्घाटन समारोह में​ राजनाथ सिंह ने कहा​ कि पहले भारतीय​ रक्षा उत्पादन कई वजहों से ज्यादातर पब्लिक सेक्टर पर आधारित था। इस वजह से कुल ​रक्षा उत्पादन और ​निर्यात में निजी क्षेत्र​ का योगदान उतना नहीं था​, जितना होना चाहिए था। ​अब हमारा​ ​रक्षा निर्यात​ कई गुना बढ़ गया है, जिससे भारत दुनिया के​ शीर्ष रक्षा निर्यातकों में शामिल हो गया है। इस​ रफ्तार ने ​लघु उद्योगों और ​सहायक क्षेत्र​ को भी बहुत बढ़ावा दिया है​। अभी बहुत सारी विदेशी कंपनियां भारतीय ​लघु उद्योगों से कई ​उपकरण लेती हैं। हम कंपनियों को अच्छे​ प्रौद्योगिकी हस्तांतरण​ के जरिए इस ​साझेदारी को और ​मजबूत करने और दूसरे देशों की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए ​बुलाते हैं​।

उन्होंने कहा कि यह ‘मेक इन इंडिया’ ​और एयरोस्पेस क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमताओं की दिशा में एक बड़ा कदम है​।​ ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों का कॉर्पोरेटाइ​जेशन, लिबरलाइज्ड इन्वेस्टमेंट स्कीम, डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने जैसे कई सुधारों और ऐसे कई कदमों की वजह से आज देश के कुल डिफेंस प्रोडक्शन में प्राइवेट सेक्टर का हिस्सा लगभग एक चौथाई हो गया है।​ हमारा फोकस छोटे और मीडियम इंडस्ट्री को सपोर्ट करना और खासकर स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना भी रहा है। कुल मिलाकर हमारा फोकस एक होलिस्टिक इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पर रहा है​, जो न सिर्फ हमारी घरेलू डिमांड को पूरा करता है​, बल्कि दूसरे देशों का भी ध्यान रखता है​।​

देश में एआई में दो सालों में आएगा 200 अरब डॉलर निवेश: अश्विनी वैष्णव

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नई दिल्ली, 17 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में कहा कि आने वाले दो वर्षों में भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षेत्र की पांचों परतों (एआई स्टैक) में 200 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश आने की उम्मीद है। जोखिम पूंजी कंपनियां गहन तकनीक स्टार्टअप्स, बड़े समाधान और अनुप्रयोगों, अत्याधुनिक मॉडल्स पर शोध और बुनियादी ढांचा और ऊर्जा परतों में निवेश कर रही हैं। इस मौके पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री जीतिन प्रसाद भी मौजूद रहे।

वैष्णव ने यहां भारत मंडपम में एक सत्र में कहा कि भारत की एक बड़ी ताकत यह है कि देश की 51 प्रतिशत बिजली उत्पादन क्षमता स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों से आती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और स्वच्छ ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता के कारण यह संभव हुआ है। एआई के लिए ऊर्जा परत में निवेश का यह बड़ा लाभ भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा।

उन्होंने एआई के संभावित खतरों को बताते हुए कहा कि वैश्विक नेताओं के बीच इस बात पर सहमति बन रही है कि एआई का इस्तेमाल अच्छे कार्यों के लिए होना चाहिए और इसके हानिकारक प्रभावों को रोकना जरूरी है। इसके लिए केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि तकनीकी और कानूनी दृष्टिकोण अपनाना होगा। भारत का कृत्रिम बुद्धिमत्ता सुरक्षा संस्थान कई शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर ऐसे तकनीकी समाधान तैयार कर रहा है, जो एआई के दुष्प्रभावों को रोक सकें।

एनवीडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेनसन हुआंग के सम्मेलन में शामिल न होने पर वैष्णव ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से आने में असमर्थता जताई, लेकिन अपनी वरिष्ठ टीम को भेजा है। एनवीडिया भारत की कई कंपनियों के साथ मिलकर एआई ढांचा और सॉफ्टवेयर के बड़े निवेश कर रहा है।

वैष्णव ने कहा कि भारत अपने मजबूत आईटी सेक्टर में तकनीकी बदलाव को रणनीतिक रूप से संभाल रहा है। सरकार, उद्योग और शिक्षा संस्थानों के सहयोग से कर्मचारियों की प्रतिभाओं को निखारना, नई प्रतिभा तैयार करना और भविष्य की पीढ़ियों को तैयार करना प्रमुख उद्देश्य है। एआई आधारित रीस्किलिंग और 100 से अधिक कॉलेजों में पाठ्यक्रम सुधारों के जरिए युवाओं को वैश्विक अवसरों के लिए तैयार किया जा रहा है।

कोलकाता में अवैध रूप से रहते छह बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार

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कोलकाता, 17 फरवरी (हि.स.)। कोलकाता पुलिस ने केंद्रीय कोलकाता के एक होटल से छह बांग्लादेशी नागरिकों को वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से भारत में ठहरने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मंगलवार सुबह यह जानकारी दी।

सूचना के आधार पर पार्क स्ट्रीट थाना की टीम ने कॉलिन स्ट्रीट स्थित एक होटल में छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सभी युवक बांग्लादेश की सत्तारूढ़ पार्टी आवामी लीग से जुड़े बताए जा रहे हैं। बताया गया है कि वीजा समाप्त होने के बाद वे अपने देश लौटने के बजाय कोलकाता में ही छिपकर रह रहे थे।

गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान आबिर हुसैन, मोहम्मद मामुन रशीद, मोहम्मद अलीमुन गाजी, आज़म मोल्ला, फैजल अमीन और जायदुल इस्लाम के रूप में हुई है। इनमें आज़म मोल्ला पेशे से गायक बताया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के समय वह अपना गिटार साथ रखने की इच्छा जता रहा था और गाने की अनुमति भी मांग रहा था।

सोमवार को गिरफ्तार किए जाने के बाद सभी आरोपितों को बैंकशाल अदालत में पेश किया गया था, जहां न्यायाधीश ने उन्हें 27 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सभी आरोपितों की उम्र 25 से 35 वर्ष के बीच है और वे मुख्य रूप से बांग्लादेश के नोआखाली तथा टांगाइल क्षेत्र के निवासी हैं। पिछले वर्ष बांग्लादेश में अशांत स्थिति के कारण वे अलग-अलग समय पर चिकित्सीय वीजा लेकर कोलकाता आए थे। यहां आने के बाद वे एक-दूसरे के संपर्क में आए और विभिन्न होटलों में ठहरने लगे। कुछ ने स्थानीय स्तर पर काम की तलाश भी की।

सूत्रों के अनुसार, नवंबर से इनके वीजा की अवधि समाप्त होना शुरू हुई और जनवरी तक सभी के वीजा पूरी तरह समाप्त हो चुके थे। इसके बावजूद वे बांग्लादेश लौटने को तैयार नहीं थे। लगभग सात दिन पहले वे कॉलिन स्ट्रीट के उक्त होटल में ठहरे थे, जहां से उन्हें गिरफ्तार किया गया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सजा की अवधि पूरी होने के बाद विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत उन्हें बांग्लादेश वापस भेजने की कार्रवाई की जाएगी।

कई देशाें के खरीददारों को भा रहे मुरादाबाद के हस्तशिल्प उत्पाद

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मुरादाबाद, 17 फरवरी (हि.स.)। पीतलनगरी मुरादाबाद के निर्यातकों को नोएडा में चल रहे आईजीएफ दिल्ली मेले में मंगलवार को चौथे दिन मसाजर और साउंड थेरेपी जैसे तमाम हस्तशिल्प उत्पादों के काफी आर्डर मिले हैं। फेयर में अमेरिका के अलावा रूस, लेबनान, कोरिया, जापान के खरीददारों को मुरादाबाद के हस्तशिल्प उत्पाद बहुत भा रहे हैं। निर्यातकों ने बताया कि कई खरीददारों ने सैंपल खरीदा है। इसके साथ ही खरीददारों से ऑर्डर मिलने की सहमति भी बन रही है।

दिल्ली फेयर में जिले के 1500 निर्यातकों ने स्टाल लगाया है। पीतलनगरी के हस्तशिल्प उत्पादों की डिमांड ज्यादा है। निर्यातकों ने बताया कि फेयर में भारी संख्या में खरीददार आ रहे हैं। निर्यातक विवेक अग्रवाल का कहना है कि खरीददारों का ध्यान तनाव कम करने वाले उत्पादों पर ज्यादा है। खरीददार सिंगिंग बाउल्स, घंटियों और मंत्रोच्चारण जैसे उपकरणों खूब पसंद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों में खरीददारों ने होम डेकोर, फर्नीचर, गिफ्ट आइटम्स, फैशन एक्सेसरीज से सम्बंधित हस्तशिल्प उत्पादों की भी पूछताछ की है। फेयर में फर्नीचर से सम्बंधित उत्पादों की संख्या ज्यादा है। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में निर्यातकों और उद्योग हितधारकों को एक विशेष प्रस्तुति के लिए एकत्र किया गया।

एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसलिंग हैंडीक्राफ्ट (ईपीसीएच) के चेयरमैन मुरादाबाद निवासी डॉ. नीरज विनोद खन्ना ने कहा कि अधिक से अधिक निर्यातक एक्सपो बाजार टीआईसीए साझेदारी से लाभान्वित हों। उन्होंने आगे कहा कि टीआईसीए के दो अलग-अलग बिजनेस माडल कैश एंड कैरी और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया जा रहा है।

ईपीसीएच के संयोजक व मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट एसोसिएशन के महासचिव अवधेश अग्रवाल ने कहा कि हम केवल बड़े खरीददारों को ही नहीं बल्कि छोटे और मध्यम को भी सेवा दे रहे हैं। जिससे निर्यातकों को ज्यादा से ज्यादा ऑर्डर मिल सके। इस दौरान कारीगरों और बुनकरों के लिए एक ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किया गया। इसमें निर्यात प्रक्रियाओं तथा भारत एवं विदेशों में व्यापार मेलों के बारे में परिचित कराया गया।

चुनाव आयोग के निर्देश पर नवान्न ने उठाया कदम,

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चार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

कोलकाता, 17 फरवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल सचिवालय (नवान्न) ने आखिरकार चुनाव आयोग के निर्देश का पालन करते हुए राज्य के चार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। आयोग द्वारा निर्धारित मंगलवार की समय-सीमा समाप्त होने से पहले ही यह कार्रवाई की गई। राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने निर्देश लागू किए जाने की जानकारी देते हुए आयोग को पत्र भी भेजा। आयोग के सूत्रों के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सहित पूर्ण पीठ इस समय असम में है और वहां से लौटने के बाद पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी।

वोटर सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही ये चार अधिकारी विवादों में घिर गए थे। उन पर मतदाता सूची में अवैध रूप से नाम जोड़ने का आरोप लगा था। इसी मामले में डाटा एंट्री कार्य से जुड़े एक कर्मचारी का नाम भी सामने आया था। आरोप सामने आने के बाद आयोग ने संबंधित अधिकारियों को निलंबित करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था।

आयोग ने पहले गत वर्ष पांच अगस्त को राज्य सरकार को पत्र भेजा था और आठ अगस्त को पुनः स्मरण पत्र जारी किया। आरोप था कि संबंधित अधिकारियों ने फर्जी या भूतिया मतदाताओं के नाम सूची में अवैध रूप से शामिल किए। निर्देशों का पालन नहीं होने पर दो जनवरी को आयोग ने संबंधित दो जिलाधिकारियों को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से दो बार स्मरण पत्र भेजा गया।

इस बीच नवान्न ने राज्य के एडवोकेट जनरल से परामर्श लिया था। परामर्श के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को पत्र भेजकर कहा गया था कि संबंधित अधिकारियों का अपराध एफआईआर दर्ज करने योग्य नहीं है और अपेक्षाकृत कम गंभीर मामले में इतनी कठोर कार्रवाई उचित नहीं होगी। हालांकि आयोग ने निर्देश लागू न होने पर पिछले शुक्रवार दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में राज्य की वर्तमान मुख्य सचिव को तलब किया। बाद में राज्य को मंगलवार तक अंतिम समय दिया गया, जिसके भीतर कार्रवाई पूरी कर ली गई।

जिन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है उनमें तथागत मंडल, देवोत्तम दत्तचौधुरी, बिप्लब सरकार और सुदीप्त दास शामिल हैं। देवोत्तम और तथागत बारुईपुर पूर्व में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) तथा सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) के रूप में कार्यरत थे। बिप्लब और सुदीप्त मयना विधानसभा क्षेत्र में इन दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। वर्तमान में देवोत्तम दक्षिण 24 परगना जिला ग्रामीण विकास परिषद में उप परियोजना निदेशक हैं, तथागत जयनगर 1 ब्लॉक में 100 दिन की कार्य योजना में सहायक अधिकारी, बिप्लब पूर्व मेदिनीपुर में अल्पसंख्यक विषयक जिला अधिकारी और सुदीप्त तमलुक ब्लॉक में पंचायत लेखा एवं लेखा परीक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। आयोग ने सुरजीत हलदार नामक डाटा एंट्री कर्मचारी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था।

असम के राजनीतिक दलों का चुनाव आयोग को सुझाव

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राज्य में दो चरणों में हों विधान सभा चुनाव

गुवाहाटी, 17 फरवरी (हि.स.)। असम के राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग को दो चरणों में विधान सभा(विस) चुनाव कराने का सुझाव दिया है। राज्य में विधान सभा कराने को लेकर चुनाव आयोग की टीम तीन दिवसीय दौरे पर गुवाहाटी पहुंची है।

राजनीतिक दल जहां राज्य में होने जा रहे विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई हैं, वहीं चुनाव आयोग भी चुनाव को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।

चुनाव आयोग के साथ मंगलवार को हुई बैठक में अधिकांश राजनीतिक दलों ने चुनाव एक ही चरण में या अधिकतम दो चरणों में कराने की मांग की। उन्होंने चुनाव की तारीखों को बिहु उत्सव को ध्यान में रखते हुए निर्धारित करने की मांग भी रखी। राजनीतिक दलों ने असम में चुनावी रूल्स की विशेष समीक्षा (स्पेशल रिविजन) के आयोजन की सराहना की। उन्होंने राज्य में शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सुझाव भी दिए।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त (ईसी) डॉ. सुखबीर सिंह संधू और चुनाव आयुक्त (ईसी) डॉ. विवेक जोशी, सीईओ असम और आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज गुवाहाटी के होटल रेडिशन ब्लू में राज्य के मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय राजनीतिक दलों के साथ बैठकें आयोजित हुई। चुनाव आयोग राजनीतिक दलों के साथ बातचीत कर उनके परामर्श और सुझावों को सुना।

चुनाव आयोग के साथ हुई बैठक में शामिल राष्ट्रीय पार्टियों में आम आदमी पार्टी (आआपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस शामिल हैं। राज्यस्तरीय दलों में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ), असम गण परिषद (अगप), बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ), यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) आदि प्रमुख हैं।

बैठक में अधिकांश राजनीतिक दलों ने चुनाव एक ही चरण में या अधिकतम दो चरणों में कराने की मांग की। उन्होंने चुनाव की तारीखों को बिहु उत्सव को ध्यान में रखते हुए निर्धारित करने की मांग भी रखी। राजनीतिक दलों ने असम में चुनावी रूल्स की विशेष समीक्षा (स्पेशल रिविजन) के आयोजन की सराहना की। उन्होंने राज्य में शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सुझाव भी दिए।

छत्तीसगढ़ के सुकमा में 22 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

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सुकमा, 17 फ़रवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिला में मंगलवार काे 22 सक्रिय माओवादियों ने शासन की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति के तहत आत्म समर्पण किया है। यह जानकारी एडिशनल एसपी नक्सल ऑपरेशन रोहित शाह ने दी।

सभी माओवादियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सुकमा में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में एक महिला माओवादी भी शामिल है, जो लंबे समय से संगठन से जुड़ी हुई थी।

एडिशनल एसपी नक्सल ऑपरेशन रोहित शाह ने बताया कि नक्सल मुक्त अभियान बस्तर के तहत जिले में लगातार नक्सल विरोधी अभियान संचालित किया जा रहा है। इससे माओवादी संगठन समाप्ति की ओर है। विकासात्मक कार्य सुदूर वनांचल क्षेत्र में पहुंचाया जा रहा है साथ ही छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति’’ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सुकमा पुलिस द्वारा ‘‘पूना मारगेम’’ पुनर्वास से पुनर्जीवन अभियान संचालित किया जा रहा है। अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव से माओवादी संगठन कमजाेर पड़ता जा रहा है।

एडिशनल एसपी नक्सल ऑपरेशन रोहित शाह ने बताया कि सुकमा जिले में सक्रिय 22 माओवादियों ने आज आत्म समर्पण किया। आत्मसमर्पण सभी माओवादियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत 50-50 हजार रूपये की राशि सहायता राशि प्रदान की गई एवं शासन की अन्य योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।

आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियाें में मिलिशिया कमांडर गोंचे हुंगा, मिलिशिया सदस्य बण्डी, माड़वी हांदा, हिडमा मड़कम नन्दा, मिलिशिया सदस्य, मड़कम रामा, मड़कम सोमड़ा मिडियाम आयता, मड़कम चैतु, माड़वी हुंगा, लक्ष्मी मुचाकी, गोंचे उर्फ मड़कम हुंगा , माड़वी दूला , कुंजाम केसा, वेको विज्जा, वेको हड़मा, मुचाकी सुक्का, माड़वी जोगा, मड़कम पाण्डू, नुप्पो देवा, भोगाम दसरू उर्फ सोना, सलवम लखमा, जगत उर्फ मुचाकी भीमा शामिल है।