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नहीं रहे पदमश्री राम दरश मिश्र

शताब्दी पुरुष हमारे साहित्यिक पुरखे रामदरश मिश्र जी नहीं रहे। प्रोफेसर स्मिता मिश्र की पोस्ट के अनुसार 102 वर्ष का जीवन जीने वाले हिंदी...

अमृता प्रीतम : प्रेम, पीड़ा और मानवीय संवेदनाओं की कवयित्री

भारतीय साहित्य में अमृता प्रीतम का नाम स्त्री चेतना, संवेदना और प्रेम के सशक्त स्वर के रूप में अमर है। उन्होंने न केवल पंजाबी...

‘अहिराणा’ शब्द से हुई है ‘हरियाणा’ की व्युत्पत्ति

*'हरयान' या 'हरियान' शब्द से नहीं, 'अहिराणा' शब्द से हुई है 'हरियाणा' की व्युत्पत्ति : डॉ. रामनिवास 'मानव'* *(डॉ. रामनिवास 'मानव' हरियाणा के जाने-माने साहित्यकार...

किताबें उधार नहीं, अनुभूति होती हैं

  (जब समाज सेवा की शुरुआत दूसरों की अलमारी से होती है, तो किताबें वस्तु बन जाती हैं, अनुभूति नहीं।)  किताबों का रिश्ता सिर्फ़ कागज़ और...

बिहार चुनाव में सियासत और अपराध का नापाक गठजोड़

बाल मुकुन्द ओझा भारतीय लोकतंत्र में अपराधी इतने महत्वपूर्ण हो गए हैं कि कोई भी राजनीतिक दल उन्हें नजरअंदाज नहीं कर पा रहा। पार्टियाँ उन्हें...

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