Ashok Madhup

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Exclusive articles:

दीपावली पर “लक्ष्मी पूजन” क्यों

*दशहरा बीत चुका था, दीपावली समीप थी, तभी एक दिन कुछ युवक-युवतियों की NGO टाइप टोली एक कॉलेज में आई!* *उन्होंने छात्रों से कुछ प्रश्न...

ब्रह्मा जी को सृष्टि निर्माण का टेंडर

व्यंग्य कुछ भी कहो। एक नियम अच्छा है। जो आया है, वह जाएगा। कुछ लोग अपनी जिद से बैठे रहते हैं। यह अच्छी बात नहीं...

बंगाल में सांसद सहित तीन आदिवासियों पर हमले पर चुप्पी क्यों?

बंगाल में सांसद सहित तीन आदिवासियों को सरे आम गाड़ी से उतारकर जिस तरह लहूलुहान कर दिया गया उसने लोकतंत्र को शर्मसार कर दिया...

जूते से अधिक मारक वस्तु भी कोई है क्या?

व्यंग्य सोच रहा हूँ, इस संसार में जूते से अधिक मारक वस्तु भी कोई है क्या? कभी कभी गोली दम्बूक भी उतना प्रभाव नहीं छोड़ते...

मल्लिका-ए-ग़ज़ल: बेगम अख़्तर – जीवन के अनछुए पहलू

तवायफ की बेटी से सुरों की रानी तक का संघर्ष मल्लिका-ए-ग़ज़ल: बेगम अख़्तर की मां मुश्तरी बाई एक तवायफ थीं, और समाज ने इस पहचान...

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वेद और बुद्ध के बीच संवाद की परंपरा

दीपक कुमार द्विवेदी पश्चिम, क्रिश्चियनिटी और वामपंथी बौद्धिक प्रवृत्तियों में...

अमेरिकी शुल्क में बदलाव के असर पर टिप्पणी करना अभी जल्दबाजी

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की निर्मला सीतारमण...

बढ़ता ही जा रहा है बंजरपन का रकबा

बाल मुकुन्द ओझा                                                                                               भूमि के बंजर होने की समस्या...

कांग्रेस का चुनावी ब्रह्मास्त्र है प्रियंका गांधी

बाल मुकुन्द ओझा असम, बंगाल और केरल सहित पांच राज्यों...
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