हरे निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 638 अंक उछला,निफ्टी 26 हजार के पार

Date:

नई दिल्‍ली, 22 दिसंबर । हफ्ते के पहले दिन शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला सोमवार को जारी रहा। लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बीएसई सेंसेक्स 638 अंक उछला, जबकि एनएसई का निफ्टी 26,000 अंक के ऊपर बंद हुआ।

बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 638.12 अंक यानी 0.75 फीसदी उछलकर 85,567.48 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्‍स 671.97 अंक तक चढ़ गया था। नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज एनएसई का निफ्टी 206 अंक यानी 0.79 फीसदी चढ़कर 26,000 के पार 26,172.40 के स्‍तर पर बंद हुआ। 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में ट्रेंट, इंफोसिस, भारती एयरटेल, टेक महिंद्रा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और मारुति सुजुकी इंडिया के शेयर सबसे अधिक फायदे में रहे। वहीं, नुकसान में रहने वाले शेयरों में भारतीय स्टेट बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, लार्सन एंड टुब्रो और टाइटन शामिल हैं।

आर्थिक मामलों के विशलेषकों ने कहा कि मजबूत नकदी और वैश्विक संकेतों के समर्थन से भारतीय बाजार ने साल के अंत की तेजी को बरकरार रखा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों के पूंजी निवेश तथा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर में और कटौती की उम्मीद से निवेशकों की धारणा सकारात्मक रहने से शेयर बाजार बढ़त में रहा। एशिया के अन्य शेयर बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। इसके अलावा वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.86 प्रतिशत बढ़कर 60.99 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल रहा।

पिछले हफ्ते के आखिरी दिन, शुक्रवार को बीएसई का सेंसेक्स 447.55 अंकों यानी 0.53 फीसदी की बढ़त के साथ 84,929.36 पर बंद हुआ था। एनएसई का निफ्टी 150.85 अंक चढ़कर 25,966.40 के स्तर पर बंद हुआ था।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

पोस्ट साझा करें:

सदस्यता लें

spot_imgspot_img

लोकप्रिय

इस तरह और भी
संबंधित

बोर्ड परीक्षा देने जा रहे छात्रों की बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई

तीन की मौत, मुख्यमंत्री ने जताया दुख लखनऊ, 23 फ़रवरी...

वेद और बुद्ध के बीच संवाद की परंपरा

दीपक कुमार द्विवेदी पश्चिम, क्रिश्चियनिटी और वामपंथी बौद्धिक प्रवृत्तियों में...

अमेरिकी शुल्क में बदलाव के असर पर टिप्पणी करना अभी जल्दबाजी

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की निर्मला सीतारमण...

बढ़ता ही जा रहा है बंजरपन का रकबा

बाल मुकुन्द ओझा                                                                                               भूमि के बंजर होने की समस्या...