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बांग्लादेशः जीवन में बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं तारिक रहमान ने, विरासत में मिली है राजनीति

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ढाका, 13 फरवरी (हि.स.)। बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बड़ा करिश्मा करने वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता तारिक रहमान पर सारी दुनिया नजर टिक गई है। तारिक ने अपने जीवन में बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं। राजनीति उन्हें विरासत में मिली है। उनकी इसी साल 25 जनवरी लंदन से सपरिवार घर वापसी हुई। स्वदेश लौटने के मात्र पांच दिन बाद पूर्व प्रधानमंत्री और उनकी मां खालिदा जिया का निधन हो गया। इसके बाद उन्होंने पार्टी की बागडोर संभाली।

तारिक के पिता जिया-उर-रहमान मुल्क के राष्ट्रपति रह चुके हैं। तारिक 1990 के दशक में सक्रिय हुए। 2001 से 2006 के बीच बीएनपी सरकार के दौरान वे पार्टी के भीतर बेहद प्रभावशाली बन गए। उस समय उन्हें डार्क प्रिंस के नाम से भी पुकारा गया। 2007 में सैन्य समर्थित अंतरिम सरकार के दौरान तारिक रहमान पर भ्रष्टाचार और अन्य मामलों में आरोप लगे। उन्हें डेढ़ साल जेल में रहना पड़ा। बाद में वे इलाज के लिए लंदन चले गए और वहीं से पार्टी की गतिविधियों को संचालित करते रहे। तारिक को 2018 और 2021 में भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और 2004 के ग्रेनेड हमले से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया गया।

इससे उनके स्वदेश लौटने की राह लगभग बंद हो गई। 2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद अदालतों ने उनके खिलाफ कई फैसलों को पलटा। इससे उनकी घरवापसी और राजनीति में सक्रिय होने का रास्ता साफ हुआ। करीब 17 वर्ष बाद उनकी वापसी हुई।

20 नवंबर 1965 में जन्मे तारिक की पत्नी जुबैदा रहमान डॉक्टर हैं।उनका जन्म 18 मई 1972 को सिलहट में हुआ । उन्होंने ढाका मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया और 1995 में सरकारी सेवा में शामिल हुईं। वह 2008 में अध्ययन अवकाश पर लंदन गईं। बाद में उन्हें सरकारी पद से हटा दिया गया। लंदन में उन्होंने इंपीरियल कॉलेज से चिकित्सा में स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की। उनका परिवार भी प्रभावशाली रहा है। उनके पिता रियर एडमिरल महबूब अली खान बांग्लादेश नौसेना के प्रमुख रहे और बाद में मंत्री भी बने। उनके चाचा जनरल एमएजी उस्मानी मुक्ति युद्ध के दौरान कमांडर-इन-चीफ थे।

जुबैदा भी कानूनी विवादों से अछूती नहीं रहीं। 2008 में भ्रष्टाचार विरोधी आयोग ने उनके, तारिक और उनकी मां के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। ढाका की अदालत ने उन्हें सजा सुनाई थी, लेकिन अवामी लीग सरकार के पतन के बाद इस सजा पर रोक लगा दी गई। तारिक रहमान की बेटी जायमा ने लंदन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की और लिंकन यूनिवर्सिटी से बैरिस्टर की डिग्री हासिल की। वह लंदन में प्रैक्टिसिंग बैरिस्टर के तौर पर काम कर चुकी हैं। उन्हें पार्टी की अगली पीढ़ी के चेहरे के रूप में भी देखा जा रहा है।

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