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जिनेवा वार्ता बेनतीजा: रूस–यूक्रेन शांति बातचीत में नहीं निकला ठोस हल

जिनेवा, 18 फरवरी (हि.स.)। जिनेवा में अमेरिका की मध्यस्थता से हुई रूस–यूक्रेन शांति वार्ता का ताजा दौर बिना किसी बड़े नतीजे के खत्म हो गया। दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष अगले सप्ताह अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश करने वाला है, ऐसे में इस वार्ता से उम्मीदें थीं, लेकिन प्रगति सीमित रही।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने जेनेवा में बातचीत के बाद कहा कि सबसे जटिल मुद्दों पर कोई सहमति नहीं बन सकी। उनके मुताबिक कुछ प्रारंभिक आधार जरूर तैयार हुआ है, लेकिन दोनों पक्षों की स्थितियां अभी अलग-अलग हैं और बातचीत “आसान नहीं” रही।

जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस प्रक्रिया को लंबा खींचने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्वी यूक्रेन के रूसी कब्जे वाले इलाकों की स्थिति और जापोरिजिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र का भविष्य सबसे विवादित मुद्दों में शामिल हैं। यह परमाणु संयंत्र फिलहाल मॉस्को के नियंत्रण में है।

वार्ता का दूसरा दिन महज दो घंटे में समाप्त हो गया, जिसे सीमित प्रगति का संकेत माना जा रहा है। इससे यह भी साफ हुआ कि किसी व्यापक समझौते तक पहुंचना अभी दूर की बात है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले दावा कर चुके हैं कि वे सत्ता में आते ही पहले दिन युद्ध खत्म कराने की कोशिश करेंगे। हालांकि जमीनी हालात और कूटनीतिक मतभेद फिलहाल समाधान को जटिल बनाए हुए हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि जब तक क्षेत्रीय नियंत्रण, सुरक्षा गारंटी और परमाणु सुविधाओं जैसे मुद्दों पर स्पष्ट सहमति नहीं बनती, तब तक किसी निर्णायक शांति समझौते की संभावना कम ही रहेगी।

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