Home Uncategorized इतिहास के पन्नों में 09 फरवरी : जब शुरू हुई आजाद भारत की पहली जनगणना

इतिहास के पन्नों में 09 फरवरी : जब शुरू हुई आजाद भारत की पहली जनगणना

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भारत में जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय तस्वीर समझने का एक बड़ा राष्ट्रीय अभियान है। हर दस वर्ष में होने वाली यह प्रक्रिया देश के कोने-कोने में रहने वाले प्रत्येक नागरिक को इस राष्ट्रीय अभ्यास से जोड़ती है।

भारत में नियमित जनगणना की शुरुआत 1871 से मानी जाती है और तब से लगभग हर दसवें वर्ष यह परंपरा जारी रही। आजादी से पहले तक हुई जनगणनाएं ब्रिटिश शासन के प्रशासनिक ढांचे के तहत होती थीं, लेकिन 1947 में देश के विभाजन और स्वतंत्रता के बाद हालात पूरी तरह बदल गए।

1951 की जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक थी। तकनीकी रूप से यह भारत की नौवीं जनगणना थी लेकिन स्वतंत्र भारत की यह पहली जनगणना थी। विभाजन के कारण देश की सीमाएं बदलीं, बड़े पैमाने पर आबादी का पलायन हुआ और धार्मिक आधार पर जनसंख्या का अनुपात भी बदला। ऐसे में 1951 की जनगणना ने नए भारत की वास्तविक जनसंख्या संरचना को दर्ज करने का काम किया।

इस संदर्भ में 9 फरवरी का विशेष महत्व है। इसी दिन आजाद भारत की पहली जनगणना के लिए घर-घर जाकर सूची बनाने और विवरण जुटाने का काम शुरू हुआ था। यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि नए राष्ट्र की पहचान गढ़ने की दिशा में अहम कदम था।

तब से लेकर आज तक, जनगणना नीति निर्माण, संसाधनों के वितरण, विकास योजनाओं और सामाजिक अध्ययन का आधार बनी हुई है। जनगणना के आंकड़े ही बताते हैं कि देश कैसे बदल रहा है और भविष्य की योजनाएं किस दिशा में बननी चाहिए।

महत्वपूर्ण घटनाचक्र

1667 – रूस और पोलैंड के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर किये गये।

1788 – आस्ट्रिया ने रूस के ख़िलाफ़ युद्ध की घोषणा की।

1801 – फ्रांस और आस्ट्रिया ने लुनेविल्लै शांति समझौते पर हस्ताक्षर किये।

1824 – उन्नीसवीं सदी के प्रसिद्ध बंगाली कवि और नाटककार माइकल मधुसूदन दत्ता ने ईसाई धर्म अपनाया।

1931 – भारत में पहली बार किसी व्यक्ति के सम्मान में चित्र समेत डाक टिकट जारी किया गया।

1941 – ब्रिटिश सेना ने लीबिया के तटीय शहर अल अघीला पर क़ब्ज़ा किया।

1951 – स्वतंत्र भारत में पहली जनगणना करने के लिये सूची बनाने का कार्य शुरु किया गया।

1962 – अमेरिका ने नेवादा में परमाणु परीक्षण किया।

1973 – बीजू पटनायक उड़ीसा की राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता चुने गए।

1979 – अफ्रीकी देश नाइजीरिया में संविधान बदला गया।

1991 – लिथुआनिया में मतदाताओं ने स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए मतदान किया।

1999 – यूगांडा में एड्स के टीके ‘अलवाक’ का परीक्षण, भारतीय निर्देशक शेखर कपूर की फिल्म ‘एलिजाबेथ’ आस्कर पुरस्कार हेतु नामित।

2001 – शिवानतरा थाइलैंड के नए प्रधानमंत्री निर्वाचित, चीन-तिब्बत रेलामार्ग को मंजूरी, तालिबान का पाक से प्रत्यर्पण संधि से इंकार।

2002 – अफगानिस्तान की पूर्व तालिबान सरकार के विदेश मंत्री मुत्तवकील का आत्मसमर्पण।

2007 – पाकिस्तान की विपक्ष पार्टी जमायती उलेमा इस्लामी ने जिन्ना को स्वतंत्रता सेनानी की सूची से हटाया।

2008 – प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता व दीन-दुखियों के देवता बाबा आम्टे का निधन।

2008 – पाकिस्तान को अमेरिकी मद की समीक्षा के लिए सीनेट में एक प्रस्ताव पेश किया।

2009- सर्वोच्च न्यायालय ने ताज व उसके आसपास अवैध निर्माण पर यूपी सरकार को नोटिस दिया।

2010- भारत सरकार ने बीटी बैंगन की व्यावसायिक खेती पर अनिश्चित काल के लिए रोक लगाई।

2016 – जर्मनी के बवारिया प्रांत में दो ट्रेनों की टक्कर में 12 लोगों की मौत और 85 अन्य घायल।

जन्म

1911 – बाबूभाई पटेल – जनता पार्टी के राजनीतिज्ञों में से एक थे, जो गुजरात के भूतपूर्व मुख्यमंत्री थे।

1922 – सी. पी. कृष्णन नायर – भारत के प्रसिद्ध होटल उद्योगपति तथा ‘होटल लीला समूह’ के संस्थापक।

1929 – अब्दुल रहमान अंतुले – भारतीय राजनेता एवं महाराष्ट्र के 8वें मुख्यमंत्री।

1942 – राजकुमार जयचंद्र सिंह – मणिपुर के भूतपूर्व सातवें मुख्यमंत्री थे।

1945 – श्याम चरण गुप्ता – भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिज्ञ।

1964 – एकनाथ शिंदे – भारत के राजनीतिज्ञ और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं।

1968 – राहुल रॉय – भारतीय फ़िल्म अभिनेता।

1993 – परिमार्जन नेगी – भारतीय ग्रैंड मास्टर खिलाड़ी हैं।

निधन

1760 – दत्ताजी शिन्दे – मराठा सेनापति थे।

1981 – एम. सी. छागला – प्रसिद्ध भारतीय न्यायधीश, राजनयिक तथा कैबिनेट मंत्री थे

1899 – बालकृष्ण चापेकर – स्वतन्त्रता सेनानी थे।

1950 – सर अब्दुल कादिर – न्यायविद, पत्रकार और राजनीतिज्ञ थे।

1984 – टी. बालासरस्वती – ‘भरतनाट्यम’ की सुप्रसिद्ध नृत्यांगना।

2006 – नादिरा – भारतीय फ़िल्म अभिनेत्री।

2008 – बाबा आम्टे – विख्यात सामाजिक कार्यकर्ता, मुख्‍यत: कुष्‍ठरोगियों की सेवा के लिए विख्‍यात।

2012 – ओ. पी. दत्ता – भारतीय निर्देशक, निर्माता और पटकथा लेखक।

2016 – सुशील कोइराला – नेपाल के 37वें प्रधानमंत्री।

2018 – चंद्रशेखर रथ – ओडिशा के सुप्रसिद्ध कथाकार व साहित्यकार।

2020 – गिरिराज किशोर – हिन्दी के प्रसिद्ध उपन्यासकार, सशक्त कथाकार, नाटककार और आलोचक थे।

2020 – पी. परमेश्वरन – जनसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष, दिग्गज लेखक, कवि और प्रसिद्ध संघ विचारक थे।

2021 – राजीव कपूर – फ़िल्म अभिनेता, जो राज कपूर के पुत्र थे।

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