बैंक ऑफ बड़ौदा ने कार लोन पर ब्याज दर 0.30 फीसदी घटाई, नई दरें लागू

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नई दिल्‍ली, 09 फरवरी (हि.स)। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा (बॉब) ने सोमवार को अपनी कार लोन पर ब्याज की दरों में 0.30 फीसदी की कटौती करने का ऐलान किया है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुताबिक परिवर्तनशील (फ्लोटिंग) ब्याज दर अब 7.6 फीसदी सालाना से शुरू होगी। इसके अलावा बैंक ने ‘बड़ौदा कार लोन’ पर आकर्षक निश्चित ब्याज दर की भी पेशकश की है, जो 8.5 फीसदी प्रति वर्ष से शुरू होती है। बैंक के मुताबिक 7.6 फीसदी की शुरुआती ब्याज की दर नई कार की खरीद पर उपलब्ध होगी और यह कर्ज लेने वाले व्यक्ति के क्रेडिट प्रोफाइल (सिबिल स्कोर आदि) से जुड़ी होगी। ब्याज दरों में कटौती के साथ ही बैंक व्यक्तिगत कर्जदारों को फ्लोटिंग रेट वाले कार ऋण पर समय पूर्व भुगतान या आंशिक भुगतान पर लगने वाले शुल्क से राहत देगा।

बॉब ने बताया कि ‘बड़ौदा कार लोन’ (निश्चित और परिवर्तनशील दोनों) पर ब्याज की गणना ‘डेली रिड्यूसिंग बैलेंस’ (दैनिक घटते शेष) पद्धति के आधार पर की जाती है, जो इसे ग्राहकों के लिए और भी किफायती बनाता है। बैंक के मुताबिक ग्राहक 84 महीनों तक की विस्तारित पुनर्भुगतान अवधि (रिपेमेंट टेन्योर) का लाभ भी उठा सकते हैं, जिससे उन्हें भुगतान में अधिक लचीलापन मिलेगा।

शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद

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निवेशकों को हुआ 5.88 लाख करोड़ का मुनाफा

नई दिल्ली, 09 फ़रवरी (हि.स.)। घरेलू शेयर बाजार आज मजबूती के साथ बंद हुए। आज के कारोबार की शुरुआत भी बढ़त के साथ हुई थी। बाजार खुलने के बाद पूरे दिन खरीद बिक्री होती रही, जिसकी वजह से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों की चाल में भी उतार-चढ़ाव होता रहा। दिन भर के कारोबार के बाद सेंसेक्स 0.58 प्रतिशत और निफ्टी 0.68 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुए।

आज के कारोबार के दौरान सिर्फ एक इंडेक्स को छोड़ कर सभी सेक्टोरल इंडेक्स मजबूती के साथ हरे निशान में बंद हुए। आज के कारोबार में कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में जम कर खरीदारी होती रही। इसी तरह बैंकिंग, आईटी, ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी, मेटल, ऑयल एंड गैस और टेक इंडेक्स भी मजबूती के साथ बंद हुए। दूसरी ओर, पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज इंडेक्स सांकेतिक गिरावट के साथ बंद हुआ। ब्रॉडर मार्केट में भी आज लगातार खरीदारी का जोर बना रहा, जिसके कारण बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.60 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ। इसी तरह स्मॉलकैप इंडेक्स ने 2.60 प्रतिशत की तेजी के साथ आज के कारोबार का अंत किया।

आज शेयर बाजार में आई मजबूती के कारण स्टॉक मार्केट के निवेशकों की संपत्ति में पौने छह लाख करोड़ रुपये से भी अधिक की बढ़ोतरी हो गई। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन आज के कारोबार के बाद बढ़ कर 473.19 लाख करोड़ रुपये (अनंतिम) हो गया। पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को इनका मार्केट कैपिटलाइजेशन 467.31 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह निवेशकों को आज के कारोबार से करीब 5.88 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा हो गया।

आज दिन भर के कारोबार में बीएसई में 4,527 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हुई। इनमें 3,104 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,256 शेयरों में गिरावट का रुख रहा और 167 शेयर बिना किसी उतार चढ़ाव के बंद हुए। एनएसई में आज 2,936 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हुई। इनमें से 2,324 शेयर मुनाफा कमा कर हरे निशान में और 612 शेयर नुकसान उठा कर लाल निशान में बंद हुए। इसी तरह सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 21 शेयर बढ़त के साथ और 9 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी में शामिल 50 शेयरों में से 36 शेयर हरे निशान में और 14 शेयर लाल निशान में बंद हुए।

बीएसई का सेंसेक्स आज 597.11 अंक की मजबूती के साथ 84,177.51 अंक के स्तर पर खुला।

कारोबार की शुरुआत होते ही खरीदारी के सपोर्ट से ये सूचकांक 734.28 अंक उछल कर 84,314.68 अंक के स्तर तक पहुंच गया। इसके बाद बिकवाली का दबाव बनने पर सेंसेक्स कुछ ही देर में गिर कर 83,860.42 अंक के स्तर तक आ गया। इसके बाद पूरे दिन बाजार में लिवालों और बिकवालों के बीच खींचतान चलती रही, जिसमें ज्यादातर समय लिवालों का पलड़ा भारी रहा। पूरे दिन के कारोबार के बाद सेंसेक्स 485.35 अंक की बढ़त के साथ 84,065.75 अंक के स्तर पर बंद हुआ।

सेंसेक्स की तरह ही एनएसई के निफ्टी ने आज 195 अंक उछल कर 25,888.70 अंक के स्तर से कारोबार की शुरुआत की‌। बाजार खुलने के बाद खरीदारी के सपोर्ट से थोड़ी ही देर में ये सूचकांक 228.55 अंक की तेजी के साथ 25,922.25 अंक के स्तर तक पहुंच गया। इसके बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने की वजह से इस सूचकांक की चाल में गिरावट आ गई। लगातार हो रही बिकवाली के कारण पहले आधे घंटे के कारोबार में ही निफ्टी ऊपरी स्तर से लगभग 140 अंक फिसल कर 25,780.90 अंक के स्तर तक आ गया। इसके बाद खरीदारों ने एक बार फिर जोर लगाया, जिसकी वजह से इस सूचकांक की चाल में सुधार होने लगा। पूरे दिन हुई खरीद बिक्री के बाद निफ्टी 173.60 अंक की मजबूती के साथ 25,867.30 अंक के स्तर पर बंद हुआ।

आज दिन भर के कारोबार के बाद स्टॉक मार्केट के दिग्गज शेयरों में से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 7.46 प्रतिशत, श्रीराम फाइनेंस 6 प्रतिशत, ग्रासिम इंडस्ट्रीज 3.15 प्रतिशत, टाइटन कंपनी 2.82 प्रतिशत और डॉक्टर रेड्डीज लेबोरेट्रीज 2.76 प्रतिशत की मजबूती के साथ आज के टॉप 5 गेनर्स की सूची में शामिल हुए। दूसरी ओर, मैक्स हेल्थकेयर 2.87 प्रतिशत, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन 1.02 प्रतिशत, आईटीसी 0.92 प्रतिशत, ओएनजीसी 0.87 प्रतिशत और एनटीपीसी 0.86 प्रतिशत की गिरावट के साथ आज के टॉप 5 लूजर्स की सूची में शामिल हुए।

संसद में गतिरोध के बीच ओम बिरला से मिले राहुल गांधी

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नई दिल्ली, 09 फ़रवरी (हि.स.)। संसद में जारी गतिरोध के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से संसद भवन परिसर में सोमवार को मुलाकात के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उम्मीद जतायी कि विपक्षी सदस्यों को मंगलवार को अपनी बात रखने की अनुमति दी जाएगी। राहुल ने कहा कि विपक्ष चर्चा चाहता है और अब देखना है कि सरकार क्या रुख अपनाती है।

बिरला से राहुल की यह मुलाकात उस समय हुई जब लोकसभा में बजट पर चर्चा से पहले उनको अन्य विषय पर आसन से बोलने की अनुमति नहीं मिलने के बीच कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।राहुल ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा, ”पूर्व थल सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे की किताब का मुद्दा उठने के बाद सरकार ने उन्हें बोलने से रोका। तीन-चार बार उन्हें बोलने नहीं दिया गया। पहले कहा गया कि किताब का हवाला नहीं दे सकते, फिर पत्रिका का हवाला भी नहीं देने दिया गया। रक्षा मंत्री ने कहा कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है, जबकि किताब प्रकाशित हो चुकी है और विपक्ष के पास उसकी प्रति भी मौजूद है।”

कांग्रेस नेता ने कहा कि विपक्ष को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने का अवसर नहीं दिया गया, जबकि सत्ता पक्ष के एक सदस्य ने कई किताबों का हवाला देते हुए आपत्तिजनक बातें कहीं और उस पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई। विपक्षी सांसदों का निलंबन भी एक बड़ा मुद्दा है। इसके अलावा विपक्षी सदस्यों पर प्रधानमंत्री को धमकी देने वाले आरोप पूरी तरह गलत हैं। राहुल ने कहा कि अगर किसी ने प्रधानमंत्री पर हमला करने की बात कही है तो तुरंत एफआईआर दर्ज कर उस व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाए।

इस मुलाकात से पहले राहुल ने लोकसभा में कहा था कि वे आज लोकसभा अध्यक्ष से मिले थे और उन्हें व्यक्तिगत रूप से बोलने का आश्वासन दिया गया था। बजट चर्चा से पहले कुछ मुद्दे उठाने की अनुमति मांगी थी।

घरेलू सर्राफा बाजार में सोना की बढ़ी चमक, चांदी में मामूली गिरावट दर्ज

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नई दिल्ली, 09 फ़रवरी (हि.स.)। घरेलू सर्राफा बाजार में आज सोने के भाव में तेजी का रुख बना हुआ है। सोना आज 2,050 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 2,240 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो गया। चांदी की कीमत में आज 100 रुपये प्रति किलोग्राम की सांकेतिक कमजोरी दर्ज की गई।

कीमत में आए इस उछाल के कारण देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज 1,58,840 रुपये से लेकर 1,58,990 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज 1,45,600 रुपये से लेकर 1,45,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। जबकि चांदी की कीमत में सांकेतिक गिरावट आने के कारण ये चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में आज 2,84,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है।

दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,58,990 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,45,750 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,58,840 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,45,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,58,890 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,45,650 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।

इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,58,840 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,45,600 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,58,840 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,45,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। भोपाल में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,58,890 रुपये प्रति 10 ग्राम के शस्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,45,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,58,990 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,45,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,58,890 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,45,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,58,990 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,45,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने के भाव में मजबूती दर्ज की गई है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,58,840 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,45,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

 सीएम ने जीबी पंत अस्पताल में अत्याधुनिक सुविधाओं का किया उद्घाटन

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नई दिल्ली, 09 फ़रवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने वहां 256-स्लाइस स्पेक्ट्रल सीटी स्कैनर, नई कैथ लैब तथा अत्याधुनिक न्यूरो आईसीयू व ऑपरेशन थिएटर कॉम्प्लेक्स जनता को समर्पित किया। इस कार्यक्रम में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ पंकज कुमार सिंह सहित अन्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जीबी पंत अस्पताल में स्थापित 256-स्लाइस सीटी स्कैनर अपनी श्रेणी का अत्यंत आधुनिक उपकरण है और उत्तर भारत में यह पहला ऐसा सीटी स्कैनर है, जिसे किसी सरकारी अस्पताल में स्थापित किया गया है। यह मशीन कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, न्यूरोलॉजिकल समस्याओं और एंजियोग्राफी से जुड़ी बीमारियों की त्वरित और सटीक पहचान में सहायक सिद्ध होगी तथा कई मामलों में जीवन रक्षक की भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि न्यूरो विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पंत अस्पताल में फिलिप्स की अत्याधुनिक एंजियोरियन मोनोप्लेन न्यूरो कैथ लैब की स्थापना की गई है। जिससे गंभीर न्यूरोवैस्कुलर बीमारियों के इलाज को काफी हद तक डॉक्टर्स को मदद मिलेगी। उन्होंने आगे जानकारी दी कि अस्पताल के पुराने न्यूरो आईसीयू को पूरी तरह से नवीनीकृत कर 16-बेड का आधुनिक न्यूरो आईसीयू विकसित किया गया है, जहां 24 घंटे गहन निगरानी और विशेष उपचार की सुविधा उपलब्ध है।

इस अवसर पर डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि जीबी पंत अस्पताल में 256-स्लाइस सीटी स्कैनर, न्यूरो कैथ लैब और अत्याधुनिक न्यूरो आईसीयू की शुरुआत दिल्ली की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती देती है। उन्होंने कहा कि इन अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से अब दिल्ली के नागरिकों को न्यूरो और डायग्नोस्टिक उपचार के लिए लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा और उन्हें समय पर सुलभ इलाज मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि न्यूरो आईसीयू को नवीनतम तकनीक से अपग्रेड किया गया है और नया कैथ लैब शुरू किया गया है, जिससे स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर और अन्य जटिल न्यूरो समस्याओं का त्वरित इलाज संभव हो पाएगा। यह सुविधाएँ विशेष रूप से गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होंगी। उन्होंने दोहराया कि आधुनिक तकनीक और समय पर उपचार ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि हर मरीज को नई तकनीक पर आधारित बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जा सके।

मशीनों की विशेषताएं –

स्पेक्ट्रल सीटी स्कैनर : करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से 256-स्लाइस स्पेक्ट्रल सीटी स्कैनर उत्तर भारत का पहला ऐसा सीटी स्कैनर है, जिसमें “ऑलवेज-ऑन” स्पेक्ट्रल इमेजिंग तकनीक उपलब्ध है। इस तकनीक की मदद से शरीर के अंदरूनी अंगों की बेहद स्पष्ट और सटीक जांच कुछ ही सेकंड में संभव हो सकेगी। इससे हृदय रोग, कैंसर, मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियों, स्ट्रोक और एंजियोग्राफी जैसी जटिल जांचों में तेज़ और सही निदान हो पाएगा। साथ ही, इसमें रेडिएशन की मात्रा भी कम रखी गई है, जिससे मरीजों की सुरक्षा और बेहतर होगी।

न्यूरो कैथ लैब : अस्पताल में 9 करोड़ रुपये की लागत से न्यूरो कैथ लैब भी शुरू की गई है। इस लैब में स्ट्रोक के इलाज, ब्रेन ट्यूमर, एन्यूरिज्म और अन्य गंभीर न्यूरोवैस्कुलर बीमारियों के लिए उन्नत उपचार संभव हो सकेंगे। इस लैब के माध्यम से प्रति वर्ष 1,200 से अधिक मरीजों को उन्नत और समयबद्ध इलाज का लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे न्यूरोलॉजिकल आपात स्थितियों में मृत्यु और विकलांगता के जोखिम को कम किया जा सकेगा।

आधुनिक न्यूरो आईसीयू : करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से 16 बेड वाला आधुनिक न्यूरो आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर कॉम्प्लेक्स भी शुरू किया गया है। यह न्यूरो आईसीयू उन्नत रोगी निगरानी प्रणालियों, विशेष ऑपरेटिव सुविधाओं और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ से युक्त है, जिससे गंभीर न्यूरो-क्रिटिकल एवं पोस्ट-ऑपरेटिव मरीजों को समग्र और सुरक्षित देखभाल उपलब्ध कराई जा सकेगी।

बीएमएस ने सभी श्रमिकों पर श्रम कानून लागू करने की मांग की

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बीएमएस ने सभी श्रमिकों पर श्रम कानून लागू करने की मांग की, पुरी राष्ट्रीय अधिवेशन में चार प्रस्ताव पारित

भुवनेश्वर, 09 फ़रवरी (हि.स.)। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने सभी श्रमिकों पर बिना किसी अपवाद के श्रम कानूनों को लागू किए जाने की मांग की है। यह मांग ओडिशा के पुरी में आयोजित भारतीय मजदूर संघ के तीन दिवसीय त्रैवार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान पारित चार प्रमुख प्रस्तावों में शामिल है। संघ ने कहा है कि सभी प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे।

पारित प्रस्तावों में बीएमएस ने श्रम कानूनों के सार्वभौमीकरण पर जोर देते हुए कहा कि सभी श्रमिकों को जीवन-यापन योग्य वेतन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक नई श्रम नीति घोषित की जानी चाहिए। संघ ने बताया कि 6 से 8 फरवरी 2026 के बीच पुरी में आयोजित अखिल भारतीय अधिवेशन में ‘अंत्योदय’ को संगठन का लक्ष्य घोषित किया गया है और सशक्त भारत के पुनर्निर्माण के लिए सभी प्रयासों को उसी दिशा में केंद्रित करने का संकल्प लिया गया है। इस संदर्भ में केंद्र और राज्य सरकारों से श्रम संहिताओं तथा अन्य श्रम कानूनों में आवश्यक संशोधन करने और श्रम लाभों के सार्वभौमीकरण पर बीएमएस के साथ तत्काल परामर्श शुरू करने की मांग की गई है।

एक अन्य प्रस्ताव में भारतीय मजदूर संघ ने आंगनबाड़ी कर्मियों को कर्मचारी का दर्जा देते हुए उन्हें वेतन और सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्रदान करने की मांग की है। संघ का कहना है कि सरकार और आंगनबाड़ी कर्मियों के बीच कर्मचारी-नियोक्ता संबंध स्पष्ट रूप से स्थापित है। चूंकि ये कर्मी वैधानिक पदों पर कार्यरत हैं, इसलिए वेतन भुगतान अधिनियम, 1936 और ग्रेच्युटी अधिनियम, 1972 उनके ऊपर लागू होते हैं। इसके अलावा, इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस के 45वें सत्र में भी उनके लिए न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा की सिफारिश की गई है। ऐसे में आंगनबाड़ी कर्मियों को शीघ्र कर्मचारी घोषित कर संबंधित लाभ प्रदान किए जाने की मांग की गई है।

बीएमएस ने एक अन्य प्रस्ताव में त्रिपक्षीय तंत्र को पुनर्जीवित कर उसे प्रभावी, व्यवहारिक और नियमित बनाने की मांग की है। संघ ने कहा कि औद्योगिक शांति और श्रमिक कल्याण के लिए त्रिपक्षीय संवाद को फिर से सक्रिय किया जाना आवश्यक है। प्रस्ताव में चेतावनी दी गई है कि यदि सरकार द्वारा त्रिपक्षीय प्रणाली को मजबूत करने के लिए सार्थक प्रयास नहीं किए गए तो भारतीय मजदूर संघ आंदोलनात्मक कदम उठाने को मजबूर होगा।

एक अन्य प्रस्ताव में संगठन ने ठेका श्रमिकों के शोषण को समाप्त करने के लिए कानूनों में आवश्यक संशोधन करने की मांग की है, ताकि उन्हें भी समान अधिकार और सुरक्षा मिल सके।

नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील

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अमित शाह बोले- चिंताओं का होगा समाधान

जगदलपुर, 09 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बचे हुए नक्सलियों से पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जो भी नक्सली अब तक बचे हैं, वे हथियार डाल दें। सरकार उनकी सभी चिंताओं का समाधान करेगी और उन्हें सम्मान के साथ पुनर्वास प्रदान किया जाएगा।

अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर में ‘बस्तर पंडुम महोत्सव 2026’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए दोहराया कि 31 मार्च तक देश से नक्सलवाद की समस्या खत्म हो जाएगी। शाह ने कहा कि हम किसी से लड़ना नहीं चाहते, हमारी लड़ाई जनजातीय लोगों की सुरक्षा के खिलाफ नहीं है। ये जो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) लगाते हैं, उन्हें यह मालूम नहीं कि किसी निर्दोष जनजातीय किसान का उस ओर पैर पड़ जाएगा, किसी बच्ची का पैर पड़ जाएगा और वे जीवन भर के लिए दिव्यांग हो जाएंगे।

शाह ने कहा कि जो लोग आत्मसपर्ण किए हुए हैं, उन्हें कोई आंच नहीं आने वाली है, लेकिन जो आदिवासी गांवों में गोली चलाएंगे, आईईडी लगाएंगे, स्कूलों को जलाएंगे, मोबाइल टावर बंद कर देंगे, अस्पताल जला देंगे, वे बख्शे नहीं जाएंगे।

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि बस्तर भारत की संस्कृति का आभूषण है। बस्तर पंडुम के माध्यम से यहां की संस्कृति और गौरवशाली परंपरा को छत्तीसगढ़ सरकार ने नए प्राण देने का काम किया। बस्तर जैसी संस्कृति विश्व के किसी देश में नहीं है और इसे प्रभु श्री राम के समय से संजोकर यहां के लोगों ने अक्षुण्ण बनाए रखा है।

उन्होंने कहा कि आज हमारा बस्तर एक बेहतरीन विकास का ब्रांड बनकर देश के सामने आ रहा है। कई स्कूल जो 40 वर्षों से बंद थे, उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार ने खोला है। शाह ने कहा कि मेरा वादा है और संकल्प भी है कि देश के सारे जनजातीय संभागों में मेरा बस्तर 5 सालों में सबसे विकसित संभाग बन जाएगा

केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत प्रदेश सरकार लगातार माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में रोडमैप तैयार कर सड़क, पुल पुलिया, मोबाइल टॉवर स्थापित करने के साथ-साथ राशन वितरण, शुद्ध पेयजल, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड बना रही है। बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित गांवों में लाल आतंक के चलते विकास कोसों दूर था, वहां के 40 गांवों में स्कूल फिर से खोले गए। अब वहां गोलियों की आवाज की जगह स्कूल की घंटियां सुनाई देती हैं।

शाह ने मंच से जानकारी दी कि बस्तर जिले में 118 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा तथा पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में 02 लाख 75 हजार एकड़ में सिंचाई के लिए 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। दूरस्थ अंचलों को मुख्यालयों से जोड़ने के लिए रेल परियोजनाओं और नदी जोड़ो परियोजना को विस्तार दिया जाएगा।

समापन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि माता दंतेश्वरी से ही बस्तर की पहचान है। बस्तर पंडुम एक आयोजन बस नहीं है, बल्कि यह बस्तर की पहचान का उत्सव है। उन्होंने छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर के प्रति गृह मंत्री अमित शाह के स्नेह और लगाव के लिए आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार भी उनकी (अमित शाह) मौजूदगी ने बस्तरवासियों का हौसला बढ़ाया था और आज फिर उनकी उपस्थिति ने कलाकारों और यहां के लोगों में नई ऊर्जा भरी है।

#नक्सलियों_से_मुख्यधारा_में _लौटने _की _अपील, #अमितशाह बोले

मेघालय कोयला खदान हादसा में मरने वालों की संख्या 27 हुई

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ज्यूडिशियल कमीशन बनाने का फैसला

शिलांग, 09 फरवरी (हि.स.)। मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिला में एक गैर-कानूनी कोयला खदान में हुए धमाके में मरने वालों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। कुछ घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल में भी इलाज के दौरान तीन श्रमिकों की मौत होने की बातें बतायी गयी। इस बीच, साेमवार काे राज्य के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने सोमवार को घोषणा की कि गैर-कानूनी कोयला खदान में धमाके से जुड़ी घटना की जांच के लिए ज्यूडिशियल कमीशन ऑफ इंक्वायरी बनाने का फैसला किया गया है।

ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के पुलिस सुपरिटेंडेंट विकास कुमार ने आज बताया कि उमसनागत गांव के थांगस्कू इलाके में कई एजेंसियों के जॉइंट सर्च ऑपरेशन के दौरान शव बरामद किए गए। मुश्किल इलाके और सुरक्षा जोखिमों के बीच एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन और पुलिस के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

पुलिस सुपरिटेंडेंट ने कहा कि कुछ लोग अभी भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि फंसे हुए लोगों के मिलने तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा। वहीं दूसरी ओर एनडीआरएफ के सूत्रों ने बताया है कि बीते तीन दिनों तक चले अभियान में कुछ भी सफलता नहीं मिली है, जिसके चलते सर्च अभियान को रोकने का निर्णय लिया गया है। घटनास्थल से सभी एजेंसियां रवाना हो रही है। इस बीच पुलिस सुपरिटेंडेंट विकास कुमार ने कहा कि मरने वालों की पहचान सुनिश्चित करने का काम भी चल रहा है।

उन्होंने कहा कि इस घटना में खलिहरियत पुलिस स्टेशन में स्वतः से एफआईआर दर्ज की गई है। इंडियन पीनल कोड, माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड कंट्रोल) एक्ट और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

गैरकानूनी कोयला माइनिंग और डायनामाइट ब्लास्टिंग में शामिल होने के आरोप में दो लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार किए गए लोगों में जलापेट पोरडुंग गांव के रहने वाले किसान चिरमांग (36) और सुतांगा पोहवाइलैंग गांव के रहने वाले शमेही वार (42 ) शामिल हैं। पुलिस सुपरिटेंडेंट ने कहा कि बार-बार बैन और कोर्ट के आदेशों के बावजूद गैर-कानूनी गतिविधियां जारी हैं, जिससे चिंता बढ़ गई है। पुलिस सुपरिटेंडेंट विकास कुमार ने संकेत दिया कि जांच आगे बढ़ने पर और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।–

रानीपेट में टाटा मोटर्स–जेएलआर की नई विनिर्माण इकाई का उद्घाटन

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मुख्यमंत्री स्टालिन ने चलाई पहली ‘रेंज रोवर ईवोक’

रानीपेट, 09 फरवरी (हि.स.)। तमिलनाडु के रानीपेट जिले के पनापक्कम स्थित सिपकोट औद्योगिक परिसर में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) की नई अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई का मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सोमवार को टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की उपस्थिति में उद्घाटन किया।

चेन्नई से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित इस विनिर्माण इकाई के औपचारिक उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने संयंत्र में निर्मित पहली ‘रेंज रोवर ईवोक’ कार स्वयं चलाकर प्रसन्नता व्यक्त की। इस दौरान टाटा सन्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन मुख्यमंत्री के साथ वाली सीट पर मौजूद रहे।

इस अवसर पर टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि यह दिन टाटा मोटर्स और पूरे टाटा परिवार के लिए ऐतिहासिक और स्वर्णिम है। उन्होंने बताया कि सितंबर 2024 में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इस परियोजना की आधारशिला रखी थी और उसी समय सरकार की ओर से हर आवश्यक सुविधा और स्वीकृति देने का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 16 महीनों के भीतर उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य दिया था, जिसे समयबद्ध रूप से पूरा किया गया है।

चंद्रशेखरन ने बताया कि 470 एकड़ में फैला यह संयंत्र देश में अपनी तरह की पहली इकाई है, जहां जेएलआर के लक्ज़री मॉडलों का विनिर्माण किया जाएगा। लगभग 9,000 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए मार्च 2024 में समझौता किया गया था। उन्होंने कहा कि इस संयंत्र से निकली पहली कार ‘मेक इन इंडिया’ पहल की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

टाटा मोटर्स की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह पहल ‘मेक इन इंडिया, फॉर द वर्ल्ड’ के विज़न को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम है। पनापक्कम में स्थापित यह अत्याधुनिक संयंत्र अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है, जहां टाटा मोटर्स और जेएलआर के लिए अगली पीढ़ी के वाहनों और एसयूवी का उत्पादन किया जाएगा। यह संयंत्र घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों की जरूरतों को पूरा करेगा।

वहीं, तमिलनाडु के उद्योग मंत्री टी.आर.बी. राजा ने कहा कि इस परियोजना से लगभग 5,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जिससे क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।-

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परीक्षा पे चर्चा में मोदी ने कहा- अनुशासन के बिना प्रेरणा बोझ बन जाती है

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नई दिल्ली, 09 फ़रवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को देशभर के छात्रों से संवाद करते हुए पढ़ाई, जीवन और भविष्य की सफलता से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण और प्रासंगिक मंत्र दिया- अनुशासन के बिना प्रेरणा अधूरी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल मोटिवेशन से लक्ष्य हासिल नहीं होते, बल्कि निरंतर अभ्यास, नियमित दिनचर्या और आत्म-अनुशासन ही किसी भी सपने को साकार करते हैं।

प्रधानमंत्री ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के नौवें संस्करण के दूसरे एवं अंतिम एपिसोड में कोयंबटूर (तमिलनाडु), रायपुर (छत्तीसगढ़), गुजरात और गुवाहाटी (असम) के छात्रों से संवाद किया। इस दौरान प्रधानमंत्री और छात्रों के बीच हुए संवाद में स्टार्टअप, विकसित भारत 2047, परीक्षा के तनाव, यात्रा, खेल, पढ़ाई और नेतृत्व जैसे विषयों पर अहम सवाल उठे। प्रधानमंत्री ने सरल उदाहरणों और व्यावहारिक सुझावों के जरिए छात्रों को न केवल परीक्षा, बल्कि जीवन के लिए भी दिशा दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के समय में छात्र तनाव, तुलना और असफलता के भय से घिरे रहते हैं, लेकिन यदि वे स्वयं पर विश्वास रखते हुए अनुशासित जीवन अपनाएं, तो हर चुनौती अवसर में बदल सकती है। उन्होंने छात्रों को समझाया कि परीक्षा कोई बोझ नहीं, बल्कि स्वयं को परखने और बेहतर बनने का अवसर है। इसी सोच के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ का उद्देश्य डर हटाकर आत्मविश्वास जगाना है।

प्रेरणा बनाम अनुशासन पर छात्रों के सवाल का उत्तर देते हुए प्रधानमंत्री ने एक उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई किसान अपने पड़ोसी की अच्छी फसल देखकर प्रेरित तो हो जाए, लेकिन समय पर खेत की तैयारी न करे, तो बारिश आने के बाद भी उसे अच्छा परिणाम नहीं मिलेगा। इसी तरह, प्रेरणा तभी काम आती है जब उसके साथ अनुशासन जुड़ा हो। उन्होंने कहा कि अनुशासन आधार है और प्रेरणा उसे सजाने का काम करती है। मोदी ने कहा, “जीवन में डिसिप्लिन बहुत अनिवार्य है, इंस्पिरेशन में सोने में सुहागा का काम करता है। अगर डिसिप्लिन नहीं है, कितना ही इंस्पिरेशन क्यों ना हो, वो फिर बोझ बन जाता है, निराशा पैदा करता है।”

रिवीजन और परीक्षा तनाव पर प्रधानमंत्री ने छात्रों को सलाह दी कि वे पढ़ाई को आखिरी समय पर टालने की बजाय प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा अभ्यास करें। लिखने की आदत, प्रश्न हल करने का अभ्यास और समय का सही प्रबंधन तनाव को स्वतः कम कर देता है। साथ ही छात्रों को अपनी तैयारी पर भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जो छात्र पढ़ाई में कमजोर हों, उन्हें पढ़ाने से अपनी समझ और मजबूत होती है।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों को दूसरों से तुलना करने के बजाय स्वयं से प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर दिन खुद से सवाल करें—क्या आज मैं कल से बेहतर बना? यही सोच निरंतर प्रगति का रास्ता खोलती है।

आत्मविश्वास पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ‘आत्मा’ और ‘विश्वास’ से ही सच्ची शक्ति पैदा होती है। जो खुद पर भरोसा करता है, वह असफलता से डरता नहीं, बल्कि उससे सीखता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद और सचिन तेंदुलकर के उदाहरण देकर बताया कि महान लोग भी असफल होते हैं, लेकिन आत्मविश्वास नहीं खोते।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि तकनीक इंसान की सहायक है, मालिक नहीं। उन्होंने छात्रों को चेताया कि सीखने की जगह तकनीक पर निर्भर होना खतरनाक हो सकता है। एआई का उपयोग समझ बढ़ाने और क्षमताएं निखारने के लिए होना चाहिए, न कि मेहनत से बचने के लिए। उन्होंने कहा, “मैं समझता हूं हमने टेक्नोलॉजी को समझना होगा, खुद का विस्तार करना होगा, उसमें उस टेक्नोलॉजी की ताकत को जोड़ना होगा। हमारे कामों में वैल्यू एडिशन करें। अगर ये होता है, तो मैं पक्का मानता हूं कि कितनी ही उत्तम से उत्तम टेक्नोलॉजी क्यों ना आए, हमें उपयोग होने ही वाली है, हमें डरने की जरूरत नहीं है।”

प्रधानमंत्री ने छात्रों को यह भी संदेश दिया कि जीवन केवल किताबों तक सीमित नहीं होना चाहिए। खेल, कला, संगीत और प्रकृति से जुड़ाव मन को तरोताजा रखता है और पढ़ाई में भी मदद करता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और शांत मन के बिना कोई भी लक्ष्य हासिल करना कठिन है। मोदी ने कहा कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ केवल बोर्ड परीक्षा की तैयारी का मंच नहीं है, बल्कि जीवन की चुनौतियों से निपटने की सीख है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे परीक्षा को उत्सव की तरह लें, डर की तरह नहीं।

छात्रा छवि जैन के स्टार्टअप से जुड़े सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि सबसे पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि व्यक्ति क्या करना चाहता है—टेक्नोलॉजी इनोवेशन, ड्रोन या किसी व्यावहारिक समस्या का समाधान। उन्होंने सलाह दी कि टेक्नोलॉजी और फाइनेंस में रुचि रखने वाले दोस्तों के साथ छोटी टीम बनाकर साइड में स्टार्टअप शुरू किया जा सकता है। उम्र कोई बाधा नहीं है। मौजूदा स्टार्टअप्स से मिलने, प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने और स्कूल प्रोजेक्ट के रूप में सीखने पर उन्होंने जोर दिया।

भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित देश बनने के लिए विकसित आदतें जरूरी हैं। कचरा न फैलाना, ट्रैफिक नियमों का पालन, भोजन की बर्बादी रोकना और ‘वोकल फॉर लोकल’ अपनाना हर नागरिक का योगदान है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे कदम मिलकर देश को आगे बढ़ाते हैं।

छात्रों की वेकेशन यात्रा के सवाल पर प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि पहले अपनी तहसील, जिला और राज्य को जानें। उन्होंने कहा कि छात्र के रूप में ट्रेन से यात्रा करना, साथ में खाना ले जाना और लोगों से मिलना जीवन का बड़ा अनुभव देता है। नेतृत्व पर प्रधानमंत्री ने कहा कि सच्चा नेता पहले निडर होता है और खुद से शुरुआत करता है। कूड़ा उठाने जैसे छोटे काम से भी नेतृत्व दिखता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेतृत्व भाषण या चुनाव नहीं, बल्कि लोगों को समझने और समझाने की क्षमता है।

अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि छात्र अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास को अपना लें, तो न केवल परीक्षा में, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता निश्चित है। यही संदेश ‘परीक्षा पे चर्चा’ की आत्मा है और यही विकसित भारत की मजबूत नींव भी।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को अपने आवास पर ‘परीक्षा पे चर्चा’ 2026 के नौवें संस्करण के पहले एपिसोड में देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्यार्थियों से संवाद किया था। दूसरे और अंतिम एपिसोड में प्रधानमंत्री ने आज कोयंबटूर (तमिलनाडु), रायपुर (छत्तीसगढ़), गुजरात और गुवाहाटी (असम) में छात्रों से संवाद किया।

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