संभल हिंसा: अनुज चौधरी को राहत, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश पर लगाई रोक

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प्रयागराज, 10 फरवरी (हि.स.)। संभल हिंसा मामले में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अनुज चौधरी को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। उच्च न्यायालय ने अनुज चौधरी समेत कई अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने संबंधी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के आदेश पर मंगलवार को रोक लगा दी।

उत्तर प्रदेश सरकार और अनुज चौधरी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति समित गोपाल ने यह आदेश पारित किया। याचिका में संभल सीजेएम कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी।

यह आदेश नवंबर 2024 की संभल हिंसा से संबंधित है। एफआईआर का आदेश तत्कालीन सीजेएम विभांशु सुधीर द्वारा यामीन नामक व्यक्ति की अर्जी पर पारित किया गया था। यामीन ने आरोप लगाया था कि पुलिस अधिकारियों ने उसके बेटे को जान से मारने की नीयत से गोली चलाई थी।

उच्च न्यायालय में राज्य सरकार और पुलिस अधिकारी की ओर से एडिशनल एडवोकेट जरनल मनीष गोयल ने दलीलें रखते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की सीमाओं का उल्लंघन किया है और कानून में निहित अनिवार्य सुरक्षा प्रावधानों की अनदेखी की है। सीजेएम ने बीएनएसएस की धारा 175 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश तो पारित किया, लेकिन धारा 175(4) में निर्धारित कठोर और अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया जो अपने आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान कार्य करने वाले लोक सेवकों को निरर्थक और दुर्भावनापूर्ण आपराधिक कार्यवाहियों से संरक्षण प्रदान करती है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बीएनएसएस की धारा 175(4) के तहत किसी लोक सेवक के विरुद्ध जांच का आदेश देने से पहले मजिस्ट्रेट को दो चरणों की प्रक्रिया अपनानी होती है- (क) किसी उच्च अधिकारी से रिपोर्ट प्राप्त करना। (ख) उस घटना के संबंध में लोक सेवक द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण और परिस्थितियों पर विचार करना। इस मामले में उप-धारा (4) के खंड (क) का तो पालन किया गया, लेकिन खंड (ख) को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों द्वारा दिए गए स्पष्टीकरणों पर कोई विचार नहीं किया गया। खंड (ख) वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य है।

उन्होंने यह भी कहा कि सीजेएम ने सीनियर अधिकारियों से रिपोर्ट मंगवाई थी और वह रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत भी की गई, लेकिन आदेश में उस रिपोर्ट का कहीं कोई उल्लेख तक नहीं है। राज्य की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि शिकायतकर्ता की ओर से सीजेएम के समक्ष दायर आवेदन में यह तक नहीं बताया गया कि उसने पहले संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई या नहीं, जबकि यह कानून के तहत एक आवश्यक शर्त है। सीजेएम ने न केवल अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर आदेश पारित किया बल्कि पुलिस रिपोर्ट को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया कि घटना के संबंध में पहले से एक मामला दर्ज है और उसकी जांच चल रही है।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ट्रांसजेंडरों के गरिमा गृह का शिलान्यास किया

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बस्ती, 10 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को बस्ती जिले में ट्रांसजेंडरों के लिए गरिमा गृह का शिलान्यास किया। वह लखनऊ से राजकीय हेलीकाप्टर से सुबह 9:50 बजे पुलिस लाइन के हेलीपैड स्थल पर पहुंची। वहां से वह कार से कार्यक्रम स्थल रैनबो हाउस लैबुड़वा ताल आईं। करीब 11 बजे उन्होंने ट्रांसजेंडर सुमदाय एवं समाज विषयक संवाद स्थापित किया।

माधव प्रसाद के सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि मां के गर्भ से ही ट्रांसजेंडर का जन्म होता है। यह कमाई का साधन नहीं है। वह घर-घर बच्चों का जन्म होता है तो बधाई देती हैं। ऐसे बच्चों को घर में रखें जो भी थर्ड जेंडर हो, विदेशों में नहीं है। फिर यहां क्यों नहीं रखा जाता है। बस्ती में अच्छा कार्य शुरू हुआ है। मैं चाहती हूं कि कोई बच्चा ट्रांसजेंडर जन्म लेता है तो घर में रखें। पड़ोस वाले टीका टिप्पणी न करें। यह पुण्य का कार्य है। हमारी परीक्षा करने के लिए ऐसे बच्चे घर में आते हैं।

उन्होंने कहा कि मैं ट्रांसजेंडर को यही कहना चाहती हूं कि अपने बूते पर आगे बढ़े। पढ़ें आगे बढ़ें। समाज आपको स्वीकारने के लिए तैयार है। इसकी शुरुआत बस्ती से हुई है। आसपास के लोग मदद करें। अपने घरों में बुलाएं, उन्हें सम्मान दें।

आशा दुबे ने पूछा कि अक्सर भेदभाव की शुरुआत परिवार से होती है, कैसे बचें। इस पर राज्यपाल ने कहा कि खुद पालन पोषण करना चाहिए। कई लोग पालन पोषण करते हैं। लेकिन जो बाहर निकाल दिए जाते हैं, उन्हें पंजीकरण कराया जाता है। उन्होंने कहा कि अक्सर पड़ोस के ताने से हम घरों से ऐसे जन्म लेने वाले बच्चों को निकाल देते हैं। ऐसा न करें।

इंद्रा चैरिटेबल ट्रस्ट के अजय पांडेय इस दिशा में अच्छा काम कर रहे हैं। कई लोगों ने अपने होटल में काम पर रखे हैं। कुछ लोग गोशाला में काम कर रहे हैं। इज्जत से काम करने पर सम्मान मिलता है। बस्ती के इस शुरुआत में आप लोग आएं। उन्हें सिलाई मशीन दें। उन्हें सीख दें। काम करना ट्रांसजेंडर चाहते हैं, लेकिन काम न मिलने से वह मांग कर अपना गुजरना करना पड़ता है।

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सोचा और इस दिशा में अच्छा प्रयास लिया। कसीस मुंबई महराष्ट्र ने कहा कि समाज हमें अपनाने से क्यों अलग करता है। इस पर राज्यपाल ने कहा कि महाराष्ट्र में जन्म लेने वाले इस ट्रांसजेंडर को सम्मान बस्ती में मिला तो यहां जीवन ठीक से चलने लगा। ऐसे ट्रांसजेंडर जो अपने घरों में जाना चाहता है, वह भी जा सकता है।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि लोग टीवी सीरियल देखते हैं। न्यूज नहीं देखते है, इस कारण से ट्रांसजेंडर पर उनका ध्यान नहीं जाता। कोई व्यक्ति ऐसे समाज के लिए काम करे यह बड़ी बात है। सरकार बजट से स्कूल देती है, स्कूल चलाती है, लेकिन ट्रांसजेंडर को लाभ नहीं मिल पाती है। यह बात जब नरेन्द्र भाई मोदी ने देखा और समझा तो नीतियां बनाकर बजट की व्यवस्था की। गरिमा को घर और समाज में से सम्मान मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पत्नी रहते हुए दूसरे को रखना। बच्चा पैदा करके छोड़ देते हैं। कई ऐसे हैं, जो पढ़ाई की उम्र में प्रेग्नेंट हो जाते हैं। बेटी पहले समय से आती थी। बेटियों पर ध्यान क्यों नहीं रखते। हम भरोसा रखते हैं, पर बच्चे भटक जा रहे हैं। यह किसका दोष है बताओ। हमारे घरों से भागने वाले 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे भागकर बच्चे पैदा कर रहे हैं। यह समाज का चित्र ठीक नहीं है।

राज्यपाल ने कहा कि इस समाज के लिए मैं 50 साल से काम करती हूं। अपने घरों में बेटे और बेटियों को समझाएं की वह कोई गलत कार्य न करें। उन पर नजर रखें। ऐसे भागने वाले बच्चों पर घर वालों से लेकर पुलिस परेशान होती हैं। जिन बच्चों ने नजायज जन्म लिया है, उन्हें सरकार पाल रही है, लेकिन समाज को सोचना होगा कि यह स्थिति सामने क्यों आ रही है।

ट्रांसजेंडर से कहना चाहती हूं कि ऐसे बच्चे पढ़े। उनके लिए क्लास की व्यवस्था की गई है। कम से कम ग्रेजुएट की शिक्षा दिलाएं और नौकरी भी लें। पुलिस में भी भर्ती होगी। अनपढ़ न रहें।

अजय पांडेय को बोला है कि अनपढ़ को काम पर लगवाएं और उसके रुचि के अनुसार रखें। एक जिला से जब यह अभियान चलेगा तो दूसरे के जिलों में भी जाएगा।

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दो विधायकों के निधन पर शोक व्यक्त करने के बाद यूपी विधानसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित

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लखनऊ, 10 फरवरी (हि. स.)। उत्तर प्रदेश विधान मंडल बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को वर्तमान विधानसभा के दो सदस्यों बरेली से प्रोफ़ेसर श्याम बिहारी लाल और सोनभद्र से विजय सिंह गौड़ के निधन पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, मुख्यमंत्री योगी समेत सभी दलीय नेताओं ने शोक व्यक्त किया। दो मिनट मौन रखकर पूरे सदन ने शोक संवेदना व्यक्त की और इसके उपरांत सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित हो गयी।

नेता सदन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में शोक प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल 2017 में पहली बार विधायक बने। दूसरी बार 2022 में विधायक चुने गए। उनका जुड़ाव शिक्षा जगत से भी रहा। वह शिक्षक के साथ सक्रीय राजनीति किये। उनका व्यक्तित्व मिलनसार, शिक्षित व जमीन से जुड़े नेता के रूप में था। वह समाज के पिछड़ों,गरीबों, वंचितों के लिए निरन्तर समर्पित रहे। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में बुनियादी विकास की परियोजनाओं को बढ़ाने का सकारात्मक योगदान दिया था। वह एक कुशल शिक्षक होने के साथ जवाहर लाल नेहरू विवि दिल्ली की कार्यसमिति के भी सदस्य रहे। उनके निधन से प्रदेश को और भाजपा की अपूरणीय क्षति है। मैं उनके निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। उनके परिवार के प्रति मेरी शोक संवेदना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे बीच से दूसरे सदस्य विजय सिंह गौड़ का निधन हुआ है। वह वर्तमान विधानसभा में आठवीं बार निर्वाचित हुए थे। 1980 में पहली बार विधायक चुने गए। वह सादगी, सरल व्यवहार के लिए जनता के बीच लोकप्रिय थे। उन्होंने जल, जंगल जमीन के लिए कार्य करते आदिवासी जनजाति समाज में अलग स्थान था।

नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि मैं बिहारी लाल जी के बारे में मुख्यमंत्री योगी के शब्दों से सम्बद्ध करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। सोनभद्र से विधायक विजय गौड़ हमारे साथ 1980 में चुनकर विधानसभा पहुंचे थे। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में बहुत अच्छा कार्य किया है। वह समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता थे।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल 60 साल की आयु में ही चला जाना अपूर्णीय क्षति है। विजय गौड़ ने लंबे राजनीतिक कार्यकाल के दौरान क्षेत्र की जनता की सेवा की। अनेक विकास कार्यों को आगे बढ़ाया। बनवासी सेवा आश्रम से जुड़कर उन्होंने समाज के लिए कार्य किया।

अपना दल के नेता राम निवास, राष्ट्रीय लोकदल के नेता राजपाल सिंह बालियान, सुहेलदेव पार्टी से ओमप्रकाश राजभर, निर्बल इंडियन शोषित हमारा दल निषाद पार्टी के नेता अनिल कुमार त्रिपाठी और जनसत्ता दल के नेता विनोद सरोज ने भी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। सभी नेताओं के बाद पीठ से विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए विधानसभा की कार्यवाही बुधवार की सुबह 11:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी है।

नोएडा एयरपोर्ट तैयार : मुख्य सचिव ने एक्स पर बताया परखी गई यात्री सुविधा

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नोएडा, 10 फ़रवरी (हि.स.)। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यहां टर्मिनल बिल्डिंग से लेकर एयरपोर्ट सर्विलांस रडार और नेविगेशन सिस्टम तक हर प्रकार के उपकरण की व्यवस्था हो चुकी है। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने अपने एक्स हैंडल पर एयरपोर्ट के कार्य प्रगति का वीडियो भी साझा किया।

मुख्य सचिव की ओर से एक्स पर साझा किए गए वीडियो में एयरपोर्ट के संचालन के लिए जरूरी हर पहलु की प्रगति के बारे में बताया गया है।इनमें एयरपोर्ट की एक्सिस रोड से लेकर ईंधन टैंक, ऑपरेशन सेंटर, जल और सीवेज व्यवस्था, चेक पोस्ट, टर्मिनल बिल्डिंग, घरेलू टर्मिनल काउंटर, ईगेट्स, बैगेज हैंडलिंग, लाउंज, विमानों को खड़ा करने के लिए एप्रन, कार्गो टर्मिनल, सोलर फॉर्म, एटीसी, ग्राउंड हैंडलिंग के वाहनों के लिए सीएनजी पंप, ईवी चार्जिंग स्टेशन, रनवे, नेगिवेशन सिस्टम, टेक्सी-वे इत्यादि के कार्यों को दर्शाया गया है।

कुल मिलाकर अब एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सिर्फ एयरोड्रम लाइसेंस से संबंधित औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं, जो अंतिम चरण में बताई गई हैं। एयरपोर्ट का प्रथम चरण कुल 1334 हेक्टेयर में विकसित हुआ है। एयरपोर्ट के रनवे पर दिसंबर 2024 में इंडिगो के यात्री विमान को उतारकर ट्रायल किया गया था, जो सफल रहा था। वर्ष 2025 में अक्तूबर अंत और नवंबर के पहले सप्ताह में भी रनवे पर छोटे विमान को उतारकर उपकरणों को परखा गया था। एयरपोर्ट बना रही कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने स्थानीय लोगों और कर्मचारियों को यात्री बनाकर चेक इन, बोर्डिंग और बैगेज हैंडलिंग समेत अन्य यात्री सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को परखा था। उद्घाटन के बाद यह प्रदेश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा।—————

महाशिवरात्रि में घर बैठे स्पीड पोस्ट से प्राप्त करें श्री सोमनाथ और श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग का प्रसाद : कृष्ण कुमार यादव

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प्रयागराज, 10 फरवरी (हि.स)। महाशिवरात्रि में शिव आराधना की विशेष महिमा है। हर किसी की इच्छा होती है कि वह भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग स्वरूप का दर्शन और आशीर्वाद स्वरुप प्रसाद पा सके। कुछ श्रद्धालु चाहकर भी दर्शन नहीं कर पाते। अब ऐसे श्रद्धालुओं को डाक विभाग की स्पीड पोस्ट सेवा के माध्यम से लोग देश के किसी भी कोने में घर बैठे श्री सोमनाथ मंदिर, गुजरात और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी का प्रसाद प्राप्त कर सकते हैं।

यह जानकारी उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने मंगलवार को दी। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही महाशिवरात्रि में डाकघरों से गंगाजल की सुविधा भी उपलब्ध है। 250 मि.ली. की गंगाजल बोतल मात्र 30 रूपये में ली जा सकती है। उन्होंने बताया कि श्री सोमनाथ ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को घर बैठे प्रसाद उपलब्ध कराने हेतु भारतीय डाक विभाग से एक समझौता किया है। इस समझौते के तहत कोई भी श्रद्धालु मैनेजर, श्री सोमनाथ ट्रस्ट, प्रभास पाटन, जिला जूनागढ़, गुजरात-362268 को 270 रू. का ई-मनीऑर्डर भेजकर स्पीड पोस्ट द्वारा प्रसाद मंगा सकता है। ई-मनी ऑर्डर पर “प्रसाद के लिए बुकिंग’ अंकित करना होगा। तदोपरांत श्री सोमनाथ ट्रस्ट द्वारा सम्बंधित श्रद्धालु को 400 ग्राम के प्रसाद का पैकेट स्पीड पोस्ट द्वारा भेजा जायेगा। उसमें 200 ग्राम बेसन लड्डू, 100 ग्राम तिल की चिक्की और 100 ग्राम मावा की चिक्की रहेगी।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद भी देश भर में स्पीड पोस्ट सेवा द्वारा लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत मात्र 251 रूपये का ई-मनीआर्डर प्रवर अधीक्षक डाकघर, वाराणसी (पूर्वी) मंडल-221001 के नाम भेजना होगा। मनीऑर्डर प्राप्त होते ही डाक विभाग द्वारा तत्काल दिए गए पते पर स्पीड पोस्ट द्वारा प्रसाद भेज दिया जायेगा। पोस्टमास्टर जनरल ने बताया कि प्रसाद में श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग की छवि, महामृत्युंजय यंत्र, श्री शिव चालीसा, 108 दाने के रुद्राक्ष की माला, बेलपत्र, माता अन्नपूर्णा से भिक्षाटन करते भोले बाबा की छवि अंकित सिक्का, भभूति, रक्षा सूत्र, रुद्राक्ष मनका, मेवा, मिश्री का पैकेट इत्यादि शामिल है।

अंत में कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग ने इस बात के भी प्रबंध किए हैं कि भक्तों को मोबाइल नंबर पर स्पीड पोस्ट का विवरण एसएमएस के माध्यम से मिलेगा। इसके लिए भक्तों को ई मनीऑर्डर में अपना पूरा पता, पिन कोड और मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य होगा।

तीसरी मुंबई के लिए जमीन अधिग्रहण व आवंटन पॉलिसी को मंजूरी

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मुंबई, 10 फरवरी (हि.स.)। अटल बिहारी वाजपेयी शिवड़ी-न्हावा शेवा अटल सेतु क्षेत्र के लिए नियुक्त “नवानगर डेवलपमेंट अथॉरिटी” और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा भविष्य में लागू किए जाने वाले सभी डेवलपमेंट परियोजनाओं के लिए ज़मीन अधिग्रहण व आवंटन पर एक पॉलिसी को कैबिनेट मीटिंग में मंजूरी दी गई है। यह पॉलिसी अटल सेतु इम्पैक्ट एरिया में नियोजित शहरीकरण, इंडस्ट्रियल निवेश, लॉजिस्टिक्स, रेजिडेंशियल-कमर्शियल प्रोजेक्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर में कारगर साबित होगी।

महाराष्ट्र रीजनल प्लानिंग एंड टाउन प्लानिंग एक्ट 1966 की धारा 126(1) के तहत आपसी सहमति से रकम का मुआवजा तय करके या ‘राइट टू फेयर कम्पनसेशन एंड ट्रांसपेरेंसी इन लैंड एक्विजिशन, रिहैबिलिटेशन एंड रिसेटलमेंट एक्ट, 2013’ के अनुसार ज़मीन अधिग्रहण को मंजूरी दी गई है। साथ ही धारा 126(10) के तहत नकद मुआवज़े के बजाय फ्लोर एरिया इंडेक्स (एफएसआई) या ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) के रूप में मुआवज़ा देकर ज़मीन अधिग्रहण करने और ज़रूरत के हिसाब से निर्माण कामों के लिए अतिरिक्त एफएसआई/टीडीआर देने का प्रावधान किया गया है।

इस पॉलिसी के तहत 22.5 प्रतिशत जमीन वापसी पॉलिसी लागू की जाएगी। बातचीत के ज़रिए प्राइवेट ज़मीन लेते समय नगर विकास विभाग के 1 मार्च 2014 और 28 मई 2014 के सरकारी फ़ैसलों के मुताबिक प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों को विकसित प्लॉट देने की पॉलिसी लागू की जाएगी। 22.5 फीसदी रिटर्न स्कीम के तहत अगर अधिग्रहित किए जाने वाले प्लॉट का क्षेत्रफल 40 वर्ग मीटर से कम है, तो नकद मुआवज़ा दिया जाएगा।

बिना डेवलप हुए इलाकों में इंडस्ट्री लाने के लिए ‘पास-थ्रू पॉलिसी’ को मंज़ूरी दी गई है। इस पॉलिसी के मुताबिक, ज़मीन लेने का खर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का खर्च प्लॉट होल्डर से किश्तों में वसूला जाएगा। ज़मीन लेने का पूरा खर्च, रजिस्ट्रेशन फीस और एस्टैब्लिशमेंट फ़ीस प्लॉट होल्डर से वसूला जाएगा। 15 प्रतिशत एस्टैब्लिशमेंट कॉस्ट एमएमआरडीए लेगा। एमएमआरडीए से संबंधित इलाके में इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं देगा। ज़मीन एलिजिबल प्रोजेक्ट यूनिट को “जैसे है” के आधार पर दी जाएगी। अगर भविष्य में और मुआवज़े की ज़रूरत पड़ी, तो वह रकम प्लॉट होल्डर से वसूल की जाएगी। इन शर्तों के मुताबिक एमएमआरडीए और प्लॉट होल्डर के बीच एक एग्रीमेंट साइन किया जाएगा।

अटल सेतु इम्पैक्ट ज़ोन में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) लाने वाली इंडस्ट्रीज़ को प्रायोरिटी पर प्लॉट दिए जाएंगे। कम से कम 100 एकड़ जमीन लेना ज़रूरी है और ज़मीन की कीमत के अलावा, चार साल में हर 100 एकड़ पर कम से कम 250 करोड़ रुपये इन्वेस्ट करना आवश्यक होगा। अविकसित ज़मीन को बेचा या ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। कुल विकसित क्षेत्र का 25 प्रतिशत तक एफडीआई के लिए मंज़ूर होगा। एलिजिबिलिटी और क्राइटेरिया एमएमआरडीए द्वारा तय किए गए टर्म्स एंड कंडीशंस के हिसाब से होंगे।

ज़मीन के डेवलपमेंट और पार्टनरशिप के आधार पर स्पेशल पर्पस व्हीकल (एसपीवी) बनाकर डेवलपमेंट सेंटर बनाने के लिए जमीन कलेक्टरों से प्रपोज़ल मंगाए जाएंगे। एमएमआरडीए को इस पॉलिसी के हिसाब से डिटेल्ड जमीन अलॉटमेंट रूल तैयार करने और मंजूरी के लिए सरकार को जमा करने का निर्देश दिया गया है। एक एफिशिएंट रेवेन्यू मॉडल पेश करने का भी निर्देश दिया गया है। इसमें सरकार और एमएमआरडीए को इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटीज़ से ज़्यादा से ज़्यादा रेवेन्यू मिलेगा। इस फैसले से तीसरी मुंबई के विकास को बढ़ावा मिलेगा। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में इंडस्ट्रियल और अर्बन एक्सपेंशन के लिए एक नया डेवलपमेंट सेंटर बनेगा।

भारत ने सऊदी अरब के ‘वर्ल्ड डिफेंस शो’ में दिखाई स्वदेशी हथियारों की ताकत

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– रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने ‘इंडिया पवेलियन’ का उद्घाटन किया

नई दिल्ली, 10 फरवरी (हि.स.)। भारत ने सऊदी अरब के रियाद में हुए वर्ल्ड डिफेंस शो में स्वदेशी हथियारों के जरिए अपनी ताकत दिखाई है। रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने इंडिया पवेलियन का उद्घाटन किया, जिसमें भारत में बने हथियारों का प्रदर्शन किया गया। उन्होंने सऊदी अरब के रक्षा उद्योगों और रक्षा मंत्रालय की प्रदर्शनी का भी दौरा किया, ताकि उनकी स्वदेशी तकनीक की समीक्षा की जा सके।

रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ रियाद में 8-9 फरवरी को हुए वर्ल्ड डिफेंस शो में हिस्सा लेने गए थे। उन्होंने सऊदी अरब के सहायक रक्षा मंत्री डॉ. खालिद बिन हुसैन अल-बियारी के साथ दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने सऊदी अरब जनरल अथॉरिटी फॉर डिफेंस डेवलपमेंट के गवर्नर डॉ. फलेह बिन अब्दुल्ला अल-सुलेमान से भी मुलाकात की और भारत के वैश्विक निर्यात केंद्र के तौर पर उभरने पर जोर दिया। मंत्री संजय सेठ ने सऊदी अरब के अधिकारियों को भारत का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया, ताकि रक्षा प्रौद्योगिकी के विकास पर चर्चा की जा सके।

रक्षा राज्यमंत्री ने सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी ऑफ़ मिलिट्री इंडस्ट्रीज​ के गवर्नर अहमद बिन अब्दुल​ अ​जीज अल​ ओहाली से मुलाकात की और सामरिक​ सहयोग​ तथा दोनों देशों के सप्लाई चेन इकोसिस्टम को मजबूत करने के बारे में चर्चा की। ​उन्होंने भारत की ​रक्षा क्षमताओं का सीधा अनुभव लेने के लिए एक​ संयुक्त प्रतिनिधिमंडल के भारत दौरे का भी प्रस्ताव रखा।​ भारतीय दूतावास में भारतीय और सऊदी डिफेंस कंपनियों के प्रमुखों को दिए अपने भाषण में​ रक्षा राज्यमंत्री ​ने डिफेंस जरूरतों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए भारत और सऊदी अरब के बीच ​संयुक्त सहयोग के महत्व पर​ जोर देते हुए ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड​’ विजन के तहत भारत​ की प्रतिबद्धता जताई।

उन्होंने यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट और सऊदी राज्य की जन्मभूमि ‘दिरिया’ का भी दौरा किया। बाद में उन्होंने दूतावास में भारतीय प्रवासियों के एक कार्यक्रम को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने महिला सशक्तीकरण, हेल्थ और डिजिटल लिटरेसी सहित सभी सेक्टर में ‘नेशन फर्स्ट’ की वकालत की और सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय समुदाय को सहयोग देने के लिए दूतावास के अधिकारियों की तारीफ की।​———-

मणिपुर: लिटन में तीसरे दिन भी आगजनी, सुरक्षा बल तैनात

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इंफाल, 10 फरवरी (हि.स.)। मणिपुर के उखरुल जिला के लिटन इलाके में मंगलवार को भी हिंसा की खबर सामने आई है। गोलीबारी और आगजनी की नई घटनाओं की खबरें आईं, जबकि सरकार और सुरक्षा एजेंसियां हालात सामान्य करने की लगातार कोशिशों में जुटी हुई हैं।

अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार की सुबह लगातार तीसरे दिन भी हिंसात्मक घटना देखी गयी। दावा किया गया है कि इलाके से गोलीबारी और आगजनी की खबरें सामने आईं। सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। हालात को और बढ़ने से रोकने के लिए और अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। इलाके में कर्फ्यू लगाया गया है। साथ ही मोबाइल इंटरनेट को भी बंद किया गया है।

इस बीच मणिपुर पुलिस मुख्यालय द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार आज सुबह करीब 12.10 बजे के. लुंगविराम गांव में आग लगने की एक छोटी सी घटना हुई, जिससे एक घर को थोड़ा नुकसान हुआ। पास के इलाके से सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पा लिया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और कुल मिलाकर स्थिति सामान्य है।

कोंसाराम विलेज अथॉरिटी (केवीए) ने इस घटना की निंदा की है और राज्य और केंद्र सरकारों से तुरंत सुरक्षा बल तैनात करने, राहत के उपाय करने और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। जिला पुलिस अधिकारियों ने गांव वालों से संपर्क किया है और उन्हें इलाके में शांति का भरोसा दिलाया है।

इस बीच, सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैल रही है कि लिटन घटना के बाद कोंसाखुल के लोग कांटो सबल भाग गए हैं, जो झूठी निकली हैं। कुछ स्टूडेंट्स और परिवारों को छोड़कर कोई भी गांव वाला बाहर नहीं गया है, जिन्होंने नए स्कूल सेशन के शुरू होने की वजह से कुछ समय के लिए किराए पर रहने की जगह मांगी है। पुलिस ने लोगों से अपील है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें या उन्हें न फैलाएं।

ज्ञात हो कि 9 फरवरी को उप मुख्यमंत्री लोसी दिखो के नेतृत्व में विधायकों की एक टीम ने जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए लिटन का दौरा किया था। टीम ने दोनों समुदायों के नेताओं के साथ बैठक की और शांति बहाल करने में मदद के लिए संयम बरतने की अपील की। उप मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आगजनी में शामिल लोगों की पहचान करके उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

भाजपा विधायक गोविंद दास कोंथौजम और इबोमचा ने कहा कि हालात को काबू में करने के लिए कई सुरक्षा उपाय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा रोकने के लिए और फोर्स तैनात की गई और समुदाय के नेताओं से बातचीत शुरू की गई।

खबर है कि यह हिंसा रविवार की रात को शुरू हुई। इसके पीछे की वजह बतायी गयी है कि शनिवार रात तांगखुल नागा और कुकी समुदाय के नशे में धुत दो लोगों के बीच कथित तौर पर मारपीट हुई थी। तांगखुल नागा व्यक्ति पर कथित तौर पर कुकी समुदाय के एक ग्रुप ने हमला किया, जिससे आगजनी हुई और बाद में अशांति फैल गई।

मथुरा: सामूहिक आत्महत्या केस में पत्नी और बच्चों की हत्या के बाद पति ने की खुदकुशी, मौत से पहले बनाया वीडियो

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मथुरा, 10 फरवरी(हि.स.)। जिले के थाना महावन के खप्परपुर में हुआ सामूहिक आत्महत्या केस में मंगलवार शाम नया मोड़ उस समय आ गया, जब पुलिस ने तंत्र-मंत्र की वजह से आत्महत्या करने के साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिए। हालांकि पुलिस अभी तक कुछ भी स्पष्ट बयान नहीं दे रही है।

महावन के खप्परपुर गांव में मंगलवार को तीन बच्चों समेत एक ही परिवार के पांच लोगों के संदिग्ध हालत में मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस आत्महत्या मान रही है हालांकि हत्या और तंत्र विद्या के बिंदु पर जांच जारी है। मृतकों में पति, पत्नी और तीन बच्चे शामिल हैं। बेड पर मां, एक बेटी और एक बेटा मिले, जबकि दूसरी बेटी चारपाई पर थी। वहीं पति फर्श पर पड़ा मिला। पुलिस को मौके पर खून भी मिला है। पुलिस ने मृतक पति मनीष के मोबाइल से एक वीडियो भी बरामद किया है, इसमें मनीष कह रहे हैं कि मैं आत्महत्या कर रहा हूं। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। यह भी कहा है कि कुछ दिन पहले उन्होंने साढ़े 12 लाख रुपये की जमीन बेची थी, उसका पैसा भी उन्हें मिल गया है। प्रथम दृष्टया पत्नी के सिर पर किसी वस्तु से मनीष ने प्रहार किया, फिर तीन बच्चों का गला दबाया, उनकी मृत्यु के बाद खुद को करंट लगा लिया। घटनास्थल पर मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप, एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ, डीएम सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार पहुंचे। डीएम ने बताया कि वीडियो में भी मनीष ने आत्महत्या की बात कही है। आत्महत्या है या फिर कोई और कारण यह भी पता किया जा रहा है।

थाना महावन क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम खप्परपुर में रहने वाले 35 वर्षीय मनीष खेती करते थे। मंगलवार सुबह करीब दस बजे पुलिस को सूचना मिली कि मनीष, उनकी पत्नी सीमा(32), बेटी हनी(5), प्रियांशी (4) और बेटा पंकज (2) के शव सुबह घर के अंदर पड़े मिले हैं। सुसाइड नोट मिला है। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक टीम के साथ घटना की जांच कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मनीष की शादी आठ साल पहले मड़नई सादाबाद से हुई थी। उसके दो भाई और हैं, जो गांव में ही अलग-अलग घरों में रहते हैं। मनीष अपनी पत्नी और बच्चों के साथ इस मकान में रहता था।

इस परिवार के आत्महत्या के पीछे की आखिर वजह क्या रही,ये फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

विपक्ष के निलंबित सांसदों और आरजेडी सांसदों का मकर द्वार पर प्रदर्शन

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नई दिल्ली, 10 फ़रवरी (हि.स.)। कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को संसद में सरकार को घेरने की रणनीति पर बैठक की जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मौजूद रहे। बैठक में इंडी गठबंधन के फ्लोर लीडर्स ने सत्र के दौरान विपक्ष की भूमिका और रणनीति पर चर्चा की।

इसी दौरान लोकसभा से निलंबित किए गए आठों सांसदों ने संसद भवन के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। इन सांसदों में गुरदीप सिंह औजला, मणिकम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, किरण कुमार रेड्डी, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस शामिल थे। प्रदर्शन के दौरान इन सांसदों ने हाथों में प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पोस्टर पकड़ रखा था।

इससे पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसदों ने मंगलवार को संसद भवन के मकर द्वार पर बिहार में बेरोजगारी, अपराध, बलात्कार, गरीबी, पलायन और अशिक्षा जैसे मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में राजद सांसद मनोज झा, प्रेम चंद गुप्ता और संजय यादव समेत कई सांसद शामिल हुए। इन सासंदों ने हाथों में बैनर और पोस्टर ले रखे थे।