चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के सात डीएम को लगाई फटकार

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कार्रवाई की चेतावनी

कोलकाता, 13 फरवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के मामले में सात जिलाधिकारियों (डीएम)/जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को शुक्रवार को निर्वाचन आयोग की नाराज़गी का सामना करना पड़ा।

यह नाराज़गी मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने आयोग की पूर्ण पीठ की वर्चुअल बैठक के दौरान जताई। बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, उनके अधीनस्थ अधिकारी, सभी डीएम/डीईओ, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) शामिल थे।

सीईओ कार्यालय के एक सूत्र के अनुसार, जिन जिलों के डीएम/डीईओ को आयोग की फटकार झेलनी पड़ी, उनमें कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, मालदा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर और पूर्व बर्दवान शामिल हैं।

सूत्रों ने बताया कि कूचबिहार के डीएम/डीईओ को दावों और आपत्तियों की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत पहचान दस्तावेजों को समय पर अपलोड नहीं करने के कारण सीईसी ने कड़ी नाराज़गी जताई। वहीं जलपाईगुड़ी, मालदा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना और पूर्वी मेदिनीपुर के डीएम/डीईओ को उनके खिलाफ कर्तव्य में लापरवाही की शिकायतों को लेकर फटकार लगाई गई।

दक्षिण 24 परगना के डीएम/डीईओ से यह भी स्पष्टीकरण मांगा गया कि भांगड़ क्षेत्र के ईआरओ के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। आरोप है कि उक्त ईआरओ ने एक स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता के साथ मिलकर माइक्रो-ऑब्जर्वरों को धमकाया था। पूर्व बर्दवान के डीएम/डीईओ को आयोग ने सार्वजनिक मंचों पर राजनीतिक टिप्पणी से परहेज करने की सलाह दी।

सूत्रों के मुताबिक सीईसी ने सभी डीएम/डीईओ को समग्र रूप से आगाह किया कि भविष्य में कर्तव्य में लापरवाही की रिपोर्ट मिलने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इससे उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है, जो उनके करियर विकास को प्रभावित कर सकता है। दावों और आपत्तियों की सुनवाई के लिए बढ़ाई गई समय-सीमा शनिवार को समाप्त हो रही है। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया 21 फरवरी तक जारी रहेगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी।

फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट की पत्नी श्वेतांबरी को अंतरिम जमानत

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44 करोड़ के फर्जीवाड़े का मामले

नई दिल्ली, 13 फ़रवरी (हि.स.)। 44 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़ा मामले में उदयपुर जेल में बंद फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट की पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अंतरिम जमानत दे दी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये आदेश दिया।

श्वेतांबरी भट्ट की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि राजस्थान पुलिस उनके मुंबई स्थित दफ्तर पर पहुंची और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। रोहतगी ने कहा कि इस मामले में कम-से-कम श्वेतांबरी भट्ट को अंतरिम जमानत दी जाए।

इस मामले में शिकायतकर्ता अजय मुर्दिया की ओर से पेश वकील ने कहा कि ये मामला 44 करोड़ के फर्जीवाड़े का है। तब कोर्ट ने पूछा कि क्या पैसे की वसूली का हथियार आपराधिक मुकदमा है। चीफ जस्टिस ने कहा कि ये दुर्भाग्य है कि याचिकाकर्ताओं ने एफआईआर निरस्त करने की याचिका नहीं दाखिल की है। इसमें राजस्थान में केस कैसे बना। कोर्ट ने इस मामले में अजय मुर्दिया को भी पक्षकार बनाने का आदेश दिया।

सुनवाई के दौरान रोहतगी ने कहा कि शिकायतकर्ता चाहता था कि उसके ऊपर फिल्म बने। दोनों फिल्म फ्लॉप हो गई, इसमें विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी का भला क्या दोष। फिर उन्हें हिरासत में क्यों रखा जा रहा है।

बता दें कि शिकायतकर्ता अजय मुर्दिया इंदिरा आईवीएफ के मालिक हैं।

आज़मगढ़ में शिया-सुन्नी दंगे में हुई हत्या के मामले में 12 आरोपित दोषी करार, 17 फरवरी को सजा का ऐलान

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आजमगढ़, 13 फ़रवरी (हि.स.)। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय की अदालत ने शुक्रवार को 27 साल पूर्व मुबारकपुर में शिया-सुन्नी दंगे में हुई एक हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने 12 आरोपितों को दोषी करार दिया है। अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 17 फरवरी तारीख निर्धारित की है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा नासिर हुसैन ने मुबारकपुर थाने में 30 अप्रैल 1999 को रिपोर्ट दर्ज कराई। नासिर हुसैन ने अपनी तहरीर में बताया कि उसके चाचा अली अकबर निवासी पूरा ख्वाजा 27 अप्रैल 1999 से लापता थे। अली अकबर के लड़के जैगम ने 28 अप्रैल को गुमशुदगी की सूचना थाने पर दी थी। अली अकबर की सिर कटी लाश राजा भाट के पोखरे से 30 अप्रैल को बरामद की गई। विवेचना में पता चला कि मोहर्रम के जुलूस से लौटते समय अली अकबर को सुन्नी सम्प्रदाय के लोगों ने मारपीट कर हत्या कर दी थी।

इस मामले में पुलिस ने हुसैन अहमद निवासी हैदराबाद, मोहम्मद अयूब फैजी, हाजी मोहम्मद सुलेमान, फहीम अख्तर, असरार अहमद, मोहम्मद याकूब सभी निवासी दुल्हनपूरा, अली जहीर नजीबुल्लाह इरशाद निवासी पूरासोफी, हमीदुल्लाह उर्फ झीनक, मोहम्मद असद हाजी अब्दुल खालिक अफजल अलाउद्दीन दिलशाद तथा वसीम निवासी हैदराबाद के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया। दौरान मुकदमा हाजी मोहम्मद सुलेमान, नजीबुल्लाह, हमीदुल्लाह उर्फ झीनक तथा हाजी अब्दुल खालिक की मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष की तरफ से डीजीसी फौजदारी प्रियदर्शी पियूष त्रिपाठी तथा एडीजीसी दीपक कुमार मिश्रा ने कुल नौ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया।

दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपित हुसैन अहमद , मोहम्मद अयूब फैजी, फहीम अख्तर, असरार अहमद, मोहम्मद याकूब, अली जहीर, इरशाद,मोहम्मद असहद, अफजल, अलाउद्दीन, दिलशाद तथा वसीम को अली अकबर की हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 17 फरवरी की तिथि नियत की है।

प्रदेश में खुले मैदान या पार्क के अतिक्रमण की अनुमति देने पर हाईकोर्ट की रोक

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–कहा गाजियाबाद पार्क मामले में प्राधिकारी याची की शिकायत पर कानून के तहत उचित आदेश दें

प्रयागराज, 13 फरवरी (हि.स)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रदेश में जो एरिया पार्क या खुले मैदान के लिए चिन्हित किया गया है, उसके अतिक्रमण की अनुमति न दी जाय। कोर्ट ने गाजियाबाद के मामले में याची की शिकायत पर प्राधिकारी को कानून के अनुसार उचित आदेश पारित करने का भी निर्देश दिया है।

यह आदेश न्यायमूर्ति एम सी त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने सोसायटी फार वायस आफ ह्यूमन राइट्स एण्ड जस्टिस की तरफ से दाखिल जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।

कोर्ट ने कहा 2013 से जनहित याचिका विचाराधीन है, अब भी पार्क को अन्य उपयोग में लेने की शिकायत बनी हुई है। इसलिए निर्देश के साथ याचिका निस्तारित कर दी।

याचिका पर अधिवक्ता का इतर काम के लिए मनमाना दुरूपयोग किया जा रहा है। याचिका में पार्क या खुले मैदान का अन्य कार्य के लिए इस्तेमाल करने पर रोक लगाने तथा पार्क को पार्क ही रहने देने का समादेश जारी करने की मांग की गई थी। ताकि क्षेत्र का वातावरण-पर्यावरण संतुलित बना रहे। जिस पर कोर्ट ने याची को प्राधिकारी के समक्ष दो हफ्ते में इस आदेश के साथ प्रत्यावेदन देने तथा उस पर उचित आदेश पारित करने का निर्देश दिया है।

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सुप्रीम कोर्ट ने एआर रहमान और डागर को मध्यस्थता से मामला सुलझाने को कहा

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नई दिल्ली, 13 फ़रवरी (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने 2023 के फिल्म पोन्नियनसेलवन 2 का गाना वीरा राजा वीरा के संगीत के कॉपीराइट उल्लंघन के मामले में एआर रहमान और ध्रुपद गायक फैयाद वसीफुद्दीन डागर के बीच चल रहे विवाद में समझौते की सलाह दी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि यह मामला केवल कानूनी अधिकारों का नहीं है, बल्कि डागरवाणी परंपरा और शास्त्रीय विरासत के सम्मान का मामला है।

सुनवाई के दौरान एआर रहमान की ओर से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह धुन पहले भी कई बार सार्वजनिक रुप से गायी जा चुकी है। तब कोर्ट ने कहा क सिंगर फैयाद वसीफुद्दीन डागर परिवार के पूर्वजों का डागरवाणी परंपरा और ध्रुपद गायकी में काफी बड़ा योगदान रहा है। कोर्ट ने सिंघवी से कहा कि शास्त्रीय संगीत के उपासक अक्सर व्यावसायिक प्रतिस्पर्द्धा से दूर रहते हैं और वे सम्मान और अपनी कला की पहचान होती है। अगर इन पारंपरिक घरानों ने शास्त्रीय संगीत की नींव नहीं रखी होती तो आज के आधुनिक संगीतकारों के लिए इस मुकाम तक पहुंचना मुमकिन नहीं होता।

याचिका ध्रुपद संगीतकार उस्ताद वसीफुद्दीन डागर ने दायर की है। याचिका में गाना वीरा राजा वीरा के कॉपीराइट के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता के पिता नासिर फैयाजुद्दीन डागर और चाचा जहीरुद्दीन डागर द्वारा तैयार किए गए संगीत पर उनका कॉपीराइट है। इस किस्म के गायन को डागर वाणी का नाम दिया गया है और ये ध्रुपद गायन का आधार है। याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता के पिता के पुराने गीतों में से एक शिव स्तुति है जिसे 1970 में गाया गया था।

 सामूहिक विवाह योजना घोटाले में एडीओ दाेषी

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निलंबन के लिए शासन काे भेजी गई रिपोर्ट

मुरादाबाद, 13 फरवरी (हि.स.)। सामूहिक विवाह मामले में शासन की तरफ से गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस मामले में अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा हो रही है। जिलाधिकारी अनुज सिंह ने बताया कि जांच में दोषी पाए गए एडीओ समाज कल्याण प्रशांत कुमार के निलंबन की संस्तुति रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।

कुंदरकी विधायक ठाकुर रामवीर सिंह ने प्रभारी मंत्री अनिल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में मनमानी और घोटाले का प्रकरण उठाया था। जिसके बाद स्थानीय स्तर पर सुर्खियां बने इस मामले की गूंज सरकार व शासन तक पहुंच गई थी। कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह ने आयोजनों पर अंगुली उठाते हुए जिले के प्रभारी मंत्री अनिल कुमार से इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। इसके बाद उप्र सरकार में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के निर्देश पर शासन की तीन सदस्यीय टीम ने भी इस मामले की जांच करके 12 फरवरी को अपनी रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग के मंत्री व आला अधिकारियों को सौंप दी थी। टीम ने समाज कल्याण अधिकारियों के साथ लाभार्थियों से भी पूछताछ की थी। जांच में सामने आया था कि किसी की शादी छह माह पहले हो चुकी थी तो किसी की तीन महीने पहले की थी।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रकरण में जिलाधिकारी अनुज सिंह ने जांच कराई तो जांच के दौरान भ्रष्टाचार की परतें खुलती गई। जिले के 30 अधिकारियों की टीम ने बीते सप्ताह बिलारी और कुंदरकी ब्लॉक की 808 शादियों का सत्यापन किया। जांच में 35 जोड़े अपात्र पाए गए थे। इस मामले में जांच अधिकारी जिला विकास अधिकारी जीबी पाठक की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने पांच ग्राम विकास अधिकारी और छह सचिवों को निलंबित कर दिया था। जिसमें मूंढापांडे ब्लाक में तैनात ग्राम विकास अधिकारी रवि कुमार, रविपाल, रणवीर सिंह, शादाब अली और अमित कुमार को व मूंढापांडे के ग्राम सचिव घनेंद्र सिंह, मोहन सिंह रावत, इंतजार हुसैन, रवि कुमार, सादाब वली और रजत को दोषी पाए जाने पर सस्पेंड किया गया था। साथ ही दो अन्य बीडीओ और दो सचिवों से स्पष्टीकरण मांगा गया था। इस मामले में जिलाधिकारी अनुज सिंह ने एडीओ समाज कल्याण प्रशांत कुमार की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर निलंबन की संस्तुति कर शासन को रिपोर्ट भेज दी।

दोबारा शादी करने वाले जोड़ों से वसूली की जाएगी

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मुरादाबाद बुद्धि विहार परिसर में चार और आर्केडिया में पांच दिसंबर को सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया था। शासन की जांच के बाद दोबारा शादी करने वाले जोड़ों से वसूली भी की जाएगी। इसके साथ ही आधा अधूरा और नकली सामान सप्लाई के मामले में ठेकेदारों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। शासन की टीम ने जांच पूरी कर ली है। समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण इस मामले में अंतिम निर्णय लेंगे।

देहरादून में जमशेदपुर के कुख्यात अपराधी विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या

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पूर्वी सिंहभूम, 13 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शुक्रवार सुबह एक सनसनीखेज वारदात में जमशेदपुर के कुख्यात अपराधी रहे विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना शहर के व्यस्त इलाके स्थित सिल्वर सिटी मॉल के बाहर हुई, जहां वह जिम से बाहर निकल रहा था। इसी दौरान पहले से घात लगाए हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों ने बेहद करीब से गोलियां चलाईं। इससे विक्रम शर्मा को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह मौके पर ही गिर पड़ा।

घटना सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। बताया जाता है कि विक्रम शर्मा रोजाना की तरह मॉल स्थित जिम में व्यायाम करने गया था। जैसे ही वह जिम से बाहर निकला, पैदल पहुंचे दो हमलावरों ने पिस्तौल से लगातार तीन गोलियां दाग दीं। गोली लगते ही वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और मॉल परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फॉरेंसिक टीम और एसटीएफ मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने प्रारंभिक जांच के आधार पर कहा है कि हत्या सुनियोजित प्रतीत होती है। जिस तरह से हमलावरों ने बेहद नजदीक से फायरिंग की, उससे स्पष्ट है कि वे पूरी तैयारी के साथ आए थे। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की पहचान के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।

मृतक विक्रम शर्मा मूल रूप से जमशेदपुर का रहने वाला था और उसका नाम झारखंड के कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका था। हाल के दिनों में वह कई मामलों में अदालत से बरी हुआ था और इसके बाद राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया था। वह प्रॉपर्टी डीलिंग और स्टोन क्रशर और मीडिया हाउस के कारोबार से भी जुड़ा हुआ था। उसका नाम कभी झारखंड के चर्चित गैंगस्टर अखिलेश सिंह के साथ भी जोड़ा जाता रहा है। कुछ हलकों में उसे अखिलेश सिंह का करीबी और मार्गदर्शक तक कहा जाता था, हालांकि पुलिस ने इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं पर जांच की बात कही है।वहीं इस घटना के बाद न केवल देहरादून बल्कि जमशेदपुर और पूरे झारखंड के आपराधिक जगत में सनसनी फैल गई है।

देहरादून के एसएसपी अजय सिंह का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आपसी रंजिश, गैंगवार या कारोबारी विवाद की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और दावा किया जा रहा है कि जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।

सर्राफा बाजार में चांदी की बढ़ी चमक, सोने के भाव में गिरावट का रुख

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नई दिल्ली, 13 फ़रवरी (हि.स.)। घरेलू सर्राफा बाजार में सोने के भाव में लगातार दो दिन की तेजी के बाद आज कमजोरी का रुख नजर आ रहा है। सोना आज 1,120 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 1,220 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया। दूसरी ओर, चांदी के भाव में आज 5,200 रुपये प्रति किलोग्राम की मजबूती नजर आ रही है। सोने के भाव में आई कमजोरी के कारण देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान 24 कैरेट सोना आज 1,58,390 रुपये से लेकर 1,58,540 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज 1,45,190 रुपये से लेकर 1,45,340 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। जबकि चांदी के भाव में उछाल आने के कारण ये चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में आज शुरुआती कारोबार में 2,95,100 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है।

दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,58,540 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,45,340 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,58,390 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,45,190 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,58,440 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,45,240 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।

इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,58,390 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,45,190 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। वहीं कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,58,390 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,45,190 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। भोपाल में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,58,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,45,240 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,58,540 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,45,340 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,58,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,45,240 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,58,540 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,45,340 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने के भाव में कमजोरी दर्ज की गई है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों- बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,58,390 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,45,190 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

जनवरी महीने में यात्री वाहनों की थोक बिक्री 13 फीसदी बढ़ी: सियाम

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नई दिल्‍ली, 13 फरवरी (हि.स)। जनवरी महीने में कार, बाइक और तिपहिया वाहनों की थोक बिक्री में मजबूत बढ़त दर्ज की गई है। घरेलू यात्री वाहनों की थोक बिक्री जनवरी में सालाना आधार पर 13 फीसदी बढ़कर 4,49,616 इकाई हो गई। पिछले साल जनवरी में यह 3,99,386 इकाई रही थी।

उद्योग संगठन सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों में बताया कि जनवरी में दोपहिया वाहनों की बिक्री 26 फीसदी बढ़कर 19,25,603 इकाई हो गई, जबकि पिछले साल जनवरी में यह 15,26,218 इकाई थी। उद्योग संगठन के अनुसार तिपहिया वाहनों की थोक बिक्री सालाना आधार पर 30 फीसदी बढ़कर 75,725 इकाई हो गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 58,167 इकाई रही थी। सियाम के ताजा आंकड़े बताते हैं कि बाजार में मांग का माहौल सुधरता नजर आ रहा है। इससे माना जा रहा है कि बाजार में मांग धीरे-धीरे मजबूत हो रही है।

शेयर बाजार में आईटी सेक्टर की वजह से मचा कोहराम, सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट

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– एक दिन मेें निवेशकों को लगा 7.11 लाख करोड़ रुपये का चूना

नई दिल्ली, 13 फ़रवरी (हि.स.)। नकारात्मक ग्लोबल संकेतों, आईटी सेक्टर में जारी जोरदार बिकवाली और रुपये की कमजोरी के कारण घरेलू शेयर बाजार आज सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बड़ी गिरावट का शिकार हो गया। आज शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। आज के कारोबार की शुरुआत भी कमजोरी के साथ हुई थी। बाजार खुलने के बाद खरीदारी के सपोर्ट से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों की चाल में कुछ तेजी भी आई। हालांकि थोड़ी ही देर बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया, जिसकी वजह से इन दोनों सूचकांकों की कमजोरी बढ़ती चली गई। दिन के पहले सत्र में खरीदारों ने कई बार लिवाली का जोर बनाने की कोशिश भी की लेकिन दूसरे सत्र में बाजार पर बिकवाल पूरी तरह से हावी हो गए। पूरे दिन के कारोबार के बाद सेंसेक्स 1.25 प्रतिशत और निफ्टी 1.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

आज दिनभर के कारोबार के दौरान स्टॉक मार्केट के सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट का शिकार होकर लाल निशान में बंद हुए। आईटी सेक्टर के अलावा मेटल और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में भी आज जम कर बिकवाली होती रही। इसी तरह पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज, टेक, ऑयल एंड गैस, हेल्थकेयर, कंज्यूमर ड्यूरेबल, कैपिटल गुड्स, ऑटोमोबाइल, एनर्जी, रियल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेलीकॉम और बैंकिंग इंडेक्स भी गिरावट के साथ बंद हुए। ब्रॉडर मार्केट में भी आज लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा, जिसके कारण बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.71 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ। इसी तरह स्मॉलकैप इंडेक्स ने 1.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ आज के कारोबार का अंत किया।

आज शेयर बाजार में आई कमजोरी के कारण स्टॉक मार्केट के निवेशकों की संपत्ति में सात लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी हो गई। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन आज के कारोबार के बाद घट कर 465.37 लाख करोड़ रुपये (अनंतिम) हो गया। जबकि पिछले कारोबारी दिन यानी गुरुवार को इनका मार्केट कैपिटलाइजेशन 472.48 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह निवेशकों को आज के कारोबार से करीब 7.11 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया।

आज दिनभर के कारोबार में बीएसई में 4,364 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हुई। इनमें 1,318 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 2,882 शेयरों में गिरावट का रुख रहा, वहीं 164 शेयर बिना किसी उतार-चढ़ाव के बंद हुए। एनएसई में आज 2,909 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हुई। इनमें से 637 शेयर मुनाफा कमा कर हरे निशान और 2,272 शेयर नुकसान उठा कर लाल निशान में बंद हुए। इसी तरह सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से सिर्फ दो शेयर बढ़त के साथ और 28 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। जबकि निफ्टी में शामिल 50 शेयरों में से छह शेयर हरे निशान में और 44 शेयर लाल निशान में बंद हुए।

बीएसई का सेंसेक्स आज 772.19 अंक की कमजोरी के साथ 82,902.73 अंक के स्तर पर खुला। कारोबार की शुरुआत होते ही खरीदारी का सपोर्ट मिलने से यह सूचकांक उछल कर 83,079.70 अंक के स्तर तक पहुंच गया। इसके बाद बाजार में बिकवाली का दबाव बन गया, जिसकी वजह से इस सूचकांक की कमजोरी बढ़ती चली गई। खरीदार बीच-बीच में लिवाली का जोर बनाने की कोशिश भी करते रहे लेकिन बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि सेंसेक्स संभल नहीं सका। खासकर, दिन के दूसरे सत्र में मंदडिये पूरी तरह से बाजार पर हावी हो गए, जिसके कारण आज का कारोबार खत्म होने के थोड़ी देर पहले यह सूचकांक 1,140.37 अंक टूट कर 82,534.55 अंक के स्तर तक गिर गया। अंत में इंट्रा-डे सेटलमेंट की वजह से हुई मामूली खरीदारी के कारण सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 90 अंक से अधिक की रिकवरी कर 1,048.16 अंक की गिरावट के साथ 82,626.76 अंक के स्तर पर बंद हुआ।

सेंसेक्स की तरह एनएसई के निफ्टी ने आज 236.05 अंक टूट कर 25,571.15 अंक के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। बाजार खुलने के बाद खरीदारी का सपोर्ट मिलने से थोड़ी ही देर में यह सूचकांक छलांग लगा कर 25,630.35 अंक के स्तर तक आ गया। इसके बाद बाजार पर मंदड़ियों का कब्जा हो गया, जिसके कारण इस सूचकांक की कमजोरी बढ़ती चली गई। दिन के पहले सत्र में खरीदारों ने कई बार लिवाली का जोर बनाने की कोशिश की लेकिन बिकवाली के दबाव के आगे खरीदारों की कोई भी कोशिश सफल नहीं हो सकी। लगातार हो रही बिकवाली के कारण आज का कारोबार खत्म होने के थोड़ी देर पहले निफ्टी 362.90 अंक लुढ़क कर 25,444.30 अंक के स्तर तक गिर गया। अंत में दिन के सौदों के निपटारे के कारण हुई खरीदारी के कारण यह सूचकांक निचले स्तर से 25 अंक से अधिक की रिकवरी कर 336.10 अंक की कमजोरी के साथ 25,471.10 अंक के स्तर पर बंद हुआ।

आज दिनभर हुई खरीद-बिक्री के बाद स्टॉक मार्केट के दिग्गज शेयरों में से बजाज फाइनेंस 2.57 प्रतिशत, आयशर मोटर्स 1.54 प्रतिशत, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस 0.60 प्रतिशत, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 0.52 प्रतिशत और सिप्ला 0.11 प्रतिशत की मजबूती के साथ आज के टॉप 5 गेनर्स की सूची में शामिल हुए। दूसरी ओर, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज 5.74 प्रतिशत, हिंदुस्तान युनिलीवर 4.34 प्रतिशत, एटरनल 4.30 प्रतिशत, अदानी एंटरप्राइजेज 3.40 प्रतिशत और ओएनजीसी 3.24 प्रतिशत की कमजोरी के साथ आज के टॉप 5 लूजर्स की सूची में शामिल हुए।