हेतु भारद्वाज को मिलेगा घासीराम वर्मा पुरस्कार

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हेतु भारद्वाज को मिलेगा इक्कावन हजार का घासीराम वर्मा पुरस्कार
जयपुर। साहित्य, संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों में संलग्न प्रयास संस्थान, चूरू द्वारा प्रदेश के हिंदी साहित्य को समर्पित प्रतिष्ठित वार्षिक घासीराम वर्मा साहित्य पुरस्कार वर्ष 2026 के लिए सुप्रसिद्ध साहित्यकार डाॅ. हेतु भारद्वाज को दिया जाएगा।
प्रयास संस्थान के सचिव कमल शर्मा ने बताया कि संस्थान द्वारा वर्ष 2008 से निरंतर यह वार्षिक पुरस्कार राजस्थान के हिंदी साहित्यकारों को प्रदान किया जाता है। इस कड़ी में वर्ष 2026 के लिए यह पुरस्कार जयपुर निवासी अट्ठासी वर्षीय डाॅ. हेतु भारद्वाज को काव्य-नाटक ‘पूर्णावतार’ के लिए दिया जाएगा।
सचिव शर्मा ने बताया कि पुरस्कार स्वरूप साहित्यकार को इक्कावन हजार रुपये, शॉल, श्रीफल और मानपत्र देकर अंलकृत किया जाएगा। प्रयास के अध्यक्ष और जाने माने साहित्यकार डॉ दुलाराम सहारण के मुताबिक यह पुरस्कार अब तक डॉ. सत्यनारायण, मनीषा कुलश्रेष्ठ, हेमंत शेष, रत्नकुमार सांभरिया, कमर मेवाड़ी, पल्लव, भगवान अटलानी, माधव हाड़ा, नंदकिशोर आचार्य, पद्मजा शर्मा, ऋतुराज, जवरीमल्ल पारख, विनोद पदरज, कृष्ण कल्पित, जितेंद्र भाटिया, जीवन सिंह आदि को दिया जा चुका है।

 नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन के विस्तार कॉरिडोर को मिली मंजूरी

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नई दिल्ली, 14 फरवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार को नोएडा मेट्रो रेल परियोजना के नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक 11.56 किलोमीटर लंबाई के 8 स्टेशनों वाले विस्तारित कॉरिडोर को मंजूरी दी।

इस गलियारे के चालू होने पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 61.62 किलोमीटर का सक्रिय मेट्रो रेल नेटवर्क हो जाएगा। यह परियोजना शहर में मेट्रो रेल नेटवर्क का एक बड़ा विस्तार है।

इस चरण का उद्देश्य नोएडा के प्रमुख क्षेत्रों को सुचारू रूप से एकीकृत करना है। इनमें सेक्टर-142 स्थित एडवेंट बिजनेस पार्क, सेक्टर-98 स्थित स्काईमार्क वन मॉल और सेक्टर-93 स्थित मॉल ऑफ नोएडा जैसे वाणिज्यिक केंद्र, माइक्रोसॉफ्ट (धारा 145), टीसीएस (धारा 157), हैवल्स (धारा 126) जैसी प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनियां और आईटी हब, सेक्टर-125 में एमिटी विश्वविद्यालय, सेक्टर-91 में पंचशील बालक इंटर कॉलेज और सेक्टर-44 में महामाया बालिका इंटर कॉलेज जैसे शैक्षणिक संस्थान, महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं, प्रमुख पर्यटक आकर्षणों में बॉटनिकल गार्डन और सेक्टर-93 पार्क शामिल हैं।

सरकार के मुताबिक यह न केवल कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा बल्कि आर्थिक गतिविधि को भी बढ़ावा देगा और रोजगार, व्यवसाय, शिक्षा तथा सामान्य परिवहन से संबंधित निवासियों और यात्रियों दोनों के लिए शहरी गतिशीलता को आसान बनाएगा।

कांग्रेस ने हमेशा देश की सुरक्षा को खतरे में डाला−मोदी

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असम डर और असुरक्षा में जीता रहा: प्रधानमंत्री

गुवाहाटी, 14 फ़रवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि कांग्रेस ने हमेशा देश की सुरक्षा को खतरे में डाला तथा उसके शासनकाल में असम और पूरा पूर्वोत्तर डर और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर रहा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने पूर्वोत्तर को प्राथमिकता देते हुए यहां शांति, विकास और सशक्तीकरण की नई इबारत लिखी है।

प्रधानमंत्री ने गुवाहाटी में आयोजित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘बूथ विजय संकल्प सभा’ को संबोधित करते हुए कहा कि आज ही पुलवामा हमले की बरसी है और वह मां भारती के उन वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए। इस आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस प्रकार आतंकियों को सजा दी, उसे पूरी दुनिया ने देखा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस में कभी देशहित में ऐसे साहसिक फैसले लेने की क्षमता थी। उनका आरोप था कि कांग्रेस ने कभी राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी और उसकी नीतियों के कारण पूर्वोत्तर लंबे समय तक हिंसा और अस्थिरता से जूझता रहा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के प्रयासों से आज असम में शांति स्थापित हो रही है। एक समय था जब असम बम धमाकों और हिंसा की घटनाओं से दहलता था और हर साल बड़ी संख्या में लोग हिंसा के शिकार होते थे लेकिन अब स्थिति बदल रही है। बोडो, कार्बी, आदिवासी, डीएनएलए और उल्फा जैसे संगठनों से जुड़े लोगों ने हथियार छोड़कर संविधान के रास्ते पर चलने का निर्णय लिया है। यह परिवर्तन केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने पूर्वोत्तर को केवल वोट बैंक की राजनीति के नजरिए से देखा और विकास की उपेक्षा की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में असम को टैक्स हिस्सेदारी के रूप में मात्र 10 हजार करोड़ रुपये मिलते थे, जबकि आज भाजपा सरकार में यह राशि पांच गुना बढ़ गई है। पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने असम को विकास परियोजनाओं के लिए 5.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक प्रदान किए हैं। इस वर्ष के बजट में भी असम को लगभग 50 हजार करोड़ रुपये टैक्स हिस्सेदारी के रूप में मिलने का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर को ‘अष्टलक्ष्मी’ मानती है और इसे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस वर्ष के केंद्रीय बजट में पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। असम में राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य सड़क परियोजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। बेहतर कनेक्टिविटी से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि असम में ऐसे आधुनिक हाई-वे बन रहे हैं जिन पर आवश्यकता पड़ने पर विमान भी उतर सकते हैं। उन्होंने मोरान में विकसित की जा रही आपातकालीन लैंडिंग सुविधा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश की सुरक्षा को और मजबूत करेगी। ब्रह्मपुत्र नदी में रिवर टूरिज्म की संभावनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसे और विस्तार दिया जाएगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा की सफलता का श्रेय पार्टी कार्यकर्ताओं को जाता है। उन्होंने स्वयं को भाजपा का एक साधारण कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान यही है कि वह पार्टी के कार्यकर्ता हैं। उन्होंने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे प्रत्येक बूथ पर विजय सुनिश्चित करें और हर मतदाता तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि यदि बूथ जीता, तो चुनाव भी जीता जाएगा।

उन्होंने कांग्रेस पर तकनीकी विकास में भी पूर्वोत्तर की उपेक्षा का आरोप लगाया। उनका कहना था कि 3जी और 4जी तकनीक के दौर में कांग्रेस ने असम और पूर्वोत्तर तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाने में पर्याप्त प्रयास नहीं किए, जबकि भाजपा सरकार ने 5जी तकनीक को तेजी से गांव-गांव तक पहुंचाने का काम किया है। इससे गुवाहाटी सहित पूरे क्षेत्र के युवाओं को हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा मिल रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने असम में गरीबों के लिए आवास, शौचालय और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की हैं। लाखों परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है। इन उपलब्धियों का श्रेय जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को जाता है।

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर देश को विभाजित करने वाली ताकतों के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज की कांग्रेस हर उस विचार का समर्थन करती है जो देश को कमजोर करता है। उन्होंने लोगों से कांग्रेस से सावधान रहने और असम के विकास के लिए भाजपा-राजग सरकार का समर्थन जारी रखने की अपील की।

सभा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि असम और पूर्वोत्तर का सामर्थ्य विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगा और क्षेत्र देश की प्रगति में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

इग्नू की प्रवेश परीक्षाओं के ऑनलाइन पंजीकरण 5 मार्च तक

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मुरादाबाद, 14 फरवरी (हि.स.)। हिन्दू काॅलेज मुरादाबाद में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के समन्वयक प्रो. एके सिंह ने बताया कि इग्नू द्वारा पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी के लिए ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 5 मार्च है। इसी प्रकार बीएड जनवरी 2026 सत्र कार्यक्रम के लिए भी ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 27 फरवरी है।

प्रो. एके सिंह ने आगे बताया कि पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग के लिए भी ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसकी पंजीकरण की अंतिम तिथि 5 मार्च निर्धारित की गई है। उन्होंने सभी इच्छुक अभ्यर्थियों से निर्धारित तिथि से पूर्व ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है, ताकि वे समय पर प्रवेश प्रक्रिया में सम्मिलित हो सकें। प्रवेश परीक्षा की तिथि की घोषणा अभी नहीं हुई है।

स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले गैंग के छह बदमाश गिरफ्तार

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ऑनलाइन बेटिंग के जरिए भी करते थे ठगी

नोएडा, 14 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विशेष कार्यबल (नोएडा यूनिट) नै बीती रात को एनसीआर के विभिन्न नामी निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले गैंग के छह लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग ऑनलाइन बेटिंग के जरिए ठगी भी करते थे। आरोपितों के कब्जे से वह मोबाइल फोन भी मिला है जो नोएडा के विभिन्न स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ई-मेल से जुड़े रिकवरी मेल में प्रयोग किया गया था।

अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ राजकुमार मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में नेपाल और भारत के नागरिक शामिल हैं। आरोपित गाजियाबाद के इंदिरापुरम और शाहबेरी क्षेत्र में रहकर कॉल सेंटर के रूप में अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क संचालित कर रहे थे।

जांच में सामने आया कि धमकी भरा मेल यूएसए से ओरिजिनेट हुआ था। हालांकि तकनीकी पड़ताल में यह भी पता चला कि उससे जुड़ा रिकवरी ई-मेल बांग्लादेश और भारत से लिंक था। आगे की जांच में रिकवरी मेल का कनेक्शन थाना बिसरख क्षेत्र के शाहबेरी इलाके से जुड़ा पाया गया। इसी के आधार पर एसटीएफ ने छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

उन्होंने बताया कि एसटीएफ टीम ने शाहबेरी स्थित आरोपितों के संदिग्ध ठिकाने पर छापा मारा तो वहां बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुए। पूछताछ के लिए सभी संदिग्धों को एसटीएफ कार्यालय लाया गया। गहन पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपित अवैध ऑनलाइन बेटिंग एप्स के लिए कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे। यह गिरोह अमेरिकी नामों से मिलती-जुलती फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर ग्राहकों से संपर्क करता था। मोबाइल और लैपटॉप में बड़ी संख्या में ऐसी ई-मेल आईडी लॉगिन मिलीं। आरोपित वीपीएन और फेक जीपीएस लोकेशन ऐप का इस्तेमाल कर अपनी वास्तविक लोकेशन छिपाते थे। यह लोग मुख्य रूप से अमेरिका, भारत और नेपाल के नागरिकों को ऑनलाइन बेटिंग में निवेश के लिए प्रेरित करते थे। लालच देकर उनसे मोटी रकम वसूल की जाती थी। आरोपितों द्वारा कई ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म को टेक सपोर्ट भी दिया जा रहा था।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में अमीष जंग कारकी (नेपाल), अनन्त कुमार (आगरा), दिव्यांशु (बिहार), साहिल कुमार (बिहार), लेखनाथ शर्मा (नेपाल) और केदारनाथ (नेपाल) शामिल हैं। इनके पास से चार लैपटॉप, 22 मोबाइल फोन, दो नेपाली पासपोर्ट, दो फर्जी आधार कार्ड, चार पैन कार्ड, 16 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, एक चेकबुक, नेपाली पैन कार्ड, नागरिकता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और 19 हजार 500 रुपये भारतीय मुद्रा बरामद हुई है।

पूछताछ में मुख्य आरोपित अमीष ने बताया कि वह मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है। उसने 2019-20 में ऑस्ट्रेलिया से बीबीए किया है। वर्ष 2023 में उसने देवराज नामक व्यक्ति के साथ गेममानो कंपनी में काम किया था। सोशल मीडिया के जरिए अनन्त को जोड़ा गया, जो पूर्व में नोएडा स्थित धनी ऐप ऑफिस में कार्यरत था। वहीं अनन्त और दिव्याशु 12वीं पास हैं। इनकी उम्र करीब 25 वर्ष है। वहीं लेखनाथ और केदारनाथ ने नेपाल और ऑस्ट्रेलिया से एमबीए की पढ़ाई की है। पुलिस के अनुसार पढ़े-लिखे युवाओं द्वारा संगठित तरीके से साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एसटीएफ को आरोपितों के कब्जे से वह मोबाइल फोन भी मिला है, जो धमकी भरे ई-मेल से जुड़े रिकवरी मेल में इस्तेमाल हुआ था। इस मोबाइल की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या धमकी भरे ई-मेल और बेटिंग नेटवर्क का कोई प्रत्यक्ष संबंध है या नहीं। गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ थाना सूरजपुर गौतमबुद्धनगर में संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और विदेशी कनेक्शन की भी जांच कर रही है। एसटीएफ यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया और कितनी रकम ट्रांजैक्शन के जरिए बाहर भेजी गई। बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट की भी जांच की जा रही है। आरोपित कबसे गिरोह को संचालित कर रहे थे, इसकी जांच की जा रही है।

वैलेंटाइन- डे पर प्रेमी युगल ने गोली मारकर की आत्महत्या

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कार में मिले दोनों का शव

नोएडा, 14 फ़रवरी (हि.स.)। वैलेंटाइन- डे के दिन थाना सेक्टर 39 क्षेत्र के सलारपुर गांव के पास शनिवार दोपहर को एक कार में एक प्रेमी जोड़े का शव मिला है। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों एक दूसरे से प्रेम करते थे। किसी वजह से दोनों ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है।

थाना सेक्टर 39 के प्रभारी निरीक्षक डीपी शुक्ल ने बताया कि शनिवार दोपहर को पुलिस को सूचना मिली कि सेक्टर 107 के पास एक दिल्ली नंबर की कार में एक युवक और युवती का शव पड़ा है। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने जब जांच की तो पुलिस को पता चला कि दोनों की मृत्यु हो गई है। कार में मौजूद युवक- युवती के सिर में गोली लगी थी। लड़के के हाथ में पिस्टल मिली है। कार अंदर से लॉक थी।

उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान सुमित पुत्र राजवीर निवासी त्रिलोकपुरी दिल्ली उम्र 32 वर्ष तथा रेखा पुत्री देवचंद निवासी सलारपुर सेक्टर 101 उम्र 26 वर्ष के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि दोनों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम नेे निरीक्षण किया । शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का लग रहा है। पुलिस को जांच में पता चला है कि दोनों एक दूसरे से प्रेम करते थे। पुलिस को आशंका है कि दोनों ने किसी वजह से गोली मार कर आत्महत्या कर ली है। वैलेंटाइन- डे काे इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी पैदा कर दी है।

शिवरात्रि विशेष : 52 स्वयंभू लिंगों में से एक लोधेश्वर महादेव का शिवलिंग

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बाराबंकी, 14 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील से तीन किलोमीटर दूर उत्तर भारत का सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। यहां वर्ष में चार बार बड़े मेलों का आयोजन होता है। कुछ वर्ष पहले तक पुजारी की देखरेख में ही मेले निपट जाते थे। विगत लगभग 20 वर्षों से यहां पर लगने वाले मेले प्रशासन की देखरेख में होने लगे हैं। प्रशासन श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं भी करता है।

लोधेश्वर महादेव की महिमा इतनी है कि उत्तर भारत के लगभग सभी जिलों के लोग प्रतिदिन यहां दर्शन पूजन अर्चन और जलाभिषेक के लिए आते हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब से यहां काशी विश्वनाथ की तर्ज पर कॉरिडोर के लिए घोषणा की है, तब से यहां की व्यवस्थाएं और भी बेहतर होने लगी हैं। लोधेश्वर महादेव का इतिहास महाभारत कालीन इतिहास को समेटे हुए है। पौराणिक तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेव का शिवलिंग स्वयंभू के लिए प्रसिद्ध है।विद्वानों की ऐसी मान्यता है कि पृथ्वी पर 12 ज्योतिर्लिंग व 52 स्वयंभू लिंगों में से एक लोधेश्वर महादेव का शिवलिंग है। महादेव का शिवलिंग परम शक्ति की महिमा से सृष्टि की उत्पत्ति व निर्माण के लिए हुआ है।

मंदिर के पुजारी कहते हैं कि भगवान शिव ने संसार के कल्याण हेतु लिंग के रूप में प्रकट हुए। इनके लिंगों में द्वादश ज्योतिर्लिंग तथा आवश्यकतानुसार कामद लिंग उत्पन्न हुए हैं। इसी क्रम में जनपद बाराबंकी के तहसील रामनगर में सरयू नदी (घाघरा) के किनारे बाराह क्षेत्र जिसे शूकर क्षेत्र भी कहते हैं। यहां पर सर्वप्रथम सतयुग में भगवान ने धरती का उद्धार करने हेतु गोंडा जिला के पसका क्षेत्र में प्रकट हुए। भगवान बाराह ने शिव अर्चना कर स्वयं को शुद्ध करने हेतु कामना की। तो भगवान सदाशिव गंडकी (सरयू) नदी के किनारे वाराह वन क्षेत्र में स्वयंभू लिंग के रूप में प्रकट हुए। वह प्रथम बार भगवान वाराह रूपी विष्णु द्वारा उनकी पूजा अर्चना की गई और इन्हें गंडकेश्वर का नाम स्वयं भगवान विष्णु ने दिया। कालांतर में सतयुग समाप्त होने पर गंडक नदी व वाराह वन में शिव मूर्ति भूमिगति हो गई। पुनः त्रेता युग में जब भगवान विष्णु ने राक्षसों का नाश करने व पृथ्वी को राक्षसहीन करने अयोध्या में चक्रवर्ती राजा दशरथ के यहां भगवान राम के रूप में अवतार लिए और अपनी लीलाओं को समाप्त कर सरयू नदी के गुप्तार घाट में सशरीर अपने अनुज सहित चले गए। तो यह देख उनके पुत्र लव महाराज को आत्म ग्लानि हुई कि मेरे सम्मुख में पिता व अन्य चले गए। मैं कुछ न कर सका। इस कारण महाराज लव अस्वस्थ रहने लगे। उपचार का कोई लाभ न होने पर वशिष्ठ जी ने उन्हें वाराह क्षेत्र में जाकर गंडक नदी के किनारे भगवान शिव के कामद लिंग के बारे में बताया। जिस पर लव महाराज ने उनकी खोज करके पूजन किया तथा इनका नामकरण अपने ही नाम पर लवेश्वर रखा। कलयुग में यह लोधेश्वर नाम से जाने गए।

महादेवा मठ की सहायक गद्दियां नदवल गुरशडी, भवनियापुर, सेठ मऊ, नागेश्वर, चकदहा, भगौली तीर्थ, ररिया, पटना, मोहम्मदपुर, त्रिलोकपुर, धौखरिया, सरदहा है। इसका एक मठ कैलाशपुरी एवं बिरौली में है। यह सब पूरी नामा गद्दी हैं। उक्त जानकारी मठ के प्रतिनिधियों द्वारा प्राप्त हुई है। क्योंकि वह पुरी पंथ के सन्यासी थे। जो निहंग होते हैं। शादी ब्याह नहीं करते हैं। महंत बनाए गए तब से आज तक इस प्रथा में मंदिर व्यवस्था चल रही है। भगवान लोधेश्वर की यश महिमा चारों दिशाओं में फैली है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान तक के सुदूर इलाकों से लोग गंगा जल लेकर पैदल कावड़ यात्रा करते बम भोले का उद्घोष करते प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक करते हैं। यहां विशाल मेला लगता है। श्रावण मास में पूरे माह व भादों मास की हरतालिका तीज व अगहन मास में मेले का आयोजन किया जाता है।

उप्र की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी ढाई गुना से ऊपर पहुंची

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– 9 वर्षों में यूपी में महिला श्रम भागीदारी 13 फीसदी से बढ़कर 36 फीसदी पहुंची

लखनऊ, 14 फ़रवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों में राज्य में महिला श्रम बल भागीदारी दर 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इससे उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति मिल रही है। इसी अवधि में प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2017 में करीब 13 लाख करोड़ रुपये तक सीमित रही जीएसडीपी 2026-27 में बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये की ओर अग्रसर है।

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने शनिवार काे बताया कि महिला श्रम बल भागीदारी दर में हर एक प्रतिशत की वृद्धि से सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 0.5 से एक प्रतिशत तक अतिरिक्त उछाल आता है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अर्थशास्त्र का यह सिद्धांत व्यवहार में साबित होता दिख रहा है। यही नहीं, महिला कार्यबल बढ़ने से उत्पादन क्षमता, श्रम उत्पादकता और राज्य के टैक्स बेस तीनों में समानांतर विस्तार हुआ है।

महिलाएं बनीं ‘ग्रोथ मल्टीप्लायर’

महिलाओं की आय बढ़ने से घरेलू उपभोग में वृद्धि हुई है, जिससे एमएसएमई गतिविधियों और सेवा क्षेत्र को लगातार गति मिल रही है। ग्रामीण स्वयं सहायता समूह, डेयरी और कृषि आधारित उद्योगों से लेकर शहरी सेवा क्षेत्र तक महिलाएं अब ‘ग्रोथ मल्टीप्लायर’ की भूमिका निभा रही हैं।

ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की राह आसान करेंगी महिलाएं

नीतिगत स्तर पर महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए उत्तर प्रदेश में आर्थिक भागीदारी का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। यदि यही रफ्तार बनी रही तो उत्तर प्रदेश की ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की राह में महिलाओं की भूमिका निर्णायक रहेगी।

नौकरी की गारंटी होगी प्रदेश के वानिकी विश्वविद्यालय की डिग्री: योगी

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गोरखपुर, 14 फ़रवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कैम्पियरगंज में बनने जा रहे प्रदेश के पहले वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय (फॉरेस्ट्री एंड हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी) की डिग्री नौजवानों के लिए नौकरी की गारंटी होगी। इस विश्वविद्यालय से डिग्री और डिप्लोमा लेकर निकलने वाले युवाओं के लिए देश और दुनिया में रोजगार के व्यापक अवसर होंगे। साथ ही यह विश्वविद्यालय अन्नदाता किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सीएम योगी शनिवार को जंगल कौड़िया ब्लॉक में पुनर्निर्मित बीडीओ कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कैम्पियरगंज में बने गिद्धराज जटायु संरक्षण केंद्र का उल्लेख करते हुए कहा कि कृतज्ञता ज्ञापित करना हमारी भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। हमारे लिए किसी ने कुछ किया तो उसके प्रति कृतज्ञ होना हमारी जीवनशैली का हिस्सा है। गिद्धराज जटायु की मानव जाति पर बड़ी कृपा रही। माता सीता का हरण कर ले जा रहे रावण का पहला प्रतिकार गिद्धराज जटायु ने किया था। वह सृष्टि के पालनकर्ता भगवान विष्णु की सवारी भी हैं। आज केमिकल और पेस्टिसाइड्स के इस्तेमाल के चलते गिद्धराज की संख्या कम होती जा रही, वे मर रहे हैं। ऐसे में गिद्धराज के प्रति कृतज्ञता जताने और उनको संरक्षण देने के लिए कैम्पियरगंज में संरक्षण केंद्र बनाया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कैम्पियरगंज में प्रदेश का पहला वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय बनाया जाएगा। यहां युवाओं को जो डिप्लोमा व डिग्री मिलेगी, वह देश-दुनिया में नौकरी की गारंटी वाली होगी। आज दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती पर्यावरण प्रदूषण की है। वायु प्रदूषण से फेफड़े खराब होंगे और धीरे-धीरे पूरा शरीर खराब हो जाएगा। जब प्रदूषण नहीं होगा तो बीमारी भी नहीं होगी। उन्होंने वायु प्रदूषण को लेकर दिल्ली की चर्चा करते हुए कहा कि वहां डॉक्टर दमा रोगियों, बुजुर्गों और बच्चों को घर से बाहर न निकलने की सलाह देते हैं। यह स्थिति पर्यावरण के साथ खिलवाड़ से बनती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास भी है और दमघोंटू वातावरण से मुक्ति भी। इसी क्रम में कैम्पियरगंज में बनने जा रहा वानिकी विश्वविद्यालय पर्यावरण की चुनौतियों से निपटने में और कारगर सिद्ध होगा। यह वनाच्छादन बढ़ाने और किसानों की आमदनी में वृद्धि का भी नया प्रयास होगा।

नीयत साफ हो तो परिणाम अपने आप आ जाते हैं

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 के बाद प्रदेश और गोरखपुर के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि जब नीयत साफ हो तो परिणाम अपने आप आ जाते हैं। अच्छी दिशा में किए गए प्रयास से आज गोरखपुर में खाद कारखाना चालू हो चुका है। गोरखपुर में एम्स सेवाएं दे रहा है, बीआरडी मेडिकल कॉलेज चिकित्सा का उत्कृष्ट केंद्र बन चुका है। पिपराइच में चीनी मिल दोबारा चालू हो गई है। धुरियापार में कम्प्रेस्ड बायो गैस का प्लांट लग चुका है। गीडा में उद्योग ही उद्योग नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोरखपुर और प्रदेश में विकास के बहुत बड़े-बड़े कार्य हो रहे हैं। विकास की सोच ही वर्तमान और भावी पीढ़ी के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में सहायक होगी।

जंगल कौड़िया के हर गांव से जुड़ाव

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जंगल कौड़िया ब्लॉक के हर गांव से जुड़ाव का जिक्र किया। कहा कि वह यहां एक-एक गांव गए हैं। हर गांव की समस्या जानते हैं, समस्या समाधान के लिए संघर्ष किया है। बाढ़ की स्थिति में पानी में घुसकर लोगों तक पहुंचे हैं। समस्याओं की तस्वीर पहले से सामने थी तो लखनऊ से उन सभी समस्याओं का समाधान भी करा दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जंगल कौड़िया ब्लॉक व कैम्पियरगंज विधानसभा क्षेत्र में आज विकास की जो स्थिति है, वह लोगों की कल्पनाओं से भी परे है। यहां कालेसर-जंगल कौड़िया बाईपास बन जाने से लोग सीधे लखनऊ पहुंच जाते हैं, वह भी सिर्फ तीन-साढ़े तीन घंटे में। चिउटहा से कुशीनगर जाने में सिर्फ आधा घंटा लगता है। क्षेत्र की हर प्रमुख सड़क फोरलेन हो गई है। बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान हो रहा है। जंगल कौड़िया में पूज्य ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की स्मृति में डिग्री कॉलेज बन गया है। यहां 2 हजार से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा मिल रही है। स्टेडियम बन गया है। कुश्ती के प्रशिक्षण और अभ्यास की सुविधा से क्षेत्र के पहलवानों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। विकास के साथ ही गरीबों के कल्याण के कार्य हुए हैं। आवास, शौचालय, राशन, आयुष्मान भारत, पेंशन का लाभ हर पात्र को उपलब्ध हुआ है। यह सब विकास के प्रति भाव रखने का ही परिणाम है।

पूर्व ब्लाॅक प्रमुख रामपति यादव को याद किया सीएम ने

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जंगल कौड़िया के पूर्व ब्लॉक प्रमुख स्वर्गीय रामपति यादव को भी श्रद्धापूर्वक याद किया। कहा कि 1952 से आजीवन गोरक्षपीठ से जुड़े रहे रामपति यादव 1962 में जंगल कौड़िया के प्रमुख बने और तभी इस ब्लॉक मुख्यालय की स्थापना हुई थी। उन्होंने शालीनता और सहजता के साथ लंबे समय तक लोगों की सेवा की।

वर्तमान प्रमुख के कार्यों काे सीएम ने सराहा

मुख्यमंत्री ने जंगल कौड़िया के वर्तमान ब्लॉक प्रमुख बृजेश यादव के कार्यों की सराहना की। कहा कि उन्होंने सवा करोड़ रुपये की ब्लॉक निधि और विकसित भारत जीरामजी योजना का बेहतर उपयोग किया है। ब्लॉक भवन में वातानुकूलित सभागार बनवाया है, साथ में सोलर पैनल की भी व्यवस्था की है। विकास के पैसे का ऐसा ही इस्तेमाल हो तो हर ब्लॉक चमकता दिखेगा। सीएम योगी ने भरोहिया ब्लॉक के विकास की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जंगल कौड़िया के लोगों के साथ वह हमेशा खड़े हैं। विकास की हर मांग को वह पूरा करने के लिए तैयार हैं। सीएम योगी ने सभी लोगों को महाशिवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पर्व शुभता का प्रतीक है।

सीएम की प्रेरणा से कैम्पियरगंज में बनेगी एशिया की सबसे बड़ी फॉरेस्ट्री यूनिवर्सिटी : फतेह बहादुर सिंह

लोकार्पण समारोह में कैम्पियरगंज के विधायक फतेह बहादुर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कानून व्यवस्था, औद्योगिक प्रगति, रोजगार, महिला सुरक्षा और जनकल्याण के कार्यक्रम नजीर पेश कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में अपने विधानसभा क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व कार्यों की विस्तार से चर्चा की। साथ ही बताया कि सीएम योगी की प्रेरणा और मंशा के अनुरूप एशिया की सबसे बड़ी फॉरेस्ट्री यूनिवर्सिटी कैम्पियरगंज में बनने जा रही है। शीघ्र ही इसका शिलान्यास मुख्यमंत्री जी द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए जंगल कौड़िया के ब्लॉक प्रमुख बृजेश यादव ने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन से यह ब्लॉक विकास के पैमाने पर पचास साल आगे चल रहा है।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश मत्स्य निगम के चेयरमैन रमाकांत निषाद, भरोहिया के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि संजय सिंह, पूर्वांचल विकास बोर्ड के सदस्य विजय शंकर यादव, पूर्व ब्लॉक प्रमुख गोरख सिंह, भाजपा के जिला मंत्री सदानंद शर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

सीएम ने किया पुर्ननिर्माण कार्य का निरीक्षण और पौधरोपण

मंचीय कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जंगल कौड़िया ब्लॉक परिसर में हुए पुनर्निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। साथ ही स्वर्गीय द्वारिका पांडेय शहीद स्मारक स्थल और पूर्व प्रमुख स्वर्गीय रामपति यादव की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उन्होंने ब्लॉक परिसर में रुद्राक्ष का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

गेंदबाज रवि बिश्नोई को हाईकोर्ट से मिली राहत

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जोधपुर, 14 फरवरी (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी रवि बिश्नोई को राहत देते हुए सवाई माधोपुर के जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) की ओर से जारी विंटेज स्कूटर के सत्यापन संबंधी नोटिस के प्रभाव और संचालन पर रोक लगा दी है।

न्यायाधीश कुलदीप माथुर की एकल पीठ में याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि याची अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों में भारतीय टीम के लिए खेल रहे हैं और वे ग्रेडेड खिलाड़ियों की सूची में भी शामिल हैं। इस समय आईसीसी मेंस टी-20 वर्ल्ड कप भी चल रहा है। ऐसे में वे अपने विंटेज स्कूटर के सत्यापन के लिए सवाई माधोपुर जिले में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की स्थिति में नहीं हैं। इसी आधार पर कोर्ट ने डीटीओ कार्यालय, सवाई माधोपुर की ओर से जारी नोटिस के प्रभाव पर रोक लगाते हुए आदेश दिया कि स्कूटर के पंजीकरण प्रमाणपत्र को लेकर वाहन सिटीजन सर्विस पोर्टल पर यथास्थिति बनाए रखी जाए।