यूरोपीय देशों का आरोप-जेल में ‘दुर्लभ विष’ देकर की गई एलेक्सी नवलनी की हत्या

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म्यूनिख, 14 फरवरी (हि.स.)। पांच यूरोपीय देशों ने रूस पर आरोप लगाया है कि उसने विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी को जेल में एक “दुर्लभ और घातक विष” दिया गया, जिससे उनकी मौत हुई। यह आरोप म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के दौरान संयुक्त बयान जारी कर लगाया गया।

यूके, स्वीडेन, फ्रांस, जर्मनी और नीदरलैंड्स ने कहा कि शव से लिए गए नमूनों की जांच के बाद उन्हें भरोसा है कि नवलनी को घातक टॉक्सिन दिया गया था। उनके अनुसार यह विष एपिबैटिडीन से जुड़ा है, जो दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले डार्ट फ्रॉग की त्वचा में मिलता है और अत्यंत जहरीला माना जाता है।

नवलनी की फरवरी 2024 में रूस की एक आर्कटिक जेल में मौत हुई थी, जहां वे 19 साल की सजा काट रहे थे। यूरोपीय देशों ने कहा कि इस तरह के जहर का इस्तेमाल करने की क्षमता, मंशा और अवसर केवल रूसी राज्य के पास था और इसलिए वही जिम्मेदार है।

यूलिया नवलनाया ने कहा कि अब यह “वैज्ञानिक रूप से सिद्ध” हो चुका है कि उनके पति की हत्या की गई। उन्होंने दावा किया कि पहले यह आरोप शब्दों तक सीमित था, लेकिन अब प्रयोगशाला जांच ने इसे साबित कर दिया है।

ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेटे कूपर ने कहा कि यह मामला क्रेमलिन द्वारा आलोचकों को चुप कराने की साजिश को उजागर करता है। उन्होंने सम्मेलन के दौरान नवलनी की पत्नी से मुलाकात भी की।

इन देशों ने इस निष्कर्ष की जानकारी रासायनिक हथियारों पर निगरानी रखने वाली संस्था ऑर्गनाइजेशन फॉर द प्रोहिबिशन ऑफ केमिकल वीपन्स (ओपीसीडब्ल्यू) को भी दे दी है। साथ ही रूस पर रासायनिक हथियार संधि के उल्लंघन का आरोप लगाया गया।

गौरतलब है कि नवलनी को 2020 में भी सोवियत दौर के नर्व एजेंट नोविचोक से जहर देने का मामला सामने आया था, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए जर्मनी ले जाया गया था।

नवलनी को रूस में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान और सत्ता प्रतिष्ठान की आलोचना के लिए जाना जाता था। वे लंबे समय से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मुखर आलोचक रहे और उन्होंने देशभर में बड़े विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व किया था।

नेपाल में ब्राउन शुगर, जाली नोट के साथ भारतीय नागरिक गिरफ्तार

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काठमांडू, 14 फ़रवरी (हि.स.)। नेपाल के सुनसरी जिले की कोशी गाँव जमुवा से जाली नोट, एक स्वचालित पिस्तौल और करीब 100 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ एक भारतीय को गिरफ्तार किया गया है।

निर्वाचन क्षेत्र सुरक्षा बेस के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान बिहार के अररिया जिले के बेला ग्राम पंचायत निवासी 36 वर्षीय राम खेलन पासवान के रूप में हुई है। वह सुबह भारतीय सीमा से कोशी के जमुवा की ओर मोटरसाइकिल (बीआर 50 एजे 4229) से जा रहा था। इस दौरान कुछ संदेह होने पर जांच के लिए उसे हिरासत में लिया गया। जांच के दौरान उसके पास से कुछ भारतीय और नेपाली करेंसी, एक स्वचालित पिस्तौल, पिस्तौल की गोलियां और ब्राउन शुगर बरामद की गयी। इसके अलावा, अज्ञात मादक पदार्थ की 6 कैप्सूल और निट्राजेपाम की 5 गोलियां भी जब्त की गई हैं। निर्वाचन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सीमा क्षेत्र में तैनात सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल की बीओपी श्रीपुर इकाई की टीम ने उक्त भारतीय को गिरफ्तार किया।

 बांग्लादेश में नए सांसदों का शपथ ग्रहण मंगलवार को

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नई सरकार भी ले सकती है शपथ

ढाका, 14 फरवरी (हि.स.)। बांग्लादेश में नव-निर्वाचित सांसदों का शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार को आयोजित होगा। संसद सचिवालय की सचिव कनिज मौल ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। अधिकारियों के अनुसार, उसी दिन नई सरकार के शपथ लेने की भी संभावना है।

हालिया संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को स्पष्ट बहुमत मिला है और वह करीब दो दशकों बाद सत्ता में वापसी की तैयारी में है। पार्टी का नेतृत्व तारिक रहमान ने किया, जो 17 साल के स्व-निर्वासन के बाद ब्रिटेन से सक्रिय राजनीति में लौटे। यह चुनाव खास रहा क्योंकि इसमें अवामी लीग ने हिस्सा नहीं लिया।

299 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ, जिनमें से 297 सीटों के नतीजे घोषित किए जा चुके हैं। बीएनपी ने 209 सीटें जीतकर दबदबा बनाया, जबकि जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश को 68 सीटें मिलीं और वह प्रमुख विपक्षी पार्टी के रूप में उभरी है। चुनाव आयोग के सचिव अख्तर अहमद ने निर्वाचित सांसदों की आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी कर दी है।

शपथ दिलाने की प्रक्रिया को लेकर कुछ संवैधानिक सवाल बने हुए हैं। निवर्तमान स्पीकर शिरीन शरमीन चौधरी सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रही हैं, जबकि पूर्व डिप्टी स्पीकर शमसुल हक तुकु न्यायिक हिरासत में हैं। ऐसे में प्रक्रिया कौन पूरी कराएगा, इस पर चर्चा जारी है।

कैबिनेट सचिव शेख अब्दुर राशिद ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुसार मंत्रिपरिषद को शपथ राष्ट्रपति दिलाते हैं। वहीं स्पीकर या डिप्टी स्पीकर की अनुपस्थिति में मुख्य न्यायाधीश या मुख्य चुनाव आयुक्त सांसदों को शपथ दिला सकते हैं।

उन्होंने बताया कि गजट जारी होने के बाद सांसदों को तीन दिनों के भीतर शपथ लेना अनिवार्य है और यह समयसीमा 17 फरवरी तक पूरी होगी। शपथ के बाद दल अपने संसदीय नेता चुनेंगे और बहुमत दल का नेता राष्ट्रपति को बहुमत का समर्थन होने की सूचना देगा, जिसके बाद सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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ब्रह्मपुत्र पर निर्मित कुमार भास्कर वर्मा सेतु का प्रधानमंत्री मोदी ने किया उद्घाटन

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– नॉर्थ ईस्ट के लिए नेशनल डेटा सेंटर, आईआईएम गुवाहाटी और पीएम-ई बस सेवा की मिली साैगात

गुवाहाटी, 14 फरवरी (हि.स.)। असम दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार काे मोरान में राष्ट्रीय राजमार्ग पर आपातकालीन लैंडिंग सेवा (ईएलएफ) का उद्घाटन करने के बाद गुवाहाटी पहुंचे, जहां पर उन्होंने कई विकासात्मक परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने गुवाहाटी के माछखोवा में आयोजित एक कार्यक्रम में ब्रह्मपुत्र नदी पर गुवाहाटी-उत्तर गुवाहाटी को जोड़ने के लिए लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गये छह लेन के केबल ब्रिज कुमार भास्कर वर्मा सेतु, नॉर्थ ईस्ट के लिए नेशनल डेटा सेंटर, आईआईएम गुवाहाटी और पीएम-ई बस सेवा के तहत 225 ई-बसों को आम जनता के लिए समर्पित किया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इन विकासात्मक परियोजनाओं से असम में कनेक्टिविटी और ग्रोथ के एक नए युग की शुरुआत हुई है।

कुमार भास्कर वर्मा सेतु के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री पुल पर काफी दूर तक पैदल चलकर उसका जायजा लिया। इस मौके पर असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य एवं मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा भी मौजूद थे। पुल के उद्घाटन के अवसर पर नदी के किनारे भारी संख्या में आम नागरिक भी मौजूद थे।

ज्ञात हो कि, पुल के जरिए गुवाहाटी से उत्तर गुवाहाटी तक पहुंचने में मात्र सात मिनट का समय लगेगा। पहले यह दूरी वाहन के जरिए लगभग एक घंटा से अधिक और नाव के जरिए आधे घंटे में पूरी होती थी। पुल के बन जाने से गुवाहाटी में आना-जाना काफी आसान हो जाएगा।

पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली ईएलएफ को भारतीय वायु सेना के सहयोग से डिजाइन और निर्मित किया गया है। यह आपात स्थिति में सैन्य एवं नागरिक विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ की सुविधा प्रदान करेगी। प्राकृतिक आपदाओं या रणनीतिक जरूरतों के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की त्वरित तैनाती के लिए यह महत्वपूर्ण संपत्ति साबित होगी। दोहरे उपयोग वाली इस बुनियादी ढांचे को 40 टन तक वजन वाले लड़ाकू विमानों और 74 टन अधिकतम टेकऑफ वजन वाले परिवहन विमानों को संभालने में सक्षम बनाया गया है।

प्रधानमंत्री माेदी का गुवाहाटी के खानापारा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से आयोजित बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित करने का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है।——————-

शहरी चुनौतियों के लिए बनेगा एक लाख करोड़ का कोष

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नई दिल्ली, 14 फरवरी (हि.स.)। केंद्र सरकार शहरों में विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपये का शहरी चुनौती कोष (यूसीएफ) लेकर आई है। इससे शहरों के लिए बनी विकास परियोजनाओं पर लागत का 25 प्रतिशत केंद्रीय सहायता के तौर पर दिया जाएगा। शर्त यह रहेगी की 50 प्रतिशत लागत को बाजार से जुटाया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को उक्त आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस फैसले की जानकारी आज केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने राष्ट्रीय मीडिया केन्द्र में पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार शहरी विकास दृष्टिकोण को अनुदान-आधारित वित्तपोषण से हटाकर बाजार-संबद्ध, सुधार-संचालित और परिणाम-उन्मुख अवसंरचना निर्माण की ओर अग्रसर करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस निधि से 10 लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले सभी शहर, इससे कम आबादी वाले सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश की राजधानियां और एक लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले प्रमुख औद्योगिक शहर कवर होंगे। इसके अतिरिक्त पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों और एक लाख से कम जनसंख्या वाले छोटे स्थानीय निकाय ऋण पुनर्भुगतान गारंटी योजना के तहत सहायता के पात्र होंगे। सिद्धांत रूप में सभी शहर यूसीएफ के अंतर्गत आएंगे।

सरकार का कहना है कि बदलाव लाने वाले नतीजों पर आधारित शहरी विकास के लिए आर्थिक, सामाजिक और जलवायु से जुड़े बदलाव लाने वाले नतीजों के आधार पर परियोजना का मूल्यांकन किया जाएगा। राजस्व जुटाने, नौकरियां बनाने, बेहतर सुरक्षा, सबको साथ लेकर चलने, सर्विस इक्विटी और सफाई पर ध्यान दिया जाएगा। निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, शहरी प्रशासन मजबूत होगा और भविष्य के लिए तैयार शहरों को बनाने में तेजी आएगी।

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मुख्यमंत्री ने डॉ. हेडगेवार की प्रतिमा का अनावरण किया

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बोलीं- राष्ट्र प्रथम की भावना को देगी प्रेरणा

नई दिल्ली, 14 फ़रवरी (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शाहदरा के डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पहले सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमा का शनिवार को अनावरण किया। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने जो विचार और लक्ष्य शुरू किया था, वह आज मजबूत और विशाल संगठन के रूप में देश सेवा कर रहा है। व्यक्ति निर्माण के जरिए समाज को संगठित करने का उनका मार्ग आज भारत के सांस्कृतिक जागरण की मजबूत नींव बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान में लगी यह प्रतिमा केवल स्मारक नहीं है, बल्कि यह सेवा, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना की प्रेरणा देती रहेगी।

इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, विश्वास नगर के विधायक ओम प्रकाश शर्मा, लक्ष्मी नगर के विधायक अभय वर्मा, शाहदरा के विधायक संजय गोयल, कृष्णा नगर के विधायक अनिल गोयल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल की बढ़ती जरूरत को देखते हुए इसके विस्तार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जल्द ही यहां नई मंजिल बनाई जाएगी और आधुनिक चिकित्सा मशीनें लगाई जाएंगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि संस्थान में जो भी कमियां हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि विस्तार के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर काम जल्द शुरू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनापार की बड़ी आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, इसके लिए मजबूत और व्यवस्थित हेल्थ नेटवर्क बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के एक साल के कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य कवर को 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया गया है। 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों के लिए ‘वय वंदन योजना’ की शुरुआत की गई है। अब तक 7 लाख से अधिक नागरिक इस योजना में पंजीकृत हो चुके हैं और लगभग 30,000 लोगों को उपचार का लाभ मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में अब तक 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जा चुके हैं और 1100 केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार के सभी अस्पतालों को पूर्ण रूप से डिजिटल किया जा चुका है। अब प्रत्येक मरीज का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड उपलब्ध है, ऑनलाइन ओपीडी अपॉइंटमेंट की सुविधा शुरू कर दी गई है और किसी भी अस्पताल में उपचार का पूरा इतिहास एक क्लिक में देखा जा सकता है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि उपचार प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित होगी। पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षा के कारण कई अस्पतालों में आवश्यक मशीनों का अभाव था, लेकिन वर्तमान सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। जीबी पंत अस्पताल में अत्याधुनिक सीटी स्कैनर, न्यूरो लैब और न्यूरो आईसीयू जैसी सुविधाएं स्थापित की गई हैं।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि आज डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान कड़कड़डूमा में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमा का अनावरण हम सबके लिए गौरव और प्रेरणा का क्षण है। जिस अस्पताल का नाम उनके आदर्शों पर आधारित हो और वहां उनके जीवन एवं योगदान का कोई प्रतीक चिन्ह न हो, यह निश्चित रूप से एक कमी थी। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर तुरंत संज्ञान लेकर उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया। उनकी यह प्रतिमा ‘राष्ट्र प्रथम से राष्ट्र निर्माण’ के उनके संदेश को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।

उन्होंने कहा कि हमारे पथप्रदर्शक डॉ. हेडगेवार ने 1915 में चिकित्सा शिक्षा पूर्ण करने के बावजूद निजी पेशे के स्थान पर राष्ट्रसेवा का मार्ग चुना और 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना कर राष्ट्रनिर्माण की एक सशक्त विचारधारा को जन्म दिया। आज उन्हीं आदर्शों से प्रेरित होकर दिल्ली सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है। एक वर्ष के भीतर 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं।

राहुल गांधी किसानों और कपड़ा निर्यातकों के बीच भ्रम फैला रहें : पीयूष गोयल

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नई दिल्ली, 14 फरवरी (हि.स.)। केन्द्रीय वाणिज्य उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर पलटवार किया है। कपड़ा निर्यातकों और कपास उत्पादक किसानों को लेकर दिए बयान का खंडन करते हुए मंत्री ने शनिवार को कहा कि राहुल गांधी देश के किसानों और कपड़ा निर्यातकों के बीच भ्रम फैला रहे हैं।

पीयूष गोयल ने मुंबई में एक पत्रकार वार्ता में राहुल पर निशाना साधा और इसे अपने एक्स अकाउंट से भी साझा किया। गोयल ने कहा कि राहुल गांधी नकारात्मक राजनीति कर रहे हैं। यह देश की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास है।

कपड़ा उद्योग को लेकर राहुल के बयान पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि 38 विकसित देशों को शामिल करने वाले हमारे 9 मुक्त व्यापार समझौतों ने 45 लाख करोड़ रुपये के संभावित वस्त्र बाजार के द्वार खोल दिए हैं। देश आज 4 लाख करोड़ रुपये के वस्त्रों का निर्यातक है। इससे किसानों और कपड़ा व्यापारियों को लाभ मिलेगा। साथ ही लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कपड़ा निर्यातकों पर हमला कर रहे हैं और भारतीय किसानों को डराने की कोशिश कर रहे हैं कि कपास की मांग कम हो जाएगी। उन्हें यह जानकारी नहीं है कि अमेरिका में कपास का उत्पादन बहुत कम है और अमेरिकी निर्यात केवल 6 अरब डॉलर है। उन्हें यह भी नहीं पता कि बांग्लादेश भारत से 27 लाख डॉलर का कपास आयात करता है, और उन्हें यह आयात जारी रखना होगा क्योंकि अमेरिका के पास अतिरिक्त कपास नहीं है। ऐसे में हमारे कपड़ा क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाओं को देखते हुए, भारतीय कपास की मांग लगातार बढ़ेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

‘निर्यात के लिए शून्य-शुल्क आयात’ की नीति पर मंत्री ने कहा कि राहुल अपनी ही सरकार की नीतियों पर हमला कर रहे हैं। कांग्रेस सरकार ने सत्ता में रहते हुए विदेश व्यापार नीति और विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) अधिनियम के तहत निर्यात वस्तुओं के उत्पादन में उपयोग होने वाले कच्चे माल के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी थी। इसमें कपास भी शामिल था।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि अमेरिका के साथ हुए समझौते को लेकर केन्द्र सरकार और मंत्री भ्रम फैला रहे हैं। देश में कपड़ा उद्योग और कपास की खेती पर करोड़ो लोगों की जीविका टिकी है। समझौते से बड़ी संख्या में लोगों पर आर्थिक संकट आएगा।

राहुल गांधी ने एक्स पर एक वीडियो संदेश में कहा था कि हमारा देश अमेरिका से कपास आयात करता है तो उसे गारमेंट्स निर्यात पर शुल्क नहीं देना पड़ेगा। अगर भारत ऐसा नहीं करेगा तो उस पर 18 प्रतिशत कर देना पड़ेगा। अमेरिका से कपास मंगवाने पर हमारे किसान बर्बाद हो जाएंगे। वहीं नहीं मंगवाने पर कपड़ा उद्योग पिछड़कर तबाह हो जाएगा। बांग्लादेश संकेत दे रहा है कि वह भारत से कपास आयात भी कम या बंद कर सकता है।

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उत्तराखंड में जेपी नड्डा का सरकार और संगठन के बीच समन्वय पर जोर

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देहरादून, 14 फरवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को उत्तराखंड भाजपा प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लक्ष्य मानते हुए कार्यकर्ताओं से अभी से मिशन मोड में जुटने का आह्वान किया।

शनिवार को जौलीग्रांट स्थित एक होटल में आयोजित इस बैठक में नड्डा ने सरकार के विकास कार्यों की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई और प्रदेश में बेहतर कार्यों के लिए पुष्कर सिंह धामी सरकार की सराहना की। बैठक में संगठनात्मक मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी और आगामी चुनावों की रणनीति को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। नेताओं ने बूथ स्तर तक पार्टी को सशक्त बनाने और जनसंपर्क अभियान को तेज करने पर भी विचार-विमर्श किया।

उत्तराखंड भाजपा के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने प्रेस वार्ता में बताया कि बैठक में संगठन के कार्यक्रमों और सरकार के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि 17 फरवरी से संगठन-सरकार समन्वय बैठकों की शुरुआत की जाएगी। मंडल एवं बूथ स्तर पर कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर संगठन को मजबूत किया जाएगा, विशेषकर उन बूथों पर जहां पिछले चुनाव में पार्टी को पराजय मिली थी। उन्होंने बताया कि 23 मार्च को प्रदेश सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने पर विशाल जनसभा आयोजित करने की योजना है, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी या केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से समय मांगा जाएगा। साथ ही 17 फरवरी से प्रशिक्षण महाअभियान की शुरुआत प्रदेश कार्यशाला से होगी, जिसके बाद जिला और मंडल स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

भट्ट ने बताया कि बैठक में “सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण” सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तरीय अभियानों की समीक्षा भी की गई। इनमें सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण के 11 साल संकल्प से सिद्धि तक, योग दिवस, एक पेड मां के नाम, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मृति दिवस, तिरंगा यात्रा, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, सेवा पखवाड़ा, आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान, नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफॉर्म, प्रदेश संगठनात्मक कार्यशाला, सरदार पटेल @150 यूनिटी मार्च, वंदे मातरम @150 वर्ष, जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार, वीर बाल दिवस और बजट प्रचार अभियान शामिल रहे।

बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, रमेश पोखरियाल निशंक, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, अजय भट्ट, माला राज्यलक्ष्मी शाह सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इतिहास, संस्कृति और संतुलन के साथ जीवन जीने की अवधारणा को जोड़ती है यूनानी चिकित्सा पद्धति : अब्दुल मजीद

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नई दिल्ली, 14 फ़रवरी (हि.स.)। हमदर्द लेबोरेटरीज के चेयरमैन और मैनेजिंग ट्रस्टी अब्दुल मजीद ने विश्व यूनानी दिवस के अवसर पर कहा कि यह चिकित्सा पद्धति इतिहास, संस्कृति और संतुलन के साथ जीवन जीने की अवधारणा को जोड़ती है। उन्होंने कहा कि यूनानी चिकित्सा को केवल एक पारंपरिक इलाज पद्धति के रूप में नहीं, बल्कि स्वास्थ्य को समझने और जीने की एक सोच के रूप में पेश करती है, जो आज के दौर में बढ़ती बीमारियों, जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं और अधूरे इलाज के तरीकों के बीच भी प्रासंगिक बनी हुई है।

वे शनिवार को नई दिल्ली में विश्व यूनानी दिवस पर जारी की गई नई डॉक्यूमेंट्री यूनानी की कहानी के मौके पर बोल रहे थे।

विश्व यूनानी दिवस पर डिस्कवरी चैनल में जारी की गई नई डॉक्यूमेंट्री ‘यूनानी की कहानी’ के बारे में अब्दुल मजीद ने कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री यूनानी चिकित्सा की उस यात्रा को दर्शाती है, जो प्राचीन ग्रीस से शुरू होकर भारत की धरती पर विकसित हुई। इस सफर के दौरान डॉक्यूमेंट्री कुछ बुनियादी सवाल उठाती है जैसे: स्वस्थ होने का असली मतलब क्या है? हम सिर्फ लक्षणों का इलाज क्यों कर रहे हैं, बीमारी को जड़ से ठीक क्यों नहीं कर पा रहे?

यह फिल्म यूनानी की मूल सोच को सामने लाती है, जिसमें शरीर, मन, आत्मा और पर्यावरण के बीच संतुलन को स्वास्थ्य की बुनियाद माना जाता है, न कि बीमारी को अलग-अलग करके देखा जाता है। उन्होंने कहा कि डॉक्यूमेंट्री कोविड-19 जैसे दौर की भी याद दिलाती है, जब भारत ने सिर्फ आधुनिक चिकित्सा पर ही नहीं, बल्कि अपनी पुरानी उपचार पद्धतियों और रोकथाम के ज्ञान की ओर भी रुख किया।जिम सर्भ की आवाज़ डॉक्यूमेंट्री को एक आधुनिक और जिज्ञासु अंदाज़ देती है, जो दर्शकों को सहजता से जोड़ती है और विषय को गहराई के साथ सामने रखती है।

अपने अनुभव के बारे में बात करते हुए अभिनेता जिम सर्भ ने कहा, “‘यूनानी की कहानी’ का वर्णन करना मेरे लिए एक सीखने वाला अनुभव रहा। मैं यह देखकर गहराई से प्रभावित हुआ कि यह चिकित्सा पद्धति इतिहास, संस्कृति और संतुलन के साथ जीवन जीने की अवधारणा को कैसे जोड़ती है।”

डॉक्यूमेंट्री में हिप्पोक्रेट्स और इब्न सीना जैसे ऐतिहासिक नामों के साथ-साथ भारत के अग्रणी व्यक्तित्व हकीम अजमल ख़ान, हाफ़िज़ अब्दुल मजीद और हकीम अब्दुल हमीद की भूमिका को भी दर्शाया गया है, जिससे यह समझ आता है कि यूनानी चिकित्सा कैसे अलग-अलग सभ्यताओं और संस्कृतियों के प्रभाव से एक जीवंत प्रणाली के रूप में विकसित हुई।

इस डॉक्यूमेंट्री में आधुनिक चिकित्सा, आयुर्वेद, यूनानी, शैक्षणिक शोध और भारत के प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञों के विचार भी शामिल हैं।

पिछले एक दशक में स्वास्थ्य खर्च का बोझ कम हुआ : जेपी नड्डा

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देहरादून, 14 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा शनिवार को जौलीग्रांट स्थित स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न संकायों में डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई दी।

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत में स्वास्थ्य सेवाओं पर जेब से होने वाले खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है जिससे परिवारों, विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों पर वित्तीय बोझ कम हुआ है। भारत ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा रिपोर्ट किए गए रुझानों के अनुरूप निरंतर वेक्टर-जनित रोग नियंत्रण प्रयासों के माध्यम से मलेरिया के मामलों और मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है।

उन्होंने व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा के महत्व का उल्‍लेख करते हुए बताया कि देशभर में 1.82 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर नागरिकों के लिए प्राथमिक संपर्क बिंदु के रूप में चल रहे हैं। इनमें से 50,000 केंद्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों (एनक्‍यूएएस) के तहत प्रमाणित किया जा चुका है और निकट भविष्य में यह संख्‍या एक लाख तक करने का लक्ष्य है।

केंद्रीय मंत्री ने डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दीक्षांत केवल एक शैक्षणिक पड़ाव नहीं, बल्कि जीवन की नई यात्रा की शुरुआत है। डिग्री के साथ मानव निर्माण और समाज के प्रति उत्तरदायित्व भी जुड़ा होता है। उन्होंने कहा कि अमृतकाल के अगले 25 वर्ष विकसित भारत के निर्माण के निर्णायक वर्ष होंगे, जिनमें आज के युवा साक्षी ही नहीं, कर्ताधर्ता भी बनेंगे। उन्होंने कहा कि भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की ताकत अंततः इसके चिकित्सा पेशेवरों की प्रतिबद्धता, सक्षमता और करुणा पर निर्भर करती है।

केंद्रीय मंत्री ने विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान मानव सेवा, चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की मजबूत और स्थिर अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्धियों को रेखांकित किया।

समारोह में उपस्थित मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की युवा शक्ति राज्य की सबसे बड़ी ताकत है और स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय ने शिक्षा, चिकित्सा और जनसेवा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना, टेलीमेडिसिन, पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में केंद्र सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का उल्लेखनीय सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ”प्रधानमंत्री मोदी के उत्तराखंड के तीसरे दशक” की अवधारणा के अनुरूप उत्तराखंड में विकास कार्य संपादित किया जा रहे हैं।

उन्होंने रिवर्स पलायन, राज्य के जल-जंगल बचाने के लिए लिए गए ठोस निर्णयों, दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क-बिजली-इंटरनेट कनेक्टिविटी की पहुंच, पर्यटन विकास, मत्स्य विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में हो रहे सकारात्मक बदलावों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, कौशल और संवेदनशीलता का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें, ताकि उनके कार्यों में करुणा, मानवता और सेवा की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो।

राज्य के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आज स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तराखंड मानव संसाधन से लेकर और संरचनात्मक सभी स्तर पर बेहतर कार्य कर रहा है। उन्होंने स्वामी राम हिमालयन संस्थान के उत्तराखंड में स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे योगदान की सराहना की।

संस्थान के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने शिक्षा को केवल डिग्री मात्र नहीं, बल्कि आत्मज्ञान, सशक्तिकरण और परिवर्तन का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि संस्थान का मुख्य फोकस मानव सेवा और नैतिकता के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है।