—रूसी श्रद्धालुओं ने काशी में किया रुद्राभिषेक, वेद मंदिर में महादेव का अभिषेक
वाराणसी, 15 फरवरी (हि.स.)। महाशिवरात्रि के दिन वाराणसी में आस्था और विश्व शांति की अनूठी मिसाल देखने को मिली। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध की विभीषिका से आहत रूसी श्रद्धालुओं ने काशी पहुंचकर भगवान भोलेनाथ से युद्ध विराम और वैश्विक शांति की प्रार्थना की। इसके बाद घाट-लंका स्थित तारानगर कॉलोनी के वेद मंदिर में आयोजित रुद्राभिषेक अनुष्ठान में रूस से आए 12 श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भाग लिया।
वैदिक एजुकेशनल रिसर्च सोसाइटी के तत्वावधान में संस्था के अध्यक्ष एवं ज्योतिषाचार्य पंडित शिवपूजन शास्त्री के सान्निध्य में ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक संपन्न कराया। रूस की जूलिया के संयोजन में काशी पहुंचे 12 सदस्यीय दल के श्रद्धालुओं ने भगवान शंकर का अभिषेक कर दोनों देशों के बीच शांति और सौहार्द स्थापित होने की कामना की। जूलिया ने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर पूजन-अर्चन कर उन्हें आध्यात्मिक शांति का अनुभव हुआ। उन्होंने कहा कि उनकी प्रार्थना है कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध शीघ्र समाप्त हो, ताकि दोनों देशों में अमन-चैन कायम हो सके।
पंडित शिवपूजन शास्त्री ने कहा कि काशी अनादि काल से विश्व को ज्ञान और शांति का संदेश देती आई है। महाशिवरात्रि जैसे पावन पर्व पर विदेशी श्रद्धालुओं द्वारा रुद्राभिषेक कर विश्व शांति की कामना करना काशी की वैश्विक आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि भगवान महादेव की कृपा से विश्व में शांति स्थापित होगी। महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ की नगरी में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने काशी की आध्यात्मिक महिमा को और भी गौरवान्वित किया।
नोएडा, 15 फ़रवरी (हि.स.)। थाना सेक्टर 39 में जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने यू-ट्यूब चैनल चलाने वाले पत्रकार और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। उनका आरोप है कि यह लाेग ब्लैकमेल करते हैं। एक्सटॉर्शन वसूलते हैं तथा झूठी व भ्रामक सूचना प्रसारित कर सरकारी अस्पताल व अधिकारियों की छवि धूमिल करते हैं। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
थाना सेक्टर 39 के प्रभारी निरीक्षक डीपी शुक्ल ने रविवार काे बताया कि डॉक्टर अरविंद मलिक चिकित्सा अधीक्षक जिला संयुक्त चिकित्सालय गौतम बुद्ध नगर ने बीती रात को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि मनोज शर्मा, सूरज दीक्षित आदि जो कि स्वयं को यूट्यूबर पत्रकार बताते हैं, वे लोग जानबूझकर सरकारी अस्पताल के अधिकारियों को धमकाकर अवैध लाभ प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। उनके अनुसार इन लोगों द्वारा समय-समय पर अस्पताल प्रशासन एवं अधिकारियों से यह कहा गया कि यदि उन्हें व उनके साथियों को अस्पताल परिसर में अनुचित सुविधा, फायदे, हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी गई तो वे अस्पताल के अधिकारियों के विरुद्ध झूठा, भ्रामक खबर अपने यूट्यूब चैनल पर प्रकाशित करेंगे, उनमें से एक व्यक्ति मनोज शर्मा जो पूर्व में जिला संयुक्त चिकित्सालय नोएडा में अवांछित गतिविधियों में लिप्त रहा है, तथा शिकायत के आधार पर जेल जा चुका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसका साथी सूरज दीक्षित जिसकी मां बिना वैधानिक आधार के चिकित्सालय में उपस्थित रहकर अवांछित गतिविधियों में लिप्त रहती है, उसे अस्पताल कर्मियों की शिकायत पर अवैध गतिविधियों के लिए चेतावनी दी जा चुकी है। उनके अनुसार उक्त व्यक्ति द्वारा स्पष्ट रूप से यह धमकी दी गई कि वह तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर वीडियो को एडिट कर अस्पताल की छवि खराब करने वाली सामग्री प्रसारित करेगा। इससे अस्पताल व अधिकारियों की सामाजिक व प्रशासनिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंचे। उनका कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा उसकी अवैध व अनुचित मांगों को अस्वीकार किए जाने के पश्चात उक्त व्यक्तियों ने जानबूझकर भ्रामक, असत्य वीडियो, तथ्यों को काट छांटकर एडिट किया तथा उसे यूट्यूब चैनल व डिजिटल माध्यम से प्रसारित किया। उनके अनुसार इनके इस कृत्य से अस्पताल के अधिकारियों और कर्मचारियों की छवि धूमिल हुई है। थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 221,351(2), 356(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम 2008 की धारा 66 डी के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बैंकॉक (थाईलैंड), 15 फरवरी (हि.स.)। भारतीय ए महिला टीम ने एसीसी महिला एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2026 में पाकिस्तान ए महिला टीम को आठ विकेट से करारी शिकस्त दी। रविवार को बैंकॉक के टेरदथाई क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए इस मुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन पूरी टीम 18.5 ओवर में 93 रन पर सिमट गई। जवाब में भारतीय ए महिला टीम ने 10.1 ओवर में ही 2 विकेट खोकर 97 रन बनाते हुए मैच अपने नाम कर लिया।
94 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज हुमैरा काजी पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद वृंदा दिनेश और अनुष्का शर्मा ने पारी को संभालते हुए 50 गेंदों में 79 रनों की मजबूत साझेदारी की।
अनुष्का 26 गेंदों पर 4 चौकों की मदद से 24 रन बनाकर आउट हुईं, लेकिन इसके बाद कोई और विकेट नहीं गिरा। वृंदा दिनेश ने आक्रामक अंदाज में 29 गेंदों पर नाबाद 55 रन बनाए, जिसमें 12 चौके शामिल रहे। तेजल हसबनीस ने 5 गेंदों पर नाबाद 12 रन जोड़े।
पाकिस्तान की ओर से वहीदा अख्तर और मोमिना रियासत ने एक-एक विकेट लिया।
इससे पहले पाकिस्तान की पारी के दौरान भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। इससे पाकिस्तान के नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे, जिससे वह संभल नहीं सकी और पूरी टीम 93 रनों पर ढेर हो गई। पाकिस्तान की ओर से सलामी खिलाड़ी शवाल जुल्फिकर ने सर्वाधिक 23 रन बनाए, जबकि गुल रुख ने 21 और अनोशा नासिर ने 17 रन जोड़े। इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सका।
भारतीय ए महिला टीम की ओर से सायमा ठाकोर, राधा यादव और प्रेमा रावत ने दो-दो विकेट हासिल किए। वहीं जिंतिमानी कलिता और मीनू मणि को एक-एक सफलता मिली।
नई दिल्ली, 15 फ़रवरी (हि.स.)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को बेंगलुरु में फ्रांस के साथ छठे भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा संवाद की सह-अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में फ्रांस की सशस्त्र बल मंत्री कैथरीन वौत्रिन भी शामिल होंगी।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की समीक्षा होगी और रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। बैठक में रक्षा सहयोग समझौते को अगले 10 वर्ष के लिए नवीनीकरण किया जा सकता है। हैमर मिसाइल के संयुक्त निर्माण के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। दोनों देश भारतीय सेना और फ्रांसीसी थल सेना में अधिकारियों की पारस्परिक तैनाती को लेकर घोषणा कर सकते हैं।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों कर्नाटक के वेमगल में टाटा एयरबस के एच125 हेलीकॉप्टर अंतिम असेंबली संयंत्र का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम को दोनों रक्षा मंत्री देखेंगे।
मंत्रालय के अनुसार भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग दोनों देशों के संबंधों का महत्वपूर्ण स्तंभ है। दोनों देश नियमित रूप से शक्ति, वरुण और गरुड़ सैन्य अभ्यास करते हैं। कैथरीन वौत्रिन के रक्षा मंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। इससे पहले पांचवां रक्षा संवाद अक्टूबर 2023 में फ्रांस में आयोजित हुआ था।
नई दिल्ली, 15 फ़रवरी (हि.स.)। देश में चालू वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 10 महीनों में बिजली उत्पादन क्षमता में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी हुई है। इस वित्तवर्ष में अब तक का सबसे बड़ा इजाफा करते हुए बिजली उत्पादन 11 फीसदी से ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई है। देश के कुल बिजली उत्पादन में 52,537 मेगावाट की बढ़ोत्तरी के साथ कुल बिजली उत्पादन 5,20,510.95 मेगावाट हो गया।
केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के अनुसार, इस साल 31 जनवरी तक बढ़ी कुल क्षमता में 39,657 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा से है। इसमें 34,955 मेगावाट सौर ऊर्जा और 4,613 मेगावाट पवन ऊर्जा शामिल है। मंत्रालय ने बताया कि यह एक साल में अब तक की सबसे बड़ी क्षमता वृद्धि है। इससे पहले 2024-25 में 34,054 मेगावाट क्षमता जोड़ी गई थी।
देश की कुल स्थापित क्षमता में 2,48,541.62 मेगावाट जीवाश्म ईंधन आधारित है। जबकि 2,71,969.33 मेगावाट क्षमता गैर-जीवाश्म स्रोतों से है। गैर-जीवाश्म स्रोतों में 8,780 मेगावाट परमाणु ऊर्जा शामिल है। वहीं 2,63,189.33 मेगावाट क्षमता नवीकरणीय ऊर्जा से है।
नई दिल्ली, 15 फरवरी (हि.स.)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह ने रविवार को देशवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति मुर्मु ने एक्स पर कहा, “महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देती हूं। मेरी प्रार्थना है कि महादेव की कृपा हम सभी पर सदा बनी रहे और हमारा देश प्रगति के पथ पर सदैव अग्रसर रहे।”
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि काशी से रामेश्वरम् तक, महाशिवरात्रि का यह पावन पर्व भारत की अखंड और शाश्वत आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत प्रतीक है। महादेव और माता पार्वती की कृपा से हम सभी को सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति हो यही मंगलकामना है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि इस पावन अवसर पर देवाधिदेव महादेव सभी के जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करें। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि देवाधिदेव महादेव से सभी के कल्याण और देश की खुशहाली व समृद्धि के लिए प्रार्थना करता हूं।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस पावन अवसर पर मैं कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में महाशिवरात्रि समारोह में शामिल होने जा रहा हूं। मुझे इसका बेसब्री से इंतजार है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटनमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि देवाधिदेव महादेव से सभी के कल्याण और देश की समृद्धि के लिए प्रार्थना करता हूं।
केंद्रीय कपड़ामंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि यह केवल व्रत, उपवास या पूजन की रात नहीं, यह आत्मा का शिवत्व से साक्षात्कार करने का अवसर है। यह अंतर्मन की अशुद्धियों को त्यागकर तप, त्याग और सत्य के पथ पर अग्रसर होने का संकल्प है।
उखीमठ/रुद्रप्रयाग, 15 फरवरी (हि.स.)। ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के कपाट इस वर्ष यात्रा के लिए 22 अप्रैल को वृष लग्न में प्रातः 8 बजे से श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। इसका निर्णय महाशिवरात्रि के दिन परंपरानुसार शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ में एक बैठक में पंचांग गणना के उपरांत लिया गया।
रविवार काे ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ में विद्वान आचार्यों, हक-हकूकधारियों तथा बदरी-केदार मंदिर समिति के पदाधिकारियों की उपस्थिति में केदारनाथ धाम के कपाट खाेलने की तिथि और समय तय किया गया। परंपरा के अनुसार निर्धारित तिथि से पूर्व बाबा केदार की पंचमुखी डोली केदारपुरी के लिए प्रस्थान करेगी।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी के अनुसार पंचमुखी डोली के प्रस्थान से पूर्व 18 अप्रैल को उखीमठ में भैरवनाथजी की पूजा-अर्चना होगी। 19 अप्रैल को डोली उखीमठ से फाटा के लिए प्रस्थान करेगी, 20 अप्रैल को गौरीकुंड में रात्रि प्रवास तथा 21 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचेगी। इसके बाद 22 अप्रैल को प्रातः 8 बजे विधि-विधान से कपाट खोले जाएंगे। इस यात्रा वर्ष केदारनाथ धाम में एम.टी. गंगाधर मुख्य पुजारी का दायित्व संभालेंगे। मदमहेश्वर धाम के लिए शिवशंकर लिंग ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ में पूजा व्यवस्था देखेंगे, जबकि पुजारी बागेश लिंग अतिरिक्त व्यवस्था में रहेंगे। महाशिवरात्रि के अवसर पर मुजफ्फरनगर निवासी अभिनव सुशील ने ओंकारेश्वर मंदिर को पुष्प सज्जा में सहयोग किया।
इस अवसर पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने देश-विदेश के तीर्थयात्रियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए चारधाम यात्रा के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए समिति राज्य सरकार एवं प्रशासन के साथ समन्वय में कार्य कर रही है।
मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि कपाट तिथि घोषित होते ही यात्रा तैयारियों को गति दी जा रही है तथा मंदिर समिति के कार्यालयों एवं विश्राम गृहों का निरीक्षण जारी है। यात्रा प्रबंधन को लेकर प्रशासन और मंदिर समिति ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
घोषणा कार्यक्रम में केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कपरवाण, मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, मंदिर समिति सदस्य, धर्माचार्य, वेदपाठी, हक-हकूकधारी एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर माइथो-एक्शन फिल्म नागबंधम का बहुप्रतीक्षित टीज़र जारी कर दिया गया। फिल्म का निर्देशन अभिषेक नामा ने किया है, जबकि निर्माण किशोर अन्नापुरेड्डी और निशिता नागिरेड्डी ने बड़े पैमाने पर किया है। टीज़र को सुपरस्टार महेश बाबू ने लॉन्च किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर उत्साह चरम पर पहुंच गया। हिमालय की रहस्यमयी वादियों की पृष्ठभूमि में रचा गया यह टीज़र एक ऐसे प्राचीन रहस्य की ओर इशारा करता है, जो समय से भी पुराना बताया गया है।
फिल्म की कहानी ऐतिहासिक अफगान आक्रमण की पृष्ठभूमि से प्रेरित है, जिसमें माइथोलॉजी, इतिहास और आध्यात्मिक युद्ध का संगम देखने को मिलेगा। कथा के केंद्र में एक पवित्र नागबंधम मंदिर है, जिसकी रक्षा दिव्य शक्तियां करती हैं और जहां ब्रह्मांडीय ऊर्जा के सुरक्षित होने का दावा किया गया है। टीज़र बिना संवाद के भी अपने भव्य विजुअल्स और प्रभावशाली बैकग्राउंड स्कोर से दर्शकों को बांधे रखता है। सिनेमैटोग्राफर सुंदर राजन एस की कैमरा वर्क, हाई-एंड वीएफएक्स, अशोक कुमार का प्रोडक्शन डिजाइन और जुनैद कुमार का पृष्ठभूमि संगीत इसे एक बड़े विजुअल अनुभव में बदल देते हैं।
फिल्म में विराट कर्णा मुख्य भूमिका में नजर आएंगे और उनका भगवान शिव के रूप में अवतार टीज़र की प्रमुख झलकियों में शामिल है। इसके अलावा नभा नतेश, ईश्वर्या मेनन, महेश मांजरेकर, जगपति बाबू, मुरली शर्मा और अन्य कलाकार अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। हैदराबाद के प्रसाद्स पीसीएक्स में आयोजित विशेष स्क्रीनिंग में टीज़र को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और दर्शकों ने खड़े होकर तालियों से स्वागत किया। ‘नागबंधम’ को 2026 की बहुप्रतीक्षित पैन-इंडिया फिल्मों में शामिल माना जा रहा है।
हम भारत के लोग देवों को भी धरती पर बुलाते रहते हैं। ईश्वर भी धर्म संस्थापना के लिए अवतार लेते हैं। भारत देवभूमि है। भारतवासी बहुदेव उपासक हैं। जहां-जहां आभा, प्रभा, सुभा और दिव्यता वहां-वहां देवता। शिव देव नहीं महादेव हैं। वे भारत के मन में रमते हैं। एक अकेले ही। एको रूद्र द्वितीयोनास्ति। भारत के कुछेक विद्वान रूद्र शिव को आयातित देवता मानते हैं। शिव उपासना पश्चिम एशिया व मध्य एशिया तक विस्तृत थी भी। वे इसी क्षेत्र को शिव उपासना का मूल केन्द्र बताने की गलती करते हैं। मार्क्सवादी चिन्तक डाॅ. रामविलास शर्मा ने भारतीय संस्कृति और हिन्दी प्रदेश (पृष्ठ 679) में लिखा है “वास्तव में शैवमत, वैष्णवमत, बौद्धमत इन सबके स्रोत भारत में थे। यहां से इन मतों का प्रसार मध्य एशिया और पश्चिमी एशिया में हुआ।”
शिव गूढ़ रहस्य हैं। युधिष्ठिर ने शर शैय्या पर लेटे भीष्म से तमाम प्रश्न पूछे थे। वे भीष्म से शिव गुण भी सुनना चाहते थे। भीष्म ने कहा, “शिव गुणों का वर्णन करने में मैं असमर्थ हूं। वे सर्वत्र व्यापक हैं। ब्रह्मा, विष्णु और इन्द्र के सृष्टा हैं। वे प्रकृति से परे और पुरूष से विलक्षण हैं। श्रीकृष्ण के अलावा उनका तत्व दूसरा कोई नहीं जानता। फिर अर्जुन से कहा, “रूद्र भक्ति के कारण ही श्रीकृष्ण ने जगत् को व्याप्त किया है।” संप्रति महाशिवरात्रि उत्सवों में भारत सहित एशिया के बड़े भूभाग में बम भोले की बम-बम है।
शिव भोले शंकर हैं, औघड़दानी हैं। गण समूहों के मित्र हैं। गणों के साथ स्वयं भी नृत्य करते हैं। गण देवता गणेश स्वाभाविक ही उनके पुत्र हैं। सत्य आराध्य है। लेकिन शिव सत्य आनंददाता हैं। सत्य और शिव का एकात्म सुंदर होता है। शिव अखिल ब्रह्म की ऊर्जा हैं। इस ऊर्जा प्राप्ति के प्रयास जरूरी हैं। पार्वती को भी शिव प्राप्ति के लिए महातप करना पड़ा था। कालिदास के ‘कुमार संभव’ में तपरत पार्वती को एक ब्रह्मचारी ने बहुत भड़काया- “पार्वती! आप भी किस प्रेम में फंस गई। आपका सुंदर हाथ सांप लिपटे शंकर को कैसे छुएगा। कहां हंस छपी चूनर ओढ़े आप? और कहां खाल ओढ़े शंकर?” शिव शंकर के रूप-कुरूप पर उसने बहुत कुछ कहा। पार्वती ने कहा “संसार के सारे रूप शिव के ही हैं-विश्वकूर्तेखाधार्यते वपु।” शिव ही सभी रूपों में प्रकट होकर रूप-रूप प्रतिरूप हैं। कालिदास के कथानक में जब तब शिव ने अपना रूप प्रकट कर दिया। शिव बोले “अब मैं तुम्हारा दास हूं, पार्वती-तवस्मि दासः।” मन करता है कि प्रश्न पूछूं शिव से-महादेव! इतना कठोर तप क्यों कराते हैं? लेकिन अपना प्रश्न वापस भी लेता हूं। शिव तप का पुरूस्कार भी तो देते हैं। तप प्रभाव में वे स्वयं भक्त के भी भक्त बन जाते हैं।
सुनता आया हूं कि शिव सोम प्रेमी हैं। सोम प्रकृति की सृजन शक्ति है। सृजन की यही शक्ति शिव ललाट की दीप्ति है। शिव के माथे पर सोम चन्द्र हैं। वैदिक ऋषियों के दुलारे सोम वनस्पतियों के राजा हैं। सोम प्रसन्न होते हैं, वनस्पतियां-औषधियां उगती हैं, खिलती हैं, खिलखिलाती हैं। भारतीय सप्ताह में एक दिन सोम का। पहला दिन रविवार रवि का तो दूसरा दिन सोमवार सोम का। सोमवार को शिव आराधन की मुहूर्त जाना गया है। ठीक भी है। हमारे समाज में भी प्रतिष्ठित लोग सप्ताह में एक दिन खुलकर मिलते हैं, बाकी दिन व्यस्त रहते हैं। शिवभक्तों को सोमवार और शिवरात्रि प्रीतिकर है। शिव भी सोमवार का दिन भक्तों के लिए ही खाली रखते होंगे। नहीं जानता सच। काशी बहुत जाता हूं लेकिन मंदिर दर्शन बहुत पहले एक बार ही हुआ। मैंने समूची काशी में शिव चैतन्य पाया है। मैं कर्मकाण्डी हूं नहीं। योग, तप से परिचित नहीं लेकिन भारत के मन के साथ मन मिलाते हुए देवों के देव महादेव को नमस्कार करता हूं।
शिव सभी कालों में हैं। काल के परे भी हैं लेकिन भारत के मन में वे पार्वती के साथ हैं। कालिदास ने शिव बरात का मनोरम शब्द चित्र खींचा है। बताया है कि शिव बरात नगर पहुंची। स्त्रियां अपना कामधाम छोड़कर छतों की ओर भागी। एक की जूड़े की माला टूट गई। एक ने दायीं आंख में ही काजल लगाया था, वह बाईं आंख का काजल लगाना छोड़ भाग चली। पार्वती-शिव जगत् के माता-पिता हैं। विवाह के बाद सभी देवों ने शुभकामनाएं दीं।”
कालिदास जैसे प्रत्यक्षदशः बराती थे-शिव बारात के। उनकी अनुभूति में भारत का मन-दर्पण प्रकट हुआ है। सूरदास भी श्रीकृष्ण की बरात में गाना चाहते थे-सूरदास होई कुटिल बराती गीत सुमंगल गइहौं। अजब अंतर्विरोध, सुमंगल गीत लेकिन कुटिल बराती। हम शिव भक्त कांवड़ियों को दूर से ही देखते आए हैं। हम भी शिवार्चन उत्सवों में कुटिल आस्तिक की तरह दूर से सम्मिलित होते रहे हैं। मन को वात्सल्य रस देने वाली सई नदी हमारे गांव के पास ही शिव सीढ़ी का जलाभिषेक करती है। यहां भवरेश्वर शिव मंदिर में शिवरात्रि और सावन के सोमवारों में लाखों श्रद्धालु जुटते हैं। लोकमन हर-हर महादेव हो जाता है।
भारतीय साहित्य शिव-पार्वती के सम्वाद से भरा-पूरा है। पार्वती प्रश्नाकुल हैं और शिव समाधानकर्ता। तुलसीदास के रामचरितमानस में पार्वती ने सीधे राम के अस्तित्व पर ही प्रश्न पूछा। शिव ने ब्रह्म तत्व समझाया लेकिन पार्वती ने स्वयं परीक्षा ली। यह भी उचित था। अनुभव करना, सुनने से ज्यादा श्रेष्ठ है। लेकिन शिव सब जानते थे। वे प्रतिपल यत्र तत्र सर्वत्र उपस्थित हैं। उनके कण्ठ में विष है। वे नीलकंठ हैं। गले में सांप भी हैं लेकिन चन्द्रमा शिव का प्रिय आभूषण है। सोम और चन्द्र पर्यायवाची हैं। शिव ने सनत कुमारों को बताया कि उनके तीन नेत्र हैं। सूर्य दायां नेत्र है और बायां चन्द्रमा। अग्नि मध्य नेत्र हैं। सूर्य की अपनी प्रिय राशि सिंह है। चन्द्र की कर्क है। सूर्य इस यात्रा में कर्क से सिंह क्षेत्र में पहुंचते हैं। तब शिवार्चन की शुभ मुहूर्त बनती है। ऐसी संक्रांति सावन मास में पड़ती है। सो शिव को सावन प्रिय है। श्रीकृष्ण को बसंत ऋतु प्रिय है और मार्गशीर्ष-अगहन का मास। लेकिन शिव की बात निराली है। ऋतुराज बसंत में पृथ्वी और वायु का चरम आनंद है। बसंत हहराता है तब क्षिति, जल, पावक और गगन समीर भी मधुरसा हो जाते हैं। शिवरात्रि आती है। वायु सुकुमार लज्जाशील नायिका की तरह बहती है।
मनुष्य सुगंध प्रिय है। ऋग्वेद वाले रूद्र शिव ‘सुगंधिं पुष्टिवर्द्धनं’ हैं। देवों को पुष्पार्चन किया जाता है लेकिन शिव को बेलपत्र और धतूरे का फल। शिव मस्त-मस्त बिंदास देवता हैं। परम योगी। चरमोत्कर्ष वाले नृत्यकर्ता। श्रीकृष्ण के पास बांसुरी तो शिव के पास डमरू। बांसुरी की धुन पर तीनों लोक मोहित हुए थे तो डमरू की धुन पर तीनों लोक अस्तित्व में रहते हैं। शिव जब चाहते हैं, रूद्र हो जाते हैं। प्रलयंकार हो जाते हैं। लेकिन यही रूद्र शिव हैं। ऋग्वेद में “जो रूद्र है, वही शिव भी है।” त्रिशूल उनका हथियार।
सोचता हूं कि ये तीन शूल क्या हैं? ये दैविक, दैहिक और भौतिक कष्ट तो नहीं हैं? या भौतिक, आधिभौतिक और आध्यात्मिक वेदनाएं हैं। शिव दुख हारी हैं-त्रिशूल धारक जो हैं। लेकिन सोचने से मन नहीं भरता। मन यहां, वहां, जहां, तहां भागता ही है। राजनीति में हूं सो मंच, माला, माइक का त्रिशूल भीतर बहुत गहरे तक धंसा हुआ है। कह सकता हूं कि मैं भी त्रिशूलधारी हूं। सोम सामने है, भीतर ओम है। सोम ओम की यारी पुरानी है। लेकिन सोम से वंचित हूं। ओम् की अनुभूति नहीं। ऋग्वेद के ऋषि वशिष्ठ ने आर्तभाव से पुकारा था न्न्यम्बक रूद्र को-हमें पकी ककड़ी की तरह मृत्यु बंधन से मुक्त करो।” मैं भी डंठल से चिपका हुआ पका फल हूं। शिव निर्णय लें कि हमें कब संसार से मुक्त करना है? शिव को ओम् के साथ नमस्कार है-ओम नमः शिवाय।
(लेखक, उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष हैं।)
फिटबिट वैश्विक की एक ताज़ा स्टडी रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर की 16 प्रतिशत आबादी अनिंद्रा की शिकार है। इनमें हमारे देश की 59 प्रतिशत आबादी भी शामिल है जो 6 घंटे की सुखपूर्वक नींद से जूझ रही है। भारत दुनिया के सबसे कम सोने वाले लोगों में शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार अनिंद्रा की महामारी लगातार अपने पैर पसार रही है जो मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए तो नुकसानदेय तो है ही अपितु देश और दुनिया की अर्थव्यवस्था को भी बिगाड़ रही है। इससे अमेरिका की 411 और भारत की 150 डालर इकोनॉमी को हानि पहुँच रही है। इसका एक बड़ा कारण स्मार्टफोन और वर्क लाइफ असंतुलन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। वैश्विक मेडिकल पत्रिका लेसेंट ने भी अनिंद्रा से दुनिया को चेताया है।
नींद की कमी धीरे-धीरे एक साइलेंट हेल्थ क्राइसिस बन चुकी है। पहले नींद को आराम या आदत माना जाता था, लेकिन अब शोध यह दिखाते हैं कि कम नींद का सीधा असर दिमाग, दिल, इम्यून सिस्टम और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य की उभरती हुई समस्या बताया है। उनकी रिपोर्ट के अनुसार लगभग हर तीन में से एक वयस्क रोजाना पर्याप्त नींद नहीं ले पा रहा। भारत में किए गए एक बड़े सर्वे में पाया गया कि युवा वर्ग में यह समस्या सबसे अधिक बढ़ी है, जहां रात देर तक फोन का इस्तेमाल, ओवरवर्क, तनाव और अनियमित दिनचर्या नींद का सबसे बड़ा दुश्मन बन चुके हैं। आजकल की खराब लाइफ स्टाइल, वर्क फ्रॉम होम, स्क्रीन से चिपटे रहने और काम के बढ़ते दबाव के कारण लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल चुकी है। बदलते वर्किंग स्टाइल के कारण लोगों के पास पर्याप्त नींद लेने का समय भी नहीं बचता है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की रिसर्च बताती है कि जो लोग 5 घंटे से कम सोते हैं, उनमें हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा 30–40 फीसदी बढ़ जाता है। नींद की कमी शरीर में सूजन बढ़ा देती है, जिससे ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल गड़बड़ा सकते हैं। कई डॉक्टर बताते हैं कि नींद की कमी मोटापे को भी बढ़ाती है, क्योंकि देर से सोने पर भूख बढ़ाने वाला हार्मोन “घ्रेलिन” बढ़ जाता है और शरीर को गलती से कैलोरी की जरूरत महसूस होने लगती है। यही कारण है कि कम सोने वाले लोग रात में जंक फूड ज्यादा खाते हैं।
भारत में नींद की कमी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। एक ऑनलाइन वैश्विक सर्वे की माने तो देश पर्याप्त नींद नहीं लेने के कारण स्वास्थ्य सम्बन्धी विकारों से जूझ रहा है। देश के लगभग 60 प्रतिशत लोग छह घंटे की नींद नहीं लेने के कारण विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ रहे है। इनमें बड़ी संख्या में युवा भी शामिल है। नींद का असर न केवल शारीरिक स्वास्थ्य पर बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। जहाँ तक युवा भारत की बात है, आजकल युवाओं में तनाव की समस्या को लेकर देशवासी बेहद चिंतित है। तनाव की वजह से कम उम्र में ही युवा डिप्रेशन के शिकार होने लगे हैं। खासतौर से काम करने वाले युवा यानि को नौकरी कर रहे हैं उनके अंदर ठहराव, लगन और काम के लिए पैशन बहुत कम है। जरा-जरा सी बातों पर स्ट्रेस लेने लगते हैं। हाल की में हुई एक स्टडी में भी ऐसे ही आंकड़े सामने आए हैं। जिसमें 25 साल के युवा कर्मचारियों में से 90 प्रतिशत का मन और दिमाग बेचैन पाया गया है। जिसकी वजह से कई बार अपने आप को हानि पहुंचाने तक के ख्याल इनके मन में आने लगते हैं। तनाव और डिप्रेशन से बचना है तो सबसे पहले हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। नींद की कमी के चलते कर्मचारियों की कार्य क्षमता भी प्रभावित हो रही है।
आज की भागदौड़ भरी लाइफ स्टाइल में काम का दबाव और समय का प्रबंधन हम पर इस कदर हावी हो चुके हैं कि हमारा मानसिक स्वास्थ्य गड़बड़ा रहा है। सोशल मीडिया के बारे में यह कहा जाता है विशेषज्ञों ने अच्छी नींद के लिए कैफीन का कम सेवन करने, सोने का निश्चित समय तय करने, सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी जैसी स्क्रीन का इस्तेमाल न करने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है एक्सपर्ट्स का कहना है कि अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलावों को अपनाकर लोग अपनी नींद की क्वालिटी सुधार सकते हैं और इससे उनकी तबीयत और उत्पादकता बेहतर हो सकती है।