श्री काशी विश्वनाथ धाम में देश-विदेश के 63 मंदिरों से आया उपहार

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काशीं विश्वनाथ धामःपवित्र जल बाबा को समर्पित

—आया प्रसाद बाबा को चढ़ाने के बाद श्रद्धालुओं में वितरित,“वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना हुई साकार

वाराणसी, 15 फरवरी (हि.स.)। महाशिवरात्रि पर्व पर रविवार को श्री काशी विश्वनाथ के विवाहोत्सव में देश—विदेश के मंदिरों, शक्तिपीठों से आए श्रद्धा उपहार और पवित्र जल को बाबा के भोग आरती में अर्पित कर दिया गया। इसके बाद आए प्रसाद को मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच वितरित कर दिया गया।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने महाशिवरात्रि पर्व पर एक अद्वितीय एवं अभिनव आध्यात्मिक पहल का शुभारम्भ किया था। जिसके अंतर्गत भगवान श्री विश्वेश्वर महादेव के श्रीचरणों में देश-विदेश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों, सिद्धपीठों, शक्तिपीठों तथा प्राचीन तीर्थस्थलों से पावन प्रसाद, पूजित वस्त्र, रज, पवित्र जल एवं श्रद्धा-उपहार अर्पित किए जाने की परम्परा प्रारम्भ की गई।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) डॉ विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि इस अभिनव पहल में अब तक श्री काशी विश्वनाथ धाम में भगवान श्री विश्वेश्वर के लिए देश-विदेश के कुल 63 मंदिरों से पावन भेंट एवं प्रसाद प्राप्त हो चुके हैं। इन प्राप्त प्रसादों में से विधि विधान पूर्वक अंश ग्रहण कर भगवान श्री विश्वेश्वर की मध्याह्न भोग आरती में अर्पित किया गया। तत्पश्चात धाम में आए श्रद्धालुओं के मध्य वितरित किया गया।

उन्होंने बताया कि इस आध्यात्मिक समन्वय का मूल उद्देश्य समस्त सनातन समाज को एक सूत्र में पिरोते हुए “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को साकार करना तथा वैश्विक आध्यात्मिक एकात्मता को सुदृढ़ बनाना है। यह पहल केवल धार्मिक आदान-प्रदान तक सीमित न रहकर सनातन परम्परा की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं भावनात्मक एकता का सशक्त प्रतीक बनकर उभर रही है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आरम्भ की गई यह परम्परा राष्ट्र एवं विश्व के विविध तीर्थस्थलों को एक आध्यात्मिक सूत्र में संगठित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी कदम सिद्ध होगी।

गंगेश्वर महादेव का पावन जलाभिषेक रामेश्वरम् तीर्थ के पवित्र जल से

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्री काशी विश्वनाथ धाम स्थित श्री गंगेश्वर महादेव का पावन जलाभिषेक रामेश्वरम् तीर्थ के पवित्र जल से विधि-विधानपूर्वक सम्पन्न किया गया।

अगले सप्ताह होगी दो कंपनियों के आईपीओ की लॉन्चिंग

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तीन कंपनियोें के शेयर होंगे लिस्ट

नई दिल्ली, 15 फ़रवरी (हि.स.)। सोमवार यानी 16 फरवरी से शुरू होने वाले कारोबारी सप्ताह के दौरान प्राइमरी मार्केट की हलचल सामान्य रहने वाली है। इस सप्ताह दो कंपनियां अपने आईपीओ को सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर रही हैं। इनमें एक कंपनी मेनबोर्ड सेगमेंट की है, जबकि दूसरी कंपनी एसएमई सेगमेंट की हैं‌। इसके अलावा पिछले सप्ताह सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुए एसएमई सेगमेंट की मरुशिका टेक्नोलॉजी के आईपीओ में कल यानी 16 फरवरी तक बोली लगाने का मौका रहेगा। जहां तक इस सप्ताह शेयर बाजार में होने वाली लिस्टिंग की बात है, तो तीन कंपनियां लिस्टिंग के जरिए स्टॉक मार्केट में अपने कामकाज की शुरुआत करने जा रही हैं।

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन 16 फरवरी को फ्रैक्टल इंडस्ट्रीज का 49 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। इस आईपीओ में 18 फरवरी तक बोली लगाई जा सकती है। आईपीओ में बोली लगाने के लिए 205 रुपये से लेकर 216 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 600 शेयर का है। कंपनी के शेयर 23 फरवरी को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।

सप्ताह के आखिरी दिन 20 फरवरी को गौडियम आईवीएफ एंड वीमेन हेल्थ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। इस आईपीओ में 24 फरवरी तक बोली लगाई जा सकेगी। इस आईपीओ के लिए प्राइस बैंड और लॉट साइज की घोषणा नहीं की गई है। आईपीओ के तहत 2.09 करोड़ शेयर जारी किए जा रहे हैं, जिसमें 1.14 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि 95 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए बेचे जाएंगे। कंपनी के शेयर 27 फरवरी को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।

जहां तक शेयर बाजार में लिस्टिंग की बात है, तो सप्ताह के पहले कारोबारी दिन 16 फरवरी को फ्रैक्टल एनालिटिक्स के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होकर कारोबार की शुरुआत करेंगे। इसी दिन आए फाइनेंस के शेयर की लिस्टिंग बीएसई और एनएसई पर होगी। इसके अलावा 19 फरवरी को मरुशिका टेक्नोलॉजी के शेयर एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।

नेपालःतय समय सीमा में घोषणा पत्र सार्वजनिक करने में प्रमुख दल असफल

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काठमांडू, 15 फरवरी (हि.स.)। निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर बड़े राजनीतिक दल भी अपना चुनावी घोषणापत्र जारी नहीं कर पाए हैं।05 मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव में अब केवल 18 दिन शेष हैं। तीन सप्ताह से भी कम समय बाकी रहने के बावजूद अधिकांश दलों ने अब तक घोषणापत्र सार्वजनिक नहीं किया है।

नेपाली कांग्रेस, नेकपा एमाले और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) जैसे बड़े दलों ने भी रविवार तक अपना घोषणापत्र जारी नहीं किया था। इन दलों ने आने वाले कुछ दिनों में भी घोषणापत्र लाने की स्पष्ट संभावना नहीं दिखाई है। अब तक नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा), राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (राप्रपा), जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) और राष्ट्रीय जनमोर्चा सहित कुछ दल अपने घोषणापत्र जारी कर चुके हैं।

केवल प्रगतिशील लोकतान्त्रिक पार्टी (प्रलोपा), उज्यालो नेपाल पार्टी (उनेपा) और नेपाल मजदुर किसान पार्टी (नेमकिपा) ने रविवार को अपने घोषणापत्र सार्वजनिक किए।निर्वाचन आयोग नेपाल ने रविवार 15 मार्च तक घोषणापत्र सार्वजनिक कर आयोग में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। आयोग ने निर्वाचन आचार संहिता की धारा 37 के अनुसार चुनाव में भाग लेने वाले दलों को यह निर्देश जारी किया था।

हालांकि, प्रमुख दलों ने आयोग के इस निर्देश का उल्लंघन किया है। आयोग के सह-प्रवक्ता कुलबहादुर जिसी के अनुसार, दलों और उम्मीदवारों ने घोषणापत्र जमा करना शुरू कर दिया है।

अब तक घोषणापत्र जारी न करने वाले दलों में कांग्रेस ने 18 फरवरी को मधेश प्रदेश से घोषणापत्र सार्वजनिक करने की जानकारी दी है। इससे पहले कांग्रेस ने रविवार को काठमांडू में घोषणापत्र जारी करने की योजना बनाई थी, लेकिन तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए पूर्व-तैयारी स्थगित कर दी गई थी।

एमाले ने 19 फरवरी तक घोषणापत्र सार्वजनिक करने की तैयारी की है, यह जानकारी उसके चुनाव प्रचार संयोजक मीनबहादुर शाही ने दी। वहीं, रास्वपा कर्णाली प्रदेश से अपना घोषणापत्र सार्वजनिक करने की तैयारी कर रही है।

पंजाब:मुख्यमंत्री भगवंत मान की तबियत बिगड़ी, फोर्टिस में भर्ती

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चंडीगढ़, 15 फरवरी (हि.स.)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान कि अचानक तबियत बिगड़ने के कारण उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले पिछले साल सितंबर माह में भी मुख्यमंत्री भगवंत मन को फॉर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। रविवार को शिवरात्रि के अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया के साथ संगरूर में रणकेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए गए थे। उसके कुछ समय बाद भगवंत मन की तबीयत बिगड़ गई। संगरूर में प्राथमिक उपचार के बावजूद मुख्यमंत्री की तबीयत में जब सुधार नहीं हुआ तो उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया।

रविवार देर रात फोर्टिस अस्पताल प्रबंधकों द्वारा जारी किए गए हेल्थ बुलेटिन के अनुसार भगवंत मान की तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें यहां पर लाया गया। जांच के बाद भगवंत मन को डॉक्टरों की निगरानी में भर्ती कर लिया गया है। भगवंत मन की हालत स्थिर बनी हुई है। शनिवार को मुख्यमंत्री भगवत सिंह मान अपनी भांजी के शादी समारोह में परिवार सहित शामिल हुए थे। 16 फरवरी को भगवंत मान को मोगा जिले में होने वाली रैली में शामिल होना है लेकिन अचानक तबियत बिगड़ने के कारण इस रैली में शामिल होने पर भी अब संशय बना हुआ है।

भोजपुर का शिव मंदिर अपनी भव्यता के लिए देशभर में है प्रसिद्ध

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महाशिवरात्रि विशेष”

रायसेन, 15 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में भोजपुर स्थित प्राचीन भोजेश्वर शिव मंदिर अपनी भव्यता के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। भोजपुर शिव मंदिर का नाम सुनते ही मन में अपार श्रद्धा का आ जाता है।

भोजपुर मंदिर दुनिया में विशाल शिवलिंग वाले मंदिरों में अग्रणी है। भक्तों की आस्था के इस केन्द्र में भगवान शिव की पूजा अर्चना करने का ढंग भी बिल्कुल अनोखा है। शिवलिंग इतना बड़ा है कि उसका अभिषेक धरती पर खड़े होकर नहीं किया जा सकता। अंदर विशालकाय शिवलिंग के कारण इतनी जगह नहीं बचती कि किसी अन्य तरीके से शिवलिंग का पूजन किया जा सके इसलिए हमेशा से ही इस शिवलिंग का अभिषेक और पूजन इसकी जलहरी पर चढ़कर ही किया जाता है।

इस प्रसिद्ध स्थल में वर्ष में दो बार वार्षिक मेले का आयोजन किया जाता है जो मकर संक्रांति व महाशिवरात्रि पर्व के समय होता है। महाशिवरात्रि पर यहां तीन दिवसीय भोजपुर महोत्सव का भी आयोजन होता है। इस धार्मिक उत्सव में भाग लेने के लिए दूर दूर से लोग यहां पहुंचते हैं।

रायसेन जिले में स्थित भोजपुर मंदिर देश के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में से एक है। एक पहाड़ी पर बना हुआ यह शिव मंदिर भोजपुर शिव मंदिर और भोजेश्वर मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। इस मंदिर का निर्माण परमार वंश के राजा भोज ने कराया था। इस मंदिर की विशेषता है कि इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग की ऊंचाई 18 फीट है जो कि देश के सबसे बड़े शिवलिंगों में से एक है। इस शिवलिंग का निर्माण सिर्फ एक ही पत्थर से किया गया है जिसके कारण यह विश्व का एक मात्र ऐसा शिवलिंग है।

इतिहासकार कहते हैं कि भोजपुर तथा इस शिव मंदिर का निर्माण परमार वंश के प्रसिद्ध राजा भोज प्रथम (1010 ई – 1055 ई) द्वारा कराया गया था। कांक्रीट के जंगलों को पीछे छोड़ प्रकृति की हरी भरी गोद में, बेतवा नदी के किनारे बना उच्च कोटि की वास्तुकला का यह नमूना राजा भोज के वास्तुविदों के सहयोग से तैयार हुआ था। इस मंदिर की विशेषता इसका विशाल शिवलिंग हैं जो कि विश्व का एक ही पत्थर से निर्मित सबसे बड़ा शिवलिंग हैं। सम्पूर्ण शिवलिंग कि लम्बाई 5.5 मीटर (18 फीट ), व्यास 2.3 मीटर (7.5 फीट ) तथा केवल शिवलिंग की लम्बाई 3.85 मीटर (12 फीट) है।

पाण्डवों द्वारा निर्माण किए जाने की है मान्यता

इस मंदिर को पांडवकालीन भी माना जाता है। कहा जाता है कि पांडवों के अज्ञातवास के दौरान वे भोपाल के नजदीक भीमबेटका में भी कुछ समय के लिए निवासरत थे। इसी समय में उन्होंने माता कुन्ती की पूजा के लिए एक भव्य शिव मंदिर का निर्माण किया था। इस मंदिर को बड़े बड़े पत्थरों से स्वयं भीम ने तैयार किया था, ताकि पास ही बहने वाली बेतवा नही में स्नान के बाद माता कुन्ती भगवान शिव की उपासना कर सकें।

कहा जाता है कि कालान्तर में यही विशाल शिवलिंग वाला मन्दिर बाद में राजा भोज के समय विकसित होकर भोजेश्वर महादेव मंदिर कहलाया। भोजेश्वर मंदिर के पीछे के भाग में बना ढलान है, जिसका उपयोग निर्माणाधीन मंदिर के समय विशाल पत्थरों को ढोने के लिए किया गया था। पूरे विश्व में कहीं भी अवयवों को संरचना के ऊपर तक पहुंचाने के लिए ऐसी प्राचीन भव्य निर्माण तकनीक उपलब्ध नहीं है। ये एक प्रमाण के तौर पर है, जिससे ये रहस्य खुल जाता है कि आखिर कैसे कई टन भार वाले विशाल पत्थरों का मंदिर के शीर्ष तक पहुचाया गया।

इतिहासकारों एवं पुरातत्विदों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण भारत में इस्लाम के आगमन के पहले हुआ था अतः इस मंदिर के गर्भगृह के ऊपर बनी अधूरी गुम्बदाकार छत भारत में ही गुम्बद निर्माण के प्रचलन को प्रमाणित करती है। भले ही उनके निर्माण की तकनीक भिन्न हो। कुछ विद्वान इसे भारत में सबसे पहले गुम्बदीय छत वाली इमारत भी मानते हैं। इस मंदिर का दरवाजा भी किसी हिंदू इमारत के दरवाजों में सबसे बड़ा है। इस मंदिर की विशेषता इसके 40 फीट ऊंचाई वाले इसके चार स्तम्भ भी हैं। इसके अतिरिक्त भूविन्यास, सतम्भ, शिखर, कलश और चट्टानों की सतह पर आशुलेख की तरह उत्कीर्ण नहीं किए हुए हैं। भोजेश्वर मंदिर के विस्तृत चबूतरे पर ही मंदिर के अन्य हिस्सों, मंडप, महामंडप तथा अंतराल बनाने की योजना थी। ऐसा मंदिर के निकट के पत्थरों पर बने मंदिर- योजना से संबद्ध नक्शों से पता चलता है।

वलसाड में 31 लाख रुद्राक्ष से बना 31 फीट ऊंचा शिवलिंग बना आकर्षण

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वलसाड, 15 फ़रवरी (हि.स.)। महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर वलसाड तहसील के वांकल गांव में एक अनोखा और आकर्षक रुद्राक्ष शिवलिंग स्थापित किया गया है। शिवभक्त और प्रसिद्ध शिव कथाकार बटुक व्यास के मार्गदर्शन में निर्मित यह शिवलिंग 31 लाख रुद्राक्ष के मनकों से बनाया गया है और इसकी ऊंचाई 31 फीट है। यह भव्य रचना इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है।

इस आयोजन की तैयारी लंबे समय से चल रही थी। आयोजन समिति के सदस्य यश व्यास के अनुसार लगभग तीन महीने पहले इस कार्य की शुरुआत हुई थी और स्थल पर डेढ़ महीने तक लगातार मेहनत कर इस शिवलिंग को अंतिम रूप दिया गया। हजारों रुद्राक्षों को व्यवस्थित रूप से सजाकर इस आध्यात्मिक कृति का निर्माण किया गया है।

बटुक व्यास द्वारा रुद्राक्ष शिवलिंग बनाने की शुरुआत छोटे आकार से हुई थी। प्रारंभ में 11 इंच का शिवलिंग बनाया गया था, जो समय के साथ विकसित होता गया और पूर्व में 36 फीट की ऊंचाई तक पहुंच चुका है। इस अनोखे शिवलिंग को चार बार लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान मिल चुका है, वहीं पिछले वर्ष 36 फीट ऊंचाई के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया गया था।

इस पवित्र आयोजन के दौरान प्रतिदिन सुबह हवन, दोपहर में शिवकथा और शाम को 108 दीपों की आरती आयोजित की जा रही है। श्रद्धालुओं में मान्यता है कि इस रुद्राक्ष शिवलिंग पर अभिषेक करने से विशेष आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है। इस अवसर पर आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्त दर्शन और पूजन के लिए पहुंच रहे हैं।

छात्र की मौत पर ऋषिकुल में कैंडल मार्च, निष्पक्ष जांच की मांग

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हरिद्वार, 15 फरवरी (हि.स.)। ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बीएएमएस छात्र यशपाल को श्रद्धांजलि देने और अपनी मांगों को लेकर कैंडल मार्च निकाला। इसके साथ ही प्रशासन को छह सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया।

बीएएमएस वर्ष 2022 के छात्र यशपाल की आत्महत्या से आक्रोशित सहपाठी मेडिकल छात्रों ने रविवार शाम कॉलेज परिसर से कैंडल मार्च शुरू किया, जो ऋषिकुल चौक तक गया। छात्रों ने दिवंगत छात्र को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की।

रविवार को छात्रों ने जिला प्रशासन, कॉलेज प्रशासन, परीक्षा नियंत्रक, निदेशक और पुलिस को ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों ने छात्रों से वार्ता के दौरान निष्पक्ष जांच का आश्वासन देते हुए दो दिन का समय मांगा है। मंगलवार को कुलपति सहित अन्य उच्च अधिकारियों के साथ छात्रों की बैठक प्रस्तावित है, जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

छात्रों का कहना है कि यह घटना केवल एक व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि कॉलेज में छात्रों की मानसिक स्थिति और प्रशासनिक उदासीनता की गंभीर ओर संकेत करती है।

उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी को यशपाल ने गंगा नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। 14 फरवरी को उसका शव बहादराबाद स्थित पथरी पावर हाउस के पास बरामद हुआ। घटना के बाद छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर ओपीडी सेवाएं बंद करा दी थीं। बाद में जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप से स्थिति सामान्य हुई।

ईरान के मामले में कूटनीति को तरजीह देता है अमेरिका : मार्को रुबियो

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ब्रातिस्लावा (स्लोवाकिया), 15 फरवरी (हि.स.)। मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से निपटने के लिए सैन्य विकल्प के बजाय कूटनीतिक रास्ते को प्राथमिकता देते हैं और मौजूदा अमेरिकी प्रशासन बातचीत पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है कि वे कूटनीति को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान के साथ समझौता करना जटिल रहा है और अब तक कोई स्थायी सफल समझौता नहीं हो पाया है, फिर भी अमेरिका प्रयास करेगा।

रुबियो ने कहा कि अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी एहतियातन बनाए रखी है क्योंकि वहां तैनात अमेरिकी बलों के लिए संभावित खतरे मौजूद हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जार्ड कुशनर जल्द ही महत्वपूर्ण बैठकों के लिए यात्रा करेंगे। बताया गया है कि दोनों जिनेवा में ईरानी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करेंगे, जहां ओमान की मध्यस्थता से ईरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम और उच्च स्तर के संवर्धित यूरेनियम भंडार पर चर्चा होगी।

ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिकी संसद को जानकारी देने के सवाल पर रुबियो ने कहा कि प्रशासन इस मामले में अमेरिका के कानूनों का पूरी तरह पालन करेगा और आवश्यक होने पर कांग्रेस को शामिल किया जाएगा।

देश की टॉप 10 में से 6 कंपनियो के मार्केट कैप मे तीन लाख करोड़ से अधिक की गिरावट

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नई दिल्ली, 15 फरवरी (हि.स.)। घरेलू शेयर बाजार में पिछले कारोबारी सप्ताह के दौरान हुई खरीद-बिक्री के कारण देश की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूड कंपनियों में से छह कंपनियों के मार्केट कैप में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आ गई। इनमें सबसे अधिक नुकसान देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस को हुआ। इसी तरह दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस नुकसान उठाने के मामले में दूसरे स्थान पर रही। दूसरी ओर, टॉप 10 में शामिल चार कंपनियों के मार्केट कैप में इस सप्ताह 1.68 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हो गई। इनमें सबसे अधिक फायदा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को हुआ।

इस सप्ताह के कारोबार के दौरान टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और भारती एयरटेल के मार्केट कैप में 3,00,706.21 करोड़ रुपये की गिरावट आ गई। दूसरी ओर, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टूब्रो और आईसीआईसीआई बैंक के मार्केट कैप में 1,68,831.67 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हो गई।

09 फरवरी से 13 फरवरी के बीच हुए कारोबार के दौरान टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का मार्केट कैप 90,198.92 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 9,74,043.43 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह इंफोसिस का मार्केट कैप 70,780.23 करोड़ रुपये गिर कर 5,55,287.72 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 54,627.71 करोड़ रुपये की कमजोरी के साथ 13,93,621.92 करोड़ रुपये के स्तर पर, रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 41,883 करोड़ रुपये घट कर 19,21,475.79 करोड़ रुपये के स्तर पर, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का मार्केट कैप 23,971.74 करोड़ रुपये कम होकर 5,46,226.80 करोड़ रुपये के स्तर पर और भारती एयरटेल का मार्केट कैप सोमवार से शुक्रवार के कारोबार के बाद 19,244.61 करोड़ रुपये घट कर 11,43,044.03 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

दूसरी ओर, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का मार्केट कैप 1,22,213.38 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 11,06,566.44 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 26,414.44 करोड़ रुपये उछल कर 6,37,244.64 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अलावा लार्सन एंड टूब्रो का मार्केट कैप 14,483.90 करोड़ रुपये बढ़ कर 5,74,028.93 करोड़ रुपये के स्तर पर और आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 5,719.95 करोड़ रुपये की बढ़त के साथ 10,11,978.77 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज 19,21,475.79 करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) के साथ देश की सबसे अधिक मार्केट कैप वाली कंपनी रही। इसके बाद एचडीएफसी बैंक (कुल मार्केट कैप 13,93,621.92 करोड़ रुपये), भारती एयरटेल (कुल मार्केट कैप 11,43,044.03 करोड़ रुपये), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (कुल मार्केट कैप 11,06,566.44 करोड़ रुपये), आईसीआईसीआई बैंक (कुल मार्केट कैप 10,11,978.77 करोड़ रुपये), टीसीएस (कुल मार्केट कैप 9,74,043.43 करोड़ रुपये), बजाज फाइनेंस (कुल मार्केट कैप 6,37,244.64 करोड़ रुपये), लार्सन एंड टूब्रो (कुल मार्केट कैप 5,74,028.93 करोड़ रुपये), इंफोसिस (कुल मार्केट कैप 5,55,287.72 करोड़ रुपये) और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) (कुल मार्केट कैप 5,46,226.80 करोड़ रुपये) के नाम सबसे मूल्यवान टॉप 10 कंपनियों के लिस्ट में दूसरे से दसवें स्थान पर बने रहे।

‘वेव्स बाजार’ में महाराष्ट्र व दिल्ली ने पेश किया फिल्म पर्यटन का नया रोडमैप

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​नई दिल्ली, 15 फरवरी (हि.स.)। भारत पर्व के अवसर पर नई दिल्ली के रिट्ज़ होटल में आयोजित ‘वेव्स बाजार’ ने भारत को एक “वैश्विक सामग्री कारखाना” के रूप में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को रेखांकित किया और सिनेमा, मीडिया तथा उभरती रचनात्मक प्रौद्योगिकियों में देश के बढ़ते प्रभाव को उजागर किया।

राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) द्वारा आयोजित इस शिखर सम्मेलन में वैश्विक सिनेमा विशेषज्ञों, तकनीक नवाचारों और नीति निर्माताओं का संगम देखने को मिला।

​कार्यक्रम का उद्घाटन एनएफडीसी के महाप्रबंधक गौतम भनोट ने किया। उन्होंने भविष्य के रोडमैप पर चर्चा करते हुए बताया कि कैसे भारत का एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स क्षेत्र विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार है। “भारत एक वैश्विक कंटेंट फैक्ट्री के रूप में” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने माना कि ‘वेवेक्स’ और ‘क्रिएट इन इंडिया चैलेंज’ जैसी सरकारी पहल भारतीय प्रतिभाओं को वैश्विक मंच प्रदान कर रही हैं।

​क्षेत्रीय फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली और महाराष्ट्र ने अपनी विशेष योजनाएं साझा कीं।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने राजधानी की संशोधित फिल्म नीतियों का अनावरण किया, जिससे फिल्म निर्माताओं के लिए दिल्ली में शूटिंग करना और अधिक सुलभ होगा।

वहीं संस्कृति मंत्री आशीष शेलार ने ‘महाराष्ट्र फिल्म सिटी’ के आधुनिकीकरण और अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं के लिए विशेष वित्तीय प्रोत्साहनों का खाका पेश किया।

​इस वर्ष भारत पर्व पर भारत-फ्रांस-जर्मनी के सह-निर्माण से बनी फिल्म ‘कुरिंजी’ विशेष आकर्षण का केंद्र रही। लेखिका-निर्देशक पायल सेठी की यह फिल्म केरल की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसे ‘दिल्ली क्राइम’ की निर्माता कंपनी फिल्मकारवां द्वारा तैयार किया जा रहा है, जो भारत की सीमा-पार सहयोग की क्षमता को दर्शाता है।

​’ओपन पिच’ सत्र में 9 अनूठी फीचर फिल्म परियोजनाओं को प्रदर्शित किया गया। इनमें कबूतर: हिंदी-जापानी रहस्यमयी ड्रामा, द गोट: तमिल-अंग्रेजी एनिमेटेड एक्सआर प्रोजेक्ट, रोड टू जिंजी: ऐतिहासिक एनिमेटेड फीचर फिल्म शामिल हैं।

​यह आयोजन न केवल कला और संस्कृति का उत्सव रहा, बल्कि इसने वैश्विक निवेश और तकनीकी सहयोग के लिए भी नए द्वार खोले हैं।