प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति का भारत आगमन पर किया स्वागत

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नई दिल्ली, 17 फ़रवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन का एआई इंपैक्ट समिट में भाग लेने के लिए भारत आने पर स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगी।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर मैक्रों के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए कहा कि भारत उनकी इस यात्रा का स्वागत करता है। दोनों नेताओं के बीच होने वाली चर्चा से द्विपक्षीय सहयोग और मजबूत होगा। यह सहयोग वैश्विक प्रगति में भी योगदान देगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मुंबई और बाद में नई दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम दोनों देशों के संबंधों को नई गति देंगे।

इससे पहले इमैनुएल मैक्रॉन ने भारत यात्रा पर रवाना होते हुए एक्स पर लिखा कि वह मुंबई से नई दिल्ली तक तीन दिन के दौरे पर रहेंगे। उनके साथ व्यापार, आर्थिक, औद्योगिक, सांस्कृतिक और डिजिटल क्षेत्र के प्रतिनिधि भी आ रहे हैं।

मैक्रॉन ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात को लेकर उत्साह भी जताया।

भारत के दौरे पर पहुंचे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, राफेल विमान सौदा समेत अहम मुद्दों पर चर्चा

नई दिल्ली, 17 फ़रवरी (हि.स.)। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मंगलवार को भारत यात्रा पर मुंबई पहुंचे। 19 फरवरी तक जारी रहने वाली उनकी इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों मंगलवार को द्विपक्षीय बैठक करेंगे और भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 का शुभारंभ करेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों की यह चौथी भारत यात्रा है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों मुंबई पहुंच गए हैं, जहां महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने फ्रांस के राष्ट्रपति के भारत दौरे पर स्वागत करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट साझा कर कहा है कि इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी। दोनों नेता नवाचार वर्ष 2026 का शुभारंभ करेंगे। यह यात्रा भारत-फ्रांस की सक्रिय रणनीतिक साझेदारी को और गति देगी।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी अपनी भारत यात्रा के बारे में सोशल मीडिया पोस्ट साझा कर इसे अहम बताया।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा काफी अहम मानी जा रही है। राष्ट्रपति मैक्रों और प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त रूप से इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेंगे। दोनों नेता भारत-फ्रांस नवाचार फोरम के तहत नवाचार, स्टार्ट-अप सहयोग, उच्च शिक्षा और अनुसंधान में संयुक्त परियोजनाओं पर ठोस फैसले भी सकते हैं।

इसके साथ ही 114 राफेल लड़ाकू विमानों का मेगा रक्षा सौदा हो सकता है। इस सौदे को रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) से हाल ही में मंजूरी मिली है। दोनों नेता संयुक्त रूप से कर्नाटक के वेमगल में टाटा एयरबस की एच125 लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर (एलयूएच) की फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन भी करेंगे। उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में फ्रांस हमेशा से भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करता रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा, एआई जैसी तकनीक तभी सार्थक, जब उसका उपयोग समाज कल्याण के लिए हो

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नई दिल्ली, 17 फ़रवरी (हि.स.)।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को बुद्धिमत्ता, तर्कशीलता और निर्णय क्षमता को विज्ञान और प्रौद्योगिकी को जन-जन के लिए उपयोगी बनाने का आधार बताया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी उन्नत तकनीक तभी सार्थक है, जब उसका उपयोग समाज के व्यापक कल्याण के लिए किया जाए।

इंडिया एआई इंपेक्ट समिट का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यही है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को किस प्रकार सर्वजन हित में प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत तकनीक को मानव-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ा रहा है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए बुद्धि के गुणों का उल्लेख करते हुए लिखा कि

“शुश्रूषा श्रवणं चैव ग्रहणं धारणां तथा।

ऊहापोहोऽर्थविज्ञानं तत्त्वज्ञानं च धीगुणाः॥”

इस सुभाषित का अर्थ सीखने की इच्छा, ध्यानपूर्वक सुनना, सही ढंग से समझना, उसे धारण करना, तर्क-वितर्क करना, अर्थ की गहरी समझ और सत्य का ज्ञान ये सभी ‘धी’ अर्थात् बुद्धि के गुण हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई के विकास और उसके जिम्मेदार उपयोग के लिए भी यही गुण आवश्यक हैं। केवल तकनीकी दक्षता पर्याप्त नहीं है बल्कि विवेक, नैतिकता और समाजहित की भावना भी उतनी ही जरूरी है।

उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सुशासन जैसे क्षेत्रों में एआई के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाकर भारत तकनीक को जनकल्याण का सशक्त माध्यम बनाएगा।

इतिहास के पन्नों में 18 फरवरी

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प्लूटो की खोज – एक जिज्ञासा जिसने बदला सौरमंडल का नक्शा

प्लूटो की खोज – एक जिज्ञासा जिसने बदला सौरमंडल का नक्शा

18 फरवरी 1930 को अमेरिकी वैज्ञानिक क्लाइड टॉमबा ने एक दूरस्थ खगोलीय पिंड की खोज की, जिसने उस दौर में खगोल विज्ञान की दुनिया में उत्साह भर दिया। शुरुआत में इसे हमारे सौरमंडल का नौवां ग्रह माना गया, लेकिन बाद के वैज्ञानिक अध्ययनों में इसे “बौना ग्रह” की श्रेणी में रखा गया।

नामकरण के लिए जब सुझाव मांगे गए, तो 11वीं कक्षा की एक छात्रा ने “प्लूटो” नाम सुझाया। उसका तर्क था कि रोमन पौराणिक कथाओं में अंधकार के देवता को यही कहा जाता है और यह पिंड भी सूर्य से बहुत दूर और अंधकारमय क्षेत्र में स्थित है। यह बौना ग्रह सूर्य की एक परिक्रमा पूरी करने में लगभग 248 वर्ष लेता है।

यह खोज दिखाती है कि जिज्ञासा और विज्ञान मिलकर हमारी ब्रह्मांड संबंधी समझ को कैसे लगातार आगे बढ़ाते रहते हैं।

महत्वपूर्ण घटनाक्रम

1614 – जहांगीर ने मेवाड़ पर कब्जा किया।

1695 – फ़्रांसीसी खोजी ला सेले ने टेक्सास में बस्ती बसाई।

1884 – चार्ल्स गोल्डेन के नेतृत्व में ब्रिटिश फ़ौजें सुडान पहुँची।

1900 – दक्षिण अफ़्रीकी युद्ध में पाई क्रोन्स ने ब्रिटिश फ़ौजों के सामने हथियार डाल दिए।

1905- शामजी कृष्णवर्मा ने इंडिया होमरूल सोसायटी की स्थापना लंदन में की।

1911 – एयर मेल की पहली आधिकारिक उड़ान इलाहाबाद में हुई, जो 10 कि.मी. की थी। विमान से पहली बार डाक पहुँचाने का काम भारत में हुआ, जिसमें 6500 पत्र नैनी ले जाए गये।

1915 – प्रथम विश्वयुद्ध में जर्मनी ने इंग्लैंड की नाकेबन्दी की।

1930 – प्लूटो की खोज क्लाइड टॉमबा द्वारा की गई। इसे लंबे वक्त तक हमारे सौरमंडल का नौवां ग्रह माना गया लेकिन बाद में इससे ग्रह का दर्जा वापस ले लिया गया।

1943 – नाजी सेना ने व्हाइट रोज आन्दोलन के सदस्यों को गिरफ़्तार किया।

1945 – द्वितीय विश्वयुद्ध में इवा जिमा के लिए लड़ाई शुरू हुई।

1946 – शाही नौसेना विद्रोह मुंबई में हुआ।

1954 – पहले चर्च ऑफ साइंटोलॉजी की स्थापना कैलिफोर्निया में की गई।

1965 – द गांबिया युनाइटेड किंगडम के शासन से स्वतंत्र हुआ।

1965 – चीन द्वारा पाकिस्तान को 60 करोड़ डॉलर का ब्याजमुक्त कर्ज देने के समझौते पर दोनो देशों के प्रतिनिधियों ने कराची में दस्तख्त किए।

1970 – फिलिपीन्स में युवकों ने अमेरिकी सैन्य अड्डों के विरोध में अमेरिकी दूतावास पर धावा बोला।

1971 – भारत और ब्रिटेन के बीच उपग्रह सम्पर्क क़ायम हुआ।

1977 – अमेरिकी अभिनेता एंडी डिवाइन की मृत्यु हो गई।

1979 – सहारा रेगिस्तान में पहली और अब तक के रिकार्ड में अंतिम बार हिमपात की घटना हुई।

1979 – अमेरिका ने भारत को 1664 करोड़ रुपये का चेक दिया जो कि दुनिया में सबसे बड़ी रकम का चेक माना जाता है।

1983 – यू.एस. के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी लूट की ऐसी घटना हुई, जिसमें 13 लोग मारे गये।

1988 – बोरिस येल्तसिन सत्तारूढ़ कम्यूनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो से हटा दिये गए।

1989 – अफगान सरकार ने आपात स्थिति की घोषणा की।

1991 – आयरिश रिपब्लिकन आर्मी ने विक्टोरिया स्टेशन पर हुए विस्फोट की ज़िम्मेदारी ली, जिसमें अनेक लोग हताहत हुए।

1998 – सी. सुब्रह्मण्यम को भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उन्हें समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए देश के इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया। वह 1964 से 1966 के बीच भारत के कृषि मंत्री रहे। हरित क्रांति में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

1999 – भारत और बांग्लादेश के बीच बस सेवा पर समझौता हुआ।

1999 – सं.रा. अमेरिका हथियार निर्यातक देशों की सूची में प्रथम स्थान पर घोषित।

1999 – महाराष्ट्र के पोल्ट्री फ़ार्म में भारत का पहला फ़्लू केस दर्ज हुआ।

1999 – भारत व पाकिस्तान के बीच थार एक्सप्रेस आरम्भ।

2001 – एफबीआई एजेंट रॉबर्ट हैनसेन को सोवियत संघ के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दोषी ठहराये जाने के बाद उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गयी।

2002 – फिजी के विद्रोही नेता जार्ज स्पेट की फ़ांसी की सज़ा को राष्ट्रपति ने उम्रक़ैद में बदला।

2003 – दक्षिण कोरिया के प्रमुख शहर ताएगु में एक मेट्रो ट्रेन में आग लग जाने से 134 लोग मारे गये।

2006 – फिलिस्तीन के राष्ट्रपति ने हमास के नेता इस्माइल हीनया को नई सरकार का गठन करने को कहा।

2006 – महाराष्ट्र के पोल्ट्री फ़ार्म में भारत का पहला फ़्लू केस दर्ज हुआ।

2006 – भारत व पाकिस्तान के बीच थार एक्सप्रेस आरम्भ।

2007 – दिल्ली से लाहौर जा रही समझौता एक्सप्रेस में बम धमाके में 68 लोग मारे गए।

2008 – भारतीय रिजर्व बैंक ने स्विस बैंक यूडीएक एजी को देश में कारोबार करने की अनुमति दी।

2008 – पाकिस्तान में बरसों के सैनिक शासन के बाद हुए चुनाव में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की 120 सीट पर जीत। नवाज शरीफ की पार्टी को 90 और निवर्तमान राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की पार्टी को 51 सीटें मिलीं।

2009 – लोकसभा में केन्द्रीय विश्वविद्यालय विधेयक 2009 पेश हुआ।

2014 – आंध्र प्रदेश का विभाजन करके तेलंगाना के रूप में देश के 29वें राज्य की स्थापना का प्रस्ताव लोकसभा में पारित।

2014 – यूक्रेन की राजधानी कीव में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में कम से कम 76 लोगों की मौत और सैंकड़ों लोग घायल।

जन्म

1486 – चैतन्य महाप्रभु – भक्तिकाल के प्रमुख संतों में से एक थे।

1836 – रामकृष्ण परमहंस (उर्फ गदाधर चटर्जी) – भारत के महान् संत एवं विचारक तथा स्वामी विवेकानन्द के गुरु।

1857 – मैक्स क्लिंजर – चित्रकला, शिल्पकला और खुदाई कला के जर्मन कलाकार थे।

1883 – मदन लाल ढींगरा – भारतीय क्रांतिकारी

1894- रफ़ी अहमद क़िदवई- स्वतंत्रता सेनानी और राजनीतिज्ञ

1899 – जयनारायण व्यास- स्वतन्त्रता सेनानी

1925 – कृष्णा सोबती- हिन्दी कवियित्री

1926 – नलिनी जयवंत – भारतीय सिनेमा की सुन्दर व प्रसिद्ध अभिनेत्रियों में से एक।

1927 – अब्दुल हलीम जाफर ख़ाँ – संगीत की दुनिया में प्रसिद्ध सितार वादक थे।

1927 – खय्याम – बॉलीवुड के प्रसिद्ध संगीतकार।

1933 – निम्मी – भारतीय हिन्दी फ़िल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्रियों में से एक।

1941 – इमा थॉमस – अमेरिकी गायक।

1944 – गुरमीत बावा – प्रसिद्ध भारतीय पंजाबी गायिका थीं।

1962 – दमयंती बेशरा – महिला सशक्तिकरण के लिए आवाज उठाने वाली महिला हैं।

2002 – मनु भाकर – भारतीय महिला निशानेबाज।

निधन

1266 – मोहम्मद शाह – मामलुक साम्राज्य (गुलाम वंश) के आठवें सुल्तान नसीरुद्दीन।

1294 – क़ुबलय ख़ान- मंगोल सेनापति

1405 – तैमूरलंग- क्रूर शासक व आक्रमणकारी

1546 – मार्टिन लूथर- जर्मन धर्म सुधारक

1961 – अनिल कुमार दास – भारतीय वैज्ञानिक तथा खगोलशास्त्री थे। वह कोडाइकनाल वेधशाला के निदेशक रहे थे।

2016 – अब्दुल राशिद खान- पद्म भूषण से सम्मानित हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक।

महत्वपूर्ण दिवस

उत्पादकता सप्ताह।

(इंटरव्यू)”लहजे से नहीं, लगन से बनती है पहचान” : मृणाल ठाकुर

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रोशनी से भरे इस दौर में कुछ चेहरे ऐसे होते हैं, जो सिर्फ पर्दे पर नहीं, दिलों में बस जाते हैं। मृणाल ठाकुर उन्हीं में से एक हैं, जिनकी आंखों में सपनों की चमक है और मुस्कान में संघर्ष की कहानी। छोटे पर्दे की सादगी भरी शुरुआत से लेकर बड़े परदे की दमदार मौजूदगी तक, उनका हर कदम जुनून और आत्मविश्वास की मिसाल रहा

है।

टीवी शो ‘मुझसे कुछ कहती… ये खामोशियां’ और ‘कुमकुम भाग्य’ से पहचान बनाने वाली मृणाल ने जब फिल्मों की दुनिया में कदम रखा, तो संवेदनशील फिल्म ‘लव सोनिया’ से अपने अभिनय की गहराई का एहसास कराया। इसके बाद ‘सुपर 30’, ‘बटला हाउस’, ‘तूफान’ और ‘जर्सी’ में उनकी मौजूदगी ने साबित किया कि वह सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि हर किरदार को जीने वाली कलाकार हैं। साउथ सिनेमा में ‘सीता रामम’ और हाय नन्ना ने उन्हें पैन-इंडिया पहचान दिलाई। अब प्यार के इस खास मौसम में वह अपनी नई फिल्म ‘दो दीवाने सहर में’ के जरिए एक बार फिर भावनाओं की नई दास्तां लेकर आ रही हैं। 20 फरवरी 2026 को रिलीज हो रही इस फिल्म के मौके पर उन्होंने ‘हिन्दुस्थान समाचार’ से अपने सफर, संघर्ष और सपनों पर दिल खोलकर बात की।

सवाल : फिल्म के टाइटल में ‘सहर’ शब्द का क्या अर्थ है?

मृणाल ठाकुर : उन्होंने कहा, ‘सहर’ का मतलब होता है भोर, अंधेरे को चीरती हुई रोशनी की पहली किरण। इस शब्द में एक सादगी है, एक देसीपन है, जो हमारी कहानी की आत्मा से जुड़ता है। इसमें उम्मीद है, नई शुरुआत है और एक कोमल भावनात्मक स्पर्श भी। पुराने गीत ‘दो दीवाने शहर में’ से जो शहर, सपनों और प्रेम का एहसास जुड़ा है, वही संवेदना हमारे टाइटल में भी छिपी है। बस हमने उसे थोड़ा अपना रंग दिया है। दिलचस्प बात यह है कि इस टाइटल का सुझाव संजय लीला भंसाली सर ने दिया था। इसके पीछे एक खूबसूरत सोच भी है। फिल्म में शशांक ‘श’ का सही उच्चारण नहीं कर पाता और ‘शहर’ की जगह ‘सहर’ बोलता है। यह केवल एक उच्चारण की गलती नहीं, बल्कि कहानी का एक मासूम और प्यारा पहलू है। इस तरह ‘सहर’ सिर्फ एक शहर का नाम नहीं, बल्कि नई सुबह, उम्मीद और प्रेम की शुरुआत का प्रतीक बन जाता है।

सवाल : करियर की शुरुआत में क्या आपको रास्ता अनिश्चित या जोखिम भरा लगा? उस दौर में आपने खुद को कैसे संभाला?

मृणाल ठाकुर : हाँ, बिल्कुल। बचपन से ही मेरे भीतर एक झिझक थी। कई बार क्लास में जवाब पता होने के बावजूद मैं हाथ उठाने की हिम्मत नहीं जुटा पाती थी। मुझे अपनी अंग्रेज़ी को लेकर हीन भावना होती थी, क्योंकि उसमें मराठी लहजा साफ झलकता था। इतना ही नहीं, मेरा नाम ‘मृणाल’ लड़कों जैसा लगता है, इस वजह से स्कूल में बच्चे मुझे चिढ़ाते भी थे। फिल्म इंडस्ट्री में आने के बाद भी यह असुरक्षा मेरे साथ रही। मुझे लगता था कि मुझे और धाराप्रवाह अंग्रेज़ी बोलनी चाहिए, मेरे उच्चारण में मराठी लहजा कम होना चाहिए। लेकिन समय के साथ समझ आया कि हमारी असुरक्षाएँ तभी बड़ी बनती हैं, जब हम उन्हें खुद बड़ा बना देते हैं। आज मैं अपने व्यक्तित्व और अपनी जड़ों के साथ पूरी तरह सहज और संतुष्ट हूँ। जहां तक फिल्म ‘दो दीवाने सहर में’ की बात है, इसमें मेरा किरदार ‘रोशनी’ मेरे व्यक्तित्व का करीब साठ प्रतिशत हिस्सा दर्शाता है। बाकी चालीस प्रतिशत उसकी अपनी यात्रा और रचनात्मक निर्माण से आता है। यह कहानी दो लोगों के एक-दूसरे की कमियों को समझने, स्वीकारने और उन्हें खूबसूरती में बदल देने की है। हमने एक नरम, सादगी भरी प्रेम कहानी पेश करने की कोशिश की है, ऐसी कहानी जो आज के सोशल मीडिया के शोर में खोती जा रही सच्ची भावनाओं को फिर से जगाने का एक ईमानदार प्रयास है।

सवाल : ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री के पीछे ऑफ-स्क्रीन बॉन्डिंग कितनी अहम रही?

मृणाल ठाकुर : हमारा रिश्ता सिर्फ को-एक्टर्स वाला नहीं रहा, बल्कि सच में दोस्ती में बदल गया। हम एक-दूसरे की परवाह करते हैं, कभी हल्की-फुल्की नोकझोंक भी हो जाती है, मज़ाक-मस्ती भी होती है, लेकिन अंत में दिल से जुड़े रहते हैं। मेरे लिए सबसे खास बात उनकी काम के प्रति ईमानदारी है। मैंने कई कलाकारों को लोकप्रियता की चकाचौंध में खोते देखा है, लेकिन सिद्धांत जमीन से जुड़े इंसान हैं। सेट पर उनकी सादगी और फोकस साफ नजर आता था। वह हमेशा कुछ नया करने की कोशिश करते हैं, ताकि दर्शक सिर्फ किरदार ही नहीं, बल्कि उनके भीतर की सच्चाई भी महसूस कर सकें। ऐसे समर्पित सह-कलाकार के साथ काम करना किसी सौभाग्य से कम नहीं। पूरा अनुभव बेहद यादगार रहा। शूट के दौरान हमने मुंबई को साथ जिया, मैं उन्हें स्कूटर पर कॉलेज तक ले जाती थी, ठीक वैसे ही जैसे फिल्म में दिखाया गया है। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से चर्चगेट तक का सफर, के.सी. कॉलेज का कैंपस और एशियाटिक लाइब्रेरी की सीढ़ियों पर फिल्माया गया क्लाइमेक्स, ये सब मेरे लिए बेहद खास रहा। मुंबई मेरे लिए सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि घर जैसा एहसास है। कुछ दिनों के लिए बाहर जाऊं तो भी मन यहीं लौटने को बेताब रहता है।

सवाल : आपने हिंदी और साउथ फिल्म इंडस्ट्री में काम किया है। काम करने के तरीके में क्या अंतर महसूस हुआ?

मृणाल ठाकुर : मेरे अनुभव में सबसे बड़ा अंतर भाषा का है। बाकी जहां तक मेहनत, प्रोफेशनलिज़्म और समर्पण की बात है, वो दोनों इंडस्ट्री में समान है। संस्कृति और खान-पान बदल जाता है, यहां वड़ापाव और कंदा-पोहा, तो वहां इडली-वड़ा और सांभर, लेकिन काम के प्रति जुनून हर जगह एक जैसा है। मुंबई में अक्सर शूटिंग का शेड्यूल काफी टाइट और दबाव भरा होता है। उदाहरण के तौर पर, हमने अपनी एक फिल्म सिर्फ 38 दिनों में पूरी की, जबकि ‘डकैत’ की शूटिंग में करीब 75 दिन लगे और उससे पहले की एक फिल्म को लगभग 120 दिन मिले। इसलिए स्पीड, प्लानिंग और वर्किंग स्टाइल निर्देशक और प्रोडक्शन पर निर्भर करता है। आखिर में, दोनों इंडस्ट्री की असली ताकत उनके दर्शक हैं। हिंदी हो या साउथ सिनेमा, मुझे हर जगह से भरपूर प्यार मिला है। एक कलाकार के लिए इससे बड़ी खुशी क्या हो सकती है।

सवाल : क्या आपके ‘लुक’ को लेकर कभी कोई अलग अनुभव रहा है?

मृणाल ठाकुर : जी हां, मेरे साथ ऐसा हुआ है। मेरी पहली फिल्म ‘लव सोनिया’ के दौरान मेरा ऑडिशन एक ऐसे फोल्डर में रखा गया था जिस पर लिखा था ‘खोलना मना है।’ लेकिन निर्देशक तबरेज नूरानी ने वह फाइल खोली, ऑडिशन देखा और मुझसे मुलाकात की। बातचीत के बाद उन्हें भरोसा हुआ कि मैं ‘सोनिया: का किरदार निभा सकती हूं। यह किरदार एक गांव की साधारण लड़की का था, इसलिए मुझे टीम को समझाना पड़ा कि सादगी वाला लुक मेकअप और तकनीक से हासिल किया जा सकता है। लोग अक्सर सोचते हैं कि खूबसूरती और सफलता सब कुछ आसान बना देती है, लेकिन सच्चाई यह है कि हर किसी का अपना संघर्ष होता है। शोहरत के पीछे भी कई त्याग छिपे होते हैं।

कमोडिटी मार्केट में भी सोना-चांदी की कीमत में गिरावट

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नई दिल्ली, 17 फरवरी (हि.स.)। सर्राफा बाजार (बुलियन मार्केट) के साथ ही कमोडिटी मार्केट में भी आज सोना और चांदी की कीमत में गिरावट का रुख बना हुआ है। एशियाई बाजार में आज लूनर न्यू ईयर की छुट्टी की वजह से सोना और चांदी दोनों कमोडिटी में ट्रेडिंग घट गई है, जिससे इनकी कीमतों पर दबाव बना हुआ है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर की मजबूती से भी सोना और चांदी की कीमत पर दबाव बढ़ा हुआ नजर आ रहा है। इसी वजह से मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दोपहर 12 बजे के करीब चांदी की कीमत 7,491 यानी 3.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,32,400 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बनी हुई थी। इसी तरह सोना 2,760 रुपये यानी 1.77 प्रतिशत फिसल कर 1,52,024 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी के भाव में गिरावट का ट्रेंड बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर लुढ़क कर 73 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि बाद में इसमें सुधार हुआ, जिससे भारतीय समय के अनुसार दोपहर 12 बजे तक यह चमकीली धातु 2.71 प्रतिशत गिर कर 74.51 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई थी। इसी तरह स्पॉट गोल्ड भारतीय समय के अनुसार दोपहर 12 तक 0.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,947.98 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंचा हुआ था। अप्रैल डिलीवरी वाला यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 1.62 प्रतिशत गिर कर 4,966.80 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंचा हुआ था।

बताया जा रहा है कि यूएस डॉलर इंडेक्स 0.20 प्रतिशत बढ़ा हुआ है, जिससे डॉलर के अलावा दूसरी करेंसी रखने वाले निवेशकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के जरिए बिकने वाला बुलियन (सोना और चांदी) महंगा हो गया है। इस वजह से भी निवेशकों के रुझान में कमी आई है, जिसका असर इन दोनों चमकीली धातुओं के भाव में गिरावट के रूप में नजर आ रहा है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में केटौती करता है या डॉलर में कमजोरी आती है, तो चांदी और सोने के भाव में एक बार फिर तेजी का रुख बन सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिलहाल चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड में गिरावट आई है। इसके साथ ही इन्वेंटरी और रीसाइक्लिंग सप्लाई भी चांदी की कीमत को सीमित करने का काम कर रही है। इसलिए फिलहाल चांदी की कीमत में बेतहाशा तेजी आने की उम्मीद कम है।

सर्राफा बाजार में सस्ता हुआ सोना, चांदी के भाव में मामूली गिरावट

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नई दिल्ली, 17 फरवरी (हि.स.)। घरेलू सर्राफा बाजार में आज दिन के पहले सत्र के कारोबार में गिरावट का रुख बना हुआ है। सोना आज 1,200 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 1,310 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया है। वहीं चांदी के भाव में सौ रुपये प्रति किलोग्राम की सांकेतिक कमजोरी दर्ज की गई है। सोने के भाव में गिरावट आने के कारण देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज 1,56,430 रुपये से लेकर 1,56,580 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज 1,43,390 रुपये से लेकर 1,43,540 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। चांदी के भाव में मामूली कमजोरी आने के कारण ये चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में आज 2,67,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है।

दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,56,580 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,43,540 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,56,430 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,43,390 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,56,480 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,43,440 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।

चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,56,430 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,43,390 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है।कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,56,430 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,43,390 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। भोपाल में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,56,480 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,43,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,56,580 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,43,540 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,56,480 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,43,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,56,580 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,43,540 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने के भाव में कमजोरी आई है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,56,430 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,43,390 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

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हरे निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 174 अंक उछला

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नई दिल्‍ली,17 फरवरी (हि.स)। हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को शेयर बाजार हरे निशान पर बंद हुआ। लगातार दूसरे दिन बाजार में तेजी रही। सेंसेक्स 174 अंक के लाभ में रहा, जबकि निफ्टी 42 अंक मजबूत हुआ। बैंक, आईटी और पूंजीगत वस्तुओं से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी से शेयर बाजार बढ़त में रहा।

बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 173.81 अंक यानी 0.21 फीसदी उछलकर 83,450.96 के स्‍तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्‍स ऊंचे में 83,598 अंक तक गया तथा नीचे में 82,987.43 अंक तक आया। इसी तरह नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 42.65 अंक यानी 0.17 फीसदी चढ़कर 25,725.40 के स्‍तर पर बंद हुआ।

30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स में शामिल आईटीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, लार्सन एंड टुब्रो, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, टाइटन, अदाणी पोर्ट्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, सन फार्मा, मारुति सुजुकी इंडिया, इंडिगो, भारतीय स्टेट बैंक और टेक महिंद्रा के शेयर लाभ में रहे है। वहीं, नुकसान में रहने वाले शेयरों में इटर्नल, टाटा स्टील, ट्रेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल, कोटक महिंद्रा बैंक और हिंदुस्तान यूनिलीवर शामिल हैं।

एशिया के अन्य शेयर बाजारों में शामिल जापान का निक्की नुकसान में रहा, जबकि चीन, हांगकांग और दक्षिण कोरिया के बाजार चंद्र नव वर्ष की छुट्टियों के कारण बंद रहे। इसके अलावा यूरोप के प्रमुख शेयर बाजारों में दोपहर कारोबार में तेजी का रुख है। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.79 फीसदी टूटकर 68.13 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।

उल्‍लेखनीय है कि सोमवार को बीएसई का सेंसेक्स 650.39 अंक बढ़कर 83,277.15 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई का निफ्टी 211.65 अंक बढ़कर 25,682.75 पर बंद हुआ था।

फ्रांस के राष्ट्रपति ने मुंबई के होटल ताज में 26/11 पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि

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नई दिल्ली, 17 फ़रवरी (हि.स.)। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनिअल मैंक्रों ने मुंबई के ताज होटेल में 26/11 हमले में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनकी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों भी उनके साथ मौजूद रहीं।

इसकी जानकारी देते हुए मैंक्रों ने एक्स पोस्ट में लिखा कि मुंबई के ताज महल पैलेस में, हमने 2008 के हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने इस हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए कहा कि इस हमले में मारे गए लोगों के परिवारों और प्रियजनों के लिए, और भारत के लिए फ्रांस हमेशा साथ खड़ा है। आतंकवाद के सामने, एकता और दृढ़ निश्चय सबसे बड़ी ताकत है।

इससे पहले सुबह मैक्रों तड़के मुंबई के मरीन ड्राइव पर दौड़ सैर की। उनके साथ सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे। मुंबई पुलिस ने पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा की थी।

राष्ट्रपति मैक्रों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 17 से 19 फरवरी तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। वह इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेंगे और मुंबई में मोदी के साथ द्विपक्षीय शिखर बैठक करेंगे। यह उनकी भारत की चौथी यात्रा है। हालांकि वह मुंबई पहली बार गए हैं।

गुजरात की अंतिम मतदाता सूची जारी, 4.40 करोड़ मतदाता के नाम

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गांधीनगर, 17 फ़रवरी (हि.स.)। गुजरात में मतदाता सूची की विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत तैयार की गई अंतिम मतदाता सूची मंगलवार को जारी कर दी गई। इस नयी मतदाता सूची में 4.40 करोड़ मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। प्रदेश में कुल 5.60 लाख मतदाताओं की वृद्धि हुई है।

यह अभियान 27 अक्टूबर 2025 से राज्यभर में शुरू किया गया था और लगभग साढ़े तीन महीने तक विभिन्न चरणों में कार्रवाई के बाद अंतिम सूची प्रकाशित की गई है। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या सुधार से संबंधित दावे और आपत्तियां 19 फरवरी 2025 से 30 जनवरी 2026 के बीच प्राप्त हुई थीं। इसके बाद 10 फरवरी 2026 तक चुनाव अधिकारियों ने सभी आपत्तियों की जांच कर उनका निस्तारण किया।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी हारीत शुक्ला ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने में राज्य के नागरिकों का अभूतपूर्व सहयोग मिला। इस कार्य में 34 जिला निर्वाचन अधिकारी, 182 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, 855 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, 50,963 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) तथा स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। मीडिया, राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों का भी सहयोग प्राप्त हुआ।

4.40 करोड़ मतदाता शामिल

मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले राज्य में कुल 5,08,43,436 मतदाता दर्ज थे। मसौदा सूची के बाद यह संख्या घटकर 4,34,70,109 रह गई थी। मसौदा सूची के बाद अंतिम सूची में कुल 5.60 लाख मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि (नेट एडिशन) दर्ज की गई है। इस तरह से अंतिम मतदाता सूची में कुल 4,40,30,725 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं।

डोर-टू-डोर सर्वे और सत्यापन

एसआईआर अभियान के दौरान बीएलओ द्वारा घर-घर सर्वे किया गया, जिसमें मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित या दो स्थानों पर दर्ज मतदाताओं की पहचान कर सूची को अपडेट किया गया। प्राप्त सभी गणना फॉर्म का डिजिटाइजेशन भी किया गया।

मतदाता ऐसे जांच सकते हैं अपना नाम

मतदाता निम्न माध्यमों से अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम जांच सकते हैं —

मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट: http://ceo.gujarat.gov.in

वोटर पोर्टल: voters.eci.gov.in इसिनेट ऐप

बीएलओ के माध्यम से

जिला निर्वाचन अधिकारी/इआरओ/ कार्यालय से यदि किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है तो वह फॉर्म नंबर 6 भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकता है। जानकारी में सुधार के लिए फॉर्म नंबर 8 और आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म नंबर 7 भरकर आवेदन किया जा सकता है।

चुनाव आयोग के अनुसार, मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, आधुनिक और सर्वसमावेशी बनाने के उद्देश्य से चलाया गया यह विशेष अभियान सफल रहा है। आगामी समय में भी निरंतर सुधार प्रक्रिया जारी रहेगी और 01 जनवरी 2026 की पात्रता तिथि के अनुसार 18 वर्ष पूर्ण करने वाले युवा अपने नाम मतदाता सूची में दर्ज करा

एनएचएआई राष्ट्रीय राजमार्गों पर बनाएगा मधुमक्खी गलियारे

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एक साल में 40 लाख पेड़ लगाने की योजना

नई दिल्ली, 17 फ़रवरी (हि.स.)। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर पहली बार मधुमक्खी गलियारे (बी कॉरिडोर) विकसित करने की घोषणा की है। यह पहल सजावटी पौधों की जगह पर्यावरणीय पौधों को लगाने पर केंद्रित होगी। इन गलियारों में फूलदार पेड़ और पौधे लगाए जाएंगे, ताकि पूरे साल पराग (फूलों के नर भाग यानी पुंकेसर से निकलने वाला एक महीन पाउडर) और रस उपलब्ध रहे और परागण करने वाले जीवों को सहारा मिल सके।

एनएचएआई ने बताया कि इस पहल से मधुमक्खियों और अन्य परागण करने वाले जीवों पर बढ़ते पर्यावरणीय दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। इससे कृषि और बागवानी उत्पादकता के साथ-साथ पारिस्थितिक संतुलन भी मजबूत होगा।

मधुमक्खी गलियारे में पेड़, झाड़ियां, घास और जड़ी-बूटियां लगाई जाएंगी। इनमें नीम, करंज, महुआ, पलाश, बॉटल ब्रश, जामुन और सिरीष जैसे देशी पौधे लगाए जाएंगे। पौधों का चयन इस तरह होगा कि अलग-अलग मौसम में फूल खिलते रहें और सालभर पराग उपलब्ध रहे।

एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय राजमार्गों पर हर 500 मीटर से 1 किलोमीटर की दूरी पर फूलदार पेड़ों के समूह लगाएंगे। साल 2026–27 में कम से कम तीन ऐसे मधुमक्खी गलियारे विकसित किए जाएंगे। इस दौरान एनएचएआई लगभग 40 लाख पेड़ लगाएगा, जिनमें से 60 प्रतिशत मधुमक्खी गलियारे पहल के तहत होंगे।