जबलपुर, 17 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में जिला अस्पताल विक्टोरिया के सामने डॉ संजय मिश्रा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मंगलवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्रतीकात्मक रूप से नकली नोट और नकली सोने के सिक्के भेंट किए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिले में फर्जी अस्पताल धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। कई सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर समय पर नहीं पहुंचते। कार्यकर्ताओं ने बरेला में एक प्रसूता की मौत और डिंडोरी में ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों का हवाला देते हुए विभागीय लापरवाही बताई।
सपा नेता आशीष मिश्रा ने आरोप लगाया कि जिले का स्वास्थ्य तंत्र भ्रष्टाचार से ग्रस्त है। उन्होंने कहा कि अधिकारी वातानुकूलित कमरों में बैठकर अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रहे हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब जनता बुनियादी इलाज के लिए भटक रही है।
प्रदर्शन के दौरान कुछ पीडि़त मरीज भी मौजूद रहे। जिन्होंने निजी अस्पतालों पर लापरवाही के आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
मथुरा, 17 फरवरी(हि.स.)। भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज व कप्तान रहे विराट कोहली पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ मंगलवार को वृंदावन परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीहित राधा कैली कुंज आश्रम में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मिले। चकाचौंध भरी दुनिया से दूर दोनों आस्था के रंग में रंग गए। माथे पर ब्रजरज का तिलक लगाए और गले में तुलसी की कंठी माला पहन संत प्रेमानंद के प्रवचन सुने तो साधक की भूमिका में आ गए। संत के अनुयायियों के बीच बैठ विराट व अनुष्का ने करीब एक घंटा श्रीराधा केलिकुंज में संत प्रेमानंद का आशीर्वाद लिया। दोनों उनके गुरु संत गोविंद शरण के आश्रम पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया।
गौरतलब हो कि स्टार बल्लेबाज विराट कोहली व फिल्म अभिनेत्री रहीं अनुष्का शर्मा सोमवार शाम छटीकरा मार्ग स्थित रेडिसन होटल में आ गए थे। उनका कार्यक्रम बेहद गोपनीय था। मंगलवार दोनों ने संत प्रेमानंद का आशीर्वाद लिया। विराट व अनुष्का के माथे पर ब्रजरज का राधावल्लभीय तिलक व गले में तुलसी की कंठी माला थी। श्रीराधा केलिकुंज की एकांतिक वार्ता में श्रद्धालुओं के बीच आगे की पंक्ति में बैठे विराट व अनुष्का पूरी तरह भक्ति भाव में डूबे रहे।
जब संत ने जीवन में संत से दीक्षा लेने और संत की पूर्ण शरणागति में अंतर बताया, तो बेहद तल्लीनता से सुनते रहे। संत ने कहा कि किसी से दीक्षा लो तो दीक्षा देने वाले का आदेश का पालन ही जीवन का सार है। गुरु के प्रति अपना सबकुछ समर्पित करना ही शरणागति है। सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रशंसकों को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण रहा, फिर भी विराट ने कार में से हाथ हिलाकर कई जगह प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार किया। विराट और अनुष्का की यह यात्रा पूरी तरह निजी और आध्यात्मिक बताई जा रही है। विराट कोहली और अनुष्का ने पहली बार संत प्रेमानंद से मुलाकात जनवरी 2023 में की थी। विराट की मुलाकात के बाद संत प्रेमानंद भी अचानक चर्चा में आ गए। इसके बाद टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के अगले ही दिन विराट और अनुष्का मई 2025 में संत प्रेमानंद के पास पहुंचे। दो माह पहले 15 दिसंबर को भी दोनों ने संत से मुलाकात की।
कीव, 17 फरवरी (हि.स.)। वोलोदिमिर जेलेंस्की ने घोषणा की है कि रूस ले जाए गए लगभग 2,000 यूक्रेनी बच्चों को वापस उनके घर लाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास उनके ‘ब्रिंग किड्स बैक’ अभियान के तहत लगातार चल रही मानवीय पहल का हिस्सा है।
जेलेंस्की के अनुसार, बच्चों की वापसी सरकार, नागरिक संगठनों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के समन्वित प्रयासों से संभव हो सकी। उन्होंने इस सहयोग के लिए सभी भागीदारों का आभार जताते हुए कहा कि यह लड़ाई बच्चों और देश के भविष्य से जुड़ी है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह भी माना कि चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। उनके मुताबिक, कई यूक्रेनी बच्चे अब भी रूस में हैं और उन्हें वापस लाने के प्रयास जारी रहेंगे।
जेलेंस्की ने दोहराया कि जब तक हर यूक्रेनी बच्चा सुरक्षित घर नहीं लौट आता, तब तक अभियान जारी रहेगा। यूक्रेन और रूस के बीच जारी तनाव के बीच बच्चों की सुरक्षित वापसी को मानवीय मुद्दा बताया जा रहा है।
सहारनपुर, 17 फ़रवरी (हि.स.)। सहारनपुर जिला प्रशासन ने बसपा के पूर्व एमएलसी व सपा बसपा सरकार के समय के खनन माफिया, गैंगस्टर मोहम्मद इकबाल उर्फ बाला की अवैध रूप से अर्जित 56 सम्पत्तियों को कुर्क किया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1986 की धारा 14 (1) के तहत डीएम मनीष बंसल के आदेश पर की गई। कुर्क की गई सम्पत्तियों के प्रबंधन के लिए तहसीलदार बेहट को प्रशासक नियुक्त किया गया है।
प्रशासन के अनुसार, मोहम्मद इकबाल उर्फ बाला एक संगठित गिरोह का सरगना है। उसके बेटे मोहम्मद जावेद, मोहम्मद वाजिद, अलीशान, अफजाल और अन्य सहयोगी भी इस गिरोह में शामिल हैं। इनके खिलाफ वर्ष 2022 में थाना मिर्जापुर में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इकबाल पर जनपद, गैर जनपद और गैर राज्य के विभिन्न थानों में लगभग 50 मुकदमें दर्ज हैं।
जांच में सामने आया कि गिरोह ने वन क्षेत्रों से खैर समेत अन्य लकड़ी की चोरी, तस्करी, अवैध खनन और जमीनों पर अवैध कब्जे जैसे अपराध किए। आरोप है कि इन अवैध गतिविधियों से अर्जित धन का उपयोग सरकारी और निजी जमीनों को डराने-धमकाने तथा धोखाधड़ी के जरिए खरीदने या कब्जाने में किया गया। इसी अवैध कमाई से करोड़ों रुपये की सम्पत्तियां बनाई गईं।
प्रशासनिक आंकलन के अनुसार, कुर्क की गई इन जमीनों की वर्तमान बाजार कीमत लगभग 2 अरब 76 करोड़ रुपये है। ये सम्पत्तियां इकबाल, उसके परिजनों, आश्रितों और विभिन्न कंपनियों व सहयोगियों के नाम पर दर्ज थीं। विस्तृत जांच के बाद सभी 56 सम्पत्तियों को अवैध आय से अर्जित माना गया और उन्हें कुर्क कर लिया गया।
जिलाधिकारी के आदेश में कहा गया है कि प्रशासक नियुक्त तहसीलदार बेहट कुर्क सम्पत्तियों का उचित और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराध और अवैध संपत्ति के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि अपराधियों के आर्थिक आधार को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
–हाईकोर्ट ने कहा, यू-डायस पोर्टल पर सही डेटा डाला जाय और उसके अनुरूप शिक्षक – छात्र अनुपात के अनुसार स्कूलों में टीचरों की तैनाती की जाय
–डीएम की कमेटी के एक माह में निर्णय लेने तक टीचरों को कोर्ट ने दी राहत
प्रयागराज, 17 फ़रवरी (हि.स.)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि यूनिफाइड ड्रिस्ट्रिक्ट इनफार्मेशन सिस्टम फार एजुकेशन (यूडीआईएसई अथवा यू-डायस) पोर्टल पर सही और प्रमाणित डेटा सत्यापित कर डाला जाय और इसके अनुरूप ही सहायक अध्यापकों-प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति और तैनाती करें, ताकि निर्धारित छात्र-शिक्षक अनुपात बनाए रखा जा सके।
कोर्ट ने जिलाधिकारी की कमेटी को याचियों के दाखिल होने वाले प्रत्यावेदन पर एक माह में निर्णय लेने का आदेश दिया है और तब तक अध्यापकों की वर्तमान स्थिति कायम रखने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान की एकलपीठ ने यह निर्देश देते हुए 157 उन शिक्षकों को तात्कालिक तौर पर राहत दे दी है, जिन्होंने राज्य सरकार के 14 नवम्बर 2025 के आदेश के क्रम में अपने पुनर्समायोजन को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने कहा है कि सभी याची जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति के समक्ष एक सप्ताह के भीतर आपत्ति प्रस्तुत करें। समिति इन आपत्तियों की जांच करेगी और एक महीने के भीतर कानून के अनुसार तर्कसंगत आदेश पारित करेगी।
कोर्ट ने कहा, याचीगण ने आवश्यक तथ्यात्मक जानकारी नहीं दी है, जिससे कार्रवाई की वैधता की जांच करना मुश्किल हो रहा है। याचीगण को संस्थान-वार विवरण देना होगा, जिसमें स्वीकृत संख्या, कार्यरत संख्या और शिक्षकों की अधिकता या कमी की जानकारी हो। कोर्ट ने कहा प्रशासनिक कार्रवाई में तथ्यात्मक त्रुटियों के कारण प्रणालीगत असंतुलन हो सकता है और इससे छात्रों का हित प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में निष्पक्षता और तर्कसंगतता सुनिश्चित करने के लिए सीमित जांच करनी होगी।
कोर्ट ने कहा, पुनर्समायोजन मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए, लेकिन कोई पूर्ण प्रतिबंध नहीं है। यदि कार्रवाई मनमानी है, गैर-मौजूद या असत्यापित डेटा पर आधारित है तथा इससे सार्वजनिक हित गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है तो संवैधानिक अदालतें शक्तिहीन नहीं हैं। अदालत ने पाया कि नवम्बर 2025 के सरकारी आदेशानुसार पुनर्समायोजन के लिए निर्धारित मानदंडों का पालन किया गया है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। याचीगण के अधिवक्ता ने कहा कि पूर्व में आदेश था कि जिलाधिकारी हर साल जुलाई से पहले शिक्षकों की स्वीकृत संख्या की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार समायोजन करते थे, लेकिन नवम्बर का आदेश 23 मई 2025 के आदेश से अलग है।
याचीगण का कहना था कि बच्चों के नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 के प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है। अदालत ने पाया कि प्रत्येक संस्थान में कम से कम दो शिक्षकों की आवश्यकता है और छात्र संख्या के आधार पर अतिरिक्त शिक्षकों की आवश्यकता है। जूनियर बेसिक स्कूल में 150 तथा सीनियर बेसिक स्कूल में 100 से अधिक छात्रों के लिए एक प्रधानाध्यापक की आवश्यकता है। अरुण प्रताप सिंह व 37 अन्य, संगीता सिंह पटेल और 42 अन्य, अभिषेक कुमार त्रिपाठी और 11 अन्य,स्वदेश कुमार और 57 अन्य तथा अमन राज और पांच अन्य की याचिकाओं को एक साथ सुना गया था। कोर्ट ने प्रकरण के निर्णय में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली रिसर्च एसोसिएट वैष्णवी केसरणी की भी प्रशंसा की है।
गुवाहाटी, 17 फरवरी (हि.स.)। असम प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा आगामी 22 फरवरी को औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। यह बात आज रात मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने भूपेन बोरा के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।
उल्लेखनीय है कि भूपेन बोरा बीते कल कांग्रेस पार्टी से औपचारिक रूप से इस्तीफा दिया था। उनको मनाने के लिए असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवब्रत सैकिया, असम कांग्रेस प्रभारी जितेंद्र सिंह समेत अन्य नेता बीते कल उनके घर गये थे। एक समय ऐसा माना जा रहा था कि भूपेन बोरा अपना फैसला बदल लेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री ने बीते कल ही कहा था कि वे भूपेन बोरा से उनके घर पर मंगलवार को मिलेंगे। अपने बयान के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. सरमा गुवाहाटी के घोड़ामारा स्थित भूपेन बोरा के घर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। जिसके बाद औपचारिक रूप से भूपेन बोरा के भाजपा में शामिल होने का मुख्यमंत्री ने ऐलान कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूपेन बोरा का भाजपा में किस कार्यक्रम में शामिल होंगे, इसका निर्णय असम प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया करेंगे। जल्द ही सभी चीजें साफ हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूपेन बोरा अंतिम हिंदू नेता कांग्रेस में थे। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस में कोई भी हिंदू नेता नहीं है। डॉ. सरमा ने कांग्रेस के अन्य नेताओं पर भी कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भूपेन बोरा के साथ कांग्रेस के अन्य कई बड़े नेता भी भाजपा में शामिल होंगे।
भूपेन बोरा के कांग्रेस छोड़ने को लेकर राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। कांग्रेस के अंदर भारी उथल-पुथल की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। भूपेन का जाना कांग्रेस के लिए बड़ा आघात माना जा रहा है।
नई दिल्ली, 17 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि डीपफेक जैसी तकनीक के संदर्भ में सख्त नियम बनाना बेहद जरूरी है, ताकि बच्चों और समाज को इसके खतरों से बचाया जा सके। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एक ऐसा साधन है, जिसका उपयोग हर व्यक्ति अपनी रोजमर्रा की चुनौतियों को हल करने और समाज की जरूरतों के अनुसार समाधान बनाने में कर सकता है।
अश्विनी वैष्णव ने यहां भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में वाईयूवीएआई तकनीकी नवाचार प्रतियोगिता (हैकाथॉन) में भाग लेने वाले तीन हजार से अधिक छात्रों से बातचीत की। देशभर से आए छात्रों ने स्थानीय भाषाओं और विभिन्न क्षेत्रों पर आधारित एआई समाधान प्रस्तुत किए। वैष्णव ने इसे जमीनी स्तर पर नवाचार और युवाओं की सक्रिय भागीदारी का उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन ने वैश्विक स्तर पर बड़ी दिलचस्पी पैदा की है। अगले कुछ सालों में लगभग 17 अरब डॉलर की उद्यम पूंजी निवेश प्रतिबद्धता और करीब 200 अरब डॉलर का बुनियादी ढांचे में निवेश आने की उम्मीद है। यह भारत के एआई तंत्र में दुनिया की गहरी रुचि को दर्शाता है। यह गति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बनाए गए दूरदर्शी ढांचे के कारण संभव हुई है। भारत में दुनिया का सबसे बड़ा एआई सम्मेलन आयोजित करना इस बात का प्रमाण है कि देश उभरती प्रौद्योगिकियों में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी कंपनी हो, उसे भारत के संविधान और कानूनी ढांचे के भीतर काम करना होगा। किसी भी कंपनी को उस देश के सांस्कृतिक संदर्भ को समझना जरूरी है, जिसमें वह काम कर रही है। क्योंकि, जो चीज एक देश में सामान्य है, वह दूसरे देश में प्रतिबंधित हो सकती है। इसी कारण कंपनियों को उस देश की संस्कृति और सामाजिक मान्यताओं का सम्मान करते हुए काम करना चाहिए।
वैष्णव ने कहा कि यह समस्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है और समाज तथा बच्चों को इससे बचाना जरूरी है। सरकार ने उद्योग जगत के साथ बातचीत शुरू की है कि मौजूदा कदमों से आगे और किस तरह के नियम बनाए जाएं। संसद की सूचना प्रौद्योगिकी समिति ने भी इस पर अध्ययन कर सुझाव दिए हैं।
लखनऊ, 17 फ़रवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि कुटुम्ब परंपरा से ही सामाजिक मूल्यों की रक्षा होगीl उन्होंने कहा कि मंगल संवाद परिवारों मे शुरू करें। संघ प्रमुख मंगलवार को लखनऊ के निराला नगर स्थित माधव सभागार में कुटुंब मिलन को संबोधित कर रहे थे ।
हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने लालच और जबरदस्ती हो रहे मतांतरण पर रोक लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि घर वापसी का काम तेज होना चाहिए। जो लोग हिंदू धर्म में लौटें, उनका ध्यान भी हमें रखना होगा।
बढ़ती घुसपैठ पर उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करना होगा। उन्हें रोजगार नहीं देना है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं के कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए। वैज्ञानिकों के हवाले से उन्होंने कहा कि जिस समाज में औसतन तीन से कम बच्चे होते हैं, वह समाज भविष्य में समाप्त हो जाता है। यह बात हमारे परिवारों में नव दंपतियों को बताई जानी चाहिए।
डॉ. भागवत ने कहा कि विवाह का उद्देश्य सृष्टि आगे चले, यह होना चाहिए, वासना पूर्ति नहीं। इसी भावना से कर्तव्य बोध आता है।
सद्भाव बढ़ाने की जरूरत: उन्होंने कहा कि सद्भाव न रहने से भेदभाव होता है। हम सभी एक देश, एक मातृभूमि के पुत्र हैं। मनुष्य होने के नाते हम सब एक हैं। एक समय भेद नहीं था, लेकिन समय चक्र के चलते भेदभाव की आदत पड़ गई है, जिसे दूर करना होगा।
उन्होंने कहा कि सनातन विचारधारा सद्भाव की विचारधारा है। जो विरोधी हैं, उन्हें मिटाना है, ऐसा हम नहीं मानते। एक ही सत्य सर्वत्र है। इस दर्शन को समझ कर आचरण में लाने से भेदभाव समाप्त होगा।
मातृशक्ति परिवार का आधार सरसंघचालक ने कहा कि घर-परिवार का आधार मातृशक्ति है। हमारी परंपरा में कमाई का अधिकार पुरुषों को था, लेकिन खर्च कैसे हो, यह मातायें तय करती थी। मातृशक्ति विवाह के बाद दूसरे घर में आकर सभी को अपना बना लेती है। महिला को हमें अबला नहीं मानना है, वह असुर मर्दिनी है। हमने स्त्री की, प्रकृति की जो कल्पना की, वह बलशाली है। महिलाओं को आत्म संरक्षण का प्रशिक्षण होना चाहिए। पश्चिम में महिलाओं का स्तर पत्नी से है, हमारे यहां उन्हें माता माना जाता है। उनका सौंदर्य नहीं, वात्सल्य देखा जाता है।
कानून सभी को मानना है: यूजीसी गाइडलाइन को लेकर किए गए एक प्रश्न के उत्तर में सरसंघचालक ने कहा कि कानून सभी को मानना चाहिए। यदि कानून गलत है तो बदलने का उपाय भी है। जातियां झगड़े का कारण नहीं बनना चाहिए। समाज में अपनेपन का भाव होगा तो इस तरह की समस्या नहीं होगी। जो नीचे गिरे हैं, उन्हें झुक कर ऊपर उठाना पड़ेगा। सभी अपने हैं, यह भाव मन में होना चाहिए। संघर्ष से नहीं, समन्वय से दुनिया आगे बढ़ती है। एक को दबाकर दूसरे को खड़ा करने का भाव नहीं होना चाहिए।
विश्व का मार्गदर्शन करेगा भारत: डॉ. भागवत ने कहा कि भारत निकट भविष्य में विश्व को मार्गदर्शन देगा। विश्व की अनेक समस्याओं का समाधान भारत के पास ही है।
विदेशी शक्तियों के प्रति चेताया: उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन जैसे देशों में बैठे कुछ लोग हमारी सद्भावना के विरुद्ध योजना बना रहे हैं। इससे हमें सावधान रहना होगा। एक दूसरे के प्रति अविश्वास समाप्त करना होगा। एक दूसरे के दुख दर्द में शामिल होना होगा।
-2027 में उत्तर प्रदेश में फिर बनेगी भाजपा नेतृत्व की डबल इंजन सरकारः सीएम योगी
लखनऊ, 17 फरवरी(हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए आगे आने की सलाह दी है। इटावा में निर्माणाधीन केदारेश्वर मंदिर के संभावित निमंत्रण पर उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव शुद्ध नीयत से यह मंदिर बनवाते तो मैं अवश्य जाता, लेकिन नीयत साफ नहीं है। फिर भी मैं उनको बधाई दूंगा कि देर आए-दुरुस्त आए, आखिर मंदिर बनवा रहे हैं। अब वह श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए भी आगे आएं, लोग प्रशंसा करेंगे।
मुख्यमंत्री मंगलवार को लखनऊ में एक निजी चैनल के कॉन्क्लेव में बोल रहे थे। इस मौके पर सीएम योगी ने साफ शब्दों में ऐलान किया कि 2022 से अधिक सीटें पाकर 2027 में डबल इंजन की भाजपा सरकार फिर सत्ता में आएगी।
–2027 में फिर बनेगी भाजपा नेतृत्व की सरकार
सीएम योगी ने कहा कि 2027 को लेकर कोई शक नहीं है। 2022 से अधिक सीट मिलेंगी और 2027 में फिर भाजपा नेतृत्व की डबल इंजन सरकार बनेगी। डबल इंजन सरकार ने यूपी को ट्रिपल-टी (टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट व ट्रांसफॉर्मेशन) से जोड़ा है और वह 2027 में धूम-धड़ाके के साथ फिर से आएगी। कांग्रेस व राजद की जो दुर्गति बिहार में हुई है, 2027 में वही दुर्गति कांग्रेस व सपा की उत्तर प्रदेश में तय है। सीएम ने मीडिया कर्मियों से कहा कि आप सभी 75 जनपदों, 403 विधानसभा क्षेत्रों में जाइए, आम जनता वर्तमान सरकार की वकालत करती नजर आएगी।
–राममंदिर के साथ रामराज्य की वास्तविक अवधारणा को धरातल पर उतारा
एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी को उसकी पहचान वापस दिलाना सबसे बड़ा अचीवमेंट है। यूपी का नौजवान अब पहचान का मोहताज नहीं। किसान खुशहाल है और श्रमिक स्वावलंबन के साथ अपने जनपद-क्षेत्र में रोजगार प्राप्त कर रहा है। महिलाएं सुरक्षित हैं और यूपी आर्थिक उन्नति के नित नए सोपान प्राप्त कर रहा है। यही रामराज्य है। बिना भेदभाव हर तबके को उसका हक प्राप्त हो रहा है। भगवान राम की जन्मभूमि पर राममंदिर का निर्माण रामराज्य की अवधारणा पर ही आधारित है। हम केवल मंदिर बना देते और यह बदलाव करके नहीं दिखाते तो यह भगवान राम की अवज्ञा होती। हम लोगों ने रामराज्य की वास्तविक अवधारणा को धरातल पर उतारने का कार्य किया। यह डबल इंजन सरकार की ताकत है, जो कहा है, वह करके दिखाया है। आगे भी जो कहेंगे, करके दिखाएंगे।
–महाराज सुहेलदेव का विरोध और गाजी का मेला लगाते हैं सपाई
सीएम योगी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर को अपवित्र करने वाले और अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर पहला आतंकी हमला करने वाले गाजी को उसके पापों की सजा महाराज सुहेलदेव ने दी थी। लेकिन सपा के लोग महाराज सुहेलदेव का गुणगान करने के बजाय गाजी का नाम लेते हैं, उसका मेला लगाते हैं। ये लोग महाराज सुहेलदेव के स्मारक का विरोध करते हैं। हमें गर्व है कि भाजपा सरकार ने बहराइच में महाराज सुहेलदेव का भव्य स्मारक और आजमगढ़ में महाराज सुहेलदेव विश्वविद्यालय का निर्माण किया।
–परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीडीए) के चेयरमैन हैं अखिलेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा के पीडीए को अवसरवाद का दूसरा नमूना बताया। बोले कि पीडीए मतलब परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी। यह एक परिवार के विकास के लिए गठित अवसरवादी अथॉरिटी है जिसके चेयरमैन अखिलेश, शिवपाल सीईओ और रामगोपाल यादव वाइस चेयरमैन होंगे। उनके पास महाभारत के सारे रिश्ते हैं, बाकी अन्य भाई-भतीजों को भी इसमें स्थान मिलेगा।
–देश राहुल गांधी को और प्रदेश अखिलेश यादव को गंभीरता से नहीं लेता
मुख्यमंत्री योगी ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिसकी जैसी दृष्टि, वैसी सृष्टि। इन लोगों को कोई नहीं समझा सकता, इनकी दृष्टि देश व प्रदेश के लिए हमेशा नकारात्मक रही है। राहुल गांधी को देश और अखिलेश यादव को यूपी गंभीरता से नहीं लेता। कांग्रेस किसी को भी नेता प्रतिपक्ष बना सकती थी। सोनिया जी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, इसलिए परिवारवादी पार्टी ने राहुल जी को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंप दी। जब जहाज डूबता है तो कैप्टन भी वही व्यक्ति बनता है, जो उसे आसानी से डुबो सके, इसलिए राहुल जी को कैप्टन बनाया गया।
–अखिलेश संघ की शाखाओं में जाएंगे तो जल्दी जागना सीख जाएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव को संघ की शाखाओं में जाकर सामान्य आचार व नियमों की जानकारी लेनी चाहिए। अखिलेश यादव 12 बजे सोकर उठते हैं, वे संघ की शाखा में जाएंगे तो जल्दी जगने की आदत हो जाएगी। समय पर जागेंगे तो यह उनके हित में होगा और जिस पारिवारिक पार्टी को लेकर चल रहे हैं, उसका भी नाम बना रहेगा। सीएम योगी ने वंदे मातरम के जिक्र पर कहा कि यह राष्ट्रगीत है, यह आजादी का मंत्र रहा है। इस गीत को गाते-गाते क्रांतिकारियों ने फांसी के फंदे को चूमने में संकोच नहीं किया। राष्ट्र प्रतीकों का अपमान संविधान निर्माताओं, बाबा साहेब व क्रांतिकारियों का अपमान है। राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान व तिरंगा का अपमान राष्ट्रद्रोह है, जिसे भारत स्वीकार नहीं करेगा।
–बुलडोजर व ब्रह्मोस एक-दूसरे के पूरक
सीएम योगी ने कहा कि बुलडोजर और ब्रह्मोस एक-दूसरे के पूरक हैं। बुलडोजर यूपी की स्ट्रेंथ का प्रतीक है। हम इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ देश के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे के नेटवर्क को यूपी में स्थापित कर सकते हैं। यूपी की जनता जिसकी अपेक्षा कर रही थी, बुलडोजर उस माफिया प्रवृत्ति को कुचल सकता है। ब्रह्मोस जैसे सेक्टर में भी यूपी में बड़े निवेश हो रहे हैं। यह भारत की सामरिक शक्ति का प्रतीक है। किसी ने भारत की आन, बान और शान को लेकर गुस्ताखी करने का प्रयास किया तो दुश्मन को उसके ठिकाने पर जाकर मारेंगे।
–‘भाग्य नगर’ से भयभीत होकर अनर्गल प्रलाप कर रहे ओवैसी
सीएम योगी ने ओवैसी को भी आड़े हाथ लिया। बोले कि यूपी की जनता व डबल इंजन सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि के माध्यम से संदेश दे दिया है। यूपी के बाद भाजपा अब हैदराबाद की तरफ ही रुख करेगी। ओवैसी की पीड़ा इस बात को लेकर है कि कहीं हैदराबाद को भाग्य नगर न बना दिया जाए। भाग्य नगर से भयभीत होकर वे अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। मुसलमानों का एक पक्ष भले ही उनका समर्थन करता हो, लेकिन यूपी में उनका कोई स्कोप नहीं है। हो सकता है कि अखिलेश उनसे गठबंधन करना चाहते होंगे।
–पाकिस्तान की इकॉनमी यूपी का भी मुकाबला नहीं कर सकती
सीएम योगी ने कहा कि पाकिस्तान जब मुकाबला नहीं कर पाया तो दुनिया के सामने चिल्लाने लगा। आज भी भारत कोई बड़ा कार्य करता है तो पाकिस्तान दुनिया के मंच पर चिल्लाता है कि मेरी सुरक्षा पर खतरा है। भारत सबसे तेज गति से उभरने वाली अर्थव्यवस्था है। भारत तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हो रहा है। पाकिस्तान की इकॉनमी यूपी का भी मुकाबला नहीं कर सकती, भारत की बात तो बहुत दूर है।
शाहिद कपूर की हालिया रिलीज फिल्म ‘ओ रोमियो’ सिनेमाघरों में दर्शकों का ध्यान खींच रही है। इसी बीच निर्माताओं ने फिल्म का नया गाना ‘जलवा’ जारी कर दिया है, जो अपने तीव्र संगीत और जोशीले अंदाज के कारण चर्चा में है।
इस गाने के बोल मशहूर गीतकार गुलजार ने लिखे हैं, जबकि इसे आवाज सोबा सिंह सितारा ने दी है। संगीत निर्देशन विशाल भारद्वाज का है। ‘जलवा’ की धुन दमदार और ऊर्जावान है, जो कहानी के भावनात्मक और तीखे मोड़ों को और प्रभावी बनाती है।
गाने को टी-सीरीज के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है। इसे शेयर करते हुए शाहिद कपूर ने लिखा, “शोले की तरह, फलक चूम के, जलवा मेरे आशिक का बड़ी धूम से निकला।” वीडियो में शाहिद का किरदार गुस्से और बदले की भावना से भरा नजर आता है। अधिकतर दृश्य फिल्म के अहम पलों से लिए गए हैं।
13 फरवरी को रिलीज हुई इस फिल्म में तृप्ति डिमरी, अविनाश तिवारी, नाना पाटेकर, दिशा पाटनी, विक्रांत मैसी और तमन्ना भाटिया भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। ‘जलवा’ के रिलीज होने के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच उत्साह और बढ़ गया है।