शोध प्रविधि को नए ढंग से समझे जाने की आवश्यकता :प्रोफेसर भारद्वाज

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????शोध प्रविधि पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

लखनऊ। स्थानीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय अलीगंज में शोध प्रविधि पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में निदेशक उच्च शिक्षा प्रोफेसर अमित भारद्वाज मौजूद रहे।

बड़ी संख्या में उपस्थित शोधार्थियों को संबोधित करते हुए निदेशक ने कहा कि आज शोध प्रविधि को नए ढंग से समझे जाने की आवश्यकता है। आज देश को विकसित भारत के रूप में बदलने में शिक्षाविदों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने शोधार्थियों के लिए कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिवेश में शोध में भी कृत्रिम बुद्धिमता का सावधानी पूर्वक उपयोग किया जाना चाहिए।

सहायक निदेशक प्रोफेसर बी एल शर्मा ने कहा कि शोध संरचना क्रियाविधि और अनुसंधान तथा आंकड़ों का एकत्रीकरण की प्रविधि को समझना भी जरूरी है। कार्यशाला के विधिवत उद्घाटन में प्राचार्य प्रोफेसर रश्मि बिश्नोई ने सभी अतिथियों एवं शोधार्थियों एवं विभिन्न महाविद्यालयों से आए शिक्षकों का स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय में बड़ी संख्या में शोधार्थी अध्ययनरत हैं जिनके लिए ये कार्यशाला अत्यंत उपयोगी एवं फलदायी सिद्ध होगी। वर्कशॉप की संयोजक प्रोफेसर शिवानी श्रीवास्तव ने वर्कशॉप की थीम से सभी को परिचित कराते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन किया जायेगा।

क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रोफेसर अश्वनी मिश्र ने कहा कि चरित्र का निर्माण करना एक शिक्षक का प्राथमिक कार्य है इसके अलावा शोध का क्षेत्र रोटी कपड़ा और मकान भी होना चाहिए। पूरे दिन चली इस वर्कशॉप में विभिन्न सत्रों में विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किया।

तकनीकी सत्र में प्रोफेसर अवधेश कुमार सिंह, प्रोफेसर सुभाष यादव तथा प्रोफेसर शैलेश कौशल ने शोधार्थियों से विचार विनिमय किया। कार्यक्रम का सहज और प्रभावी संचालन डाक्टर सनोबर हैदर तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर राजीव यादव ने किया।

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