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मुरादाबाद : बोगस फर्म मामले में जिले के एक ग्रुप की कुंडली खंगाली जा रही

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मुरादाबाद, 07 फरवरी (हि.स.)। राज्य कर विभाग के अधिकारी स्क्रैप के कारोबार से जुड़े मुरादाबाद जिले के एक ग्रुप की बोगस फर्मों की कुंडली खंगालने में जुट गए हैं। इस मामले में दिल्ली के अधिकारियों से रिकार्ड मांगे गए हैं। पता चला है कि यह ग्रुप फर्जी कागजात के सहारे पंजाब में स्क्रैप की सप्लाई कराता है।

राज्य कर विभाग के मोबाइल दस्ते की टीम ने बीते 29 जनवरी को हाईवे पर चेकिंग अभियान के तहत मुंढापांडे में आयरन स्क्रैप की चार, रामपुर में एक और बिजनौर में दो गाड़ियों को रोक लिया था। जांच के दौरान ई वे बिल संदिग्ध पाए गए। पूछताछ के दौरान चालकों ने बताया कि आयरन स्क्रैप की गाड़ियां पंजाब के गोविंदगढ़ में जा रही हैं। राज्य कर अधिकारियों को आशंका है कि स्क्रैप का माल बोगस फमों के गिरोह से जुड़ा है। इसी प्रकार 30 जनवरी को भी एक स्क्रैप लदी गाड़ी पकड़ी गई थी।

राज्य कर अधिकारियों ने स्क्रैप की गाड़ियों के ई वे बिल के साथ

पंजीकरण के मोबाइल नंबर को चेक किया। जांच के दौरान पता चला जिले का एक ग्रुप सबसे अधिक स्क्रैप लदे वाहनों को पंजाब भेज रहा है। इस ग्रुप ने दिल्ली में पांच से अधिक फर्माें का पंजीयन कराया अधिकारियों से बातचीत कर दो गुणों का रिकार्ड मांगा है। रिकार्ड के मिलान से पता चल सकेगा कि इस ग्रुप ने दिल्ली और यूपी के अलावा किन राज्यों से पंजीयन कराया है। इस बारे में पूछने पर अपर आयुक्त ग्रेड 2 आरए सेठ ने बताया कि स्क्रैप गिरोह की जांच चल रही है।

–जांच में 335 बोगस फर्मों में पकड़ी गई थी जीएसटी चोरी :राज्य कर विभाग की जांच के दौरान एके इंटरप्राइजेज से जुड़ी 335 बोगस फमों से जीएसटी चोरी का मामला सामने आया था। इस मामले में एसआईटी आधा दर्जन से अधिक आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन मास्टर माइंड शाहिद अभी पकड़ा नहीं गया है। एसआईटी ने मेरठ जिले के शास्त्री नगर निवासी इखलाक मलिक और उसके साथी शाहजहांपुर जिले के चमकनी गरिपुरा निवासी इत्तेफात आलम उर्फ दानिश को गिरफ्तार कर जीएसटी चोरी का खुलासा किया था। गिरफ्तार आरोपित इखलाक की डायरी से स्क्रैप से जुड़ी 535 फर्मों के नाम और नंबर मिले थे।

–राज्य कर के अपर आयुक्त ग्रेड-1 के नेतृत्व में अधिकारियों ने फर्मों की जांच कराई :राज्य कर के अपर आयुक्त ग्रेड-1 अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों ने फर्मों की जांच कराई तो एके इंटरप्राइजेज से जुड़ी सिर्फ 335 फर्में पाई गई। इन फर्मों के माध्यम से आरोपितों ने 5478.35 करोड़ का टर्नओवर करना प्रकाश में आया था। साथ ही 989.13 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी गई। जीएसटी चोरी का दायरा बढ़ने पर शासन ने जांच एसआईटी को सौंप दी थी। अपर आयुक्त ग्रेड-2 आरए सेठ ने बताया था कि एके ग्रुप ने देश के कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक 22 राज्यों में बोगस फर्मों का पंजीयन कराया था। इसमें सबसे अधिक दिल्ली और गुजरात की बोगस फर्में शामिल हैं। जांच के बाद राज्य कर विभाग ने एसआईटी को मोबाइल नंबर, ई मेल आईडी सबूत भी दिए थे। एसआईटी को गिरफ्तार आरोपित इखलाक मलिक ने बताया था कि उसका गुरु मेरठ का रहने वाला शाहिद है।

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