पटना मेट्रो के प्रथम चरण का शुभारंभ

Date:

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना मेट्रो के पहले चरण का उद्घाटन किया। इसमें 3.6 किमी एलिवेटेड खंड शामिल है । । यह परियोजना पटना में यातायात भीड़ को कम कर कनेक्टिविटी में सुधार लाएगी। इसका किराया ₹15 से ₹30 है । यह मेट्रो प्रतिदिन सुबह आठ बजे से रात 10 बजे तक चलेगी। इसमें यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान दिया गया है। पटना मेट्रो के पहले चरण के उद्घाटन के साथ ही, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना जंक्शन समेत छह भूमिगत मेट्रो स्टेशनों की नीव रखी गई। तीन डिब्बों वाली पटना मेट्रो ट्रेन में लगभग 138 यात्री बैठ सकते हैं, जबकि प्रति ट्रिप 945 अतिरिक्त यात्री खड़े होकर यात्रा कर सकते हैं। पटना मेट्रो के उद्घाटन से शहर के परिवहन नेटवर्क में आमूल-चूल परिवर्तन आएगा, यातायात की भीड़ कम होगी और पटना में कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

आईएसबीटी से जीरो माइल तक का किराया 15 रुपये होगा, जबकि न्यू आईएसबीटी से भूतनाथ मेट्रो स्टेशन तक का किराया 30 रुपये होगा। मेट्रो प्रतिदिन चलेगी, फिलहाल सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक, हर 20 मिनट में ट्रेनें चलेंगी। प्रत्येक ट्रेन में महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों के लिए 12 आरक्षित सीटें भी होंगी। पटना मेट्रो ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान दिया है। प्रत्येक कोच में 360-डिग्री सीसीटीवी कैमरे, आपातकालीन बटन और माइक्रोफ़ोन लगे हैं, जिनसे यात्री सीधे मेट्रो चालक से संवाद कर सकते हैं

इसके अतिरिक्त, कोचों में मोबाइल फ़ोन और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट, आगे की ओर आपातकालीन द्वार और बेहतर सुरक्षा के लिए दो हिस्सों में बंटे स्लाइडिंग दरवाज़े भी हैं। बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हुए, कोचों को मधुबनी पेंटिंग और गोलघर, महावीर मंदिर और बुद्ध जैसे प्रतिष्ठित स्थलों के भगवा रंग में चित्रित रूपांकनों से सजाया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

बोर्ड परीक्षा देने जा रहे छात्रों की बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई

तीन की मौत, मुख्यमंत्री ने जताया दुख लखनऊ, 23 फ़रवरी...

वेद और बुद्ध के बीच संवाद की परंपरा

दीपक कुमार द्विवेदी पश्चिम, क्रिश्चियनिटी और वामपंथी बौद्धिक प्रवृत्तियों में...

अमेरिकी शुल्क में बदलाव के असर पर टिप्पणी करना अभी जल्दबाजी

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की निर्मला सीतारमण...

बढ़ता ही जा रहा है बंजरपन का रकबा

बाल मुकुन्द ओझा                                                                                               भूमि के बंजर होने की समस्या...
en_USEnglish