भारत और रूस द्विपक्षीय कृषि व्यापार को बढ़ाने, खाद्यान्न और बागवानी निर्यात में नए अवसरों की खोज करने पर सहमत

Date:

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान नdh 4 दिसंबर, 2 को कृषि भवन में रूसी संघ की कृषि मंत्री सुश्री ओक्साना लुट के साथ द्विपक्षीय बैठक में दोनों पक्षों ने मौजूदा सहयोग पर चर्चा की और भविष्य के सहयोग के क्षेत्रों की रूपरेखा तैयार की।

भारत और रूस द्विपक्षीय कृषि व्यापार को बढ़ाने, खाद्यान्न और बागवानी निर्यात में नए अवसरों की खोज करने पर सहमत

कृषि वस्तुओं का व्यापार बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों ने भारत से खाद्यान्न और बागवानी उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं का पता लगाया।

बैठक के दौरान, कृषि अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण में सहयोग को मजबूत करने के लिए आईसीएआर और फेडरल सेंटर फॉर एनिमल हेल्‍थ, रूस के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

श्री चौहान ने रूसी पक्ष को अगले वर्ष भारत द्वारा आयोजित ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया।

दोनों देशों ने कृषि व्यापार, उर्वरकों, बीजों, बाज़ार पहुंच और संयुक्त अनुसंधान में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई और नवाचार को बढ़ावा देने तथा दोनों देशों के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। सुश्री लुट ने कृषि क्षेत्र में व्यापार बढ़ाने और सहयोग मजबूत करने में गहरी रुचि दिखाई।

कृषि मंत्री के अलावा, रूसी प्रतिनिधिमंडल में डिप्‍टी मिनिस्‍टर श्री मैक्सिम मार्कोविच, डिप्‍टी मिनिस्‍टर सुश्री मरीना अफोनिना, एफएसवीपीएस के प्रमुख श्री सर्गेई डंकवर्ट और एशिया प्रभाग की निदेशक श्रीमती डारिया कोरोलेवा शामिल थे।

भारत का प्रतिनिधित्व कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री देवेश चतुर्वेदी, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव श्री एम.एल. जाट और उर्वरक विभाग के सचिव श्री रजत कुमार मिश्र, विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि , कृषि एवं किसान कल्‍याण विभाग के संयुक्त सचिव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी कर रहे थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

बोर्ड परीक्षा देने जा रहे छात्रों की बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई

तीन की मौत, मुख्यमंत्री ने जताया दुख लखनऊ, 23 फ़रवरी...

वेद और बुद्ध के बीच संवाद की परंपरा

दीपक कुमार द्विवेदी पश्चिम, क्रिश्चियनिटी और वामपंथी बौद्धिक प्रवृत्तियों में...

अमेरिकी शुल्क में बदलाव के असर पर टिप्पणी करना अभी जल्दबाजी

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की निर्मला सीतारमण...

बढ़ता ही जा रहा है बंजरपन का रकबा

बाल मुकुन्द ओझा                                                                                               भूमि के बंजर होने की समस्या...