नदियों और जलाशयों के संरक्षण में जनभागीदारी आवश्यक : सुजीत कुमार

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नई दिल्ली, 23 दिसंबर (हि.स.)। देश में नदियों और जलाशयों के पुनर्जीवन तथा संरक्षण में आम लोगों की भूमिका को अहम बताते हुए राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने कहा है कि जल स्रोतों का कायाकल्प केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि इसके लिए समुदाय की भागीदारी और स्वामित्व भावना आवश्यक है।

सुजीत कुमार यहां नेचर केयर इनिशिएटिव (एनसीआई) द्वारा आयोजित ‘नदियों और जलाशयों के स्वास्थ्य की बहाली’ विषय पर राष्ट्रीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सार्थक परिवर्तन की शुरुआत घर-घर से होनी चाहिए और इसके लिए पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार जीवनशैली अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा, “नागरिकों का हर छोटा प्रयास मिलकर बड़े बदलाव का रूप लेता है।”

इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. दीनबंधु साहू ने कहा कि पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान के लिए जनसहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने गंगा-यमुना एक्शन प्लान पर हुए भारी निवेश का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बावजूद नदियों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है। उन्होंने नागरिकों से इस समस्या को अपनी मानकर समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण संकट से निपटने के लिए प्रकृति आधारित समाधानों पर जोर दिया।

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सौम्यजीत पाणी ने छोटे शहरों से लेकर महानगरों तक शहरी क्षेत्रों में सामुदायिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। वहीं, साउथ एशिया क्लाइमेट चेंज जर्नलिस्ट्स फोरम के अध्यक्ष आशीष गुप्ता ने कहा कि नदियों के पुनर्जीवन के लिए तकनीक, नीतिगत समन्वय और निरंतर जनभागीदारी का समन्वित दृष्टिकोण आवश्यक है।

तकनीकी सत्र ‘नदियों और जलाशयों की सफाई में सामुदायिक भागीदारी’ में वाईएसएस फाउंडेशन के निदेशक सचिन गुप्ता, कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (कीट), भुवनेश्वर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की अध्यक्ष डॉ. संजुक्ता साहू और दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस के सहायक प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार ने नागरिक नेतृत्व वाले पर्यावरणीय प्रयासों के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के दौरान प्रो. दीनबंधु साहू को ‘नेचर केयर अवॉर्ड फॉर नेचर-बेस्ड सॉल्यूशंस, 2025’ से सम्मानित किया गया। वहीं, ‘नेचर केयर सस्टेनेबिलिटी अवॉर्ड, 2025’ सचिन गुप्ता, डॉ. धर्मेंद्र कुमार और डॉ. संजुक्ता साहू को प्रदान किया गया।

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