कम अंक वाले काम कर रहे हैं तो ज्यादा अंक वाले अभ्यर्थी को नियुक्ति क्यों नहीं- हाईकोर्ट

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जयपुर, 18 फरवरी (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती-2012 से जुडे मामले में शिक्षा सचिव व जिला परिषद जालौर सहित अन्य से पूछा है कि जब कम अंक वाले काम कर रहे हैं तो उनसे अधिक अंक लाने वाले अभ्यर्थी को नियुक्ति क्यों नहीं दी गई। इसके साथ ही अदालत ने यह भी बताने के लिए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से नमो नारायण शर्मा के मामले में दिए आदेश का लाभ याचिकाकर्ता को क्यों नहीं दिया गया। जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश रामावतार की याचिका सुनवाई करते हुए दिए।

याचिका में अधिवक्ता राम प्रताप सैनी ने बताया कि भर्ती को लेकर जारी परिणाम के बाद कुछ सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई। वहीं बाद में जारी संशोधित परिणाम में याचिकाकर्ता के अंक बढ़ गए। इसके बावजूद उसे नियुक्ति नहीं दी गई, जबकि उससे कम अंक वाले अन्य अभ्यर्थी शिक्षक के पद पर नियुक्त होकर काम कर रहे हैं। याचिका में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने उसके समान ही एक अन्य मामले में अभ्यर्थी को नियुक्ति का आदेश दिया है। इसलिए उसे भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सेवा परिलाभ देकर नियुक्ति दी जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।

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