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धनतेरस: समृद्धि का नहीं, संवेदना का उत्स

(आभूषणों से ज़्यादा मन का सौंदर्य जरूरी, मन की गरीबी है सबसे बड़ी दरिद्रता।)  धनतेरस का अर्थ केवल ‘धन’ नहीं बल्कि ‘ध्यान’ भी है —...

क्या ग्रीन पटाखों तक सीमित रहना संभव है?

दीवाली के मौके पर हर साल पटाखे छोड़कर खुशी का इजहार किया जाता है, लेकिन दीवाली पर दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की...

मुफ्त अनाज सहायता के चक्रव्यूह में फंसी भारत की गरीबी

बाल मुकुन्द ओझा हर साल की भांति आज भी यानि 17 अक्टूबर को हम अन्तर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस मनाने जा रहे है। इस बीच कई...

बीजेपी में शामिल हुई मैथिली ठाकुर लड़ेंगी विधानसभा चुनाव

! एक उभरती या फिर यह कहें कि उभर चुकी गायिका का मात्र 25 वर्ष की उम्र में अचानक राजनीति में आना और आते...

मावा और रसगुल्ला

ग्य मावे को देखो। कंचन काया। बुलडोजर आया। ले गया पकड़ कर। दबा दिया जमीन में। बात कुछ जमी नहीं। मावे का दाह संस्कार क्यों...

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